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तुलसी पौधे के पत्ते और बीज इस जड़ी-बूटियों के महत्वपूर्ण औषधीय भाग होते हैं, जो पूरे विश्व में व्यंजनों में नियमित रूप से उपयोग किए जाते हैं। तुलसी का तेल तुलसी के पत्तों से प्राप्त किया जाता है। तुलसी एसेंशियल आयल यूरोप, मध्य एशिया, भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में बहुत ही लोकप्रिय है। भूमध्यसागरीय क्षेत्र में खाना पकाने के लिए, इस तेल का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह पास्ता और सलाद बनाने के दौरान भी उपयोग किया जाता है। (और पढ़ें - तुलसी के फायदे और नुकसान)

  1. तुलसी के तेल के फायदे - Tulsi ke Tel ke Fayde in Hindi
  2. तुलसी के तेल के नुकसान - Tulsi ke Tel ke Nuksan in Hindi

प्राचीन भारत में बेसिल का उपयोग विभिन्न तरह के औषधीय उद्देश्यों (आयुर्वेदिक चिकित्सा) के लिए किया गया था। इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल दस्त, खांसी, कब्ज, अपच और कुछ त्वचा रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। तुलसी का तेल विटामिन ए, मैग्नीशियम, पोटेशियम, लोहा और कैल्शियम का भी एक अच्छा स्रोत है। तो आइये जानते हैं तुलसी के तेल से मिलने वाले लाभों के बारे में -

  1. तुलसी के तेल के फायदे एक्ने के लिए - Basil Oil for Acne in Hindi
  2. तुलसी के तेल का सेवन करें बेहतर पाचन के लिए - Basil Oil for Digestion in Hindi
  3. तुलसी तेल दिलाएं जुकाम से राहत - Basil Oil for Cold in Hindi
  4. बेसिल आयल फॉर अस्थमा - Basil Oil for Asthma in Hindi
  5. तुलसी के तेल का उपयोग है बालों के लिए लाभकारी - Basil Oil Benefits for Hair in Hindi
  6. तुलसी के तेल के गुण करें संक्रमण का उपचार - Basil Oil for Infection in Hindi
  7. तुलसी के तेल के लाभ रखें तनाव को दूर - Basil Oil for Stress in Hindi
  8. तुलसी का तेल है दर्द में लाभकारी - Basil Oil for Pain in Hindi
  9. उल्टी को रोकने में मददगार है तुलसी का तेल - Tulsi ke Tel ke Fayde for Vomiting in Hindi
  10. खुजली का इलाज है तुलसी का तेल - Basil Oil for Itching in Hindi

तुलसी के तेल के फायदे एक्ने के लिए - Basil Oil for Acne in Hindi

यदि आपको बार बार मुँहासे निकल आते हैं तो आपको बस ज़रूरत है तुलसी के तेल, चंदन पाउडर, गुलाब जल और नींबू का रस का उपयोग करके एक फेसपैक बनाने की। मुँहासे से छुटकारा पाने के लिए नियमित रूप से इस मिश्रण का प्रयोग करें। तुलसी के तेल का उपयोग बाहरी रूप से किया जाता है और इससे त्वचा की मालिश की जा सकती है। यह सुस्त दिखने वाली त्वचा और बालों की चमक को बढ़ाता है। यह आमतौर पर मुँहासे और अन्य त्वचा संक्रमण के लक्षणों का इलाज करने के लिए प्रयोग किया जाता है। (और पढ़ें - मुँहासे हटाने के घरेलू उपाय)

तुलसी के तेल का सेवन करें बेहतर पाचन के लिए - Basil Oil for Digestion in Hindi

तुलसी एसेंशियल आयल का उपयोग पाचन टॉनिक के रूप में भी किया जाता है। तुलसी के तेल में कामिनटिव (वायुनाशी) गुण होते हैं, इसलिए इसका उपयोग अपच, कब्ज, पेट में ऐंठन और पेट फूलने के लिए किया जाता है। यह आपके पेट और आंतों में से गैस से तत्काल राहत प्रदान करता है। इसमें पीड़ा को दूर करने वाले गुण भी होते हैं और इसलिए आँतों के दर्द को कम करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। (और पढ़ें - पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

तुलसी तेल दिलाएं जुकाम से राहत - Basil Oil for Cold in Hindi

तुलसी का तेल जुकाम, इन्फ्लूएंजा और सर्दी से जुड़े बुखार से राहत प्रदान करने में प्रभावी होता है। इसके एंटीस्पास्मोडिक गुणों के कारण, अक्सर काली खांसी के लक्षणों का इलाज करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। (और पढ़ें - सर्दी जुकाम में क्या खाना चाहिए?)

बेसिल आयल फॉर अस्थमा - Basil Oil for Asthma in Hindi

खांसी में राहत देने के साथ साथ, यह अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और साइनस संक्रमणों के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए अगर आपको ऊपरी श्वसन तंत्र संक्रमण है तो तुलसी के तेल का सेवन आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। तो बिना देर किये आज से ही इसका सेवन शुरू कर दीजिये। (और पढ़ें - अस्थमा के बचाव के उपाय)

 

तुलसी के तेल का उपयोग है बालों के लिए लाभकारी - Basil Oil Benefits for Hair in Hindi

यदि आपके बालों की ग्रोथ बहुत धीमी है तो सिर की तुलसी के तेल के साथ मालिश करें। मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और साथ ही बालों को बढ़ाने में मदद मिलती है। मालिश करने से हेयर फॉलिकल्स मजबूत हो जाते हैं। इससे नए और स्वस्थ बालों का उत्पादन फिर से शुरू होता है। यदि आप अत्यधिक रूसी, खुजली या ड्राई स्कैल्प की समस्या से पीड़ित हैं, तो आप घरेलू उपाय का पालन कर सकते हैं। तुलसी के तेल और नारियल तेल को एक साथ मिक्स करें और इस तेल से स्कैल्प की मालिश करें। इससे रूसी को कम करने में मदद मिलती है। (और पढ़ें - बालों से रूसी हटाने के घरेलू उपाय)

तुलसी के तेल के गुण करें संक्रमण का उपचार - Basil Oil for Infection in Hindi

तुलसी का तेल अपने एंटीबायोटिक गुणों के कारण विभिन्न प्रकार के संक्रमण जैसे कि कट्स, घाव, त्वचा संक्रमण और मूत्राशय के संक्रमण के इलाज के लिए बहुत अच्छा उपाय है। यह वायरल संक्रमण के लिए भी अच्छा है जो शरीर पर हमला करते हैं और अन्य घावों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। (और पढ़ें - )

तुलसी के तेल के लाभ रखें तनाव को दूर - Basil Oil for Stress in Hindi

इस तेल का एक ताज़ा प्रभाव पड़ता है जब इस तेल का सेवन किया जाता है। इसका उपयोग तंत्रिका तनाव, मानसिक थकान, उदासी, सिरदर्द और अवसाद के इलाज के लिए किया जाता है। तुलसी के तेल के शांत करने वाले गुणों के कारण, यह व्यापक रूप से अरोमाथेरेपी में प्रयोग किया जाता है। नियमित रूप से इस आवश्यक तेल का उपयोग मानसिक शक्ति प्रदान करता है। इसके अलावा यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और शरीर के विभिन्न चयापचय कार्यों को बढ़ाने में मदद करता है। (और पढ़ें - तनाव से बचाव के घरेलू उपाय)

तुलसी का तेल है दर्द में लाभकारी - Basil Oil for Pain in Hindi

तुलसी के तेल में एनाल्जेसिक (पीड़ा को दूर करने) गुण होते हैं और इस प्रकार यह दर्द से राहत प्रदान करने में मदद करता है। यही कारण है कि यह तेल अक्सर गठिया, घावों, चोटों, बर्न्स, निशान, खेल में लगी चोटों, मोच और सिर दर्द के उपचार में प्रयोग किया जाता है। (और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय)

 

उल्टी को रोकने में मददगार है तुलसी का तेल - Tulsi ke Tel ke Fayde for Vomiting in Hindi

इसका उपयोग मतली और उल्टी को रोकने के लिए किया जा सकता है, खासकर जब मतली की वजह मॉर्निंग सिकनेस होती है, लेकिन मतली के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इस तेल का उपयोग आँखों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। (और पढ़ें - उल्टी और मतली को रोकने के घरेलू उपाय)

खुजली का इलाज है तुलसी का तेल - Basil Oil for Itching in Hindi

तुलसी का तेल मधु मक्खियों के काटने और डंक के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा यह कीड़े और साँप के डंक के कारण हो रही खुजली के लिए भी एक अच्छा इलाज है। इसलिए अगली बार आपको अगर इससे जुडी कोई भी समस्या हो तो इस तेल का उपयोग करें। (और पढ़ें - इन्सेक्ट बाईट से बचाएं ये घरेलू उपाय)

  1. गर्भवती, स्तनपान या नर्सिंग महिलाओं को तुलसी के तेल और तुलसी को किसी भी अन्य रूप में लेने से बचना चाहिए। दूसरी ओर, कुछ लोग सुझाव देते हैं कि यह दूध के प्रवाह को बढ़ाता है, लेकिन अभी भी इसके लिए शोध किये जा रहे हैं।
  2. रिसर्च के अनुसार तुलसी का तेल और तुलसी का अर्क ब्लीडिंग डिसऑर्डर को बदतर बना सकते हैं।
  3. तुलसी का अर्क रक्तचाप कम कर सकता है। इसलिए तुलसी के अर्क को उन लोगों को लेने से बचना चाहिए जिनका रक्तचाप पहले से ही कम रहता है। क्योंकि इसके सेवन से आप रक्तचाप और भी कम हो सकता है।
  4. तुलसी का तेल या अर्क सर्जरी के दौरान रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। एक निर्धारित सर्जरी के कम से कम 2 सप्ताह पहले तुलसी या तुलसी के तेल का उपयोग करना बंद कर दें।

 

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