प्रोलैक्टिन - Prolactin in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS,PG Diploma

July 29, 2022

July 29, 2022

प्रोलैक्टिन
प्रोलैक्टिन

शारीरिक विकास के लिए हार्मोंस जरूरी होते हैं. कुछ हार्मोंस ऐसे होते हैं, जो महिला व पुरुष दोनों में समान रूप से पाए जाते हैं. प्रोलैक्टिन भी इसी तरह का हार्मोन है. यह हार्मोन रक्त में पाया जाता है. प्रोलैक्टिन हार्मोन महिलाओं में ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने और स्तनों के विकास में मदद करता है. वहीं, पुरुषों में प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसके अलावा भी यह शरीर में कई जरूरी कार्य करता है. रक्त में प्रोलैक्टिन हार्मोन का सामान्य स्तर होना जरूरी होता है, इसके घटने या बढ़ने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

आज इस लेख में आप प्रोलैक्टिन हार्मोन के बढ़ने के लक्षण, कारण और घरेलू उपायों के बारे में विस्तार से जानेंगे -

(और पढ़ें - हार्मोन असंतुलन का इलाज)

प्रोलैक्टिन के लक्षण - Prolactin Symptoms in Hindi

पुरुष और महिला दोनों में प्रोलैक्टिन हार्मोन पाया जाता है. दोनों में ही प्रोलैक्टिन हार्मोन का लेवल घट या बढ़ सकता है. पुरुषों और महिलाओं में प्रोलैक्टिन हार्मोन बढ़ने के अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं -

महिलाओं में प्रोलैक्टिन बढ़ने के लक्षण

पुरुषों में प्रोलैक्टिन बढ़ने के लक्षण

  • कामेच्छा में कमी.
  • इरेक्शन में कठिनाई.
  • छाती में कोमलता महसूस होना.
  • चेस्ट टिश्यू का बढ़ना.
  • गंभीर मामलों में निप्पल से दूध जैसा तरल पदार्थ निकलना.
  • टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में कमी आना.

इनके अलावा, सिरदर्द और देखने में परेशानी होना ऐसे लक्षण हैं, जाे महिला और पुरुष दोनों में नजर आ सकते हैं.

(और पढ़ें - हार्मोन चिकित्सा के फायदे)

प्रोलैक्टिन के कारण - Prolactin Causes in Hindi

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान महिलाओं में प्रोलैक्टिन हार्मोन का लेवल अधिक हो सकता है, जो सामान्य. इसके अलावा भी कुछ कारण होते हैं, जिनके चलते महिला व पुरुष दोनों में इस हार्मोन का स्तर अधिक हो सकता है -

इन सभी स्थितियों में प्रोलैक्टिन बढ़ना आम होता है. यह कुछ समय में सामान्य हो जाता है. इनके अलावा भी कई ऐसे कारण होते हैं, जो प्रोलैक्टिन हार्मोन के बढ़ने का कारण बन सकते हैं -

(और पढ़ें - ऑक्सीटोसिन हार्मोन)

प्रोलैक्टिन का घरेलू इलाज - Prolactin Treatment in Hindi

प्रोलैक्टिन के स्तर की जांच करने के लिए टेस्ट किया जाता है. अगर टेस्ट में प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक पाया जाता है, तो ऐसे में डॉक्टर एमआरआई (MRI) कराने की सलाह दे सकते हैं. एमआरआई से पिट्यूटरी ग्रंथि को करीब से देखा जा सकता है, इससे सही कारण का पता चल पाता है.

प्रोलैक्टिनोमा होने पर दवा या सर्जरी से उचित इलाज किया जा सकता है, लेकिन प्रोलैक्टिन हार्मोन के बढ़ने पर सभी मामलों में इलाज की जरूरत नहीं पड़ती है. कुछ मामलों में आसान से घरेलू उपायों को आजमाकर भी प्रोलैक्टिन के स्तर को सामान्य किया जा सकता है -

  • प्रोलैक्टिन के स्तर को सामान्य करने के लिए हेल्दी डाइट लेना जरूरी होता है.
  • तनाव या चिंता कम करने से भी प्रोलैक्टिन हार्मोन के लेवल को कम किया जा सकता है.
  • हैवी एक्सरसाइज और एक्टिविटी करने से बचें. इससे प्रोलैक्टिन बढ़ सकता है. 
  • ऐसे कपड़े बिल्कुल न पहनें, जो सीने से टाइट हो. 
  • ऐसी एक्टिविटी न करें, जो निप्पल को अधिक उत्तेजित करती हैं.
  • विटामिन-बी6 और विटामिन-ई रिच डाइट लेने से हाई प्रोलैक्टिन लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है.
  • विटामिन-ई प्रोलैक्टिन के स्तर में वृद्धि को रोकने में सहायक होता है.

(और पढ़ें - फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन टेस्ट)



प्रोलैक्टिन के डॉक्टर

Dr. Narayanan N K Dr. Narayanan N K एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
16 वर्षों का अनुभव
Dr. Tanmay Bharani Dr. Tanmay Bharani एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Sunil Kumar Mishra Dr. Sunil Kumar Mishra एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
23 वर्षों का अनुभव
Dr. Parjeet Kaur Dr. Parjeet Kaur एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
19 वर्षों का अनुभव
डॉक्टर से सलाह लें

सम्बंधित लेख

cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ