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अगर आपको जननांग या लिंग के आसपास कुछ बढ़ता हुआ दिखता है तो इसका मतलब है कि आपके उस क्षेत्र पर जननांग मस्सा बढ़ रहा है। जननांग मस्से एक बहुत ही आम योन संचारित रोग (sexually transmitted disease) है जो कि मानव (ह्यूमन) पैपिलोमा वायरस (एचपीवी; human papilloma virus) के कारण होता है। ये वायरस ज़्यादातर सेक्स के ज़रिये फैलता है।

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जननांग मस्से की समस्या से पुरुष और महिलायें दोनों इससे पीड़ित हो सकते हैं। ये किसी भी रंग के  होते हैं और नरम त्वचा पर निकलते हैं। मस्से लिंग, वल्वा, यूरेथ्रा, योनि, गर्भाशय ग्रीवा और लिंग के आसपास निकलते हैं। जननांग के क्षेत्र में खुजली या असहजता महसूस होना और सेक्स के साथ खून निकलना ये सभी जननांग मस्से के आम लक्षण हैं।

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अस्वछता, सेक्स करते समय प्रोटेक्शन का ध्यान न रखना, एक से ज़्यादा संबंध और बेकार प्रतिरोधक क्षमता ये सभी जननांग मस्से को बढ़ावा देने के मुख्य कारण हैं। जननांग मस्से का इलाज करने के लिए डॉक्टर आपको सही सलाह से दवाई दे सकते हैं। इसके साथ ही इनसे छुटकारा पाने के लिए आप घर बैठे-बैठे भी कुछ घरेलू उपाय आजमा सकते हैं।

तो आइये आपको बताते हैं जननांग मस्सों के कुछ घरेलू उपाय –

  1. जननांग मस्से के लिए सेब के सिरके का करें इस्तेमाल - Apple cider vinegar good for genital warts in Hindi
  2. जननांगों पर मस्से को ठीक करने के लिए लहसुन का करें प्रयोग - Garlic for genital warts in Hindi
  3. जननांगों पर मस्से का घरेलू उपाय है एलो वेरा - Aloe vera for genital warts in Hindi
  4. जेनिटल वार्ट्स का उपाय है अरंडी का तेल - Benefits of castor oil for genital warts in Hindi
  5. जेनिटल वार्ट्स के लिए टी ट्री तेल का करें उपयोग - Tea tree oil for genital warts in Hindi
  6. प्याज के फायदे से जननांगों पर मस्से को करें दूर - Onion cures genital warts in Hindi
  7. केले के छिलके के उपयोग से जेनिटल वार्ट्स को करें खत्म - Banana Peel helps to get rid of genital warts in Hindi
  8. जेनिटल वार्ट्स के लिए बेकिंग सोडा है फायदेमंद - Baking Soda treats genital warts in Hindi
  9. जननांग मस्सा को दूर करने के लिए अंजीर का पत्ता है उपयोगी - Fig Leaf reduces genital warts in Hindi
  10. जननांग मस्सा से छुटकारा पाने के लिए ओटमील है लाभदायक - Oatmeal for genital warts in Hindi
  11. जेनिटल वार्ट्स से सम्बंधित ज़रूरी टिप्स - Tips for genital warts in Hindi

सेब का सिरका जननांग मस्सों के लिए एक बहुत ही लोकप्रिय और प्रभावी घरेलू उपाय है। सेब के सिरके में एसिटिक एसिड होता है। जब ये प्रभावित क्षेत्रों के सम्पर्क में आता है तो ये त्वचा के बेकार उत्तकों को कम कर देता है। इसके साथ ही इसके एंटीवाइरल गुण वायरस को खत्म करने में मदद करते हैं, जिनकी वजह से जननांग मस्से बढ़ते हैं।

सेब के सिरके का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -   

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले जननांग मस्सों के आसपास की त्वचा पर पेट्रोलियम जेली लगा लें जिससे अप्रभावित त्वचा का बचाव किया जा सके।
  2. अब एक रूई लें फिर उसे सेब के सिरके में डुबो दें और फिर इसे प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।
  3. आप रूई को दो से तीन घंटे उस क्षेत्र पर रखने के लिए टेप का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिससे रूई गिरे नहीं।
  4. अब रूई को हटा लें और फिर उस क्षेत्र को गर्म पानी से धो लें।
  5. आधे घंटे के बाद इस प्रक्रिया को फिर से करें।
  6. इस उपाय को कुछ दिनों तक पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर करें और तब तक करें जब तक जननांग मस्सा चला न जाये।

दूसरा तरीका -

  1. इसके साथ ही दो चम्मच सेब के सिरके को पानी में मिलाकर पियें। इस मिश्रण को रोज़ाना पियें।    

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे

लहसुन को एक एंटीवाइरल गुण के रूप में जाना जाता है। इसके साथ ही ये वायरस के कारण होने वाले जेनिटल वार्ट्स का भी इलाज करता है।

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लहसुन का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले कुछ लहसुन की फांकों को कुछ टुकड़ों में काट लें।
  2. अब इस पेस्ट को प्रभावित त्वचा पर लगा लें।
  3. अब उस क्षेत्र को बैंडेज से ढक लें और फिर उस दो से तीन घंटे तक ऐसे ही लगा हुआ रहने दें।
  4. अब बैंडेज को हटा लें और फिर उस क्षेत्र को गुनगुने पानी से साफ़ कर लें।
  5. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं और तब तक दोहराएं जब तक जननांग मस्सा से छुटकारा न मिल जाए।
  6. इसके अलावा रोज़ाना आप दो से तीन लहसुन के कैप्सूल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - लहसुन के फायदे

एलो वेरा के प्राकृतिक तरीकों से इलाज करने के गुण जननांग के मस्सों का इलाज करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही ये ये जड़ी बूटी एंटीवाइरल और सूजनरोधी गुणों से समृद्ध होती है। एलो वेरा त्वचा को आराम देता है और खुजली से राहत दिलाता है।

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एलो वेरा का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एलो वेरा की पत्तियों को काट लें और फिर उसमे से उस जेल के जूस को निकाल लें।
  2. सब जेल में रूई को डुबोएं और फिर इसे सीधा प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें।
  3. रूई को गिरने से रोकने के लिए टेप का इस्तेमाल करें और रातभर के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ रहने दें।
  4. इस प्रक्रिया को रोज़ाना एक महीने तक पूरे दिन में एक बार ज़रूर करें या तब तक करें जब मस्सा चला नाही जाता।
  5. इसके अलावा आप एलो वेरा जूस को भी पी सकते हैं जिससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता सुधरे। इससे आपका शरीर वायरस से लड़ेगा, जिसकी वजह से जननांग मस्सा बढ़ता है।

(और पढ़ें - एलोवेरा के फायदे

बिना गंध और बिना स्वाद वाला अरंडी का तेल त्वचा से सम्बंधित बीमारियों का इलाज करने में बेहद फायदेमंद है। अरंडी के तेल में रिसिनोलिक एसिड होता है जिसमे सूजनरोधी और एंटीवाइरल गुण होते हैं जो जननांग मस्से का इलाज करने में मदद करते हैं।

अरंडी के तेल का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले रूई को अरंडी के तेल में डुबो दें।
  2. अब इस रूई को मस्से के ऊपर रखे और गिरने से रोकने के लिए रूई पर टेप लगा लें। रातभर के लिए इसे ऐसे ही रहने दें।
  3. अगली सुबह रूई को हटा लें और फिर क्षेत्र को गर्म पानी से धो लें।
  4. उस क्षेत्र को धीरे धीरे एक्सफोलिएट करें या लूफाह स्पॉन्ज (loofah sponge) का इस्तेमाल करें जिससे मृत कोशिकाएं को हटाए जा सके।
  5. इस उपाय को रोज़ाना दोहराएं या तब तक करें जब मस्सा काला न पड़ जाए और गिर न जाए।

(और पढ़ें - अरंडी के तेल के फायदे

टी ट्री तेल जेनिटल वार्ट्स के लिए एक बहुत ही प्रभावी घरेलू उपाय। इसके एंटीवाइरल और एंटीसेप्टिक गुणों की वजह से ये बहुत ही लाभकारी है।

टी ट्री तेल का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले टी ट्री तेल की चार से पांच बूँदें एक चम्मच बादाम के तेल या जैतून के तेल के साथ मिला दें।
  2. अब इसमें रूई डुबोएं और उस रूई को फिर जेनिटल वार्ट्स में लगा दें और अब इसे एक से दो घंटे तक ऐसे ही लगा हुआ रहने दें।
  3. फिर उस क्षेत्र क गर्म पानी से धो लें।

दूसरा तरीका -

  1. सबसे पहले टी ट्री तेल की कुछ बूंदों को गर्म पानी के टब में डाल दें।
  2. फिर इस टब में 15 से 20 मिनट के लिए उस क्षेत्र को डुबोकर रखें या उस पानी को मस्से पर डालें।

नोट - टी ट्री तेल बहुत ही मजबूत तेल है और इसे हमेशा आवश्यक तेलों के साथ मिलाकर लगाया जाता है क्योंकि सीधा लगाने से इससे त्वचा पर इरिटेशन हो सकती है।

(और पढ़ें - टी ट्री ऑयल के फायदे)

प्याज एक बहुत ही बेहतरीन एंटीमाइक्रोबियल एजेंट है जो वायरस को दूर करने में मदद करता है, जिसकी वजह से जननांग मस्सा बढ़ता है। इसके साथ ही ये रक्त परिसंचरण को ठीक करता है और इलाज की प्रक्रिया में भी तेज़ी लाता है। जेनिटल वार्ट्स का इलाज करने के लिए प्याज को नमक के साथ मिलाकर इस्तेमाल करें इससे आपको एक बेहतर परिणाम मिलेगा।

प्याज का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले दो प्याज को टुकड़ों में काट लें और अब उनमे एक चम्मच नमक छिड़क दें।
  2. फिर इस टुकड़े को रातभर के लिए ढककर रख दें।
  3. सुबह में प्याज के टुकड़ों को छलनी में डालें और चम्मच से प्रेस करके उसका जूस निकाल लें।
  4. फिर इस जूस को जननांग मस्से पर पर लगाएं।
  5. इसे ऐसे ही एक घंटे तक लगा हुआ रहने दें और फिर इस क्षेत्र को गर्म पानी से धो लें।
  6. जब तक मस्सा चला नहीं जाता तब तक इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं।

नोट - ये उपाय आपको उस क्षेत्र पर जलन पैदा कर सकता है लेकिन ये जलन जल्द ही चली भी जाती है।

(और पढ़ें - प्याज के फायदे)

केला खाने से अपकी प्रतिरोधक क्षमता सुधरती है इससे वायरस से लड़ने में भी मदद मिलती है, जो कि जेनिटल वार्ट्स का कारण बनता है। जेनिटल वार्ट्स का इलाज करने के लिए आप केले के छिलके का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। केले के छिलके में बहुत ही प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट्स और एन्ज़ाइम्स होते हैं जो मस्से का इलाज सुरक्षित तरीके से करते हैं।

(और पढ़ें - केले के फूल के फायदे)

केले के छिलके का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले केले के छिलके को अपने मस्से के अनुसार काट लें।
  2. फिर छिलके को उसपर रखें और फिर उसे गिरने से रोकने के लिए बैंडेज का इस्तेमाल करें।
  3. रातभर के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ रहने दें।
  4. सुबह छिलके को फिर हटा लें।
  5. इस प्रक्रिया को कुछ हफ्ते तक रोज़ाना या तब तक करें जब तक आपको मस्से से छुटकारा न मिल जाए।

(और पढ़ें - केले के छिलके के फायदे

इसके एंटीसेप्टिक और मजबूत सूजनरोधी गुणों की कझ से बेकिंग सोडा वायरस को कम करने में मदद करता है, जिसकी वजह से जननांग मस्सा पनपता है।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. इसके एंटीसेप्टिक और मजबूत सूजनरोधी गुणों की कझ से बेकिंग सोडा वायरस को कम करने में मदद करता है, जिसकी वजह से जननांग मस्सा पनपता है।
  2. बेकिंग सोडा का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -
  3. शावर लेने के बाद, जननांग को छोड़कर अपने शरीर को सबसे पहले सूखा लें।
  4. अब थोड़ा बेकिंग सोडा को अपने प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  5. फिर रातभर के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ रहने दें और फिर इसे सुबह को साफ़ कर लें।
  6. जब तक जेनिटल वार्ट्स चला नहीं जाता तब तक इस प्रक्रिया को रोज़ाना करें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा एक चम्मच बेकिंग सोडा को एक चम्मच अरंडी के तेल में मिला दें जिससे कि एक मोटा पेस्ट त्रियार हो सके।
  2. अब इस पेस्ट को मस्से पर लगाएं और फिर इसे बैंडेज से ढक दें।
  3. कुछ घंटे के लिए इस पेस्ट को ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर साफ़ कर लें।
  4. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो बार करें जब तक मस्सा चला नहीं जाता।   

(और पढ़ें - बेकिंग सोडा के फायदे

अंजीर की पत्तियों को जननांग मस्सा हटाने के लिए जाना जाता है। अंजीर के पेड़ में मौजूद दूधिये रस में फिकेन एंजाइम होता है जो वायरस को बढ़ने से रोकने में मदद करता है, जिसकी वजह से जेनिटल वार्ट्स होता है। इसके साथ ही इसका दूधिया रस त्वचा को आराम पहुंचाता और इरिटेशन को भी दूर करता है।

अंजीर की पत्तियों का कैसे करें इस्तेमाल -

  1. सबसे पहले अंजीर की पत्तियों को तोड़ें और उसमे से दूधिये रस को निकाल लें।
  2. अब इस रस में रोइ डालें और फिर इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें और कुछ घंटे के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ रहने दें।
  3. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं और तब तक दोहराएं जब तक कोई सुधार न दिख जाए।

(और पढ़ें - अंजीर खाने के लाभ)

ओटमील में प्राकृतिक मिश्रण होता है जो जेनिटल वार्ट्स से जुडी सभी तरह की असहजता को कम करता है। ओटमील में एंटी-इर्रिटेटिंग, सूजनरोधी और आराम देने के गुण मौजूद होते हैं। ये जननांग मस्से की वजह से होने वाली इर्रिटेशन, दर्द और लगातर खुजली से राहत दिलाने में मदद करते हैं। 

(और पढ़ें - दलिया के फायदे)

ओटमील का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका –

  1. सबसे पहले एक या दो कप ओटमील को बाथ टब में डाल दें अब उसमे गुनगुना पानी मिलाएं।
  2. अब इस पानी से या तो आप 15 मिनट तक नहाएं या उस क्षेत्र को धोएं या आप बाथ टब में प्रभावित क्षेत्र को डुबोकर बैठ सकते हैं।
  3. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में तीन बार ज़रूर करें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा सबसे पहले एक चम्मच ओटमील के दरदरे पाउडर को पानी में मिला दें और एक पेस्ट तैयार कर लें।
  2. अब इस पेस्ट को जेनिटल वार्ट्स पर लगाएं और धीरे धीरे स्क्रब करें जिससे मृत कोशिकाएं, बक्टेरिया और सीबम (sebum) जो छिद्रों को बंद करता है निकल सकें।
  3. हफ्ते में एक बार इस तरह एक्सफोलिएट ज़रूर करें।
  4. साफ़ और फ्रेश त्वचा रहने से आपकी त्वचा होने वाले मस्से से बची रहेगी।

 (और पढ़ें - ओट्स के फायदे)

  1. कभी भी मस्से को स्क्रैच न करें।
  2. अपने अंडरगार्मेंट्स को गर्म पानी से धो दें और जल्दी इन्हे बदले।
  3. हमेशा जननांग को सूखा रखें। नहाने के बाद जननांग को तौलिये से पोछें या सूखाने के लिए ड्रायर का इस्तेमाल करें।
  4. स्वस्थ आहार और हरी सब्ज़ियां खाएं जैसे फूलगोभी, पालक, पत्ता गोभी, ब्रोकोली जिससे ये समस्या का इलाज जल्दी हो सके।
  5. कभी भी अंडरगार्मेंट्स या तौलिया किसी के साथ शेयर न करें।
  6. टाइट और सिंथेटिक गारमेंट्स कभी न पहने।
  7. अगर ये घरेलू उपाय और टिप्स आपको एक सकारात्मक परिणाम नहीं देते हैं तो अपने डॉक्टर को जल्द से जल्द दिखाएं।

(और पढ़ें - संतुलित आहार किसे कहते है)

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