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सरसों का साग खनिज और विटामिन का खजाना है और इसमें बहुत कम मात्रा में कैलोरी पाई जाती है। पूरे भारत में, खास तौर से पंजाब में तो यह मक्के की रोटी के साथ बहुत ही चाव से खाया जाता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से पोषक तत्व प्राप्त होते हैं और यह ऊर्जा भी प्रदान प्रदान करता है। सरसों के साग में विटामिन, खनिज, फाइबर और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है। सरसों का साग खाने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।  तो चलिए जानते हैं इनके बारे में -

  1. सरसों का साग अस्थमा के लिए - Sarson da saag benefits for asthma patients in hindi
  2. सरसों साग रोके मधुमेह को - Sarson ka saag for diabetes in hindi
  3. सरसों साग के लाभ एंटीऑक्सिडेंट के लिए - Mustard greens rich in antioxidants in hindi
  4. सरसों के साग के फायदे प्रेगनेंसी में - sarson ka saag good in pregnancy in hindi
  5. सरसों के साग के गुण हटाए विषाक्त पदार्थ - Sarso ke saag ke fayde for detox in hindi
  6. सरसों के साग के लाभ सूजन के लिए - Sarson ka saag is anti inflammatory in hindi
  7. सरसों के साग का उपयोग कैंसर रखे दूर - Mustard greens Prevents cancer in hindi
  8. सरसों दा साग के फायदे हृदय के लिए - Mustard greens and heart health in hindi
  9. सरसों दा साग के गुण पाचन प्रक्रिया में - Mustard greens good for digestion in hindi
  10. सरसों दा साग के लाभ हड्डियों के लिए - Sarson ka saag for bone health in hindi
  11. सरसों का साग करे वजन कम - Mustard greens for weight loss in hindi
  12. सरसों के साग रखे फेफड़ों को स्वस्थ - Benefits of mustard greens for lung health in hindi
  13. सरसों का साग के फायदे मानसिक स्वास्थ्य के लिए - Sarson ka saag good for mental health in hindi
  14. सरसों साग रेसिपी

अस्थमा से ग्रसित लोगों में हिस्टामिन का उत्पादन अधिक होता है जो की सूजन का कारण होता है। सरसों के साग में विटामिन सी पाया जाता है जो हिस्टामिन को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें मौजूद मैग्नीशियम ब्रोन्कियल ट्यूबों और फेफड़ों को आराम देने में मदद करता है। (और पढ़ें – अस्थमा से निजात पाने की रेसिपी)

सरसों के साग में फाइटोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। फाइटोन्यूट्रिएंट्स एक प्राकृतिक रसायन हैं जो खाद्य पदार्थों वाले पौधे में पाए जाते हैं। ये रसायन सूक्ष्म, कवक, कीड़े और अन्य खतरों से पौधों की रक्षा में मदद करते हैं लेकिन मानव शरीर के लिए भी यह लाभदायक हैं। फाइटोन्यूट्रिएंट्स युक्त खाद्य पदार्थों को खाने से रोग को रोकने और अपने शरीर को ठीक से काम करने में मदद मिलती है। फाइटोन्यूट्रिएंट्स युक्त उच्च आहार मधुमेह और मोटापे को रोकने में मदद करता है और मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है। (और पढ़ें – मधुमेह रोगियों के लिए नाश्ता)

सरसों के साग के सेवन से हमें तीन शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट विटामिन k, विटामिन ए और विटामिन सी प्राप्त होते हैं। इसके अलावा यह मैंगनीज़, फोलेट और विटामिन ई का उत्कृष्ट स्रोत है। विटामिन ई, सी और ए फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद करते हैं जिनके कारण कोशिका की झिल्लियों को नुकसान पहुँचता है। साथ ही यह अस्थमा, हृदय रोगों और रजोनिवृत्ति के लक्षणों से जूझ रहे लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। (और पढ़ें – सलाद पत्ते में एंटीऑक्सिडेंट से लाभ)

सरसों का साग गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है क्योंकि इसमें विटामिन k काफी मात्रा में पाया जाता है। गर्भवती महिलाओं में उल्टी और मतली की समस्या अक्सर विटामिन k की कमी के कारण होती है। विटामिन k 70 से कम घंटों में इस समस्या में राहत प्रदान करता है और भविष्य में इन लक्षणों को रोकने में मदद करता है।

(और पढ़ें - गर्भवती महिला के लिए भोजन और गर्भावस्था में पेट दर्द)

सरसों के साग में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और सल्फर शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाते हैं जिसके कारण हृदय स्वास्थ्य अच्छा रहता है और कई अन्य प्रकार की दीर्घकालिक बीमारियों और रोगों को रोकने में मदद मिलती है। (और पढ़ें – प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ)

सरसों के साग में मौजूद विटामिन k और ओमेगा -3 फैटी एसिड में सूजन को काम करने के गुण पाए जाते हैं जो सूजन को दूर कर कैंसर, हृदय रोग, गठिया जैसी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। (और पढ़ें – गठिया रोग का इलाज हैं यह 10 जड़ीबूटियां)

सरसों के साग के एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह कैंसर को रोकने में मदद भी करता है। अनुसंधान में पाया गया है कि सरसों का साग मूत्राशय, कोलन, स्तन, फेफड़े, प्रोस्ट्रेट और अंडाशय के कैंसर को रोकने में उपयोगी होता है। (और पढ़ें – कैंसर से लड़ने वाले दस बेहतरीन आहार)

सरसों का साग विभिन्न प्रकार से हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह शरीर से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है और अच्छी मात्रा में फोलेट प्रदान करता है। फोलेट होमोसिस्टीन के निर्माण को रोकता है जो हृदय रोग की समस्या में योगदान कर सकता है। (और पढ़ें – हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खाएं ये आहार)

सरसों के साग में फाइबर पाया जाया जाता है जो बृहदान्त्र के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह चयापचय को नियमित करता है और पाचन प्रक्रिया में मदद करता है। (और पढ़ें – पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

सरसों का साग कैल्शियम और पोटेशियम का भी स्रोत है जो हड्डियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। यह हड्डियों से जुडी समस्याओं जैसे हड्डियों के टूटने को भी रोकता है। (और पढ़ें – हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जूस रेसिपी)

सरसों के साग में उच्च मात्रा में फाइबर होने से इसका सेवन चयापचय को नियमित करने में मदद करता है और इस प्रकार शरीर का वजन सही रहता है।

(और पढ़ें - वेट कम करने के लिए क्या खाना चाहिए)

तंबाकू के धुएं में कार्सिनोजन होता है जिसके कारण शरीर में विटामिन ए की कमी हो जाती है जिसके कारण इम्फीसेमा (emphysema) की समस्या हो सकती है। विटामिन ए युक्त आहार का सेवन करने से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। सरसों के साग में अच्छी मात्रा में विटामिन ए होने के कारण यह फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत फायदेमंद है। (और पढ़ें – फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अच्छे हैं ये आहार)

जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं हमारे मानसिक रूप से काम करने की क्षमता कम होने लगती है। अध्ययनों में पाया गया है कि प्रतिदिन तीन बार हरे पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से मानसिक कार्य करने की क्षमता का कम से कम 40% कम नुकसान होता है।

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