पहाड़ों पर कई ऐसे फल और फूल पाए जाते हैं, जिनके चिकित्सकीय महत्व को अनदेखा नहीं किया जा सकता है. ऐसा ही एक फूल है बुरांश, जो अपने आपमें कई फायदे समेटे हुए है. यह एक लाल रंग का फूल है, जो सिर्फ पहाड़ों पर ही उगता है.
इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण के साथ आयरन, कैलशियम, जिंक व कॉपर जैसे न्यूट्रिएंट्स भी पाए जाते हैं. सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के अलावा यह एंटी-डायबिटीक और एंटी-कैंसर के तौर पर भी काम करता है, लेकिन बुरांश के फूल का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए.
(और पढ़ें - कैंसर में क्या नहीं खाना चाहिए)
आज इस लेख में हम बुरांश के फूल के फायदों के बारे में जानते हैं-
बुरांश के फूल के फायदे
बुरांश के फूल का इस्तेमाल पहाड़ और नेपाल में कई बीमारियों के इलाज के तौर पर किया जाता है. इसके फूलों में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सिरदर्द, जोड़ों में दर्द व डायबिटीज आदि में मददगार है. आइए, विस्तार से जानें बुरांश के फूल के फायदों के बारे में-
बुरांश के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण
बुरांश के फूलों में मेथेनॉलिक और इथाइल एसिटेट गुण होता है, जिनकी वजह से यह एक बढ़िया एंटी-इंफ्लेमेटरी साबित हुआ है. इसमें सैपोनिन, फ्लेवोनॉइड, फाइटोकेमिकल और टैनिन भी है. ये सब मिलकर एक बढ़िया एंटीइंफ्लेमेटरी मेडिसिन के तौर पर काम करते हैं.
(और पढ़ें - शालपर्णी के फायदे)
बढ़िया एंटीऑक्सीडेंट
इसमें पॉलीफेनॉल, केरसेटिन और फ्लेवोनोल के गुण हैं, जो प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करते हैं. ये सब मिलकर शरीर में खतरनाक फ्री रेडिकल्स से छुटकारा पाने में मदद करते हैं.
ब्रेस्ट कैंसर से सुरक्षा
बुरांश के फूलों में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जिसके सेवन से ब्रेस्ट कैंसर सेल रुक सकते हैं. इसमें तीन टर्पेनॉइड और दो फ्लेवोनॉइड पाए जाते हैं. ये सब मिलकर एंटी कैंसर एक्टिविटी के तौर पर काम करते हैं.
(और पढ़ें - ब्रेस्ट कैंसर में क्या खाना चाहिए)
डायरिया में करता है बढ़िया काम
बुरांश के फलों में इथाइल एसिटेट के गुण पाए जाते हैं, जो डायरिया होने की स्थिति में शानदार तरीके से काम करते हैं.
रोकता है डायबिटीज को
बुरांश के फूल का मेथेनॉलिक गुण बढ़िया एंटी-डायबिटिक के तौर पर काम करता है. साथ ही, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में अहम भूमिका निभाता है. खास बात तो यह है कि इसका इस्तेमाल टाइप वन और टाइप टू डायबिटीज दोनों के लिए किया जा सकता है.
(और पढ़ें - डायबिटीज का आयुर्वेदिक इलाज)
दर्द से दिलाए राहत
सिर दर्द हो, पेट का दर्द हो, चेहरे का दर्द हो या मांसपेशियों का दर्द हो, बुरांश का फूल दर्द की हर स्थिति में राहत दिलाता है. बुरांश के फूलों के एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल सिरदर्द को दूर करने के लिए किया जाता है. यही नहीं, पेट में दर्द होने की स्थिति में बुरांश के फूलों से बने जूस का सेवन करने से आराम मिलता है.
डायरिया से मिलती है राहत
सालों से बुरांश के फूलों का इस्तेमाल डायरिया को ठीक करने में किया जाता है. इसके फूलों को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है और फिर इसका इस्तेमाल किया जाता है. कई अध्ययन बताते हैं कि बुरांश के फूलों में इथाइल एसिटेट पाया जाता है, जो एंटी-डायरिया एक्टिविटी के तौर पर शानदार तरीके से काम करता है. फ्लेवोनॉयड, टैनिन, स्टेरॉल और शुगर की कम मात्रा डायरिया को ठीक करने में असरकारी माने जाते हैं. बुरांश के फूलों में ये सारे फाइटोकेमिकल्स होते हैं.
(और पढ़ें - दस्त की आयुर्वेदिक दवा)
दिल की सेहत को रखता है दुरुस्त
बुरांश का फूल ब्लड प्रेशर और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक साबित हुआ है. बुरांश के फूल में विभिन्न फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करते हुए दिल को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से सुरक्षित रखते हैं. यही नहीं, यह स्ट्रोक और दिल से जुड़ी अन्य बीमारी के जोखिम को भी कम करने में मददगार हैं. बुरांश के फूलों में केरसेटिन पाया जाता है. केरसेटिन सप्लीमेंट का उपयोग हाइपरटेंशन, धमनियों में रुकावट और दिल से जुड़े अन्य रोगों में किया जाता है.
एलर्जी और अस्थमा से रखता है दूर
बदलते मौसम में एलर्जी, अस्थमा, हाइव या हाई फीवर जैसी बीमारियां होन आम बात है, लेकिन बुरांश के फूलों में यह गुण होता है कि इसके सेवन से ये सारी बीमारियां नहीं होती है. इसका कारण बुरांश के फूलों के जूस में केरसेटिन का होना है. केरसेटिन शरीर में इम्यून सेल्स की एलर्जिक रिसपॉन्स को रोकने में मदद करता है.
(और पढ़ें - एलर्जी का आयुर्वेदिक इलाज)
लिवर की करता है सुरक्षा
बुरांश के फूलों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयों में कोलेस्ट्रॉल को कम करने और लिवर टॉनिक के तौर पर किया जाता रहा है. कई अध्ययन बताते हैं कि बुरांश के फूलों के एक्सट्रैक्ट के इस्तेमाल से कार्बन टेट्राक्लोराइड इनटॉक्सीकेशन से होने वाले लिवर डैमेज से बचाया जा सकता है. केरसेटिन संबंधित फ्लेवोनॉयड, सैपोनिन और फेनोलिक कंपाउंड बुरांश के फूलों में पाए जाते हैं. ये सब मिलकर लिवर को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं.
स्किन के लिए लाभदायक है बुरांश
बुरांश के फूलों से बने जूस को एंटी एजिंग और स्किन ग्लो के लिए लाभदायक माना जाता है. यह एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट है और सन एक्सपोजर और प्रदूषण के ऑक्सिडाइजिंग एक्शन से स्किन सेल्स को होने वाले डैमेज से रोकने के लिए लाभकारी है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण एक्ने, एक्जिमा, रैशेज और स्किन से जुड़े अन्य इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं. यही नहीं, अगर स्किन पर और कोई समस्या है तो भी बुरांश के फूल फायदा करते हैं. नियमित तौर पर बुरांश के फूलों के बने जूस को पीने से आपकी स्किन ग्लो करने लगती है और झुर्रियां दूर हो जाती हैं.
(और पढ़ें - एक्जिमा का आयुर्वेदिक इलाज)
बुरांश के फूल के नुकसान
बुरांश के फूल को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से ये हानिकारक भी साबित हो सकता है. इस बारे में नीचे बताया गया है-
- कमजोरी
- चक्कर आना
- जी मिचलाना
- उल्टी
- लो ब्लड प्रेशर
- स्लो हार्टबीट
- अनियमित दिल धड़कन
- साफ दिखाई न देना
- पसीना आना
- ठंड लगना
- बेहोश होना
- सदमे में जाना
- दौरा पड़ना
- कार्डिएक और रेस्पिरेटरी अरेस्ट
सारांश
बुरांश के फूल हमारे स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभदायक हैं. इसका कारण इसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटी इन्फ्लेमेट्री और एंटीऑक्सीडेन्ट गुणों का होना है. यह न सिर्फ एंटी कैंसर बल्कि एंटी डायबिटीक दवा के तौर पर काम करते हुए सेहत को दुरुस्त करने में मदद करता है. लेकिन इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना सही है क्योंकि यह इसका गलत तरीके से या अधिक सेवन कभी-कभी नुकसानदेह भी साबित हो सकता है.
(और पढ़ें - अंकोल के फायदे)
शहर के आयुर्वेदिक डॉक्टर खोजें
बुरांश फूल के फायदे व नुकसान के डॉक्टर
Dr. Sanya
आयुर्वेद
4 वर्षों का अनुभव
Dr.Chirag Gupta
आयुर्वेद
2 वर्षों का अनुभव
Dr. Shweta Kansal
आयुर्वेद
12 वर्षों का अनुभव



