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सिजेरियन डिलीवरी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बच्चे का जन्म सर्जरी के द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में बच्चे का जन्म मां के पेट के निचले हिस्से और गर्भाशय में चीरा लगाकर किया जाता है। आज चिकित्सा जगत में तकनीकी विकास की वजह से भले ही यह प्रक्रिया सुरक्षित हो गई हो, लेकिन फिर भी इससे गर्भवती महिला को जोखिम भी हो सकता है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। इस समय गर्भावस्था के दौरान शरीर में बनने वाले हार्मोन दोबारा सामान्य स्थिति में आने और महिला के शरीर में घाव भरने की प्रक्रिया शुरू होती है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म को लेकर भी कई महिलाएं परेशान रहती हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए आपको सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। साथ ही इस लेख में यह भी बताया गया है कि सिजेरियन के बाद पीरियड्स कब शुरू होते हैं, इनमें क्या बदलाव आता है और कौन से कारक सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म को प्रभावित कर सकते हैं।

(और पढ़ें - डिलीवरी के बाद पीरियड कब शुरू होते हैं)

  1. सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या मासिक धर्म में देरी हो सकती है? - Cesarean delivery ke baad kya masik dharm me deri ho sakti hai
  2. सिजेरियन डिलीवरी के बाद पीरियड्स कब शुरू होते हैं - Cesarean delivery ke baad periods kab suru hote hai
  3. सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म को कौन से कारक प्रभावित करते हैं - Cesarean delivery ke baad masik dharm ko kon se karak prabhavit karte hai
  4. सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म में कितना बदलाव हो सकता है - Cesarean delivery ke baad masik dharm me kitna badlav ho sakta hai
  5. सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपका मासिक धर्म कैसा होगा - Cesarean delivery ke baad masik dharm kaisa hoga
  6. सिजेरियन डिलीवरी के बाद अनियमित मासिक धर्म - Cesarean delivery ke baad aniyamit masik dharm
  7. सिजेरियन डिलीवरी के बाद पीरियड्स से संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर से कब मिलें - Cesarean delivery ke baad periods samandhi pareshani hone pr doctor se kab mile

सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म में देरी हो सकती है? यह प्रश्न कई प्रेग्नेंट महिलाओं के दिमाग में होता है। आपको बता दें कि सिजेरियन डिलीवरी आपके मासिक धर्म में देरी का कारण नहीं बनती है। हालांकि पीरियड्स की सामान्य प्रकृति पर इसका थोड़ा प्रभाव जरूर हो सकता है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म आना आपके हार्मोन, स्वास्थ स्थिति और स्तनपान कराने की आदत पर निर्भर करता है। साथ ही सिजेरियन डिलीवरी के बाद होने वाला पहला पीरियड आपके सामान्य पीरियड्स से थोड़ा अलग हो सकता है।

(और पढ़ें - नार्मल और सिजेरियन डिलीवरी में से क्या है अधिक बेहतर?)

सिजेरियन डिलीवरी के बाद होने वाला पहला मासिक धर्म आपके शारीरिक हार्मोन की स्थिति पर निर्भर करता है। डिलीवरी के बाद एचसीजी (HCG), एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में कमी आती है। स्तनपान कराना भी एक महत्वपूर्ण कारक है, जो निर्धारित करता है कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको पीरियड्स कब शुरु होंगे। सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्तनपान की निम्न स्थितियां आपके पीरियड्स को प्रभावति करती हैं।   

  1. अगर आप स्तनपान कराती हैं - 
    सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्तनपान कराना आपके पीरियड्स को प्रभावित करता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्तनपान के दौरान महिला के शारीरिक हार्मोन के स्तर पर प्रभाव पड़ता है। स्तनपान कराते समय महिलाओं के शरीर में प्रोलैक्टीन (prolactin: एक तरह का हार्मोन जो महिलाओं के शरीर में दूध के उत्पादन में सहायक होता है) नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो महिलाओं की ओवुलेशन अवधि में देरी का कारण होता है। इस अवस्था में मासिक धर्म शुरू होने में छह महीनों तक का समय लग सकता है। कुछ मामलों में स्तनपान के दौरान महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म की समस्या भी हो सकती है। यदि आपको स्तनपान कराने की आदत नियमित न हो तो इस स्थिति में आपको मासिक धर्म जल्द भी हो सकता हैं। (और पढ़ें - मासिक धर्म जल्दी लाने के उपाय)
     
  2. अगर आप स्तनपान नहीं कराती हैं -
    अगर आप स्तनपान नहीं कराती हैं तो प्रोलैक्टीन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, जिसकी वजह से पीरियड्स जल्द शुरू हो जाते हैं। इसके कुछ मामलों में आपका पहला मासिक धर्म सिजेरियन डिलीवरी के छह सप्ताह बाद हो सकता है। स्तनपान न कराने की स्थिति में अगर तीन महीने के बाद भी आपको मासिक धर्म न हो तो आपको अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करनी चाहिए।

(और पढ़ें - पीरियड्स न आने का इलाज)

सिजेरिनय डिलीवरी के बाद मासिक धर्म को प्रभावित करने वाले कारक निम्न प्रकार से हैं-

(और पढ़ें - सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए)

सिजेरियन डिलीवरी एक सर्जरी होती है, जिसमें आपके गर्भाशय पर चीरा लगाया जाता है और इसको ठीक होने में समय लगता है। इस समय महिला के शरीर के हार्मोन स्तर को सामान्य होने में भी समय लगता है। ऐसे में पहला पीरिडस हार्मोन के कम या ज्यादा होने और शरीर के ठीक होने के बीच की अवधि पर निर्भर करता है।

(और पढ़ें - हार्मोन असंतुलन का उपचार)

सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपके पहले मासिक धर्म आमतौर पर देरी नहीं होती है। मासिक धर्म होने का समय आपकी डिलीवरी के प्रकार से ज्यादा शरीर के हार्मोन पर निर्भर करता है। इस समय कम रक्तस्त्राव भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि डिलीवरी के दौरान आपके गर्भाशय की अंदरूनी परत पर चीरा लगाया जाता है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको निम्न तरह से पीरिड्स हो सकता है।

  1. पीरियड्स में दर्द होना –
    हर महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव अलग-अलग हो सकते हैं। इसी वजह से सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ महिलाएं अपने पीरियड्स के समय दर्द और ऐंठन महसूस करती हैं। (और पढ़ें - मासिक धर्म में पेट दर्द का उपचार)
     
  2. पीरियड्स में अधिक रक्तसत्राव होना –
    सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को अधिक रक्तस्त्राव होता है। ऐसा गर्भाशय की सर्जरी और गर्भाशय की अंदरुनी परत पर हुई क्षति की वजह से हो सकता है। यह कुछ समय के लिए हो सकता है, लेकिन अगर ऐसा लगातार हो रहा हो तो आपको अपने डॉक्टर से मिलकर इस समस्या के बारे में बात करनी चाहिए। (और पढ़ें - गर्भावस्था में रक्तस्त्राव रोकने का उपचार)
     
  3. मासिक धर्म में रक्तस्त्राव और दर्द कम होना –
    सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को मासिक धर्म में सामान्य से कम रक्तस्त्राव होता है और इस दौरान उनको ज्यादा दर्द भी नहीं होता। यह भी देखा गया है कि जो महिलाएं एंडोमेट्रिओसिस (endometriosis: इसमें गर्भाशय की परत के ऊतक बाहर की तरफ बढ़ने लगते हैं) से पीड़ित होती हैं, उनको बच्चे के जन्म के बाद पीरियड्स संबंधी परेशानियां समाप्त हो जाती है। सी-सेक्शन के बाद पीरियड्स में कम रक्तस्त्राव होने का कारण प्रोजेस्टेरोन के स्तर का बढ़ना माना जाता है। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उच्च स्तर गर्भाशय कोशिकाओं के विकास में सहायक एस्ट्रोजेन हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। (और पढ़ें - सिजेरियन डिलीवरी के बाद पेट कैसे कम करें)
     
  4. पीरियड्स लंबे समय तक होना –
    सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं को हार्मोन के बदलाव और स्वास्थ्य स्थितियों के आधार पर पीरियड्स सामान्य से अधिक समय तक हो सकते हैं। आमतौर पर महिलाओं के पीरियड्स एक सप्ताह में समाप्त हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में महिलाओं को पीरियड्स अधिक रक्तस्त्राव के साथ 5 दिन या 12 दिनों तक भी नियमित हो सकते हैं।

(और पढ़ें - सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल डिलीवरी​)

डिलीवरी के बाद मासिक धर्म चक्र को सामान्य होने में ज्यादा समय नहीं लगता है। कई महिलाओं में सी-सेक्शन के बाद भी 28 दिनों का मासिक धर्म चक्र जल्द ही शुरू हो जाता है। लेकिन इस समय कुछ महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म की समस्या हो सकती है। यह स्थिति तनाव, थायराइड, वजन कम या ज्यादा होने के साथ ही कई अन्य कारकों की वजह से होती है। इतना ही नहीं महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म के कारण 30 से 40 की उम्र के बीच में होने वाला पेरिमेनोपॉज (Perimenopause: मेनोपॉज के लक्षण जब से शुरू होते हैं) जल्द शुरू होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

(और पढ़ें - सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल)

सिजेरियन डिलीवरी के बाद पीरियड्स से संबंधी निम्न परेशानियों में आपको तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

  • अत्याधिक रक्तस्त्राव होना – पीरियड्स में अधिक रक्तस्त्राव होना सामान्य है, लेकिन इस रक्तस्त्राव की भी एक सीमा होती है। अगर हर घंटे में पैड को बदलते समय आपको उसमें ज्यादा रक्त अवशोषित दिखाई दे, तो ऐसे में आप तुरंत किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ की सहायता लें। (और पढ़ें - मासिक धर्म रोकने के उपाय)
     
  • बुखार होना – अगर आपको सिजेरियन डिलीवरी के बाद पहले पीरियड के समय या उसके बाद बुखार हो जाए, तो आप इसकी वजह जानने के लिए अपने डॉक्टर से मिलें, क्योंकि सिजेरियन डिलीवरी के बाद ऐसा होना सामान्य नहीं है। (और पढ़ें - पीरियड डेट बढ़ाने की मेडिसिन)
     
  • लंबे समय तक पीरियड होना – सात दिनों तक पीरियड होना एक आम बात है, लेकिन इससे ज्यादा दिनों तक पीरियड होने पर आपको डॉक्टर से मिलकर इस समस्या पर बात करनी चाहिए।
     
  • ज्यादा दर्द होना – पीरियड्स में पेट में ऐंठन होना भी सामान्य है, लेकिन अगर आपको दर्द सहन न हो पा रहा हो और आपको इस दर्द की वजह से असहजता महसूस हो रही हो, तो भी आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।  

(और पढ़ें - मासिक धर्म में गर्भधारण हो सकता है क्या)

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