राइनोप्लास्टी एक संशोधक (करेक्टिव) सर्जरी प्रोसीजर है, जिसमें नाक की रूपरेखा (आकार व आकृति) में बदलाव किए जाते हैं। जब नाक की विकृति के कारण सांस लेने में कठिनाई हो रही हो या फिर चोट आदि के कारण नाक क्षतिग्रस्त हो गई हो, तो आमतौर पर तब ही डॉक्टर राइनोप्लास्टी सर्जरी करवाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा यदि आप अपनी नाक की आकृति से संतुष्ट नहीं है, तो उसकी आकृति में सुधार करने के लिए भी यह सर्जरी की जा सकती है।

यदि आपकी नाक की हड्डी पूरी तरह से बढ़ चुकी है, तो ही राइनोप्लास्टी सर्जरी की जाती है। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो सर्जरी से पहले ही उसे छोड़ना आवश्यक होता है। सर्जरी से पहले आपकी दवाओं में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि सर्जरी के बाद कोई जटिलता न हो। राइनोप्लास्टी सर्जरी को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर किया जाता है, जिसमें आप सर्जरी के दौरान गहरी नींद में सो जाते हैं। ऑपरेशन के बाद आपको सर्जरी वाले स्थान पर थोड़ा दर्द, सूजन व अन्य तकलीफ हो सकती हैं। सर्जरी के बाद यदि आपको बुखार या सर्जरी वाले स्थान से रक्तस्राव जैसी कोई समस्या महसूस हो हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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  1. राइनोप्लास्टी क्या है - What is Rhinoplasty in Hindi
  2. राइनोप्लास्टी किसलिए की जाती है - Why is Rhinoplasty done in Hindi
  3. राइनोप्लास्टी से पहले - Before Rhinoplasty in Hindi
  4. राइनोप्लास्टी के दौरान - During Rhinoplasty in Hindi
  5. राइनोप्लास्टी के बाद - After Rhinoplasty in Hindi
  6. राइनोप्लास्टी की जटिलताएं - Complication of Rhinoplasty in Hindi
  7. राइनोप्लास्टी के डॉक्टर

राइनोप्लास्टी किसे कहते हैं?

राइनोप्लास्टी को "नोज जॉब" के नाम से भी जाना जाता है और सामान्य भाषा में इसे नाक की सर्जरी (नोज सर्जरी) भी कहा जाता है। यह रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और कॉस्मेटिक सर्जरी दोनों के रूप में काम करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि राइनोप्लास्टी से नाक की विकृति के कारण सांस लेने आदि की समस्या को दूर किया जाता है और रूपरेखा में सुधार किया जाता है ताकि आप सुंदर दिख सकें। (और पढ़ें - सुंदर दिखने के उपाय)

राइनोप्लास्टी को अक्सर सेप्टोप्लास्टी नामक एक सर्जरी प्रोसीजर के साथ भी किया जाता है। सेप्टोप्लास्टी में नाक के रुके हुए वायुमार्गों को खोला जाता है। राइनोप्लास्टी की मदद से नाक को आपके चेहरे की आकृति के अनुसार उसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई में बदलाव किया जाता है, ताकि आपके चेहरे की सुंदरता को बढ़ाया जा सके। कुछ लोगों की नाक का बाहरी सिरा या नथुने असामान्य होने के कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, जिसे राइनोप्लास्टी सर्जरी से ठीक किया जा सकता है। यह भी संभव है राइनोप्लास्टी से उम्मीद के अनुसार नाक को आकृति न दी जा सके, लेकिन इससे चेहरे की सामान्य आकृति को सुधारने में मदद मिलती है।

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राइनोप्लास्टी क्यों की जाती है?

डॉक्टर आमतौर पर निम्न मामलों में राइनोप्लास्टी करवाने का सुझाव दे सकते हैं -

  • यदि आपकी नाक की आकृति सामान्य नहीं हैं, उदाहरण के लिए दोनों तरफ से सामान्य न होना,आगे की तरफ झुकी होना या बीच से उठी होना
  • यदि नाक का आकार अधिक बड़ा या छोटा है, तो उसे सामान्य बनाने के लिए
  • कैंसर या संक्रमण आदि के कारण हुई विकृति को ठीक करने के लिए
  • नाक के वायुमार्ग रुकने के कारण हो रही सांस संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए
  • यदि आपको कोई जन्मदोष है, जिसमें नाक की आकृति सामान्य नहीं है, तो भी यह सर्जरी की जा सकती है
  • चोट आदि के कारण यदि नाक की आकृति खराब हो गई है, तो उसे फिर से आकृति देने के लिए
  • आपके ऊपरी होंठ के अनुसार नाक की रूपरेखा को सुधारने के लिए
  • नाक के किसी चपटे हिस्से को ठीक करने के लिए

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राइनोप्लास्टी किसे नहीं करवानी चाहिए?

निम्न कुछ स्थितियां हैं, जनमें राइनोप्लास्टी सर्जरी करने की सलाह नहीं दी जाती है -

  • यदि पुरुष की उम्र 17 और महिला की उम्र 16 से कम है। क्योंकि इस उम्र से पहले नाक की हड्डी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई होती है और राइनोप्लास्टी से उनके विकसित होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
  • किसी कारण से एनेस्थीसिया का इंजेक्शन न लगवा पाना।
  • रक्तस्राव संबंधी कोई समस्या होना
  • डायबिटीज कंट्रोल न कर पाना, इस स्थिति में घाव ठीक होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है
  • सर्जरी से अवास्तविक उम्मीदें होना (जो सर्जरी में संभव नहीं है)
  • इसके अलावा यदि आपको कोई भी ऐसा रोग या शारीरिक समस्या है, जिससे राइनोप्लास्टी में जटिलताएं हो सकती हैं, तो डॉक्टर यह सर्जरी न करवाने की सलाह देते हैं।

यह जानना जरूरी है, कि प्लास्टिक सर्जन उस कार्टिलेज व हड्डी पर काम कर सकते हैं, जो सर्जरी वाले हिस्से में मौजूद होती है। इसलिए नाक में बदलाव एक सीमित सीमा तक ही किया जा सकता है।

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राइनोप्लास्टी सर्जरी से पहले की तैयारी?

राइनोप्लास्टी से पहले निम्न तैयारियां की जा सकती हैं -

  • डॉक्टर सर्जरी से पहले कुछ टेस्ट करेंगे, जिनमें ब्लड टेस्ट और ईसीजी टेस्ट आदि शामिल हैं। इन टेस्टों की मदद से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आपके स्वास्थ्य को मध्यनजर रखते हुए आपकी राइनोप्लास्टी सर्जरी की जा सकती है या नहीं।
  • यदि आप किसी प्रकार की कोई दवा, हर्बल उत्पाद, विटामिन, मिनरल या अन्य कोई सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो उनमें से कुछ को एक निश्चित समय के लिए छोड़ने के आदेश दिए जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें से कुछ उत्पाद रक्त को पतला कर सकते हैं या सर्जरी से संबंधी अन्य कोई जटिलता पैदा कर सकते हैं।
  • साथ ही आपको लहसुन व अन्य कई घरेलू उत्पाद न लेने की सलाह दी जा सकती हैं, क्योंकि ये एनेस्थीसिया के कार्य को प्रभावित कर सकते हैं।
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं, तो इसके बारे में सर्जरी से पहले ही डॉक्टर को बता दें। डॉक्टर आपको सर्जरी से कुछ दिन पहले ही सिगरेट और शराब आदि छोड़ने की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि ये सर्जरी के बाद शरीर के ठीक होने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।
  • यदि आपको किसी भी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य संबंधी कोई बीमारी है, तो इस बारे में भी डॉक्टर को बता दें।
  • सर्जरी वाले दिन अस्पताल आते समय अपने साथ किसी करीबी रिश्तेदार या मित्र को ले जाएं, ताकि वे सर्जरी से पहले विभिन्न कामों में आपकी मदद कर सकें।

अंत में आपको एक सहमति पत्र दिया जाता है, जिस पर हस्ताक्षर करके आप सर्जन को सर्जरी करने की अनुमति दे देते हैं। हालांकि, सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले एक बार उसे अच्छे से पढ़ व समझ लेना चाहिए।

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राइनोप्लास्टी कैसे की जाती है?

राइनोप्लास्टी को क्लोज प्रोसीजर और ओपन प्रोसीजर के रूप में किया जाता है। हालांकि, इन दोनों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। इस सर्जरी को आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर ही किया जाता है, जिसका प्रोसीजर कुछ इस प्रकार है -

  • सर्जन या तो नाक के एक तरफ चीरा लगाते हैं (क्लोज प्रोसीजर) या फिर नाक के बीच वाले हिस्से में चीरा लगाया जाता है (ओपन प्रोसीजर)।
  • यह चीरा कुछ इस प्रकार लगाया जाता है, कि चीरे के आसपास की त्वचा को आसानी से ऊपर उठाया जा सके या अपनी जगह से खिसकाया जा सके।
  • राइनोप्लास्टी सर्जरी का प्रोसीजर अलग-अलग हो सकता है, जो निर्भर करता है कि यह सर्जरी किस कारण से की जा रही है -
    • यदि नाक की हड्डी टूट गई है, तो सर्जन नथुने के अंदर से एक विशेष उपकरण डालते हैं, जिसकी मदद से नाक को सीधा रखा जाता है।
    • यदि नाक का आकार बड़ा है, तो सर्जन नाक के अंदर से कार्टिलेज और हड्डी के कुछ हिस्से को निकाल देते हैं।
    • यदि नाक छोटी है, तो उसका आकार बढ़ाने के लिए उसमें अतिरिक्त कार्टिलेज ग्राफ्ट किए जा सकते हैं। यह ग्राफ्त आमतौर पर नेजल सेप्टम, कान या पसलियों से लिया जाता है।
    • सेप्टम डेविएशन (टेढ़ेपन) को ठीक करने के लिए सर्जन सर्जरी के दौरान सेप्टम को खींच देते हैं, जिससे नाक का उभरा हुआ हिस्सा ठीक हो जाता है और परिणामस्वरूप सांस लेने में तकलीफ नहीं होती है।
    • जब नाक की संरचना को जरूरत के अनुसार ठीक कर दिया जाता है, तो उसके बाद चीरे को वापस बंद करके टांके लगा दिए जाते हैं। इस सर्जरी में आमतौर पर त्वचा में अपने आप अवशोषित होने वाले टांके लगाए जाते हैं। (और पढ़ें - नाक में मांस बढ़ने का इलाज)

प्रोसीजर के बाद की प्रक्रियाएं -

  • प्रोसीजर होने के बाद आपको कुछ हफ्तों तक सर्जरी वाले स्थान पर सूजन रह सकती है
  • लगातार एक से दो हफ्तों तक सर्जरी वाली त्वचा नीली पड़ सकती है और हल्का दर्द भी रह सकता है। (और पढ़ें - नील पड़ने के कारण)
  • नाक के ऊपर विशेष पट्टी लगा दी जाती हैं, जो नाक की टूटी हुई हड्डी को सहारा प्रदान करती हैं। कुछ मामलों में नाक के अंदरूनी हिस्से में भी स्प्लिंट लगा दी जाती है जो नाक को अंदर से सहारा प्रदान करती है। इनकी मदद से नाक के ठीक होने की अवधि में उसे ज्यों का त्यों रखा जाता है। इन पट्टियों व स्प्लिंट को डॉक्टर एक हफ्ते के बाद हटा देते हैं।
  • दर्द को कम करने के लिए दर्द निवारक और सूजन कम करने के लिए सूजन-रोधी दवाएं दी जाती हैं। (और पढ़ें - पेन किलर खाने के नुकसान)
  • सर्जरी के बाद लगभग 5 घंटे तक डॉक्टर आपको कुछ भी खाने या पीने से मना करते हैं।
  • अधिकतर मामलों में सर्जरी वाले दिन ही छुट्टी मिल जाती है, जबकि कुछ मामलों में आपको एक से अधिक दिन अस्पताल में रहना पड़ सकता है, जो आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

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राइनोप्लास्टी के बाद की देखभाल कैसे करें?

राइनोप्लास्टी के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने के दौरान आपको घर पर निम्न बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है -

  • सोते या आराम करते समय अपने सिर को शरीर से ऊपर उठा कर रखें, जिसके लिए आप सिर के नीचे एक से अधिक तकिए लगा सकते हैं।
  • सूजन को कम करने के लिए बर्फ की सिकाई करने की सलाह दी जा सकती है। (और पढ़ें - सूजन की आयुर्वेदिक दवा)
  • दर्द को कम करने के लिए दी गई दवाओं को डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेने को कहा जाता है।
  • डॉक्टर आपको लगभग एक हफ्ते तक नाक साफ करने से परहेज करने को कहते हैं।
  • आपको कम से कम आठ हफ्तों तक नाक को हाथों से रगड़ना नहीं चाहिए।
  • डॉक्टर आपको कुछ हफ्तों तक अधिक मेहनत वाली शारीरिक गतिविधि करने से मना कर सकते हैं, जैसे तैराकी, व्यायाम, दौड़ना और भारी वस्तुएं उठाना आदि।
  • ठीक होने के दौरान अपनी नाक को सूरज के संपर्क में आने से बचाएं, ऐसा करने से नाक पर निशान पड़ सकते हैं।
  • सर्जरी के दो हफ्तों बाद आपको अपने रोजाना के सामान्य कार्यों को फिर से शुरू करने की सलाह दी जा सकती है।
  • राइनोप्लास्टी सर्जरी होने के बाद आपको लगभग एक साल तक कभी-कभार नाक में सूजन महसूस हो सकती है, जो आमतौर पर सुबह के समय ही दिखाई देती है। यह सामान्य स्थिति है और यह बिना इलाज के अपने आप ठीक हो जाती है। (और पढ़ें - सूजन कम करने के उपाय)
  • राइनोप्लास्टी से मिलने वाला रिजल्ट आमतौर पर स्थायी ही होता है। राइनोप्लास्टी के तुरंत बाद आपको अपनी नाक की आकृति में कुछ सुधार देखने को मिल सकते हैं, जबकि अन्य रिजल्ट आपको धीरे-धीरे मिलते हैं और एक साल के भीतर आपको पूरे रिजल्ट प्राप्त हो जाते हैं। लेकिन उम्र बढ़ने के कारण शरीर में होने वाले प्राकृतिक बदलावों में नाक की आकृति पर भी प्रभाव पड़ता है, जो कि सामान्य है।

यदि आपको सर्जरी के बाद निम्न में से कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो डॉक्टर से बात करें -

(और पढ़ें - नाक में फुंसी का इलाज)

राइनोप्लास्टी से क्या जोखिम हो सकते हैं?

राइनोप्लास्टी सर्जरी में कुछ जोखिम व जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे -

  • सर्जरी वाले स्थान से अधिक रक्तस्राव होना (और पढ़ें - खून बहना बंद कैसे करें)
  • नाक की आकृति सही न हो पाने के कारण फिर से सर्जरी करने की आवश्यकता पड़ना
  • सर्जरी वाले हिस्से में संक्रमण होना (और पढ़ें - परजीवी संक्रमण का इलाज)
  • वायुमार्ग संकुचित हो जाने के कारण सांस संबंधी समस्याएं होना
  • सर्जरी के आसपास रक्त के थक्के जमना, जिनको निकालना पड़ता है
  • सर्जरी वाले स्थान पर सूजन व नील पड़ना
  • घाव के आस-पास की त्वचा का रंग खराब हो जाना
  • नाक व उसके आस-पास की त्वचा सुन्न होना या दर्द रहना
  • पट्टी, दवा या टांकों से एलर्जी हो जाना (और पढ़ें - एलर्जी की आयुर्वेदिक दवा)
  • एनेस्थीसिया से एलर्जी या अन्य समस्याएं हो जाना
  • सर्जरी के घाव की जगह पर स्थायी निशान (स्कार) बन जाना
  • ऊपरी दांत सुन्न रहना
  • आंखों के नीचे काले घेरे बनना
  • नाक की अंदरूनी संरचना कमजोर पड़ जाने के कारण नाक चपटी हो जाना
  • सर्जरी के बाद नाक की आकृति पसंद न आना
  • इसके अलावा कुछ दुर्लभ मामलों में सर्जरी ठीक से न हो पाने के कारण सेप्टम में छिद्र हो जाता है, जिसे कई बार ठीक करना असंभव हो जाता है।

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संदर्भ

  1. Australian Society of Plastic Surgeons [Internet]. New South Wales. Australia; Nose Surgery
  2. Better health Channel [Internet]. Department of Health and Human Services. State Government of Victoria. Australia; Rhinoplasty (nose surgery)
  3. American Society of Plastic Surgeons [Internet]. Illinois, US; What is rhinoplasty
  4. Michigan Medicine [Internet]. University of Michigan. US; What is nasal (rhinoplasty) surgery?
  5. Medline plus [Internet]. US National Library of Medicine; Rhinoplasty
  6. Health direct [internet]. Department of Health: Australian government; Rhinoplasty
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