नाक में फुंसी - Pimple in Nose in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS

July 16, 2018

March 06, 2020

कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!
नाक में फुंसी
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नाक में फुंसी क्या होती है?

नाक के अंदर फुंसी होना थोड़ी परेशान करने वाली स्थिति या नाक के इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। फुंसी तब होती है जब त्वचा के छिद्रों में तेल या मृत त्वचा एकत्रित होने लगती है। हालांकि, फुंसी चेहरे पर अधिक होती है लेकिन यह नाक के अंदर भी हो सकती है।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और शुगर से ग्रस्त लोगों को पिम्पल्स या फुंसी होने का जोखिम अधिक होता है। त्वचा के छिद्रों में अधिक मात्रा में तेल एकत्रित होता है। बैक्टीरिया भी रोम को प्रभावित कर सकता है, जिससे लाली, असहजता व सूजन होती है और फुंसी में दर्द होता है। ये बैक्टीरिया इन्फेक्शन कर सकते हैं।

(और पढ़ें - शुगर कम करने के घरेलू उपाय)

ये फुंसी काफी दर्दनाक हो सकती है क्योंकि यह नाक के अंदर की तरह होती है जहाँ छोटी-छोटी रक्त वाहिकाएं और तंत्रिकाएं होती हैं।

नाक में फुंसी होने से बचने के लिए अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखें, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिएँ और कैफीन (चाय, कॉफी अदि) कम पिएँ।

इसके इलाज के लिए मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दर्दनिवारक दवाओं और "एंटीबायोटिक पेस्ट" (Antibiotic paste) का उपयोग किया जाता है।

नाक में फुंसी के लक्षण - Pimple in Nose Symptoms in Hindi

नाक में फुंसी होने के लक्षण क्या होते हैं?

नाक में फुंसी होने से आमतौर पर निम्नलिखित लक्षण होते हैं -

संक्रमित फुंसी से निम्नलिखित लक्षण भी हो सकते हैं -

अगर आपको निम्नलिखित लक्षण अनुभव होते हैं, तो अपने डॉक्टर के पास जाएं -

अगर आपको नाक में फुंसी है जिसमें समय के साथ दर्द बढ़ रहा है, तो तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाएं।

नाक में फुंसी के कारण और जोखिम कारक - Pimple in Nose Causes & Risk Factors in Hindi

नाक में फुंसी होने के कारण क्या होते है?

निम्नलिखित कारणों से नाक में फुंसी हो सकती है -

नाक में फुंसी होने के जोखिम कारक क्या होते हैं?

नाक में फुंसी जोखिम कारक निम्नलिखित हैं -

  • अगर आपको पहले से ही त्वचा से सम्बंधित समस्याएं हैं और मुंहासे होते हैं, तो आपको नाक में फुंसी होने का जोखिम अधिक है। (और पढ़ें - मुंहासे हटाने के घरेलू उपाय)
  • कभी-कभी व गंदे और बड़े नाखूनों वाले हाथों को नाक में डालने से नाक में फुंसी हो जाती है क्योंकि ऐसा करने से नाक में बैक्टीरिया चले जाते हैं, जिनसे इन्फेक्शन होता है।
  • कई लोग नाक के बालों को हटाने के लिए तेज़ कैंची का इस्तेमाल करते हैं, जिससे नाक के अंदर की झिल्ली को नुक्सान पहुंच सकता है और फुंसी होने का जोखिम बढ़ जाता है।
  • नाक में फुंसी, नाक के अंदर के बाल के कारण भी हो सकती है।

(और पढ़ें - बालतोड़ क्यों होता है)

नाक में फुंसी से बचाव - Prevention of Pimple in Nose in Hindi

नाक में फुंसी से कैसे बचा जा सकता है?

नाक में फुंसी होने से रोकने के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं -

  1. अपनी साफ़-सफाई का ध्यान रखें और अगर आपके नाक में फुंसी हो गई है, तो उसे छेड़े या छुएं नहीं।
  2. नाक को ज़ोर से छिनकने की बजाय धीरे से छिनकें।
  3. नाक में टिशू या रुई न डालें।
  4. कैफीन वाले पदार्थों का सेवन न करें, इनसे मुंहांसे जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। (और पढ़ें - कॉफी पीने के नुक्सान)
  5. शराबसिगरेट न पिएँ। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के घरेलू उपाय)
  6. बहुत सारा पानी पिएं, इससे शरीर के विषाक्त पदार्थ निकलते हैं। रोज़ाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीने की कोशिश करें। (और पढ़ें - खली पेट पानी पीने के फायदे)
  7. भावनात्मक तनाव से नाक में फुंसी होने का जोखिम बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए योग, मेडिटेशन और सैर करने जैसे हल्के व्यायाम करें। (और पढ़ें - टेंशन के लक्षण

(और पढ़ें - सुबह की सैर करने के फायदे)

नाक में फुंसी का परीक्षण - Diagnosis of Pimple in Nose in Hindi

नाक में फुंसी का परीक्षण कैसे होता है?

नाक में फुंसी का पता लगाने के लिए आपके डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में सवाल पूछेंगे, जैसे फुंसी कब हुई, फुंसी के अाकार में बदलाव और नाक का बंद होना या उसमें से पस व खून निकलना।

  1. डॉक्टर आपकी फुंसी का परीक्षण करेंगे।
  2. डॉक्टर आपके खून व फुंसी के अंदर के तरल पदार्थ का एक नमूना लेंगे। इस नमूने को लैब में परीक्षण के लिए भेजा जाता है और अगर खून में बैक्टीरिया पाया जाता है, तो उसके प्रकार का पता लगाया जाता है ताकि डॉक्टर इसके लिए सही एंटीबायोटिक दवा दे सकें। (और पढ़ें - ब्लड टेस्ट कैसे होता है
  3. सिर के एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे इमेजिंग टेस्ट से साइनस ग्रंथि (Sinus gland) में इन्फेक्शन का पता चलता है

नाक में फुंसी का इलाज - Pimple in Nose Treatment in Hindi

नाक में फुंसी का उपचार कैसे होता है?

नाक में फुंसी को ठीक से अधिक खतरा नहीं होता है और यह दवाओं और कुछ घरेलू उपचार व जीवनशैली में बदलाव से ठीक की जा सकती है। हालांकि, अगर इन उपचारों से आराम नहीं मिलता और दर्द व सूजन बढ़ने लगती है, तो अपने डॉक्टर के पास जाएं।

नाक में फुंसी के उपचार निम्नलिखित हैं -

  • दवाएं
    नाक में फुंसी के लिए फुंसी के ऊपर लगाने वाली कुछ दवाएं उपलब्ध हैं। ये दवाएं निम्नलिखित हैं -
  1. "बेंजोईल पेरोक्साइड" (Benzoyl peroxide) - बेंजोईल पेरोक्साइड बैक्टीरिया को मारता है और तेल का उत्पादन कम करता है।
  2. "रेज़ोरसिनोल" (Resorcinol), "सल्फर" (Sulfur) और "सैलिसाइलिक एसिड" (Salicylic acid) - इन दवाओं से फुंसी ठीक होती है और ये सूजन भी कम होती है।
  3. "अज़ेलिक एसिड" (Azelic acid) - अज़ेलिक एसिड त्वचा के छिद्रों की लाइनिंग में मौजूद कोशिकाओं को मजबूत करता है और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।
  4. "रेटिन ए" (Retin A) - रेटिन ए त्वचा की सतह में मौजूद कोशिकाओं को ढीला करके नाक के छिद्रों को खोलता है।
  • जीवनशैली में परिवर्तन
  1. खाने का ध्यान रखें - जंक फूड खाने से पेट तो भर जाता है लेकिन शरीर को पर्याप्त विटामिन और मिनरल नहीं मिल पाते। दिन में कम से कम एक बार ताज़े फल और सब्ज़ियां खाएं। आप बादाम आदि नट्स भी खा सकते हैं क्योंकि ये मिनरल के अच्छे स्त्रोत होते हैं और ये त्वचा को भी स्वस्थ बनाते हैं। (और पढ़ें - विटामिन की कमी के लक्षण)
  2. "प्रोबायोटिक्स" (Probiotics) - फुंसी को ठीक करने के लिए प्रोबायोटिक्स बहुत आवश्यक होते हैं। एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने के बजाय अधिक प्रोबायोटिक्स लेना शुरू करें। शहद, केले और प्याज खाने से प्रोबायोटिक्स का स्तर बढ़ाया जा सकता है।
  3. विटामिन डी - विटामिन डी से आपकी त्वचा साफ़ होती है। विटामिन डी के लिए धूप और ताज़ा हवा लें। (और पढ़ें - धूप के फायदे)
  4. कॉस्मेटिक का उपयोग कम करें - ज़्यादातर कॉस्मेटिक में ऐसे पदार्थ होते हैं जो आपके त्वचा के छिद्रों को बंद कर देते हैं जिससे फुंसी हो सकती है।

नाक में फुंसी की जटिलताएं - Pimple in Nose Risks & Complications in Hindi

नाक में फुंसी होने से अन्य क्या समस्याएं होती हैं?

नाक में संक्रमित फुंसी होना खतरनाक हो सकता है कयोंकि वहां मौजूद कुछ तंत्रिकाएं सीधे मस्तिष्क में जाती है। इससे “कैवरनस साइनस थ्रोम्बोसिस” (Cavernous sinus thrombosis) नामक एक दुर्लभ समस्या हो सकती है।

“कैवरनस साइनस” सिर के निचले भाग में एक बड़ी नस होती है। जब एक संक्रमित फुंसी के कारण इस नस में रक्त का थक्का बन जाता है, तो “कैवरनस साइनस थ्रोम्बोसिस” नामक समस्या होती है।

इसके लक्षण निम्नलिखित हैं -

इस समस्या से मृत्यु भी हो सकती है।



संदर्भ

  1. Williams HC, Dellavalle RP, Garner S. Acne vulgaris. Lancet. 2012;379:361–72. PMID: 21880356
  2. Bhate K, Williams HC. Epidemiology of acne vulgaris. Br J Dermatol. 2013;168:474–85. PMID: 23210645
  3. Rivera AE. Acne scarring: A review and current treatment modalities. J Am Acad Dermatol. 2008;59:659–76. PMID: 18662839
  4. Layton AM,Henderson CA,Cunliffe WJ. A clinical evaluation of acne scarring and its incidence. Clin Exp Dermatol. 1994;19:303–8. PMID: 7955470
  5. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; Acne.

नाक में फुंसी की दवा - Medicines for Pimple in Nose in Hindi

नाक में फुंसी के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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नाक में फुंसी की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Pimple in Nose in Hindi

नाक में फुंसी के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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