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विटामिन बी की कमी क्या होती है?

विटामिन बी कॉम्पलैक्स शरीर के लगभग हर हिस्से के लिए जरूरी होता है। विटामिन बी मस्तिष्क के उचित कार्यों के साथ-साथ कान, तंत्रिका, बाल, आंख, लीवर और मुंह के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। शरीर के सामान्य रख-रखाव के लिए भी इन विटामिन की आवश्यकता पड़ती है।

वृद्ध लोगों के लिए विटामिन बी की पर्याप्त मात्रा बहुत जरूरी होती है, क्योंकि उम्र होने के बाद ये पोषक तत्व ठीक से अवशोषित होना बंद कर देते हैं। कोशिकाओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने और आपको सक्रिय (ऊर्जायुक्त) रखने के लिए भी विटामिन बी की आवश्यकता पड़ती है। शरीर में ऊर्जा पैदा करने में भी विटामिन बी कारगर होते हैं और डिप्रेशनचिंता को खत्म करने में भी यह काफी मददगार होते हैं।

विटामिन बी कॉम्प्लैक्स में निम्न शामिल हैं:

सभी प्रकार के विटामिन बी एक समान कार्य नहीं करते हैं। ​अधिक उम्र वाले लोग और गर्भवती महिलाएं आदि को कुछ प्रकार के विटामिन बी की अधिक आवश्यकता होती है। और अलग-अलग विटामिन बी विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों से प्राप्त किये जाते हैं। उदाहरण के लिए विटामिन बी12 को मुख्य रूप से मीट और डेयरी उत्पादों से प्राप्त किया जाता है। विटामिन बी7 और बी9 (और कुछ हद तक बी1 और बी2 भी) को फलों और सब्जियों से प्राप्त किया जाता है।

इनमें से किसी भी प्रकार के विटामिन की कमी होने को विटामिन बी की कमी कहा जाता है। विटामिन बी की कमी कई कारण से हो सकती है। कुछ प्रकार के रोग जैसे क्रोन रोग, सीलिएक रोग, एचआईवी और शराब का दुरुपयोग आदि की वजह से विटामिन बी के ठीक से अवशोषित नहीं हो पाते हैं। इन कारणों के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

विटामिन बी की कमी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। आपके शरीर में जिस विटामिन बी की कमी हुई है उसी के अनुसार लक्षण दिखाई देते हैं। इनकी कमी की वजह से थकान, उलझन महसूस होना, प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित होना और एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा विटामिन बी की कमी के कारण त्वचा पर चकत्ते भी होने लगते हैं। 

यदि आपको लगता है कि आपमें विटामिन बी की कमी हो सकती है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर इस समस्या की जांच करने के लिए शारीरिक परीक्षण और साथ ही खून टेस्ट करवाने का सुझाव दे सकते हैं। यदि डॉक्टरों को यह लगता है कि आप पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं तो वे आपके लिए विटामिन बी के सप्लीमेंट्स भी लेने को कह सकते हैं।

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय)

  1. विटामिन बी की कमी के लक्षण - Vitamin B deficiency Symptoms in Hindi
  2. विटामिन बी की कमी के कारण व जोखिम - Vitamin B deficiency Causes and Risks in Hindi
  3. विटामिन बी की कमी से बचाव - Prevention of Vitamin B deficiency in Hindi
  4. विटामिन बी की कमी का परीक्षण - Diagnosis of Vitamin B deficiency in Hindi
  5. विटामिन बी की कमी का इलाज - Vitamin B deficiency Treatment in Hindi
  6. विटामिन बी की कमी से होने वाले रोग - Disease caused by Vitamin B deficiency in Hindi
  7. विटामिन बी की कमी की दवा - Medicines for Vitamin B Deficiency in Hindi
  8. विटामिन बी की कमी के डॉक्टर

विटामिन बी में कमी होने पर कौन से लक्षण महसूस होते हैं?

अगल-अलग प्रकार के विटामिन बी के अनुसार उनसे विकसित होने वाले लक्षण व संकेत अलग-अलग होते हैं। जिनको नीचे बताया गया है:

विटामिन बी1 -

(और पढ़ें - विटामिन बी1 की कमी की लक्षण)

विटामिन बी2 -

विटामिन बी3

(और पढ़ें - विटामिन बी3 की कमी की लक्षण)

विटामिन बी5

विटामिन बी6

विटामिन बी7 -

यद्यपि बायोटिन की कमी होना बहुत ही दुर्लभ स्थिति होती है, लेकिन जब यह होती है तो निम्न लक्षण महसूस होते हैं:

विटामिन बी9 (फॉलिक एसिड) -

  • चिड़चिड़ापन और भूख में कमी आ सकती है
  • इसकी गंभीर कमी से अस्थि मज्जा सामान्य से बड़े आकार की लाल रक्त कोशिकाएं बनाने लगता है, जिससे एनीमिया हो जाता है
  • थकान का आभास होना
  • गर्भवती महिलाओं में फॉलिक एसिड की कमी के कारण  बच्चे को गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। (और पढ़ें - गर्भवती महिलाओं को क्या खाना चाहिए)

(और पढ़ें - विटामिन बी9 की कमी की लक्षण)

विटामिन बी12 –

  • कमजोरी, थकान या सिर घूमना
  • तंत्रिका संबंधी समस्याएं जैसे सुन्नता या झुनझुनी, मांसपेशियों में कमजोरी और चलने में कठिनाई
  • कम दिखना
  • मानसिक समस्याएं जैसे डिप्रेशन, याददाश्त कम होना और व्यवहार में बदलाव
  • दिल घबराना और सांस फूलना
  • त्वचा में पीलापन (और पढ़ें - पीलिया का इलाज)
  • जीभ में चिकनापन
  • कब्ज, दस्त, भूख कम लगना या पेट में गैस बनना (और पढ़ें - दस्त में क्या खाना चाहिए)

(और पढ़ें - विटामिन बी12 की कमी की लक्षण)

विटामिन बी की कमी क्यों होती है?

विटामिन बी के अलग-अलग प्रकारों में कमी अलग-अलग कारणों से होती है।

विटामिन बी1

विटामिन बी1 में कमी निम्न कुछ कारकों के कारण होती है, जैसे

  • लीवर संबंधी विकार (और पढ़ें - लीवर रोग)
  • शराब की लत
  • किडनी डायलिसिस
  • बहुत ज्यादा डाइटिंग करना

विटामिन बी 2

विटामिन बी2 में कमी निम्न के परीणामस्वरूप होती है:

विटामिन बी3

विटामिन बी5 -

स्वाभाविक रूप से मनुष्यों में विटामिन बी 5 की कमी होना एक बहुत दुर्लभ स्थिति होती है, यह केवल गंभीर कुपोषण के मामलों में ही देखी जाती है। इसके जोखिम वाले लोगों में निम्न शामिल हैं:

  • महिलाएं जो गर्भनिरोधक गोलियां खाती हैं
  • जिन लोगों को शराब पीने की लत है
  • कुछ विशेष पाचन संबंधी विकारों के कारण जिन लोगों की अवशोषण करने की प्रक्रिया खराब हो गई है।
  • अधिक उम्र वाले लोग

विटामिन बी6

विटामिन बी6 में कमी सबसे अधिक निम्न कारणों से होती है:

  • लंबे समय से डायलिसिस प्रक्रिया चलना
  • प्रोटीन एनर्जी अंडरन्यूट्रिशन
  • कुअवशोषण
  • कुछ प्रकार की दवाओं की वजह से (डॉक्टर से पूछें)
  • शराब की लत

विटामिन बी7

यह आहार में विटामिन बी7 पर्याप्त मात्रा में ना ले पाने या उसे ठीक से अवशोषित ना कर पाने के कारण होता है। बायोटिन या विटामिन बी 7 में कमी के जोखिम कारकों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • मिर्गी रोकने की दवाओं (Anti-seizure) का लंबे समय तक इस्तेमाल करना
  • अत्याधिक शराब का सेवन करना
  • अधिक मात्रा में अंडे के सफेद हिस्से को कच्चा खाना
  • धूम्रपान करना
  • गर्भावस्था
  • लंबे समय से एंटीबायोटिक दवाएं लेना।

विटामिन बी9

फॉलेट या विटामिन बी9 की कमी होना सभी प्रकार के विटामिन बी में सबसे आम है, यह निम्न स्थितियों के परिणास्वरूप हो सकती है:

  • असामान्य मेटाबॉलिज्म
  • विटामिन बी9 की आवश्यकता बढ़ाने वाली स्थितियां जैसे गर्भावस्था व स्तनपान की स्थिति। (और पढ़ें - स्तनपान के फायदे)
  • ठीक से विटामिन बी 9 अवशोषित न हो पाना
  • पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी 9 ना ले पाना

विटामिन बी12

विटामिन बी में कमी मुख्य रूप से आहार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी ना होने या खराब अवशोषण प्रक्रिया होने से होती है। निम्न लोगों में विटामिन बी 12 की कमी होने की संभावनाएं अधिक होती हैं:

  • वे लोग जो सीने में जलन आदि के उपचार के लिए लंबे समय से एंटासिड दवाएं ले रहे हैं।
  • वे लोग जिनका ऑपेरशन के द्वारा आंतों का वह हिस्सा निकाल दिया गया हो जो विटामिन बी12 का अवशोषण करता है।
  • डायबिटीज के लिए ड्रग मेटफॉर्मिन वाले लोग (और पढ़ें - डायबिटीज का घरेलू उपाय)
  • अधिक उम्र वाले लोग
  • पूरी तरह से शाकाहारी लोग

(और पढ़ें - सीने में जलन का इलाज)

विटामिन बी में कमी होने से कैसे रोकें?

ज्यादातर लोगों को स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ सप्लीमेंट्स लेकर ही विटामिन बी प्रााप्त करने की जरूरत नहीं पड़ती है। ऐसे बहुत सारे भोजन हैं जो हमें सभी पोषक तत्वों को प्राकृतिक रूप से प्रदान करते हैं, लेकिन उनके लिए अपने भोजन को मीट, अनाज, सबजियों व फलों से भरपूर रखना पड़ता है। 

खाद्य पदार्थ जिनमें विटामिन बी उच्च मात्रा में पाया जाता है:

  • विटामिन बी1 -​ संतरा, ​दूध, ​अंडे, फलियां​, नट्स व बीज, ​मटर, ​पालक, ओट्स (जई)
  • विटामिन बी 2 - चिकन, ​मछली, अंडे, पालक व अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां, कुछ विशेष अनाज जिनमें विटामिन बी1 की मात्रा को कृत्रिम तरीके से शामिल कर दिया जाता है, दूध व दूध के उत्पाद, ​दही व चीज
  • विटामिन बी3 - हरे मटर, पालक, ओट्स (जई), मशरूम, फॉर्टिफाइड दूध व दूध के प्रोडक्ट, चिकन, ​मूंगफली, अंडे, ​ब्रोकोली
  • विटामिन बी5 - अंडे, आलू, ​टमाटर, चिकन 
  • विटामिन बी6 - ब्रैड, साबुज अनाज के सेरियल (जैसे कि ओटमील), अंडे, चिकन, मछली
  • विटामिन बी7 - पालक, ब्रोकोली, मटर, चने
  • विटामिन बी9 - हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे ब्रोकोली और पालक, टमाटर का रस, बीन्स, फलिया, मशरूम, चिकन, अंडे, ओट्स, मटर, साइट्रस (खट्टे फल), अन्य फल जैसे केला और खरबूजे
  • विटामिन बी12 - डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, चीज और दही आदि, अंडे, चिकन

इसके अलावा, यदि आप आहार के माध्यम से विटामिन बी को प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं या फिर आपको कुछ ऐसी स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां हैं, जो विटामिन बी को अवशोषित होने से रोकती हैं, तो कई बार विटामिन बी में कमी को रोकथाम करने के लिए मेडिकल स्टोर से मिलने वाले कुछ प्रकार के सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल भी किया जाता है। विटामिन के सप्लीमेंट्स को हमेशा डॉक्टर से पूछकर ही लेना चाहिए। 

इन सप्लीमेंट की अत्यधिक मात्रा (ओवरडोज) होने का जोखिम अन्य पोषक तत्वों के सप्लीमेंट के मुकाबले कम होता है, क्योंकि विटामिन बी पानी में घुलनशील होता है। हालांकि यदि आप किसी प्रकार की दवाएं ले रहे हैं,तो विटामिन बी 2 उनके साथ रिएक्शन करके कुछ साइड इफेक्ट पैदा कर सकता है या लंबे समय तक आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

विटामिन बी की कमी का परीक्षण कैसे किया जाता है?

विटामिन बी में कमी की जांच उसके लक्षणों के आधार पर और कुछ टेस्ट की मदद से की जाती है।

डॉक्टर आपसे आपके लक्षणों, आहार संबंधी आदतों और पाचन स्वास्थ्य से जुड़े कुछ सामान्य सवाल पूछ सकते हैं। विटामिन बी में कमी होने से शरीर की कई प्रणालियां गंभीरतापूर्वक प्रभावित हो सकती हैं। डॉक्टर आपको निम्न टेस्ट करवाने के लिए बोल सकते हैं:

  • एनीमिया की जांच करने के लिए ब्लड टेस्ट (खून की जांच) भी किया जा सकता है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या और उनके आकार की जांच की जाती है। (और पढ़ें - खून की कमी के उपाय)
  • कम्पलीट हीमोग्राम
  • स्किन बायोप्सी
  • खून में विटामिन बी के स्तर की जांच करने के लिए ब्लड टेस्ट
  • हृदय की जांच करने के लिए ईसीजी (Electrocardiogram)
  • लीवर फंक्शन टेस्ट

विटामिन बी की कमी का उपचार कैसे किया जाता है?

आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप हर दिन विटामिन बी कॉम्पलेक्स से पर्याप्त मात्रा में विटामिन प्राप्त कर रहे हैं, ताकि आपका शरीर कुशलतापूर्ण व प्रभावी रूप से कार्य कर सके।

यदि आपमें विटामिन बी की कमी होने के जोखिम हैं, तो आपको विशेष रूप से स्वस्थ व संतुलित आहार का सेवन करने की कोशिश करनी चाहिए।

यदि आपको डर है की ऊपर बताए गए लक्षणों में से आप में कोई भी लक्षण विकसित हो सकता है, ऐसी स्थिति में डॉक्टर के पास जाएं और विटामिन बी के सप्लीमेंट्स लेने के बारे पूछें।

विटामिन बी के सप्लीमेंट्स कैप्सूल, पाउडर और फॉर्टिफाइड फूड (ब्रेकफास्ट सेरियल और संतरे का रस आदि) के रूप में मिल जाते हैं। जिन खाद्य पदार्थों कृत्रिम रूप से पोषक तत्वों (विटामिन बी आदि) को शामिल करके उनकी मात्रा को बढ़ा दिया जाता है। उनको फॉर्टिफाइड फूड कहा जाता है।

विटामिन बी की कमी होने से कौन से रोग हो सकते हैं?

अलग-अलग प्रकार के विटामिन की कमी अलग-अलग समस्याएं पैदा करती है, जैसे:

विटामिन बी 1

विटामिन बी 1 की कमी बेरी-बेरी रोग पैदा कर देती है, बेरी-बेरी रोग गंभीर रूप से होने पर निम्न समस्याएं होने लगती हैं:

विटामिन बी 2

विटामिन बी 2 में लंबे समय तक कमी रहने से निम्न समस्याएं व रोग होने लगते हैं:

विटामिन बी 3

लंबे समय तक विटामिन बी 3 की कमी रहने से निम्न बीमारियां हो सकती हैं:

विटामिन बी 5 -

  • पेट में ऐंठन (और पढ़ें - पेट में ऐंठन का इलाज)
  • इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कम होना
  • अनिद्रा
  • श्वसन सम्बन्धी समस्याएं 
  • डिप्रेशन 
  • थकान 

विटामिन बी 7

लंबे समय तक विटामिन बी 7 की कमी होने पर विकसित होने वाले रोग जिनमें निम्न शामिल हैं:

विटामिन बी 9

विटामिन बी 9 की कमी होने पर निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

विटामिन बी 12 -

विटामिन बी 12 में कमी होने पर निम्न बिमारियां होने लगती हैं:

Dr. Vineet Saboo

Dr. Vineet Saboo

एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान

Dr. JITENDRA GUPTA

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान

Dr. Sunny Singh

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान

विटामिन बी की कमी के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
2 B122 B12 Capsule108.0
B Complex CapsuleB Complex Capsule16.75
BecosulesBecosules Capsule28.38
Meganeuron Od PlusMeganeuron Od Plus Capsule98.0
Neurobion ForteNeurobion Forte Tablet8.71
Polybion LcPolybion Lc Syrup108.5
Polybion SfPolybion Sf Syrup62.4

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