मुंह में स्वाद नहीं आना - Ageusia (loss of taste) in Hindi

Dr. Nabi Darya Vali (AIIMS)MBBS

August 13, 2020

April 13, 2021

मुंह में स्वाद नहीं आना
मुंह में स्वाद नहीं आना

अगर किसी चीज को चखने और उसका स्वाद लेने की आपकी क्षमता ही खो जाए तो जाहिर सी बात है कि इसकी वजह से आपके जीवन जीने की गुणवत्ता में कितना बड़ा बदलाव आ जाएगा। कल्पना करें कि अगर कभी ऐसा हो कि आप अपनी फेवरिट आइसक्रीम, राजमा डिश या फ्राइड चिकन का स्वाद ही न ले पाएं तो आपको कैसा महसूस होगा! 

स्वाद लेने की क्षमता में अस्थायी रूप से या आंशिक रूप से कुछ समय के लिए नुकसान या बदलाव होने के कई कारण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए जब आपको सर्दी-जुकाम या मध्य कान का संक्रमण होता है, तो आप चीजों का स्वाद ठीक से नहीं ले पाते और आपके मुंह का स्वाद कड़वा हो जाता है। लेकिन पूरी तरह से स्वाद लेने की क्षमता को खो देना एक दुर्लभ घटना है जिसे चिकित्सीय भाषा में एग्यूजिया (ageusia) कहते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति मीठा, नमकीन, खट्टा, कड़वा और चटपटा जैसे अलग-अलग फ्लेवर्स यानी विशिष्ट स्वाद को पहचानने की क्षमता पूरी तरह से खो देता है। 

बहुत से लोग स्वाद की हानि या एग्यूजिया को कई बार सूंघने या गंध लेने की क्षमता खोना ही समझ लेते हैं। यह सच है कि एग्यूजिया और एनोस्मिया (सूंघने की क्षमता खोना) दोनों अक्सर एक साथ हो सकते हैं, लेकिन हमेशा ऐसा ही हो, ये जरूरी नहीं है। वैसे तो एग्यूजिया की समस्या किसी गंभीर बीमारी के परिणामस्वरूप हो सकती है लेकिन कई बार यह बढ़ती उम्र के साथ भी हो सकती है- जिस तरह आपकी दृष्टि (देखने की क्षमता) श्रवण (सुनने की क्षमता) या आवाज उम्र बढ़ने के साथ प्रभावित होती है, उसी प्रकार आपकी स्वाद लेने की क्षमता भी बढ़ती उम्र में कम हो सकती है।

(और पढ़ें - बढ़ती उम्र के साथ ये समस्याएं कर सकती हैं परेशान)

पोस्टग्रैजुएट मेडिकल जर्नल नाम की पत्रिका में प्रकाशित एक स्टडी की मानें तो वृद्धावस्था में रससंवेदी या स्वाद खराब होने के कई कारण हैं। इनमें से कुछ कारण निम्नलिखित हैं:

  • ऊपरी श्वसन पथ संक्रमण (अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन)
  • सिर में चोट
  • दवाइयों के कारण भी कई बार स्वाद की क्षमता खो जाती है
  • दांत गिरने के कारण चबाने में होने वाली दिक्कत
  • मुंह में लार के उत्पादन में कमी
  • मुंह और ग्रसनी से जुड़ी बीमारियां जैसे- कैंडिडियासिस इंफेक्शन

दिसंबर 2019 से दुनियाभर के लोगों को अपनी गिरफ्त में लेने वाली बीमारी कोविड-19 के भी अहम लक्षणों में से एक है सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता का खो जाना।

मुंह में स्वाद नहीं आने के प्रकार - Types of Ageusia (loss of taste) in Hindi

स्वाद लेने की क्षमता का नुकसान अलग-अलग डिग्री तक हो सकता है :

  • एग्यूजिया : पूर्ण स्वाद की हानि
  • हाइपोएग्यूजिया : स्वाद का आंशिक नुकसान
  • डिसग्यूजिया : स्वाद की क्षमता में परिवर्तन (उदाहरण के लिए, मुंह में धातु का स्वाद)

मुंह में स्वाद नहीं आने के लक्षण - Ageusia (loss of taste) Symptoms in Hindi

स्वाद की क्षमता खोने से संबंधित विकार नाक या तंत्रिका तंत्र में लगने वाली चोट या इन दोनों सिस्टम से जुड़ी किसी समस्या के कारण हो सकता है, क्योंकि जब मस्तिष्क को अलग-अलग सिग्नल भेजे जाते हैं उसके बाद ही हमारा दिमाग इन अलग-अलग स्वादों को पहचान करता है। एनोस्मिया (सूंघने की क्षमता खोने) की ही तरह, एग्यूजिया (स्वाद की क्षमता खोना) भी अपने आप में एक लक्षण है- जो ज्यादातर समय किसी अंतर्निहित स्थिति या बीमारी की ओर इशारा करता है।

स्वाद न आने की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को भोजन और पेय पदार्थ से पूरी तरह से अलग स्वाद मिल सकता है, जैसे- मुंह एक अजीब धातु का स्वाद, नमकीन या कड़वा स्वाद, स्वाद की सामान्य कमी का अनुभव या बिल्कुल भी किसी चीज का स्वाद न ले पाना जो कि बीमारी की डिग्री पर निर्भर करता है।

मुंह में स्वाद नहीं आने के कारण - Ageusia (loss of taste) Causes in Hindi

किसी भी चीज का स्वाद चखने की क्षमता का दुर्बल होना कई कारकों पर निर्भर करता है :

  • उम्र - किसी व्यक्ति की स्वाद लेने क्षमता आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ सुस्त हो जाती है, क्योंकि हमारी घ्राण इंद्रियां यानी सूंघने की क्षमता कमजोर होती जाती है। (हम जो गंध महसूस करते हैं उसका हमारे स्वाद लेने की क्षमता से घनिष्ठ संबंध है। उदाहरण के लिए- स्वस्थ व्यक्ति में, गर्म भोजन से निकलने वाली भाप नाक के माध्यम से शरीर के अंदर प्रवेश करती है और स्वाद लेने की क्षमता का समर्थन करती है।)
  • सामान्य सर्दी-जुकाम, साइनसाइटिस, स्ट्रेप थ्रोट, ऊपरी श्वसन पथ का संक्रमण, गले में सूजन या फारिन्जाइटिस, लार ग्रंथियों में संक्रमण या फिर किसी तरह की एलर्जी के कारण होने वाले संक्रमण की वजह से भी स्वाद लेने की क्षमता का अस्थायी नुकसान हो सकता है।
  • नेजल पॉलिप्स या नाक का कैंसर जैसी समस्याएं जो नेजेल पैसेज को प्रभावित करते हैं, उनकी वजह से भी गंध के साथ ही स्वाद की भावना का भी आंशिक या कुल नुकसान हो सकता है।
  • खराब मौखिक स्वच्छता, मसूड़े में सूजन, दंत रोग जैसे पायरिया या दांतों की सड़न
  • गैस्ट्रोओएसॉफजील रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) में भी स्वाद की हानि की समस्या देखने को मिलती है क्योंकि इसमें मरीज को बार-बार एसिड रिफ्लक्स या हार्टबर्न का अनुभव होता है।
  • न्यूरोलॉजिकल स्थितियां जैसे अल्जाइमर्स रोग, पार्किंसन्स रोग, मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस) या बेल्स पाल्सी
  • जीवनशैली से जुड़ी गलत आदतें जैसे धूम्रपान, रसायनों और विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आना या विकिरण या विकिरण चिकित्सा
  • सिर या गर्दन की चोट या सर्जरी
  • कुछ दवाइयों की वजह से होने वाला रिऐक्शन या फिर शरीर में विटामिन बी12 या जिंक या फिर किसी और पोषण संबंधी कमियां।
  • कुछ मामलों में, एग्यूजिया या स्वाद की हानि या स्वाद की क्षमता का आंशिक नुकसान जन्मजात हो सकता है, जिसका अर्थ है कि वह व्यक्ति इस तरह के विकार के साथ पैदा हुआ है।
  • सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता का नुकसान भी कोविड-19 के लक्षणों में से एक माना गया है।

मुंह में स्वाद नहीं आने के बचाव के उपाय - Prevention of Ageusia (loss of taste) in Hindi

अस्थायी रूप से अगर स्वाद लेने की क्षमता की हानि हो जाए तो न केवल इसका उपचार किया जा सकता है बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का पालन करके इसे रोका भी जा सकता है। स्वाद लेने की क्षमता खोने की समस्या मुंह सूखने यानी ड्राई माउथ के कारण जीभ पर मौजूद टेस्ट बड्स को होने वाले नुकसान के कारण हो सकता है। अपनी स्वाद की क्षमता को खोने से रोकने के लिए:

  • धूम्रपान की आदत को छोड़ दें
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें, खासकर हाथों की सफाई का ताकि इंफेक्शन को फैलने से रोका जा सके
  • मुंह की सफाई का पूरा ध्यान रखें, नियमित रूप से रोजाना 2 बार ब्रश करें और समय-समय पर डेंटिस्ट से अपने दांकों और मसूड़ों की जांच करवाएं

 

मुंह में स्वाद नहीं आने का निदान - Diagnosis of Ageusia (loss of taste) in Hindi

अगर आपको अपने मुंह में बहुत ज्यादा खराब या गंदा स्वाद अनुभव हो रहा हो या फिर स्वाद में कमी महसूस हो रही हो, तो आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए और उचित चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। यदि यह स्थिति अन्य लक्षणों के साथ उभरी है, जैसे- सांस लेने में कठिनाई, बुखार, शरीर में कमजोरी या धुंधली दृष्टि, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं या अस्पताल में भर्ती हो जाएं।

बीमारी की पहचान करने के लिए डॉक्टर आमतौर पर आपके मेडिकल इतिहास के बारे में पूछताछ करते हैं और आपके लक्षणों के बारे में सवाल पूछते हैं, और कब से या कितने दिनों से आपको यह समस्या हो रही है इसकी भी जानकारी मांगते हैं। इसके अलावा बीमारी से जुड़े बाकी के संकेतों की जांच के लिए डॉक्टर शारीरिक परीक्षण भी करते हैं और साथ ही में एक्स-रे, सीटी स्कैन या एमआरआई स्कैन जैसे इमेजिंग टेस्ट की भी सलाह देते हैं।

मुंह में स्वाद नहीं आने का उपचार - Ageusia (loss of taste) Treatment in Hindi

जब तक स्वाद की हानि की समस्या जन्मजात दोष का परिणाम न है या फिर इसकी शुरुआत उम्र बढ़ने के कारण न हुई हो, अंतर्निहित स्थिति को ठीक करके एग्यूजिया (स्वाद की हानि) का इलाज निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है :

  • अगर यह समस्या किसी तरह की दवा के इस्तेमाल के कारण उत्पन्न हुई हो तो डॉक्टर से बात करें कि क्या उन दवाओं को बदला जा सकता है (अपने डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी दवाओं या दवा की खुराक को न बदलें)।
  • साइनस संक्रमण, लार ग्रंथियों के संक्रमण या गले से जुड़ी किसी बीमारी का इलाज एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल या डिकंजेस्टेंट और दूसरी दवाइयों और थेरेपी के जरिए किया जा सकता है ताकि फ्लू, सामान्य सर्दी जुकाम या एलर्जी के लक्षणों को कम किया जा सके।
  • लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में भी स्वाद लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है, ऐसे में धूम्रपान की आदत छोड़ देने से भी समय के साथ स्वाद की क्षमता को बहाल करने में मदद मिल सकती है।
  • दांतों की उचित सफाई बनाए रखने से आपकी स्वाद लेने की क्षमता को उलटने या बहाल करने में भी मदद मिल सकती है।
  • अन्य अंतर्निहित स्थितियों जैसे जीआई या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियां, ऑटोइम्यून बीमारियां या तंत्रिका तंत्र से संबंधित जटिलताओं का इलाज भी दवाओं की मदद से किया जा सकता है।

मुंह में स्वाद नहीं आने के जोखिम और जटिलताएं - Ageusia (loss of taste) Risks & Complications in Hindi

किसी भी चीज का स्वाद चखने की क्षमता को खोने से जुड़ी जटिलताओं को कम किया जा सकता है वरना इससे जीवन की गुणवत्ता में कमी आ जाती है। हम अपने स्वाद की क्षमता का उपयोग यह जानने के लिए करते हैं कि कहीं भोजन खराब तो नहीं हो गया और उसे खाना चाहिए या नहीं। स्वाद की भावना खोने के नुकसान के कारण आप खराब, दूषित या बासी भोजन या पानी के बीच अंतर नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह से बदले में आपका वजन घट सकता है और आप कुपोषण का शिकार हो सकते हैं।

लेकिन उचित इलाज के साथ, मरीज के स्वाद की भावना को फिर से बहाल किया जा सकता है और अगर स्वाद से जुड़ी कोई भी समस्या महसूस हो तो किसी ईएनटी (कान, नाक और गले के विशेषज्ञ) द्वारा तुरंत जांच करवाएं और इसमें समय बर्बाद न करें।



संदर्भ

  1. Johns Hopkins Medicine. [Internet] Baltimore, Maryland, USA. Smell and Taste Disorders.
  2. Boyce JM and Shone GR. Effects of ageing on smell and taste. Postgrad Med J. 2006 Apr; 82(966): 239–241. PMID: 16597809.
  3. Maheswaran T et al. Gustatory dysfunction. Journal of Pharmacy & Bioallied Sciences. 2014 Jul; 6(1): 30–33. PMID: 25210380.

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Dr. Chintan Nishar Dr. Chintan Nishar कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान
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मुंह में स्वाद नहीं आना की ओटीसी दवा - OTC Medicines for Ageusia (loss of taste) in Hindi

मुंह में स्वाद नहीं आना के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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