लैवेंडर एक प्रकार की जड़ी-बूटी है. इस पौधे के फूल व तेल का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है. इसके फूल व तेल से कई तरह की दवाओं का निर्माण किया जाता है. लैवेंडर को औषधि के रूप में इस्तेमाल करने से मस्तिष्क शांत होता है. साथ ही इससे मांसपेशियों को आराम भी मिलता है. इसमें एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. अधिकतर लोग लैवेंडर का इस्तेमाल चिंता, तनाव, अनिद्रा, डिप्रेशन, दर्द और कई अन्य समस्याओं के लिए करते हैं. फिर भी लैवेंडर का इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए.

आज इस लेख में आप लैवेंडर के फायदे, उपयोग व नुकसान के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. सारांश
  2. लैवेंडर के फायदे
  3. लैवेंडर का उपयोग
  4. लैंवेंडर के नुकसान
लैवेंडर के फायदे, उपयोग व नुकसान के डॉक्टर

लैवेंडर का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना जाता है. इससे कई तरह की परेशानी जैसे - डिप्रेशन, सिरदर्द व सांस संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है. वहीं, कुछ स्थितियों में इससे नुकसान होने की आशंका भी होती है. ऐसे में एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही इसका इस्तेमाल करें. खासतौर से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए.

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लैवेंडर से बनने वाले तेल में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. वहीं, रिसर्च में बताया गया है कि लैवेंडर का इस्तेमाल चिंता, अनिद्रा, डिप्रेशन और बेचैनी के इलाज के लिए किया जा सकता है. इसके अलावा, लैवेंडर कई अन्य समस्याओं को दूर करने का गुण भी रखता है. आइए, लैवेंडर के फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं -

फंगल इन्फेक्शन

लैवेंडर के तेल में एंटीफंगल गुण पाया जाता है, जिस कारण यह संक्रमण से लड़ने में प्रभावी हो सकता है. अध्यनकर्ताओं ने देखा कि लैवेंडर में मौजूद इस गुण की वजह से यह स्किन संबंधी कई समस्याओं का इलाज कर सकता है.

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घाव जल्दी भरे

रिसर्च में देखा गया है कि लैवेंडर के इस्तेमाल से घाव तेजी से भर सकता है. रिसर्च में शोधकर्ताओं ने ट्रांस क्यूटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्व सिमुलेशन (TENS), सेलाइन सॉल्यूशन, पोविडोन-आयोडीन लोशन और लैवेंडर ऑयल के प्रभावों की तुलना की है. इसमें देखा गया है कि लैवेंडर की मदद से घाव को तेजी से भरा जा सकता है.

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झड़ते बालों पर असरदार

एलोपेसिया एरीटा के इलाज में भी लैवेंडर जड़ी-बूटी प्रभावी हो सकती है. यह ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के कुछ या सभी क्षेत्रों से बाल झड़ने लगते हैं. रिसर्च में देखा गया है कि लगातार 7 महीन तक लैवेंडर के इस्तेमाल से बालों के विकास में करीब 44 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

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चिंता से राहत

रिसर्च में देखा गया है कि 6 से 10 सप्ताह तक लैवेंडर को इस्तेमाल करने से चिंता और नींद में सुधार लाया जा सकता है. लैवेंडर के इस्तेमाल से हल्के से लेकर गंभीर चिंता विकृति को दूर किया जा सकता है. यहां हम स्पष्ट कर दें कि चिंता या फिर नींद से जुड़ी परेशानी होने पर लैवेंडर के तेल को सिर्फ अरोमाथेरेपी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, एंटी-एंग्जायटी दवा लोराजेपम के मुकाबले लैवेंडर अधिक प्रभावी नहीं है.

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सी-सेक्शन के बाद दर्द से राहत

रिसर्च में देखा गया है कि लैवेंडर में दर्द-निवारक गुण पाया जाता है. ऐसे में सी-सेक्शन के बाद लैवेंडर को अरोमाथेरेपी के रूप में इस्तेमाल करने से महिलाओं को दर्द से आराम मिल सकता है.

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लैवेंडर का इस्तेमाल कई तरह से किया जा सकता है, जैसे -

  • कई लोग लैवेंडर का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में मिक्स करके करते हैं. इसके अलावा, इससे निर्मित दवाओं का भी सेवन किया जा सकता है. बस इसका सेवन करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.
  • लैवेंडर से तैयार तेल का इस्तेमाल अरोमा थेरेपी और मसाज रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • इसे अरोमाथेरेपी की तरह उपयोग किया जा सकता है.
  • इसकी चाय बनाकर भी पी जा सकती है.

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लैवेंडर को विशेषज्ञ की सलाह पर ही औषधि के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए. खासतौर से गर्भवती और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन या इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए. बिना विशेषज्ञ से पूछे इसे इस्तेमाल करने से निम्न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं -

सेवन करने पर

लैवेंडर का सेवन आमतौर पर खाद्य पदार्थों में मिक्स करके किया जाता है. दवा के रूप में इसका इस्तेमाल सुरक्षित माना जाता है. वहीं, इसे गलत तरीके से लेने पर कब्जदस्त व सिरदर्द की परेशानी हो सकती है.

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स्किन पर लगाने से

स्किन पर लैवेंडर का इस्तेमाल करना सुरक्षित माना जाता है. आमतौर पर इससे स्किन पर किसी तरह का साइड-इफेक्ट नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों को कभी-कभी इसकी वजह से स्किन पर जलन की परेशानी हो सकती है.

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सूंघने पर

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल काफी सुरक्षित होता है. इसे अरोमाथेरेपी के रूप में 12 सप्ताह तक सुरक्षित रूप से उपयोग किया जाता है. वहीं, जिन लोगों को एलर्जी की समस्या होती है, उन्हें इसका इस्तेमाल एक्सपर्ट की सलाह पर ही करना चाहिए.

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