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  1. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन क्या है?
  2. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन की ज़रुरत कब होती है?
  3. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के लिए तैयारी
  4. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन कैसे की जाती है?
  5. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन वीडियो
  6. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के बाद देखभाल
  7. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम
  8. लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन क्या है? - What is Lung Cancer Surgery in Hindi?

लंग कैंसर (फेफड़े का कैंसर) एक गंभीर विकार है जिसे देखभाल और उपचार की जरूरत है। फेफड़े के कैंसर की सर्जरी में मरीज के शरीर से इस कैंसर संबंधी विकार को समाप्त करने के लिए सभी सर्जिकल तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। 

कैंसर की उत्पत्ति या तो फेफड़ों में होती है या यह शरीर के किसी अन्य अंग में उत्पन्न होकर फेफड़ों तक फ़ैल जाता है। फेफड़ों के कैंसर को शरीर से हटाने के लिए और ताकि यह दूसरे अंगों तक न पहुंचे इसके लिए यह सर्जरी एक महत्वपूर्ण उपचार है। 

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन की ज़रुरत कब होती है? - When is Lung Cancer Surgery required in Hindi?

जब एक रोगी के शरीर में फेफड़ों के कैंसर का निदान हो जाता है फिर ऑन्कोलॉजिस्ट (Oncologist; ट्यूमर का निदान और उपचार करने वाले विशेषज्ञ) मरीज़ के लिए उपचार के विकल्पों का चयन करते हैं। फेफड़ों के कैंसर को खत्म करने के लिए विभिन्न प्रकार के उपचार के तरीके हैं- कीमोथेरेपी (Chemotherapy), औषधीय चिकित्सा (Medical Therapy), विकिरण चिकित्सा (Radiation Therapy) और सर्जरी। अधिकतर, इनके मेल से फेफड़ों के कैंसर का उपचार किया जाता है। हालांकि, निम्न लिखित स्थितियों में कैंसर के उपचार के लिए सर्जरी ही एक मात्र उपचार होता है:

शुरुआती स्टेज पर ही निदान हो जाना: यदि कैंसर का निदान बहुत प्रारंभिक अवस्था में होता है, तो कैंसर का ट्यूमर अपेक्षाकृत छोटा होता है और फेफड़ों के केवल एक छोटे से क्षेत्र को नुक्सान पहुँचा होता है। फेफड़ों के स्वस्थ भाग को बचाने के लिए रोगग्रस्त भाग को सर्जरी द्वारा हटा दिया जाता है। 

उपचार के अन्य तरीकों द्वारा उपचार में विफलता: यदि फेफड़ों के कैंसर का रोगी औषधीय चिकित्सा, कीमोथेरेपी या विकिरण चिकित्सा पर उचित प्रतिक्रिया नहीं दिखा रहा तो ऐसे में सर्जरी करवाई जा सकती है। 

अन्य उपचार विधियों के साथ संयोजन में: जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, फेफड़ों के कैंसर को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए किसी अन्य उपचार विधि का इस्तेमाल दूसरी विधियों के साथ किया जा सकता है। सर्जरी का प्रयोग विकिरण चिकित्सा या कीमोथेरेपी के साथ संयोजन में किया जा सकता है। 

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के लिए तैयारी - Preparing for Lung Cancer Surgery in Hindi

सर्जरी की तैयारी के लिए आपको निम्न कुछ बातों का ध्यान रखना होगा और जैसा आपका डॉक्टर कहे उन सभी सलाहों का पालन करना होगा: 

  1. सर्जरी से पहले किये जाने वाले टेस्ट्स/ जांच (Tests Before Surgery)
  2. सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया की जांच (Anesthesia Testing Before Surgery)
  3. सर्जरी की योजना (Surgery Planning)
  4. सर्जरी से पहले निर्धारित की गयी दवाइयाँ (Medication Before Surgery)
  5. सर्जरी से पहले फास्टिंग खाली पेट रहना (Fasting Before Surgery)
  6. सर्जरी का दिन (Day Of Surgery)
  7. सामान्य सलाह (General Advice Before Surgery)
  8. ध्यान देने योग्य अन्य बातें (Other Things To Be Kept In Mind Before Surgery)
    एक बार यह तय हो जाए कि इस रोगी की सर्जरी की जानी है तो उसके बाद से उस मरीज़ का उपचार ओंकोसर्जन (Oncosurgeon; ट्यूमर की सर्जरी के विशेषज्ञ) के द्वारा किया जाता है। सर्जरी से पहले रोगी की छाती पर से बाल हटाए (शेव किये) जाते हैं और फिर उस त्वचा को एंटी सेप्टिक सोल्युशन से साफ किया जाता है। मूत्राशय में एक कथेतर (Cathetar) लगाया जाता है जिससे मरीज़ को मूत्र त्याग करने में परेशानी न हो।  

इन सभी के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लिंक पर जाएँ - सर्जरी से पहले की तैयारी

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन कैसे की जाती है? - How is Lung Cancer Surgery done?

फेफड़ों के कैंसर की सर्जरी करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि रोगी की उम्र, रोगी का सामान्य स्वास्थ्य और कैंसर कितना फैला है। इस सर्जरी के सामान्यतः कार्यरत तकनीकें निम्नलिखित हैं:

  1. लोबेक्टॉमी (Lobectomy; जरायु) 
    - ओपन लोबैक्टोमी (Open Lobectomy)
    - कम छेदकर या चीरकर की जाने वाली सर्जरी (Minimal Access Surgery)
  2. वैज रिसेक्शन (Wedge Resection)
  3. सेग्मेंटेक्टॉमी (Segmentectomy)
  4. न्यूमोनेक्टॉमी (Pneumonectomy)
  5. सर्जिकल लिम्फ नोड रिमूवल (Surgical Lymph Node Removal)

लोबेक्टॉमी(Lobectomy; जरायु)

मानव शरीर में प्रत्येक फेफड़े में लोब (Lobe) होते हैं। दाएं फेफड़ों में 3 लोब होते हैं, और बाएं फेफड़ों में 2 लोब होते हैं। जब कैंसर फेफड़ों के किसी विशेष क्षेत्र में स्थानांतरित होता है ऐसे में लॉबैक्टोमी एक अधिमानित प्रक्रिया है। फेफड़ों के कैंसर के उपचार के लिए ओंकोसर्जन (Oncosurgeon) केवल कैंसरयुक्त हिस्से के हटाने के बजाय कैंसरग्रस्त क्षेत्र के पूरे लोब को हटाने का निर्णय भी ले सकता है। लॉबैक्टोमी के लिए, सर्जन ओपन या थोरैकोस्कोपिक (Thoracoscopic) विधि का उपयोग कर सकता है:

जब दाएं फेफड़े में कैंसर होता है और केवल एक की बजाय दो लोबों पर उपचार किया जाना है, तो इसी प्रकार की प्रक्रिया की जाती है। इसे बाइलोबेक्टॉमी (Bilobactomy) के रूप में जाना जाता है।

  1. ओपन लोबैक्टोमी (Open Lobectomy)

    रोगी को एक तरफ लिटाया जाता है जिससे कि जिस तरफ सर्जरी की जानी है, वो हिस्सा सर्जन की ओर हो। निप्पल से कंधे की हड्डी तक छाती की त्वचा पर एक अपेक्षाकृत बड़ी चीरा बनाई जाती है। इससे ऑपरेशन के दौरान सर्जन को प्रभावित क्षेत्र को देखने में आसानी रहेगी। उसके बाद प्रभावित क्षत्रे को ढकने वाली पसलियां को उचित उपकरणों से हटाया जाता है।

    रोगग्रस्त लोब से जुड़ी रक्त वाहिकाओं और श्वसनी (ब्रोन्कस; Bronchus) को अलग करके सुरक्षित रखा जाता है। लोब को अन्य स्वस्थ लोब से अलग किया जाता है और हटाया जाता है। पसलियों को उनकी पूर्व स्थिति में वापस रख दिया जाता है और त्वचा की चीरा को मेडिकल थ्रेड से सिल दिया जाता है।

  2. कम छेदकर या चीरकर की जाने वाली सर्जरी (Minimal Access Surgery)

    इसमें ओपन लॉबैक्टोमी की ही प्रक्रिया को एक थोरैकोस्कोप (Thoracoscope) का उपयोग करके किया जाता है। फेफड़े के रोगग्रस्त लोब के ऊपर छाती की त्वचा पर कई छोटे चीरे किये जाते हैं। थोरैकोस्कोप (एक उपकरण जिससे एक कैमरा जुड़ा होता है) को छाती की गुहा में डाला जाता है। इससे सर्जन को एक स्क्रीन (जहां कैमरे के सभी रिकॉर्डिंग प्रदर्शित होती हैं) पर सभी आंतरिक अंगों को स्पष्ट रूप से देखने की सुविधा मिलती है। सर्जिकल उपकरणों को अन्य छोटे चीरों के माध्यम से अंदर डाला जाता है। बाकी प्रक्रिया ओपन सर्जरी के समान ही है। यह प्रक्रिया स्वचालित मैकेनाइज्ड रोबोट बाहों (Automated Mechanized Robotic Arms) का उपयोग करके भी की जा सकती है, जो कि कम्पूटराइज़्ड पैनल के माध्यम से ओंकोसर्जन द्वारा नियंत्रित की जाती है। इस प्रक्रिया को रोबोट लॉबैक्टोमी (Robot Lobactomy) के रूप में जाना जाता है।

वैज रिसेक्शन (Wedge Resection)

लॉबैक्टोमी की तरह, इस प्रक्रिया को केवल ऐसे मामलों में ही नियोजित किया जा सकता है जहां फेफड़ों का कैंसर एक विशेष क्षेत्र में होता है। प्रक्रिया को ओपन या थोरैकोस्कोपिक (Thoracoscopic) विधि द्वारा किया जा सकता है। फेफड़े के रोगग्रस्त भाग के अनुरूप फेफड़े के एक छोटे से वैज (Wedge) हटाया जाता है न कि पूरे लोब को जैसा लोबेक्टॉमी में किया जाता है।

सेग्मेंटेक्टॉमी (Segmentectomy)

सेग्मेंटेक्टॉमी में फेफड़े के उस लोब का एक विशिष्ट भाग निकाला जाता है, जो कैंसर ग्रस्त है। एक सेगमेंट फेफड़े का एक हिस्सा है जिसमें ब्रोन्काए, श्वसन वायुमार्ग और रक्त वाहिकाएं शामिल हैं। फेफड़ों के ऊतकों को हटाए जाने की मात्रा को छोड़कर, यह प्रक्रिया लोबैक्टोमी के ही समान होती है। इस प्रक्रिया को उन रोगियों के लिए चुना जाता है जिनके स्वस्थ फेफड़े के ऊतक की मात्रा बहुत सीमित होती है। केवल एक सेगमेंट को हटाने से यह सुनिश्चित होता है कि रोगी की श्वसन क्षमता को प्रशस्त स्तर को बनाए रखने के लिए फेफड़े के पर्याप्त स्वस्थ ऊतकों को छोड़ दिया गया है।

न्यूमोनेक्टॉमी (Pneumonectomy)

इस प्रक्रिया में पूरे फेफड़े (जो आधा या पूरा कैंसर से प्रभावित है) को हटाया जाता है। यह ज्यादातर एक ओपन प्रक्रिया ही होती है क्योंकि ऊतक की एक बड़ी मात्रा को हटाया जाता है। कैंसर ग्रस्त फेफड़े के किनारे से एक लंबी चीरा बनाई जाती है। फेफड़ों तक पहुँचने के लिए सर्जन उसके ऊपर की पसलियों को हटा भी सकते हैं। वायुमार्ग ट्यूब से सारी हवा को निकाला जाता है और फेफड़ों से जुड़ी रक्त वाहिकाओं को अलग करके सुरक्षित कर दिया जाता है। ध्वस्त फेफड़े को पसलियों के बीच से बनाई हुई जगह से निकाला जाता है। चीरे को फिर सर्जिकल थ्रेड (धागे) से सिल दिया जाता है।

सर्जिकल लिम्फ नोड रिमूवल (Surgical Lymph Node Removal)

किसी भी अंग या शरीर का कैंसर प्रभावित अंग के आस-पास के लिम्फ नोड्स में फैल जाता है। इसलिए, लिम्फ नोड्स पर प्रभाव पड़ने से रोकने के लिए और कैंसर को और फैलने से रोकने के लिए, कभी-कभी कैंसर फेफड़ों के आसपास के लिम्फ नोड्स को निकालने के लिए कहा जा सकता है। यह सर्जरी ओपन विधि या कम छेदकर या चीरकर की जाने वाली विधि द्वारा की जा सकती है। यह आम तौर पर लोबैक्टोमी, वैज रिसेक्शन, न्यूमोनेक्टॉमी या सेग्मेंटेक्टॉमी के साथ जाता है। 

उपर्युक्त सभी सर्जरी के दौरान, श्वसन को बनाए रखने के लिए एक अंतःश्वासनलीय (Endotracheal) ट्यूब को व्यक्ति की वायु-नली में रखा जाता है।

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन वीडियो - Lung Cancer Surgery Video in Hindi

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के बाद देखभाल - What to do after Lung Cancer Surgery?

सर्जरी के बाद होश आने पर मरीज़ को उनींदापन महसूस हो सकता है। द्रव के लिए मरीज़ के शरीर से IV Infusion जैसी कुछ ट्यूब लगायी जा सकती हैं। सर्जरी के बाद कुछ समय के लिए मरीज़ को ICU (Intensive Care Unit) में रखा जायेगा।

अस्पताल में रिकवरी
सर्जरी के बाद 2-4 दिनों के लिए मरीज़ को अस्पताल में ही रखा जाएगा। होश में आने के बाद मरीज़ की जाँच की जाएगी। सर्जरी के दौरान काटे गए चीरे को रूई और पट्टियों से कवर (ढक) करके रखा जायेगा। मरीज़ को इधर उधर चलने के लिए और मूवमेंट करते रहने के लिए कहा जायेगा लेकिन परिश्रम वाले कार्य करने की मनाही होगी। चलते फिरते रहने से रक्‍तसंचार बना रहेगा जिससे रिकवरी में मदद होगी। दर्द और संक्रमण से बचने के लिए दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती हैं।

घर में रिकवरी 
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, मरीज़ को कई बातों का ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है जिससे सर्जरी के बाद होने वाले जोखिमों से बचा जा सके। सर्जिकल घाव का ध्यान रखना अनिवार्य है। घाव को साफ़ और सूखा रखा जाना चाहिए। सर्जन द्वारा निर्धारित दवाओं का निर्धारित खुराक में सेवन करें। मरीज़ घर में चलते फिरते रहें और न कि सिर्फ आराम करें। लेकिन घर के बाहर घूमना मना है। इससे श्वास संक्रमण का खतरा बन जाता है जिससे जटिलताएं हो सकती हैं। 

सर्जरी के बाद जांच (फॉलो-अप)
सर्जन मरीज़ को एक फॉलो-अप स्केड्यूल देंगे। डॉक्टर से नियमित चेक-अप करवाने से रिकवरी दर का आंकलन करने में मदद मिलेगी और मरीज़ के स्वास्थ्य की भी जांच की जा सकेगी। अगर मरीज़ को कोई भी परेशानी महसूस हो तो अपने डॉक्टर को बताएं। हर चेक-अप में घाव की भी जांच की जाएगी। एक बार घाव पूरी तरह भर जाए फिर उसके बाद टाँके काट दिए जाएंगे। 

फिजियोथेरेपी (Physiotherapy)
श्वास सम्बन्धी विकारों में फिजियोथेरेपी उतनी ही मददगार होती है जितनी कि जोड़ों के विकारों में। अगर मरीज़ को सर्जरी के बाद सांस लेने में कोई दिक्कत हो रहे हो तो फ़िज़ियोथेरेपिस्ट को दिखाएँ। अगर कैंसर रोगग्रस्त पूरे फेफड़े को हटाया जाता है तो ये समस्या हो सकती है। श्वास प्रणाली की मांसपेशियों को बेहतर करने वाले व्यायामों से मरीज़ों को मदद होगी। 

जांच/ टेस्ट्स 
स्वास्थ्य की जांच करने के लिए नियमित रक्त जांच, सीटी स्कैन या एमआरआई स्कैन या एक्स-रे करवाते रहने के लिए कहा जाता है। इनसे सर्जन को यह जांच करने में मदद मिलेगी की कैंसर का उपचार पूरी तरह से हुआ है या नहीं और कहीं वो किसी अन्य अंग में फिर तो नहीं उत्पन्न हो रहा।  

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम - Risks and Complications of Lung Cancer Surgery in Hindi

दर्द: सर्जरी के बाद लंबे समय तक फेफड़ों के कैंसर के कुछ रोगियों में गंभीर दर्द का अनुभव किया जा सकता है। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त नसों के कारण यह दर्द हो सकता है। कुछ रोगियों में, यह दर्द धीरे-धीरे कम हो जाता है, जबकि कुछ में यह बना रहता है। अगर दवा से दर्द कम न हो तो ऐसे में दर्द निवारक दवाओं के विशेषज्ञ को दिखाएँ। 

अंग का नुकसान: फेफड़ों की कैंसर की सर्जरी करते समय, यह संभावना है कि फेफड़े का ही अन्य स्वस्थ हिस्सा या कोई रक्त तंत्रिका और रक्त वाहिका या कोई अन्य स्वस्थ अंग आकस्मिक चोट से क्षतिग्रस्त हो जाए। चोट के आधार पर क्षतिग्रस्त अंगों के सामान्य कार्यों को पुनर्स्थापित करने के लिए सुधारात्मक उपचार शुरू किया जा सकता है।

श्वसन संबंधी कठिनाइयों: संपूर्ण फेफड़ों या फेफड़ों के किसी भाग को हटाने के बाद श्वसन समस्याओं का अनुभव करना स्वाभाविक है। रोगियों को नियमित श्वसन फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) और योग के साथ बहुत फायदा हो सकता है। व्यायाम जो श्वसन मांसपेशियों की क्षमता बढ़ाते हों रोगियों को काफी मदद कर सकते हैं। 

लंग कैंसर (फेफड़ों के कैंसर) का ऑपरेशन के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है? - What is the recovery time for Lung Cancer Surgery?

इस सर्जरी के बाद रिकवरी कितनी जल्दी होती है ये पूरी तरह सर्जरी के बाद की गयी देखभाल और आपकी शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।

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