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बलगम में खून आना क्या है?

बलगम में खून आना एक ऐसी समस्या है, जिसमें खांसने के दौरान निकलने वाले बलगम के साथ खून आता है, अंग्रेजी में इसे हीमोप्टाइसिस (Hemoptysis) कहा जाता है। यह खून आमतौर पर श्वसन तंत्र में से आता है, इसके अलावा यह नाक, मुंह, गला, ब्रोंकाई ट्यूब (फेफड़ों में हवा पहुंचाने वाली श्वसन नली) और फेफड़ों से भी आ सकता है। बलगम में खून आना एक गंभीर या हल्की (कम गंभीर) स्थिति भी हो सकती है। 

संक्रमण, कैंसर, रक्तवाहिकाओं की कोई समस्या या फिर फेफड़ों संबंधी किसी समस्या के कारण बलगम में खून आ सकता है। यदि बलगम के साथ खून आ रहा है, तो किसी डॉक्टर द्वारा ही उसकी जांच की जानी चाहिए। बलगम के साथ कितना खून आ रहा है और खून आने की समस्या कितने समय से हो रही है, इनके आधार पर ही स्थिति की गंभीरता का पता चलता है। लेकिन यदि इसके लक्षण गंभीर भी नहीं है तो भी कभी इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

संक्रमण का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपके बलगम (या थूक) की जांच करेंगे। इसके अलावा परीक्षण के दौरान खून टेस्ट, छाती का एक्स रे और ब्रोंकोस्कोपी आदि जैसे टेस्ट किये जा सकते हैं। बलगम में खून आने की स्थिति पैदा करने वाले कुछ कारणों की रोकथाम नहीं की जा सकती, हालांकि कुछ सावधानियां बरत कर संभावित रूप से इन कारणों को थोड़ा बहुत कम किया जा सकता है। यदि आपको बलगम या थूक में खून दिखाई दे रहा है, तो उसी समय डॉक्टर के पास चले जाएं। ऐसा करने से स्थिति को बदतर होने से रोका जा सकता है। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो उसे तुरंत छोड़ दें। 

बलगम में खून आने का इलाज इसके कारण के अनुसार किया जाता है। खून को रोकने के लिए और उसके कारण का पता लगाने के लिए ब्रोंकोस्कोपी द्वारा आपातकालीन प्रबंधन किया जा सकता है। बलगम में खून यदि किसी संक्रमण के कारण आ रहा है, तो उसका इलाज एंटीबायोटिक्स दवाओं के साथ किया जाता है और यदि किसी सूजन या जलन संबंधी स्थिति के कारण यह समस्या हो रही है, तो इसका इलाज स्टेरॉयड दवाओं के साथ किया जाता है। 

बलगम में खून आने के कारण कई जटिलताएं पैदा हो जाती हैं जैसे, खून श्वसन मार्गों में जाना (Aspiration of blood) इससे मरीज का दम घुटने लगता है और बहुत ज्यादा खून निकलना आदि। ये दोनों जटिलताएं गंभीर होने पर मरीज की मृत्यु का कारण भी बन सकती हैं।

(और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत के लक्षण)

  1. बलगम में खून आने के लक्षण - Coughing up blood Symptoms in Hindi
  2. बलगम में खून आने के कारण और जोखिम कारक - Coughing up blood Causes & Risk Factors in Hindi
  3. बलगम में खून आने से बचाव - Prevention of Coughing up blood in Hindi
  4. बलगम में खून आने की परीक्षण - Diagnosis of Coughing up blood in Hindi
  5. बलगम में खून आने का इलाज - Coughing up blood Treatment in Hindi
  6. बलगम में खून आने की जटिलताएं - Coughing up blood Complications in Hindi
  7. बलगम में खून आना के डॉक्टर

बलगम में खून आने के लक्षण - Coughing up blood Symptoms in Hindi

बलगम में खून आने के क्या लक्षण हैं?

ऐसी बहुत सारी स्थितियां हैं जिनके कारण बलगम और थूक में खून आने लग सकता है, इनमें से कुछ स्थितियों का इलाज आसानी से किया जा सकता है। हालांकि बलगम में खून आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। बलगम में खून आना एक ऐसा संकेत है, जिसको कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 

बलगम में खून के लक्षण:

  • मुंह से गहरे या हल्के लाल रंग का खून आना जो बलगम या थूक के साथ या उनके बिना भी आ सकता है
  • झागदार थूक या कफ (बलगम) आना, जिसमें गुलाबी, जंग जैसे रंग या खून की धारियां दिखाई देना
  • गहरे लाल रंग का खून निकलना जिसमें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन भी आता है
  • थूक में गहरे लाल रंग का खून जो कॉफी की तलछट जैसा दिखाई देता है।
    (और पढ़ें - कॉफी पीने के फायदे

कुछ अन्य लक्षण जो बलगम में खून आने के साथ दिखाई देते हैं:

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के तरीके)

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

जब भी आपको लगे कि आपके थूक या बलगम में खून आ रहा है, तो उसी समय आपको डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए, क्योंकि यह श्वसन तंत्र में संक्रमण का संकेत हो सकता है।

(और पढ़ें - श्वसन तंत्र में संक्रमण का इलाज)

निम्न स्थितियों में जल्द से जल्द डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए:

(और पढ़ें - सांस फूलने के उपाय)

बलगम में खून आने के कारण और जोखिम कारक - Coughing up blood Causes & Risk Factors in Hindi

बलगम में खून आने के कारण और जोखिम कारक - Coughing up blood Causes & Risk Factors in Hindi

बलगम में खून क्यों आता है?

बलगम में खून आने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं, इसलिए इसके सटीक कारण का पता लगाने में डॉक्टर को थोड़ी कठिनाई हो सकती है। बलगम में खून आने का सबसे आम कारण एक्यूट ब्रोंकाइटिस है। इसके अलावा टी.बी. और फेफड़ों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी बलगम में खून आने के काफी मुख्य कारण होते हैं।

(और पढ़ें - टीबी टेस्ट क्या है)

बलगम में खून आने के कुछ संभावित कारण:

बलगम में खून आने का खतरा कब बढ़ता है?

ये स्थितियां बलगम में खून आने का खतरा बढ़ा सकती है:

  • गंभीर खांसी -  कभी-कभी गंभीर खांसी होने पर भी बलगम में खून आ सकता है। (और पढ़ें - खांसी के लिए घरेलू उपाय)
  • धूम्रपान - खुद धूम्रपान करना या धूम्रपान करने वाली व्यक्ति या उसके धुएं के संपर्क में आने (सेकेंड हैंड स्मोक) से भी बलगम में खून आने का खतरा बढ़ जाता है। (और पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के उपाय)
  • लकड़ी का धुआं या अन्य भोजन पकाते समय निकलने वाले धुएं के संपर्क में आना - जलती हुई लकड़ी का धुआं या घर के अंदर भोजन पकाने के दौरान धुएं (तड़के आदि का धुआं) में सांस लेने से फेफड़ों में धुआं जा सकता है, जससे बलगम में खून आने का खतरा बढ़ जाता है। 
  • अधिक ऊंचाई वाले स्थान पर जाना -  अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और हवा का दबाव भी कम होता है। वातावरण का अचानक से यह बदलाव आपके शरीर के अनुकूल नहीं हो पाता और यह समस्या खासकर उन लोगों को होती है जो खुद चढ़ कर ऊपर जाते हैं या ऊपर जाकर कुछ मेहनत का काम करते हैं। इस स्थिति में आपके बलगम में खून आने का खतरा बढ़ जाता है। 
  • अन्य मेडिकल स्थितियां - कुछ ऐसे रोग जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देते हैं, जैसे एचआईवी एड्स आदि। ये रोग होने पर छाती में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बलगम में खून आ सकता है। 

(और पढ़ें - एचआईवी टेस्ट क्या है)

बलगम में खून आने से बचाव - Prevention of Coughing up blood in Hindi

बलगम में खून आने की रोकथाम कैसे करें?

बलगम में खून आना किसी समस्या, बीमारी या रोग आदि का संकेत हो सकता है।

  • यदि आप धूम्रपान करते हैं तो उसे तुरंत ही छोड़ दें या कभी धूम्रपान करें ही न। साथ ही साथ जब बाहर प्रदूषण या धुंध (कोहरा) अधिक हो तो बाहर नहीं निकलना चाहिए। 
  • यदि आपको गंभीर खांसी हो गई है तो जल्द से जल्द उसका इलाज करवाएं क्योंकि यह भी बलगम में खून आने का कारण बन सकती है। (और पढ़ें - नवजात शिशु की खांसी का कारण)
  • यदि हम बलगम में खून आने के लक्षण को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो इसके अंदरुनी कारण और बदतर हो सकते हैं। इसके अंदरूनी कारण का पता लगाकर और उसका इलाज करके ही बलगम में खून आने की रोकथाम की जा सकती है। 
  • यदि आपको साइनस या किसी अन्य संक्रमण के कुछ लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो खूब मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थ पिएं। ऐसे में संक्रमण से होने वाले कई लक्षण ठीक होने लगते हैं और संक्रमण के दौरान बनने वाला कफ पतला होने लगता है जिससे वह आसानी से शरीर से बाहर निकल जाता है। (और पढ़ें - साइनस के घरेलू उपाय)
  • जिन क्षेत्रों में आप रहते हैं उनको साफ करें और वहां पर धूल व कचरे को इकट्ठा ना होने दें। ऐसा करने से वहां की हवा में ऐसे उत्तेजक पदार्थ कम हो जाते हैं, जो श्वसन तंत्र में परेशानी पैदा करते हैं। ऐसी हवा में सांस लेने से संक्रमण होने का खतरा कम हो जाता है।

(और पढ़ें - साइनस के लिए योग)

बलगम में खून आने की परीक्षण - Diagnosis of Coughing up blood in Hindi

बलगम में खून आने की जांच कैसे की जाती है?

जिन लोगों को बलगम के साथ खून आता है, उनका परीक्षण करने के दौरान मुख्य रूप से उनके बलगम में खून की मात्रा और सांस संबंधी किसी समस्या की जांच की जाती है। इन दोनों समस्याओं का परीक्षण करके बलगम में खून आने के कारण का पता लगाया जा सकता है। 

बलगम में खून की जांच करने के लिए किये जाने वाले टेस्ट:

  • मरीज की पिछली मेडिकल जानकारी लेना और शारीरिक परीक्षण करना - जिनको बलगम के साथ खून आ रहा है डॉक्टर उनके साथ बात करके उनकी पिछली मेडिकल स्थिति के बारे में पूछते हैं और उनका शारीरिक परीक्षण करते हैं। इससे डॉक्टरों को बलगम में खून आने के कारण का पता लगाने में मदद मिलती है। 
  • मूत्र विश्लेषण - बलगम में खून आने के कुछ कारणों का पता पेशाब टेस्ट के द्वारा भी लगाया जा सकता है। (और पढ़ें - यूरिन टेस्ट क्या है)
  • ब्लड केमिस्ट्री प्रोफाइल (Blood chemistry profile) - इस टेस्ट का उपयोग इलेक्ट्रोलाइट (शरीर का एक प्राकृतिक तत्व) और किडनी के कार्यों की जांच करने के लिए किया जाता है। क्योंकि यदि ये असाधारण रूप से काम करने लगें तो बलगम में खून आ सकता है। (और पढ़ें - इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के लक्षण)
  • कोग्युलेशन टेस्ट (Coagulation tests) - खून का थक्का बनाने की क्षमता में किसी प्रकार का परिवर्तन होने से भी खांसी के दौरान खून आ सकता है। (और पढ़ें - लैप्रोस्कोपी क्या होता है)
  • धमनियों के खून में उपस्थित गैसों की जांच (Arterial blood gas) - इस टेस्ट के द्वारा खून में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड गैसों की जांच की जाती है। यदि खून में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया है तो थूक या बलगम में खून आ सकता है। 
  • छाती का एक्स रे - यदि फेफड़ों में बलगम या छाती में द्रव आदि जमा हो गया है, छाती का एक्स रे करके उसका पता लगाया जा सकता है। (और पढ़ें - एसजीपीटी टेस्ट क्या है)
  • पल्स ओक्सिमेट्री - इस टेस्ट में ऑक्सिमीटर नामक एक उपकरण के साथ नाड़ी की जांच की जाती है। इस उपकरण को उंगली पर लगाया जाता है और उससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा का पता लगाया जाता है। (और पढ़ें - प्रोलैक्टिन स्तर का टेस्ट)
  • ब्रोंकोस्कोपी - इस टेस्ट में डॉक्टर एंडोस्कोप नामक एक उपकरण का उपयोग करते हैं, यह एक लचीली ट्यूब होती है जिसके सिरे पर एक कैमरा व लाइट लगी होती है। टेस्ट के दौरान एंडोस्कोप को मुंह या नाक के माध्यम से श्वासनली में पहुंचाया जाता है। ब्रोंकोस्कोपी से भी बलगम में खून आने के कारण का पता लगाने में मदद मिलती है।
  • कम्पलीट ब्लड काउंट - इस टेस्ट की मदद से खून में लाल रक्त कोशिकाएं, सफेद रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स की जांच की जाती है। (और पढ़ें - ब्लड टेस्ट क्या है)
  • स्पुटम कल्चर - इस टेस्ट में थूक के सेंपल को शीशे की स्लाइड पर फैलाया जाता है और फिर संक्रमण पैदा करने वाले रोगाणुओं की जांच करने के लिए उसका परीक्षण किया जाता है। (और पढ़ें - बलगम की जांच क्या है)
  • सीटी स्कैन (कम्प्यूटर टोमोग्राफी) - इस टेस्ट की मदद से छाती की अंदरुनी संरचना की तस्वीरें निकाली जाती हैं। इस टेस्ट की मदद से बलगम में खून आने के कुछ कारणों का पता लगाया जाता है। (और पढ़ें - सीटी स्कैन क्या है)

(और पढ़ें - कोरोनरी आर्टरी डिजीज का इलाज)

बलगम में खून आने का इलाज - Coughing up blood Treatment in Hindi

बलगम में खून आने का इलाज - Coughing up blood Treatment in Hindi

बलगम में खून आने का इलाज कैसे होता हैं?

बलगम में खून का इलाज उसके कारण और साथ ही साथ बलगम में खून की मात्रा के अनुसार किया जाता है। यदि आपके बलगम में एक ही बार खून आया और बहुत कम मात्रा में आया तो भी जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है।

बलगम में खून आने के इलाज का मुख्य लक्ष्य खून को बंद करना और इसके अंदरूनी कारण को ठीक करना होता है। बलगम में खून आने के इलाज में ये शामिल हैं:

  • ऑपरेशन - यदि बलगम में खून आने की स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई है जो जीवन के लिए घातक हो सकती है। ऐसी स्थिति में ऑपरेशन करके मरीज के एक फेफड़े को निकाल दिया जाता है (Pneumonectomy)। (और पढ़ें - ऑपरेशन कैसे होता है)
  • ब्रोंकोस्कोपी - इसमें एंडोस्कोप नामक उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है, एंडोस्कोप की मदद से बलगम मे खून आने के कुछ कारणों का इलाज किया जा सकता है। उदाहरण के लिए इसमें ब्रोंकोस्कोपी के दौरान श्वसन मार्गों में एक गुब्बारे को भेजकर उसे फैलाया जाता है, जिससे खून बंद हो जाता है। (और पढ़ें - एंडोस्कोपी क्या है)
  • ब्रोंकाइल आर्टरी इंबोलाइजेशन (Bronchial artery embolization) - इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक विशेष कैथेटर को टांग के माध्यम से उस धमनी तक पहुंचाते हैं जो फेफड़ों में खून पहुंचाती है। उसके बाद डॉक्टर कैथेटर के अंदर से एक विशेष प्रकार की डाई डालते हैं, जहां पर भी यह डाई जाती है स्क्रीन पर साफ दिखाई देती है। इसकी मदद डॉक्टर उस जगह का पता लगा लेते हैं, जहां से खून बह रहा है। उसके बाद उस धमनी को एक विशेष प्रकार की तार या पदार्थ की मदद से बंद कर दिया जाता है।, जिससे बलगम में खून आना बंद हो जाता है और अन्य धमनियां बंद हुई धमनी की कमी पूर्ति कर देते हैं। 

बलगम या थूक में खून आने की समस्या इलाज की मदद से उसके कारण का पता भी लग जाता है। थूक या बलगम में खून आने के अन्य उपचारों में ये भी शामिल हो सकते हैं:

कुछ लोग ऐसी दवाएं खाते हैं, जो खून को पतला कर देती हैं जिससे बलगम में या थूक में खून आने लगता है। जिन लोगों का खून ज्यादा पतला हो जाता है तो उनमें खून की पूर्ति करने के लिए खून चढ़ाना पड़ता है या बलगम में खून आने की स्थिति को रोकने के लिए कुछ अन्य प्रकार की दवाएं दी जाती हैं। 

(और पढ़ें - रक्ताधान के फायदे)

बलगम में खून आने की जटिलताएं - Coughing up blood Complications in Hindi

बलगम में खून आने से क्या समस्याएं होती हैं?

यदि बलगम के साथ अधिक मात्रा में खून आ रहा है तो मरीज को इसका सदमा लग सकता है। इसके अलावा खून की कमी होने से उनके शरीर में ऑक्सीजन की कमी भी हो सकती है।

यदि बलगम में अत्यधिक खून आ रहा है, तो इसका जल्द से जल्द इलाज करवाना जरूरी होता है नहीं तो यह मरीज की मृत्यु का कारण भी बन सकता है। यहां तक कि अगर बलगम में कम खून आ रहा है, तो भी इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए क्योंकि  यह फेफड़ों के कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है। (और पढ़ें - फेफड़ों के कैंसर का ऑपरेशन)

फेफड़ों में संक्रमण के कारण आने वाले खून का इलाज जितना जल्दी हो सके करवाना चाहिए। यदि आपको थूक या बलगम में खून आने की समस्या है,तो जल्द से जल्द किसी छाती के विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है।

(और पढ़ें - सीने में संक्रमण के लक्षण)

Dr. Giri Prasath

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Dr. Piyush Gupta

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Dr. Sumesh Nair

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