myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

एंटी-न्युट्रोफिल साइटोप्लास्मिक एंटीबॉडी (एएनसीए) प्रोफाइल टेस्ट क्या है?

एएनसीए एक प्रकार के एंटीबॉडीज हैं, जो तब बनते हैं, जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली न्यूट्रोफिल (एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं) को प्रभावित करने लग जाती है। एएनसीए टेस्ट की मदद से रक्त में इन एंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है। मायलोपेरोक्सिडेस (एमपीओ) और प्रोटीनेज 3 (पीआर3) मुख्य दो प्रकार के न्यूट्रोफिल प्रोटीन हैं, जो इन एंटीबॉडीज के द्वारा लक्ष्य बनाए जाते हैं।

एमपीओ और पीआर3 टेस्ट की सलाह तब दी जाती है जब एएनसीए टेस्ट के परिणाम पॉसिटिव  आते हैं। कभी-कभी कुछ मामलों में तीनों टेस्ट साथ में किए जाते हैं। 

एएनसीए के साथ कुछ और टेस्ट जो परीक्षण में मदद करते हैं, वे हैं:

ये टेस्ट दो प्रकार से किया जा सकता है:

  • डायरेक्ट इम्म्युनोफ्लोरोसेंस माइक्रोस्कोपी   
  • इम्यूनोएसे मेथड (Immunoassay method)

(और पढ़ें - एएनए टेस्ट क्या है)

  1. एएनसीए प्रोफाइल टेस्ट क्यों किया जाता है - ANCA Profile Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. एएनसीए प्रोफाइल टेस्ट से पहले - ANCA Profile Test Se Pahle
  3. एएनसीए प्रोफाइल टेस्ट के दौरान - ANCA Profile Test Ke Dauran
  4. एएनसीए प्रोफाइल टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - ANCA Profile Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

एएनसीए प्रोफाइल टेस्ट किसलिए किया जाता है?

यह टेस्ट ऑटोइम्यून सिस्टेमिक वस्क्युलिटिस के प्रकार का पता लगाने के लिए किया जाता है। जिसमें रक्त वाहिकाओं में सूजन जैसी समस्याएं होने लग जाती हैं।

इस स्थिति के कुछ सामान्य लक्षण और संकेत निम्न हैं:

यह इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) के दो सामान्य प्रकारों में अंतर का पता लगाने के लिए भी किया जा सकता है, जैसे क्रोन डिजीज और अल्सरेटिव कोलाइटिस

एएनसीए प्रोफाइल टेस्ट निम्न स्थितियों में किया जाता है:

(और पढ़ें - एलिसा टेस्ट क्या है)

एएनसीए प्रोफाइल टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

एएनसीए टेस्ट एक तरह का सामान्य ब्लड टेस्ट होता है, जिसमें किसी विशेष तैयारी करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

एएनसीए टेस्ट कैसे किया जाता है?

यह एक सामान्य टेस्ट है जिसके लिए ब्लड सैंपल लेने की आवश्यकता होती है। बांह की नस में सुई लगा कर ब्लड सैंपल ले लिया जाता है। सैंपल को एक टेस्ट ट्यूब में लिया जाता है और इस के बाद आगे के परीक्षण के लिए लैब में भेज दिया जाता है। इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का सा दबाव देकर उस पर रुई लगा दी जाती है ताकि खून न बहने पाए। सुई लगने से कुछ समय के लिए हल्का सा दर्द या चुभन का एहसास हो सकता है।

इस टेस्ट में हल्का खतरा चक्कर आने का और इंजेक्शन की जगह पर नील पड़ने का होता है। हालांकि, ये लक्षण जल्द ही गायब हो जाते हैं। कभी-कभार सुई लगने वाली जगह पर संक्रमण भी हो जाता है।

एएनसीए टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

डॉक्टर सभी क्लीनिकल संकेतों और लक्षणों को ध्यान में रखते हुए टेस्ट के रिजल्ट के बारे में बताते हैं। अंतिम निर्णय लेने से पहले अन्य कुछ टेस्ट भी किए जाते हैं, जिनमें कई प्रकार के लैब टेस्ट और इमेजिंग स्टडी शामिल हैं।

वैस्कुलाइटिस के लिए: 

एएनसीए, एमपीओ और पीआर3 टेस्ट के पॉजिटिव परिणाम सिस्टेमिक ऑटोइम्म्यून वैस्कुलाइटिस (Systemic autoimmune vasculitis) की उपस्थिति दिखाता है। यह वैस्कुलाइटिस (धमनियों में सूजन) के प्रकार का पता लगाने में भी मदद करता है। बाद में बायोप्सी की मदद से परिणाम की पुष्टि कर ली जाती है।

नेगेटिव रिजल्ट का मतलब होता है कि जो लक्षण दिख रहे हैं वे सिस्टेमिक ऑटोइम्यून वैस्कुलाइटिस से संबंधित नहीं हैं।

इनडायरेक्ट इम्म्युनोफ्लोरोसेंस माइक्रोस्कोपी के पॉजिटिव रिजल्ट में अलग-अलग प्रकार या पैटर्न देखे जा सकते हैं, जिनमें निम्न हैं:

  • पेरीन्यूक्लियर एएनसीए (पी एएनसीए):
    अधिकतम फ्लोरोसेंस न्युक्लियस के चारों ओर ही देखा जाता है। पी एएनसीए पैटर्न में एमपीओ एंटीबॉडीज लगभग 90% तक मौजूद होते हैं।
     
  • सायटोप्लास्मिक एएनसीए (सी एएनसीए):
    अधिकतम फ्लोरोसेंस कोशिका द्रव (Cytoplasm) के आस-पास बिखरा होता है। इसके अंतर्गत पीआर3  एंटीबाडीज सी एएनसीए पैटर्न में 80% के लगभग पाए जाते हैं।
     
  • नेगेटिव एएनसीए:
    यह बताता है कि फ्लोरोसेंस बिल्कुल नहीं है या बहुत ही कम मात्रा में हैं।

इसके अलावा यदि एएनसीए टेस्ट के रिजल्ट पॉजिटिव आते हैं, तो ही खून में एंटीबॉडी का स्तर जानने के लिए एक एंटीबॉडी टाइटर टेस्ट (Antibody titre test) किया जाता है। सैंपल को लगातार हर स्टेप में पतला (dilute) किया जाता है, हर बार जब सैंपल को पतला किया जाता है तो एएनसीए की उपस्थिति को चेक करता है। सैंपल जब बिल्कुल पतला हो जाता है तो एंटीबॉडी का पता चल जाता है इसे ही टाइटर कहते हैं। टाइटर का अधिक स्तर एंटीबॉडीज की अधिकतम मात्रा का संकेत देता है। 

जो टेस्ट विशेष रूप से एमपीओ और पीआर3 एंटीबाडीज की जांच के लिए किए जाते हैं उन के निम्न रिजल्ट होते हैं:

  • पॉजिटिव पीएआर3 और पी एएनसीए या सी एएनसीए इस बात का संकेत देते हैं कि शरीर में ग्रैन्युलोमैटोसिस विद पोलीएनजिटिस है। 
  • पॉजिटिव एमपीओ एंटीबॉडीज और पी एएनसीए पोलीएनजाइटिस (चर्ग स्ट्रॉस सिंड्रोम) के साथ गुड पैस्चर सिंड्रोम, ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस, माइक्रोस्कोपिक पोलीएनजाइटिस, इओसिनोफिलिक ग्रैन्युलोमैटोसिस का संकेत देते हैं। 

आईबीडी के लिए एएनसीए टेस्ट:

  • यदि एएनसीए-एसे पॉजिटिव है और एंटी-सैक्रोमैसेस सर्विसिए एंटीबॉडी असे (एएससीए) नेगेटिव है तो यूसी की अधिक संभावना होती है। 
  • जब एएनसीए के रिजल्ट नेगेटिव और एएससीए के रिजल्ट पॉजिटिव हों तो सीडी की अधिक संभावना होती है।
  • यदि एएनसीए और एएससीए दोनों के रिजल्ट नेगेटिव आते हैं तो व्यक्ति को सीडी, यूसी या अन्य आईबीडी रोग हो सकते हैं।
और पढ़ें ...

References

  1. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Granulomatosis with Polyangiitis
  2. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins Vasculitis Center, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Microscopic Polyangiitis
  3. The royal college of pathologists of australia. Antineutrophil cytoplasmic antibody, ANCA. Australia. [internet].
  4. National Center for Advancing Translational Sciences [internet]: US Department of Health and Human Services; ANCA-associated vasculitis
  5. Radice A, Sinico RA. Antineutrophil cytoplasmic antibodies (ANCA).. Autoimmunity. 2005 Feb;38(1):93-103. PMID: 15804710