टेम्पोरल बोन का एचआरसीटी स्कैन एक इमेजिंग टेस्ट है, जो टेम्पोरल बोन की आंतरिक संरचनाओं को देखने में मदद कर सकता है। टेम्पोरल बोन खोपड़ी की हड्डी का वह हिस्सा है, जो कान के आसपास होता है। इसमें आंतरिक कान, मध्य कान और बाहरी कान की हड्डी भी शामिल है।

एचआरसीटी स्कैन सीटी स्कैन का एक उन्नत रूप है। बता दें, एचआरसीटी में सीटी स्कैन की तुलना में ज्यादा पतली स्लाइस तैयार होती है। सीटी स्कैन में जहां 1.25 मिमी की आकार में स्लाइस होती है वहीं एचआरसीटी में यह 0.625 मिमी तक हो सकती है। एक कंप्यूटर एल्गोरिथम (सवालों को हल करने के नियमों की प्रणाली) की मदद से, इन स्लाइसेज को छवियों बदल​ दिया जाता है। यह स्कैन दो पोजिशन में किया जा सकता है: कोरोनल (सामने से प्राप्त दृश्य) और एक्सियल (नीचे से प्राप्त दृश्य)।

आमतौर पर टेस्ट के दौरान कंट्रास्ट डाई की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन कुछ स्थितियों में इस डाई का प्रयोग किया जा सकता है। इसका उपयोग अधिक स्पष्ट व विस्तृत चित्र प्राप्त करने के लिए किया जाता है। एचआरसीटी स्कैन सामान्य भिन्नताओं और पैथोलॉजिकल स्थितियों जैसे जन्मजात रोग या अस्थायी रूप से हड्डी में संक्रमण को देखने में मदद कर सकता है।

  1. टेम्पोरल बोन एचआरसीटी क्यों किया जाता है? - Why is an Temporal Bone HRCT done in Hindi?
  2. टेम्पोरल बोन एचआरसीटी किसे नहीं कराना चाहिए? - Who cannot have an Temporal Bone HRCT in Hindi
  3. टेम्पोरल बोन एचआरसीटी से पहले की तैयारी - Temporal Bone HRCT preparation in Hindi
  4. टेम्पोरल बोन एचआरसीटी स्कैन कैसे किया जाता है? - How is an Temporal Bone HRCT done in Hindi?
  5. टेम्पोरल बोन एचआरसीटी के दौरान कैसा महसूस होगा? - How will an Temporal Bone HRCT feel in Hindi?
  6. टेम्पोरल बोन एचआरसीटी के परिणामों का मतलब? - Temporal Bone HRCT results mean in Hindi
  7. टेम्पोरल बोन का एचआरसीटी के जोखिम और लाभ? - Temporal Bone HRCT risks and benefits in Hindi?
  8. टेम्पोरल बोन के एचआरसीटी के बाद क्या होता है? - What happens after an Temporal Bone HRCT in Hindi?
  9. टेम्पोरल बोन एचआरसीटी के साथ अन्य टेस्ट - Other tests that can be done with an Temporal Bone HRCT in Hindi?
टेम्पोरल बोन का एचआरसीटी के डॉक्टर

एचआरसीटी टेम्पोरल बोन टेस्ट कोक्लीयर इंप्लांट (cochlear implants) की जांच या निम्नलिखित ऐसी स्थितियों के निदान के लिए किया जाता है, जो टेम्पोरल बोन (कनपटी की हड्डी) को प्रभावित करते हैं :

यदि डॉक्टर निम्नलिखित लक्षण या संकेत नोटिस करते हैं तो ऐसे में एचआरसीटी टेम्पोरल बोन कराने का सुझाव दिया जा सकता है :

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आमतौर पर, इस स्कैन को लेकर कोई मतभेद नहीं हैं। हालांकि, निम्नलिखित स्थितियों में इस स्कैन से बचा जाना चाहिए :

  • गर्भावस्था (विशेषकर पहली तिमाही में, क्योंकि इस टेस्ट में इस्तेमाल होने वाले रेडिएशन की वजह से बच्चे में विकासात्मक दोष हो सकता है)
  • कम उम्र के लोग
  • क्लौस्ट्रफोबिया से पीड़ित
  • कंट्रास्ट डाई से एलर्जी

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यदि नॉन-कंट्रास्ट डाई एचआरसीटी किया जाता है तो ऐसे में किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं है, लेकिन य​दि कंट्रास्ट डाई का प्रयोग किया जाना है तो टेस्ट से कम से कम 4-6 घंटे पहले से कुछ न खाने-पीने का सुझाव दिया जाता है।

यदि आप गर्भवती हैं या आपको गर्भवती होने की उम्मीद है, तो इस बारे में डॉक्टर को सूचित करें।

टेस्ट के लिए जाने के पहले आभूषण, हेयर एसेसरीज (बालों में लगाया जाने वाला सामान जैसे क्लिप), चश्मा और डेन्चर को घर पर छोड़ दें, क्योंकि स्कैनिंग रूम में इन सब चीजों को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह सभी चीजें टेस्ट के परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं।

जब आप अस्पताल जाएंगे, तो टेस्ट से पहले आपको गाउन पहनने को भी दिया जा सकता है। स्कैन के लिए जाने से पहले हियरिंग एड (सुनने में मदद करने वाली मशीन), नकली दांत और पियर्सिंग को भी निकालने के लिए कहा जा सकता है।

कंट्रास्ट डाई एचआरसीटी किए जाने पर ध्यान दें :

  • यदि आप डायबिटीज से ग्रस्त हैं या किडनी रोग है, तो इस बारे में भी डॉक्टर को सूचित करें, क्योंकि कंट्रास्ट डाई के उपयोग के लिए विशेष सावधानियों की आवश्यकता हो सकती है।
  • अगर आपको एलर्जी है या कोई दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर को जानकारी दें।
  • टेस्ट से ठीक पहले, रेडियोग्राफर आपकी बांह की नस में कैनुला नामक प्लास्टिक ट्यूब डालेंगे, जिसके माध्यम से डाई शरीर में इंजेक्ट हो जाएगी।

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टेम्पोरल बोन का एचआरसीटी स्कैन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है :

  • सबसे पहले आपको एक स्कैनिंग टेबल पर लेटने के लिए कहा जाएगा, जब आप सहज तरीके से लेट जाएंगे तो यह टेबल मशीन के अंदर स्लाइड करेगी।
  • स्कैन के दौरान टेबल कई बार मशीन के अंदर और बाहर जाएगी।
  • रेडियोग्राफर आपको स्कैन के दौरान स्थिर रहने के लिए कह सकते हैं, क्योंकि कोई भी हलचल फोटो को खराब कर सकती है।
  • यदि कंट्रास्ट डाई का प्रयोग किया जाना है, तो इसे आपकी बांह की नस में इंजेक्शन के माध्यम इंजेक्ट किया जाएगा और इसके बाद टेम्पोरल बोन की छवियां ली जाएंगी।
  • एक बार टेस्ट हो जाने के बाद रेडियोग्राफर आपको स्कैनिंग टेबल से उतरने में मदद करेंगे।
  • इस स्कैन में आमतौर पर आधा घंटा लग सकता है।

इस टेस्ट के दौरान दर्द नहीं होता है, लेकिन लगातार लेटने की वजह से आप थोड़ा असहज महसूस कर सकते हैं। यदि कंट्रास्ट डाई का इस्तेमाल होता है, तो आपके मुंह में हल्का धातु जैसा स्वाद आ सकता है और शरीर में गर्माहट महसूस हो सकती है। इसके अलावा, आपको पेशाब करने की इच्छा महसूस हो सकती है। यह सभी कंट्रास्ट डाई के प्रभाव हैं, जो धीरे-धीरे अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा स्कैन के दौरान, आपको मशीन से भनभनाहट, क्लिक और सीटी की आवाजें आ सकती हैं।

एचआरसीटी स्कैन निम्नलिखित स्थितियों का निदान करने में मदद कर सकता है :

संक्रमण :

  • मास्टॉइडाइटिस (कान के पीछे स्थित मास्टॉयड हड्डी की सूजन)
  • कोलेस्टेटोमा (कान के पर्दे के पीछे की त्वचा की असामान्य वृद्धि)
  • एक्सटर्नल मलिग्नैंट ओटाइटिस (टेम्पोरल बोन में स्यूडोमोनास इंफेक्शन)
  • ओटाइटिस मीडिया और भीतरी कान के संक्रमण
  • न्यूराइटिस (परिधीय तंत्रिका तंत्र की सूजन)

ट्यूमर :

  • एकॉस्टिक न्यूरोमा (गैर-कैंसरयुक्त ट्यूमर जो आमतौर पर धीमी गति से बढ़ता है)
  • चेहरे की तंत्रिका में ट्यूमर

आघात :

  • फ्रैक्चर
  • जन्मजात स्थितियां
  • संक्रमण, ट्रॉमा, जन्मजात स्थिति या ट्यूमर, किसी भी वजह से सुनने में कठिनाई

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एचआरसीटी स्कैन के लाभ इस प्रकार हैं :

  • एचआरसीटी में हाई-रिजॉल्यूशन छवियां प्राप्त होती हैं
  • ऑडिटरी केनल (बाहरी कान से ईयरड्रम तक संकुचित मार्ग) के अंदर की सूक्ष्म संरचनाओं का विवरण देता है
  • यह दर्द रहित, सटीक और गैर-आक्रामक है
  • हड्डी, रक्त वाहिकाओं और नरम ऊतकों जैसे विभिन्न ऊतकों की एक साथ तस्वीरें ले सकता है
  • यदि आपने कभी इंप्लांट कराया है तो भी यह टेस्ट किया जा सकता है (हालांकि, कुछ धात्विक चीजें भी रिजल्ट में देखी जा सकती हैं)
  • परीक्षण के बाद शरीर में रेडिएशन मौजूद नहीं रहता

एचआरसीटी के जोखिम इस प्रकार हैं :

  • आमतौर पर यह प्रक्रिया सुरक्षित है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं में इस टेस्ट की वजह से भ्रूण को नुकसान हो सकता है
  • कंट्रास्ट डाई से कुछ लोगों में एलर्जी की समस्या हो सकती है
  • बच्चे रेडिएशन के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और इसीलिए उनमें इस टेस्ट का सुझाव कम दिया जाता है।

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स्कैन पूरा होने के बाद आप घर जा सकते हैं और अपनी नियमित गतिविधियों में वापस आ सकते हैं। इसके अलावा आप सामान्य रूप से आहार भी ले सकते हैं। हालांकि, यदि कंट्रास्ट डाई का प्रयोग किया गया है, तो आपको कुछ समय के लिए खुजली, सांस लेने में कठिनाई, सूजन या चकत्ते जैस दुष्प्रभावों पर नजर रखने की जरूरत है। यदि ऐसा होता है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। इसके अलावा इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द या सूजन हो सकती है।

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टेम्पोरल बोन एचआरसीटी के साथ अन्य टेस्ट स्थिति के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, मध्य कान की कुछ स्थितियों का ओटोस्कोपी द्वारा बेहतर निदान किया जा सकता है। एकॉस्टिक न्यूरोमा के निदान के लिए, एमआरआई, ऑडियोग्राम, ऑडिटरी ब्रेनस्टेम रिस्पॉन्स और इलेक्ट्रोनिस्टागमोग्राफी जैसे टेस्ट किए जा सकते हैं।

ध्यान रहे : इन भी टेस्ट के परिणाम रोगी के नैदानिक स्थितियों से सहसंबद्ध यानी जुड़े होने चाहिए। ऊपर मौजूद जानकारी शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है।

Dr. Rachita Gupta

Dr. Rachita Gupta

रेडियोलोजी
12 वर्षों का अनुभव

Dr. Tejinder Kataria

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रेडियोलोजी
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Dr. Shyam Singh Bisht

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Dr. Shikha Goyal

Dr. Shikha Goyal

रेडियोलोजी
18 वर्षों का अनुभव

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संदर्भ

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