लंबोसैकरल स्पाइन का एमआरआई एक ऐसा टेस्ट है, जिसमें सिर्फ लंबोसैकरल स्पाइन वाले हिस्से का एमआरआई किया जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से लंबर वाला हिस्सा (रीढ़ का निचला हिस्सा), सैक्रम यानी त्रिकास्थि (रीढ़ का आधार) और कोक्सीक्स (टेलबोन) की विस्तृत छवियां तैयार होती हैं, जिससे इन हिस्सों में मौजूद किसी भी असामान्यता का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
एक्स-रे और सीटी स्कैन मशीन से अलग, एमआरआई में रेडिएशन का उपयोग नहीं किया जाता है। यह शरीर की आंतरिक संरचनाओं की छवियां तैयार करने के लिए बड़े चुंबक, रेडियो तरंगों और कंप्यूटर का उपयोग करता है। स्कैन के दौरान मैग्नेट और रेडियो तरंगें शरीर के प्रोटॉन (परमाणुओं के हिस्से) को एक विशेष तरीके से संरेखित (अलाइन) और पुन: संरेखित (री-अलाइन) करती हैं। इस पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटर पढ़ता है और स्कैन किए गए हिस्सों की छवियां तैयार करता है।
कुछ मामलों में एमआरआई स्कैन के दौरान कंट्रास्ट डाई का प्रयोग किया जाता है। बता दें, इस डाई का प्रयोग सिर्फ इसलिए किया जाता है, ताकि फोटो अधिक स्पष्ट आ सके, लेकिन जिन मामलों में फोटो से आसानी से निदान संभव हो वहां इसकी जरूरत नहीं पड़ती है। ज्यादातर मामले में इस डाई को शरीर में इंजेक्शन के जरिये इंजेक्ट किया जाता है। जब यह डाई शरीर में पहुंचती है तो ऊतकों को बांधती है और स्पष्ट चित्र प्रदान करने में मदद करती है।
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई क्यों किया जाता है? - Why lumbosacral Spine MRI done in Hindi
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई किसे नहीं करना चाहिए - Who cannot have a lumbosacral spine MRI in Hindi?
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई से पहले तैयारी - Lumbosacral Spine MRI preparation in Hindi?
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई कैसे किया जाता है? - Lumbosacral Spine MRI kaise kiya jata hai?
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई में कैसा महसूस होगा? - How will a lumbosacral Spine MRI feel in Hindi?
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के परिणामों का मतलब क्या है? - Lumbosacral Spine MRI results mean in Hindi?
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के जोखिम और लाभ - Lumbosacral Spine MRI risks and benefits in Hindi?
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के बाद क्या होता है? - What happens after a Lumbosacral Spine MRI in Hindi?
- लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के साथ किए जाने वाले अन्य टेस्ट - Other tests that can be done with a Lumbosacral Spine MRI in Hindi?
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई क्यों किया जाता है? - Why lumbosacral Spine MRI done in Hindi
यदि आप निम्न स्थितियों से गुजर रहे हैं तो डॉक्टर लम्बोसैक्रल स्पाइन एमआरआई कराने के लिए सुझाव दे सकते हैं :
- श्रोणि में दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द जो ट्रीटमेंट लेने के बाद भी ठीक नहीं होता है।
- पैर सुन्न हो जाना या कमजोरी जो समय के साथ बढ़ती जाती है
- रीढ़ की निचली हड्डी में कोई जन्म दोष
- पीठ दर्द व बुखार
- खुलकर पेशाब न कर पाना या पेशाब नियंत्रित करने में समस्या
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस
- डिस्क हर्नियेशन, निचली रीढ़ के ऊतकों को नुकसान
- निचली रीढ़ की हड्डी में चोट
- कैंसर से जुड़ी फैमिली हिस्ट्री
कंट्रास्ट डाई के साथ लम्बोसैक्रल स्पाइन एमआरआई विशेष रूप से निम्नलिखित स्थितियों को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है :
- पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारणों में अंतर करने के लिए
- वायरल या सूजन की स्थिति में नसों की जड़ों को देखने के लिए
- ट्यूमर का पता लगाने के लिए
(और पढ़ें - सूजन कम करने की आयुर्वेदिक दवा)
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई किसे नहीं करना चाहिए - Who cannot have a lumbosacral spine MRI in Hindi?
ज्यादातर लोगों के लिए यह टेस्ट बहुत सुरक्षित है। हालांकि, निम्नलिखित स्थितियों में इसे कराने का सुझाव नहीं दिया जाता है।
- मेटल इंप्लांट : यदि आपने मेटल इंप्लांट कराया है तो इस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं, लेकिन मेटल इंप्लांट कराने का मतलब यह नहीं है कि आप यह टेस्ट नहीं करा सकते हैं। इस बारे में अंतिम निर्णय मेडिकल स्टाफ का होता है, वह स्थिति के अनुसार निर्णय ले सकते हैं।
- टैटू : ज्यादातर टैटू सुरक्षित होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी टैटू होते हैं, जिसकी स्याही में सूक्ष्म धातु का प्रयोग किया जाता है। चूंकि एमआरआई में मैग्नेट का प्रयोग होता है ऐसे में इन सूक्ष्म धातु कणों की वजह से मशीन को नुकसान पहुंच सकता है।
(और पढ़ें - टैटू हटाने के तरीके)
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई से पहले तैयारी - Lumbosacral Spine MRI preparation in Hindi?
आमतौर पर, आपको प्रक्रिया के निर्धारित समय से चार से छह घंटे पहले से कुछ नहीं खाना-पीना चाहिए। यदि आपको बंद जगहों (क्लॉस्ट्रोफोबिया) से डर लगता है, तो रेडियोलॉजिस्ट या डॉक्टर से परामर्श करें, वह आपको सेडेटिव ड्रग्स या एनेस्थीसिया दे सकते हैं, जो कि चिंता को दूर करने में मदद कर सकता है। सेडेटिव ड्रग्स एक प्रकार की प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जो आपके मस्तिष्क की गतिविधि को धीमा कर देती है। इसके अलावा, निम्न स्थितियों में भी डॉक्टर को जरूर बताएं :
- ब्रेन एन्यूरिज्म (धमनीविस्फार में रक्त के प्रवाह को रोकने के लिए धातु की क्लिप का उपयोग करना)
- पेसमेकर या हार्ट डिफाइब्रिलेटर (दिल की धड़कन को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए छाती के अंदर लगाए जाने वाला छोटा उपकरण)
- आर्टिफिशियल हार्ट वाल्व
- कान के अंदर का प्रत्यारोपण
- आर्टिफिशियल ज्वॉइंट जो कि हाल ही में लगाया गया हो
- वस्कुलर स्टेंट (रक्त वाहिका की दीवारों को स्थायी रूप से सहारा देने व इसे फिर से बंद होने से रोकने के लिए खोखली जालीदार ट्यूब का प्रयोग करना)
- किडनी की बीमारी/डायलिसिस
(और पढ़ें - किडनी फेल होने के लक्षण)
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई कैसे किया जाता है? - Lumbosacral Spine MRI kaise kiya jata hai?
एमआरआई स्कैन में आमतौर पर निम्नलिखित स्टेप्स अपनाए जाते हैं :
- रेडियोग्राफी कर्मचारी आपको स्कैन वाले कमरे में ले जाने से पहले धातु की सभी वस्तुओं जैसे घड़ी, आभूषण, चाबियों इत्यादि चीजों को हटाने के लिए कहेंगे।
- वे आपको एक गाउन पहनने के लिए भी दे सकते हैं।
- इसके बाद आपको स्कैनर की पतली सी टेबल पर लेटना होगा, जो कि धीरे-धीरे एमआरआई मशीन के बड़े बेलनाकार आकार के ट्यूब में चली जाएगी।
- यदि प्रक्रिया के लिए एक कंट्रास्ट डाई का प्रयोग किया जाना है, तो इसे टेस्ट से पहले इंजेक्शन के माध्यम से शरीर में इंजेक्ट किया जाएगा। इसके उपयोग से अधिक स्पष्ट छवियों को देखा जा सकता है।
- यह टेस्ट 30-60 मिनट या उससे अधिक समय तक चल सकता है।
(और पढ़ें - रीढ़ का एमआरआई क्या है)
यहां समान श्रेणी की दवाएं देखें
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई में कैसा महसूस होगा? - How will a lumbosacral Spine MRI feel in Hindi?
एमआरआई एक दर्द रहित प्रक्रिया है, लेकिन कुछ लोगों को स्कैनिंग टेबल थोड़ी सख्त और ठंडी महसूस हो सकती है। ऐसे मामलों में, आप तकिया या कंबल के लिए रेडियोलॉजिस्ट से कह सकते हैं। प्रक्रिया के दौरान मशीन से तेज आवाज आ सकती है, ऐसे में आप शोर को कम करने के लिए इयरप्लग मांग सकते हैं।
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के परिणामों का मतलब क्या है? - Lumbosacral Spine MRI results mean in Hindi?
एमआरआई छवियों की व्याख्या रेडियोलॉजिस्ट द्वारा की जाती है, इसके बाद वे डॉक्टर को विस्तृत रिपोर्ट भेजते हैं। फिर, डॉक्टर परिणामों पर चर्चा करेंगे। यदि उन्हें असामान्य परिणाम दिखते हैं तो निम्न स्थितियों का कारण हो सकते हैं :
- स्पाइनल स्टेनोसिस (स्पाइनल कॉलम का संकुचित होना)
- लम्बर रेडिकुलोपैथी (हर्नियेटेड या स्लिप्ड डिस्क)
- स्पॉन्डिलाइटिस (रीढ़ की हड्डी और कार्टिलेज का असामान्य रूप से खराब होना)
- बढ़ती उम्र के कारण हो रहे नुकसान
- हड्डी में संक्रमण
- ऑस्टियोपोरोसिस, जिसके चलते पीठ के निचले हिस्से में फ्रैक्चर हो जाता है
- रीढ़ की हड्डी में चोट / फोड़ा
- सीरिंगोमीलिया (रीढ़ की हड्डी के अंदर द्रव से भरा सिस्ट बनना)
- एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (जोड़ों की सूजन जो मुख्य रूप से रीढ़ को प्रभावित करती है)
- कॉडा इक्वाइन सिंड्रोम (रीढ़ की हड्डी के नीचे फैलने वाली नसों के समूह को नुकसान)
- डिस्काइटिस (डिस्क की सूजन)
- रीढ़ में ट्यूमर
- त्रिकास्थि और कूल्हे की हड्डी के बीच के जोड़ में संक्रमण
- सैक्रल मेनिन्जियल सिस्ट (द्रव से भरी थैली जो सैक्रल वाले हिस्से की नसों को प्रभावित करती है)
- सैक्रल फ्रैक्चर
- सैक्रल फटीग स्ट्रेस फ्रैक्चर
- सैक्रल ट्यूमर
(और पढ़ें - ट्यूमर और कैंसर में अंतर)
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के जोखिम और लाभ - Lumbosacral Spine MRI risks and benefits in Hindi?
लम्बोसैक्रल स्पाइन एमआरआई एक सुरक्षित स्कैनिंग प्रक्रिया है। हालांकि, इसमें कुछ जटिलताएं भी हो सकती हैं जो कि इस प्रकार हैं :
- दुर्लभ मामलों में, टेस्ट से पहले इंजेक्ट किए गए कंट्रास्ट डाई से एलर्जी
- स्कैनर द्वारा पेसमेकर व अन्य किसी प्रत्यारोपण (इंप्लांट) के काम को बाधित करना
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के बाद क्या होता है? - What happens after a Lumbosacral Spine MRI in Hindi?
यदि टेस्ट के लिए सिडेटिव ड्रग्स दिया गया था, तो आपको तब तक आराम करने की आवश्यकता हो सकती है, जब तक कि इसका प्रभाव पूरी तरह से खत्म न हो जाए। इसीलिए टेस्ट के बाद कुछ समय तक ड्राइविंग या अन्य किसी जोखिम भरे काम को न करने की सलाह दी जाती है।
यदि आपको प्रक्रिया के दौरान कंट्रास्ट डाई का इजेक्शन लगाया गया था, तो उस स्थान पर सूजन, खुजली, दाने जैसी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई जैसे दुष्प्रभावों के लिए आपको मॉनीटर करने की आवश्यकता हो सकती है। यदि आपको इंजेक्शन वाले स्थान पर कोई लालिमा या सूजन दिखाई देती है, तो डॉक्टर को बताएं क्योंकि यह संक्रमण का संकेत हो सकता है।
(और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण का उपचार)
लंबोसैकरल स्पाइन एमआरआई के साथ किए जाने वाले अन्य टेस्ट - Other tests that can be done with a Lumbosacral Spine MRI in Hindi?
सटीक निदान के लिए इस परीक्षण के साथ निम्नलिखित टेस्ट कराने का सुझाव दिया जा सकता है :
- इलेक्ट्रोमायोग्राफी (मांसपेशियों की तंत्रिका की उत्तेजना के जवाब में मांसपेशियों की प्रतिक्रिया को मापना)
- नर्व कंडक्शन वेलोसिटी (नसों को नुकसान का आकलन करने के लिए किए जाने वाला टेस्ट)
ध्यान रहे : टेस्ट के परिणाम रोगी के नैदानिक स्थितियों से सहसंबद्ध यानी जुड़े होने चाहिए। ऊपर मौजूद जानकारी शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है।
शहर के रेडियोलॉजिस्ट खोजें
लंबोसैकरल स्पाइन का एमआरआई स्कैन के डॉक्टर
Dr. Rachita Gupta
रेडियोलोजी
21 वर्षों का अनुभव
Dr. Anshul Bhatnagar
रेडियोलोजी
17 वर्षों का अनुभव
Dr. Tejinder Kataria
रेडियोलोजी
35 वर्षों का अनुभव
Dr. Shyam Singh Bisht
रेडियोलोजी
17 वर्षों का अनुभव
संदर्भ
- Curry BP, Rosner MK. Evaluation and treatment of lumbar disk disease. In: Winn HR, ed. Youmans and Winn Neurological Surgery. 7th ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2017:chap 286
- Miller MD, Thompson SR, eds. DeLee and Drez's Orthopaedic Sports Medicine. 5th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Saunders. 2018.
- Chou R, Qaseem A, Owens DK, Shekelle P; Clinical Guidelines Committee of the American College of Physicians. Diagnostic imaging for low back pain: advice for high-value health care from the American College of Physicians. Ann Intern Med. 2011;154(3):181-189. PMID: 21282698
- Gardocki RJ, Park AL. Degenerative disorders of the thoracic and lumbar spine. In: Azar FM, Beaty JH, Canale ST, eds. Campbell's Operative Orthopaedics. 13th ed. Philadelphia, PA: Elsevier; 2017:chap 39
- Wilkinson ID, Graves MJ. Magnetic resonance imaging. In: Adam A, Dixon AK, Gillard JH, Schaefer-Prokop CM, eds. Grainger & Allison's Diagnostic Radiology: A Textbook of Medical Imaging. 6th ed. Philadelphia, PA: Elsevier Churchill Livingstone; 2015:chap 5
- Nemours Children’s Health System [Internet]. Jacksonville (FL): The Nemours Foundation; c2017; Magnetic Resonance Imaging (MRI): Lumbar Spine
- Cleveland Clinic [Internet]. Ohio. US; Magnetic Resonance Imaging (MRI)
- National Health Service [Internet]. UK; MRI scan
- National Center for Complementary and Integrative Health [Internet]. National Institute of Health. US Department of Health and Human Services; Multiple Sclerosis
- Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria. Australia; MRI scan
- National Institute of Neurological Disorders and Stroke [Internet[. National Institute of Health. US Department of Health and Human Services. US; Syringomyelia Information Page
- MedlinePlus Medical Encyclopedia [Internet]. US National Library of Medicine. Bethesda. Maryland. USA; Ankylosing spondylitis
- Genetics and Rare Diseases Information Center [internet]. National Center for Advancing Translational Sciences. National Institute of Health: US National Library of Medicine. US Department of Health and Human Services; Cauda equina syndrome
- Diel J, Ortiz O, Losada RA, Price DB, Hayt MW, Katz DS. The sacrum: pathologic spectrum, multimodality imaging, and subspecialty approach. Radiographics. 2001 Jan-Feb; 21(1): 83-104. PMID: 11158646
- Raj MA, Ampat G, Varacallo M. Sacroiliac Joint Pain. [Updated 2021 Jan 29]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2021 Jan
- Figueroa C, Le PH. Anatomy, Bony Pelvis and Lower Limb, Pelvis Bones. [Updated 2020 Sep 16]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2021 Jan
- Yoder K, Bartsokas J, Averell K, McBride E, Long C, Cook C. Risk factors associated with sacral stress fractures: a systematic review. J Man Manip Ther. 2015 May; 23(2): 84-92. PMID: 26109829.
- Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Magnetic Resonance Imaging (MRI) of the Spine and Brain
- Amukotuwa SA, Cook MJ. Spinal disease: neoplastic, degenerative, and infective spinal cord diseases and spinal cord compression. Neurology and Clinical Neuroscience. 1999; 511-38.
- Bradley WG. Use of contrast in MR imaging of the lumbar spine. Magn Reson Imaging Clin N Am. 1999; 7(3): 439–vii. PMID: 10494528.




