पुरुषों के शरीर में बनने वाले सेक्स हार्मोन को टेस्टोस्टेरोन कहा जाता है. यह हार्मोन पुरुषों में प्रजनन क्षमता, सेक्स ड्राइव और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है. ऐसे में पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का संतुलित मात्रा में रहना जरूरी है. शरीर में टेस्टोस्टेरोन की कमी और अधिकता दोनों ही नुकसानदायक हो सकते हैं. टेस्टोस्टेरोन ज्यादा होने से एक्ने, ब्लड प्रेशर में बदलाव, सेक्सुअल हेल्थ में परेशानी व शरीर पर बालों की अधिकता जैसे लक्षण दिखते हैं.
यहां दिए लिंक पर क्लिक करें और अभी खरीदें सबसे कम कीमत पर डिले स्प्रे फॉर मेन.
टेस्टोस्टेरोन का लेवल अधिक होने से न सिर्फ पुरुषों को परेशानी होती है, बल्कि महिलाओं में विभिन्न प्रकार की समस्याओं को झेलना पड़ता है. ऐसे में महिला और पुरुष दोनों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन ज्यादा होने से नुकसान हो सकते हैं.
आज इस लेख में हम टेस्टोस्टेरोन ज्यादा होने पर महिला व पुरुष दोनों को होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे -
(और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन की कमी)
- पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर ज्यादा होने के नुकसान
- महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर ज्यादा होने के नुकसान
- सारांश
पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर ज्यादा होने के नुकसान
पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से मुंहासे, ब्लड प्रेशर में परिवर्तन इत्यादि नुकसान हो सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में -
स्टैमिना व शारीरिक ताकत ,टेस्टोस्टेरोन हार्मोन ,स्पर्म काउंट और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए और मसल मास को हासिल करने के लिए आज़माएँ- पावर कैप्सूल फॉर मैन द्वारा माई उपचार आयुर्वेद
एक्ने की परेशानी
पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर उच्च होने से मुंहासों की समस्या देखी जा सकती है. हालांकि, इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से शारीरिक गतिविधि करने पर अधिक पसीना आता है, जिसकी वजह से एक्ने की परेशानी हो सकती है.
(और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन टेस्ट)
ब्लड प्रेशर में परिवर्तन
टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से ब्लड प्रेशर में परिवर्तन की समस्या देखी जा सकती है. कुछ लोगों में इसकी वजह से लो ब्लड प्रेशर की समस्या देखी गई है. वहीं, कुछ लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है. इस वजह से चक्कर आना, सिरदर्द होना, थकान, जी मिचलाना व बेहोशी इत्यादि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
आप यहां दिए लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं कि स्तंभन दोष का इलाज क्या है.
सेक्सुअल हेल्थ
शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से सेक्सुअल हेल्थ में भी बदलाव देखे जा सकते हैं. इसमें व्यक्ति को इंफर्टिलिटी का समस्या हो सकती है. इस परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति की सेक्स ड्राइव अधिक हो जाती है. इतना ही नहीं, कुछ पुरुषों में लो स्पर्म काउंट की समस्या भी देखी गई है. पुरुषों को इरेक्शन लंबे समय तक होने या बनाए रखने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ईडी) भी कहा जाता है.
आप यहां दिए लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं कि शीघ्रपतन का इलाज क्या है.
शरीर पर अधिक बाल
पुरुषों के शरीर पर बाल होना सामान्य है. वहीं, अगर टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक हो जाए, तो उनके शरीर पर काफी ज्यादा बाल होने लगते हैं. सिर से लेकर शरीर के सभी हिस्सों में काफी ज्यादा बाल उगने लगते हैं.
आप यहां दिए लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं कि कामेच्छा में कमी का इलाज क्या है.
मूड में बदलाव
टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से मूड में बदलाव होने लगता है. इसकी वजह से व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, चिंता या डिप्रेशन जैसी समस्या का अनुभव हो सकता है. इसके अलावा, पुरुषों के शरीर में कुछ अन्य नुकसान नजर आ सकते हैं, जैसे - सीने में दर्द की परेशानी होना, सांस लेने में परेशानी महसूस होना, लाल रक्त कोशिकाओं का अधिक उत्पादन, शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल कम होना, हार्ट अटैक का खतरा अधिक होना, हाथ या पैर में सूजन की परेशानी होना, शरीर में असामान्य रूप से प्रोस्टेट ग्रंथि में वृद्धि, स्लीप एपनिया या अन्य नींद संबंधी परेशानी होना इत्यादि.
आप यहां दिए लिंक पर क्लिक करके जान सकते हैं कि शुक्राणु की कमी का इलाज क्या है.
महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर ज्यादा होने के नुकसान
पुरुषों के अलावा महिलाओं के शरीर में भी टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ सकता है. इसकी वजह से महिलाओं के शरीर पर बाल उगना, अनियमित पीरियड्स होना व सेक्सुअल समस्याएं जैसी परेशानी हो सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में -
शरीर पर बाल उगना
महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से शरीर पर पुरुषों की तरह बाल उगने लगते हैं. इसकी वजह से महिलाओं चेहरे, पीठ व छाती पर काफी ज्यादा बाल उगते हैं.
(और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की एक्सरसाइज)
अनियमित पीरियड्स
शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ने से महिलाओं को अनियमित पीरियड्स की परेशानी हो सकती है. उदाहरण के तौर पर महिलाओं को कभी-कभी एक महीने से अधिक समय पर पीरियड्स नहीं होते हैं. कुछ स्थितियों में यह समस्या कई महीनों तक हो सकती है.
(और पढ़ें - टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी)
सेक्सुअल समस्याएं
शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से महिलाओं को भी पुरुषों की तरह सेक्सुअल परेशानी हो सकती है. इसके कारण महिलाओं के सेक्स ड्राइव में कमी या अधिकता, वजाइना का सूखापन या गर्भवती होने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है.
(और पढ़ें - सेक्स हार्मोन टेस्ट)
मूड में बदलाव
महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ने से मूड में चिड़चिड़ापन, चिंता या डिप्रेशन जैसी परेशानी हो सकती है. इसके अलावा, महिलाओं के शरीर में कुछ अन्य नुकसान देखने को मिल सकते हैं जैसे - चेहरे पर बार-बार मुंहासे की परेशानी होना, ब्रेस्ट साइज कम होना, पुरुषों की तरह आवाज निकलना, गर्भधारण करने में परेशानी होना, शरीर का वजन बढ़ना इत्यादि.
(और पढ़ें - सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोब्युलिन टेस्ट)
सारांश
शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से पुरुषों और महिलाओं दोनों को परेशानी हो सकती है. इसके कारण पुरुषों को कोलेस्ट्रॉल की परेशानी, मूड में बदलाव और सेक्सुअल हेल्थ प्रभावित हो सकती है. वहीं, महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक होने से ब्रेस्ट साइज कम होना, अनियमित पीरियड्स की समस्या हो सकती है. शरीर में इस तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि गंभीर स्थितियों से बचा जा सके.
(और पढ़ें - कामेच्छा बढ़ाने के घरेलू नुस्खे)
टेस्टोस्टेरोन ज्यादा होने के नुकसान के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव



