जिंक या जस्ता एक ऐसा खनिज है जिसकी हमें अपने दैनिक आहार में बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है: वयस्क पुरुषों के लिए प्रतिदिन 11 मिलीग्राम जिंक और वयस्क महिलाओं के लिए 8 मिलीग्राम प्रतिदिन की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद, विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों से पता चलता है कि दुनिया की लगभग 31 प्रतिशत आबादी को पर्याप्त मात्रा में जिंक नहीं मिल पाता है। इसके ये 3 कारण हो सकते हैं:

  • सबसे पहले, पर्याप्त मात्रा में जिंक प्राप्त करना, जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने की तुलना में अधिक जटिल है। प्लांट-बेस्ड स्त्रोतों से मिलने वाला जिंक शरीर में आसानी से अवशोषित नहीं हो पाता जितना की पशु स्त्रोत से मिलने वाला जिंक जैसे कि शेलफिश। जिंक अवशोषण किसी ऐसे व्यक्ति में भी बाधित हो सकता है जिसके आहार में मुख्य रूप से अनाज और अन्य प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थ शामित हों जिनमें फाइटेट्स (पौधे के यौगिक) पाए जाते हैं।
  • दूसरा, अंतर्निहित बीमारियां जैसे- मैलएब्जॉर्प्शन सिंड्रोम और अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित लोग जिस भोजन का सेवन करते हैं उसमें से जिंक को पूरी तरह से अवशोषित नहीं कर पाते हैं।
  • और तीसरा, टेट्रासाइक्लिन एंटीबायोटिक्स जैसी कुछ दवाएं भी जिंक के अवशोषण में बाधा डालती हैं। शराब की लत भी शरीर में जिंक के खराब अवशोषण का एक कारण है। इसके अतिरिक्त, शोधकर्ताओं ने पाया है कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड का बढ़ता स्तर फसलों में जिंक की मात्रा को कम कर सकता है।

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जिंक की कमी की वजह से सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं जैसे- विकास में बाधा, छोटा वीर्यकोष और टेस्टोस्टेरोन की कमी, यौन विकास में देरी, डायरिया, खुरदरी त्वचा और कमजोर इम्यूनिटी। इन परिस्थितियों से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में जिंक का सेवन करना जरूरी है। इसके लिए आपको अच्छी तरह से भोजन करने की जरूरत है। इसका मतलब है अपने आहार में विभिन्न खाद्य पदार्थों को शामिल करें। पेट भरने के लिए सिर्फ चावल या गेंहू पर निर्भर न रहें बल्कि संतुलित आहार का सेवन करें जिसमें फल और सब्जियों की पांच सर्विंग्स जरूर शामिल हो।

ऐसा करने के बारे में कुछ संकेत यहां दिए गए हैं:

  • अगर आप शेलफिश खाते हैं, तो ऑयस्टर और लॉबस्टर जिंक का सबसे अच्छा स्त्रोत हो सकता है।
  • अगर आप मांसाहारी हैं, तो रेड मीट, चिकन और अंडा भी जिंक के अच्छे स्त्रोत हैं।
  • यदि आप शाकाहारी हैं, तो आपको ज्यादा सतर्क और स्मार्ट बदलाव करने की जरूरत हो सकती है। जैसे- टोस्ट पर मक्खन की जगह एवोकाडो लगाकर खाएं। अपने ब्रेकफास्ट या नाश्ते की रूटीन में सूखे मेवे और बीज जैसे- कद्दू के बीज और काजू को शामिल करें। कुछ पारंपरिक खाना पकाने के हैक्स भी अपना सकते हैं जैसे- छोले में आमचूर डालना और अन्य खाद्य पदार्थों में साइट्रिक एसिड डालने से हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन से जिंक की जैव उपलब्धता (शरीर को अवशोषित करने की क्षमता) भी बढ़ जाती है।
  • अगर आपको मीठा खाना पसंद है तो मीठे में डार्क चॉकलेट (कम से कम 70% कोको वाली) खाएं।

अपने दैनिक आहार में अच्छी मात्रा में जिंक पाने के लिए हम आपको कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

  1. जिंक युक्त आहार
  2. जिंक युक्त मांसाहारी भोजन
  3. जिंक युक्त शाकाहारी आहार
  4. जिंक युक्त सूखे मेवे
  5. जिंक युक्त डेयरी उत्पाद
  6. जिंक युक्त फल और सब्जियां
  7. जिंक युक्त आहार है डार्क चॉकलेट
  8. आखिर में ये बातें याद रखें
जिंक युक्त आहार के डॉक्टर

आमतौर पर ऐनिमल प्रॉडक्ट यानी मांस को, प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थों की तुलना में जिंक का बेहतर सोर्स माना जाता है। ऐसे में अपनी डाइट में जिंक को शामिल करने का बेहतरीन तरीका क्या है, जिंक युक्त फल, सब्जियां, जिंक युक्त शाकाहारी और मांसाहारी आहार कौन से इस बारे में हम आपको बता रहे हैं।

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जिंक के लिए ऑयस्टर (घोंघा) खाएं

भारत में हममें से जो लोग समुद्र के किनारे यानी तटीय रेखा के पास रहते हैं उनके लिए फ्रेश ऑयस्टर्स यानी घोंघा खाना किसी दावत से कम नहीं है। पौष्टिकता के हिसाब से बात करें तो सिर्फ एक ऑयस्टर में ही आपकी दैनिक जरूरत का पूरा जिंक मौजूद होता है। इसलिए अगर आप ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश या देश के बाकी तटीय हिस्सों में रहते हैं, जहां ऑयस्टर्स पकड़े जाते हैं या उनकी खेती की जाती है, तो इस जिंक से भरपूर इनाम का अधिकतम लाभ उठाएं।

कैसे खाएं : ऑयस्टर का छिलका हटाएं, उसे तेल में हल्का सा तलें, ऊपर से नमक डालें और नाश्ते के रूप में इसका आनंद लें। आप चाहें तो इसके टुकड़े टुकड़े कर इसे भूनकर भी खा सकते हैं।

जिंक युक्त आहार है लॉबस्टर

लॉबस्टर भी जिंक का बेहतरीन सोर्स है और अगर आप तटीय इलाकों में रहते हैं जहां आपको फ्रेश लॉबस्टर (समुद्री झींगा) मिल सकते हैं तो इनका भी सेवन आप कर सकते हैं।

जिंक युक्त आहार में चिकन और अंडा भी शामिल

चिकन, रेड मीट और पोर्क सभी जिंक का अच्छा सोर्स है। इसके अलावा अंडा भी सामान्य रूप से जिंक का अच्छा सोर्स है- 100 ग्राम हार्ड उबले अंडों में 1 मिलिग्राम जिंक होता है। 

कैसे खाएं - भुनी हुई या ग्रिल्ड चिकन की टांग 2, एक उबला हुआ अंडा और कुछ सब्जियां एक वयस्क पुरुष के दिनभर की जिंक की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है (याद रखें इसके साथ शराब या अनाज के सेवन से बचें)

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शाकाहारी स्त्रोतों से मिलने वाले जिंक को अवशोषित करना शरीर के लिए मुश्किल होता है इसलिए पर्याप्त मात्रा जिंक शरीर को मिल सके इसके लिए आपको कई अलग-अलग वरायटी के खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करने की जरूरत होती है:

कद्दू का बीज जिंक का अच्छा सोर्स है

कद्दू एक बहुउपयोगी सब्जी है जिससे आप कुछ मीठी डिश भी बना सकते हैं और नमकीन या चटपटी भी। हालांकि ज्यादातर घरों में कद्दू के बीज और उसके छिलके को फेंक दिया जाता है और सिर्फ सब्जी का इस्तेमाल होता है। हम आपको बता दें कि कद्दू के बीज जिंक जैसे पोषक तत्वों का बेहतरीन सोर्स है। 

कैसे खाएं : इसके लिए कद्दू के बीज को अच्छी तरह से धोकर सुखा लें और फिर उसे बिना तेल के सूखा ही तवे पर भून लें। ऊपर से थोड़ा सा नमक छिड़कें और फिर उसे ठंडा करके किसी एयरटाइट डिब्बे में बंद कर दें। रोजाना नाश्ते के तौर पर इन बीजों का सेवन करें।

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जिंक के लिए खाएं भांग के बीज

भांग के बीज भी सेहत के लिए कई तरह के फायदेमंद हैं। करीब 30 ग्राम भांग के बीज में 3.5 मिलिग्राम या आपकी रोजाना की जिंक की जरूरत का 23 प्रतिशत हिस्सा मौजूद होता है। 

कैसे खाएं: भांग के बीज को पीस लें और फिर उसे अपने ब्रेकफास्ट सीरियल में या स्मूदी में मिलाकर खाएं।

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जिंक का अच्छा सोर्स है राजमा

राजमा भी उत्तर भारतीयों के पसंदीदा भोजन में से एक है और करीब आधा कप पके हुए राजमा में आपकी रोजाना की जिंक की जरूरत का 8 प्रतिशत हिस्सा होता है। हालांकि राजमा फलियों की कैटिगरी में आता है। लिहाजा इसमें फाइटेट्स (वह प्लांट कंपाउंड जो जिंक और आयरन के अवशोषित होने में बाधा बनता है) भी होते हैं। अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो भिगोकर रखना, अंकुरित करना और गर्म करना- इन सभी तरीकों से फलियों और अनाज में मौजूद फाइटेट्स को तोड़ा जा सकता है।

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कैसे खाएं : राजमा को रातभर भिगोकर रखें। इसके बाद उन्हें 1-2 दिन तक गीले कपड़े में टांगकर रखें ताकि वह अंकुरित हो जाए। इसके बाद अंकुरित राजमा को आप चाहें तो गर्म पानी में डाल सकते हैं ताकि वे थोड़े नरम हो जाएं। हालांकि बिना गर्म पानी में डाले हुए भी उसे अपनी फेवरिट सब्जियों और सलाद के पत्तों के साथ खा सकते हैं।

आप चाहें तो सफेद चने या छोले के साथ भी ऐसा एक्सपेरिमेंट कर सकते हैं। आप चाहें तो अपने सलाद में मूंगफली भी डाल सकते हैं जो जिंक का अच्छा सोर्स है।

बादाम, चिलगोजा, काजू आदि सूखे मेवे भी जिंक का बेहतरीन सोर्स माने जाते हैं। 

कैसे खाएं : बादाम को रातभर पानी में भिगोकर रखें। सुबह इन्हें अच्छी तरह से कूटकर दूध में मिलाएं और हेल्दी ब्रेकफास्ट शेक तैयार करें। अगर आपको डार्क चॉकलेट पसंद है तो आप 70 से 85 प्रतिशत डार्क चॉकलेट की शेविंग्स या कोको पाउडर को भी अपने बादाम शेक में डाल सकते हैं। आप चाहें तो मीठे के लिए चीनी की जगह शहद मिला लें। इसके अलावा सामान्य दूध की जगह ओट्स मिल्क का भी इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि आपकी ड्रिंक और ज्यादा हेल्दी हो जाए।

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दूध, दही और कुछ चीज भी ऐसे होते हैं जिन्हें जिंक का मध्यम तौर पर अच्छा सोर्स माना जाता है। हालांकि इस बात को ध्यान रखें कि आपको रोजाना जितने जिंक की जरूरत होती है उसे आप सिर्फ इन स्त्रोतों से हासिल नहीं कर सकते। 

कैसे खाएं : आप चाहें तो दूध से मीठा दलिया बनाएं और उसमें भांग के बीज मिलाएं। एक कप दूध गर्म करें, उसमें चुटकी भर इलायची पाउडर डालकर दूध को धीमी आंच पर उबालें और उसमें 100 ग्राम भांग के बीज मिलाएं। उसमें शहद मिलाएं और फिर दूध को गर्म या ठंडा इंजॉय करें।

अनार, किवी, अमरूद और बेरीज जैसे- ब्लैकबेरी, रास्पबेरी, ब्लूबेरी आदि ऐसे फल जिसमें कम मात्रा में जिंक पाया जाता है। इसके अलावा एवोकाडो, शिताके मशरूम, लीमा सेम, आलू, शकरकंद आदि में भी जिंक पाया जाता है। 
कैसे खाएं : आप चाहें तो इन फलों और बेरीज को कच्चा कच्चा भी खा सकते हैं या फिर स्मूदी बनाकर भी खा सकते हैं, इसके लिए उसमें थोड़ी दही और शहद मिलाएं। आप चाहें तो इन सब्जियों को थोड़े से तेल में हल्का तलकर हेल्दी और टेस्टी लंच के तौर पर बना सकते हैं।

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चॉकलेट खासकर डार्क चॉकलेट सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है। चॉकलेट का एक सबसे अहम फैक्ट ये है कि चॉकलेट जिसमें करीब 70 प्रतिशत कोको होता है उसमें प्रति 100 ग्राम में करीब 3 मिलिग्राम के जिंक होता है। हालांकि बहुत ज्यादा चॉकलेट का सेवन न करें क्योंकि चॉकलेट में मौजूद अतिरिक्त चीनी और मिल्क सॉलिड्स अच्छी सेहत को बनाए रखने के लिए फायदेमंद नहीं माने जाते।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के शोधकर्ताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय बीमारी के बोझ पर एक विश्लेषण किया। इस सरंचना के भीतर, उन्होंने विशेष रूप से केवल तीन पोषण संबंधी कमियों को देखा, जो प्रमुख बीमारियों के कारण थे: आयरन की कमी, विटामिन ए की कमी और जिंक की कमी। बहुत छोटे बच्चों में, जिंक की कमी को डायरिया संबंधी बीमारियों (विकासशील देशों में नवजात में मृत्यु का एक प्रमुख कारण) से जोड़ा गया है, और मलेरिया और निमोनिया में खराब परिणाम सामने आए हैं।

WHO के "स्वास्थ्य जोखिमों की तुलनात्मक मात्रा निर्धारण" में लिखते हुए, शोधकर्ताओं ने जिंक की कमी के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात सामने रखी: जिंक का सेवन और शरीर में जिंक का अवशोषण दो बहुत अलग चीजें हैं। इसलिए भले ही ज्यादातर लोग अपने रोजाना की जिंक की जरूरत 8 से 11 मिलीग्राम प्राप्त करने में सक्षम हो पाएं लेकिन ऐसे कई कारक हैं जो शरीर में जिंक के अवशोषण को रोकते हैं।

शरीर द्वारा जिंक को अवशोषित करने में मुश्किल बनाने वाले कुछ कारकों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • जिंक के साथ उच्च फाइबर का सेवन
  • साबुत अनाज और फलियों (दाल) के साथ बड़े पैमाने पर शाकाहारी आहार, जिसमें फाइटेट्स (पौधे रसायन) होते हैं जिंक के अवशोषण को रोकते हैं
  • शराब का सेवन
  • कुछ दवाएं, विशेष रूप से एंटीबायोटिक्स जैसे टेट्रासाइक्लिन और क्विनोलोन
  • पाचन संबंधी कुछ बीमारियां जैसे मालएब्जॉर्प्शन, अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन्स डिजीज

जिंक युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना और अपने भोजन को इस तरह से योजनाबद्ध करना महत्वपूर्ण है ताकि शरीर में जिंक का अवशोषण अधिकतम हो पाए। यदि आप नियमित रूप से मांस या शेलफिश खाते हैं तो आपको जिंक के सेवन के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप शाकाहारी हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप चीज, कद्दू के बीज, भांग के बीज, मूंगफली, चिलगोजा, काजू और बादाम के साथ संतुलित आहार का सेवन करें क्योंकि इन सभी खाद्य पदार्थों में मध्यम मात्रा में ही आवश्यक खनिज जिंक पाया जाता है।

Dr. Dhanamjaya D

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पोषणविद्‍
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Dt. Surbhi Upadhyay

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Dt. Manjari Purwar

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11 वर्षों का अनुभव

Dt. Akanksha Mishra

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8 वर्षों का अनुभव

संदर्भ

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  5. S. Hemalatha, Platel K. and K. Srinivasan. Influence of food acidulants on bioaccessibility of zinc and iron from selected food grains. Molecular Nutrition & Food Research, 2005; 49: 950-956.
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