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सेलेनियम मिट्टी में पाए जाने वाला खनिज है। हमारे शरीर को कई तरह के विटामिन और खनिज की आवश्यकता होती है। हमारा शरीर इन विटामिन और खनिजों को भोजन से प्राप्त करता है। सेलेनियम शरीर के लिए आवश्यक खनिजों में से एक है। यह प्राकृतिक रूप से पानी और कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। शरीर को बहुत ही कम मात्रा में सेलेनियम की जरूरत होती है।

यह चयापचय (मेटाबॉलिज्म) प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में सेलेनियम की कमी या अधिकता होने से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

सेलेनियम के बारे में आपको आगे विस्तार से बताया जा रहा है। इसके अंतर्गत आप जानेंगे सेलेनियम क्या है, सेलेनियम के फायदे, सेलेनियम की अधिकता से नुकसान, सेलेनियम कितनी मात्रा में लेना चाहिए और सेलेनियम के स्त्रोत क्या हैं।

(और पढ़ें - विटामिन की कमी के लक्षण)

  1. सेलेनियम क्या है - Selenium kya hai
  2. सेलेनियम के फायदे - Selenium ke fayde
  3. सेलेनियम की अधिकता - Selenium ki adhikta
  4. सेलेनियम को कितनी मात्रा में लेना चाहिए - Selenium ko kitni matra me lena chahiye
  5. सेलेनियम के स्त्रोत - Selenium ke srot

सेलेनियम खनिज सामान्यतः मिट्टी में पाया जाता है। इसके अलावा यह कुछ खाद्य पदार्थों और पानी में भी मौजूद होता है। सेलेनियम मानव शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण खनिज है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधियों में शामिल होकर "फ्री रेडिकल्स" (free radicals: शरीर में हानिकारक तत्व) की वजह से होने वाली सूजन और अन्य समस्याओं से आपकी सुरक्षा करता है। इसके अलावा सेलेनियम मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को सही बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

(और पढ़ें - सूजन को कैसे कम करें)

अध्ययन के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में सेलेनियम लेने से संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा सेलेनियम महिलाओं और पुरुषों की प्रजनन क्षमता बढ़ाने और कैंसरथायराइड रोग को कम करने में सहायक होता है।

(और पढ़ें - कैंसर के इलाज के लिए अश्वगंधा के फायदे)

इसके कुछ फायदों के बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है। (और पढ़ें - )

  1. एंटीऑक्सीडेंट की तरह कार्य करता है
    उम्र बढ़ने से शरीर पर होने वाले प्रभावों को कम करने में सेलेनियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही यह फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करके प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में भी मदद करता है। सेलेनियम और विटामिन ई के प्रभाव से शरीर को "ऑक्सीडेटिव तनाव" (फ्री रेडिकल्स का हानिकारक प्रभाव) को कम करने और प्रोस्टेट कैंसरकोलन कैंसर से बचाव करने में मदद मिलती है। सेलेनियम कोशिकाओं के ऑक्सीडेटिव नुकसान को कम करने के लिए के लिए जरूरी होता है और डीएनए संबंधी समस्याओं से आपको सुरक्षा प्रदान करता है। (और पढ़ें - प्रोस्टेट बढ़ने का इलाज)
     
  2. कैंसर से बचाव में सहायक होता है
    अगर आपके परिवार में पहले किसी को कैंसर हो चुका हो या आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो, तो ऐसे में आपके लिए सेलेनियम विशेष रूप से लाभकारी होता है। सेलेनियम को अधिक मात्रा में लेने वाले व्यक्तियों को कुछ हद तक कैंसर से सुरक्षा मिलती है।

    अध्ययनों के मुताबिक, सेलेनियम कैंसर से होने वाली मृत्यु और कैंसर की गंभीरता को कम करने के लिए प्रभावी माना जाता है। विशेष रूप से सेलेनियम यकृत कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलोरेक्टल (कोलन) कैंसर और फेफड़ों के कैंसर में अहम रोल अदा करता है। सेलेनियम कोशिकाओं में होने वाली क्षति को ठीक करने में महत्वपूर्ण होता है। (और पढ़ें - फेफड़ों को स्वस्थ रखने वाले आहार)
      
  3. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है
    अध्ययन से इस बात का पता चला है कि सेलेनियम प्रतिरक्षा तंत्र के लिए जरूरी होता है और यह एचआईवी सहित कई अन्य वायरस के निर्माण प्रक्रिया को कम करने में सहायक होता है। इसके साथ ही सेलेनियम एचआईवी संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति में एड्स की तीव्रता को भी कम करने में मदद करता है। 
    (और पढ़ें - यौन संचारित रोग)
     
  4. रक्त संचार को बढ़ाने और हृदय रोग को कम में महत्वपूर्ण होता है
    शरीर में सेलेनियम की मात्रा कम होने एयर हृदय रोग के बीच में सम्बन्ध पाया गया है। सेलेनियम को दवा के रूप में या आहार में लेने से आप हृदय की धमनियों (coronary heart disease/ कोरोनरी धमनी की बीमारी) के रोग से सुरक्षित रहते हैं।

    सेलेनियम रक्त संचार में वृद्धि और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि में मदद करने के साथ ही सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव में महत्वपूर्ण होता है। इससे आपका हृदय स्वस्थ होता है। हृदय रोगियों को सेलेनियम देना सही है या नहीं, इस विषय पर सटीक निर्णय फिलहाल नहीं लिया गया है और इस पर अभी अन्य अध्ययन चल रहे हैं। (और पढ़ें - हृदय रोग का इलाज)
     
  5. थायराइड प्रक्रिया को नियंत्रित करता है सेलेनियम
    रिसर्च और कई अध्ययन से पता चला है कि थायराइड प्रक्रिया और सेलेनियम का आपस में संबंध होता है। सेलेनियम थायराइड हार्मोन को सक्रिय करने का कार्य करता है। थायराइड ग्रंथि द्वारा आपके शरीर के कई कार्यों, जैसे नींद, शारीरिक तापमान, ऊर्जा, वजन और भूख को नियंत्रित किया जाता है और इसका सही होना आपके शरीर के लिए बेहद आवश्यक होता है। (और पढ़ें - थायराइड डाइट चार्ट)
     
  6. लंबी आयु के लिए जरूरी होता है
    अध्ययनों के मुताबिक सेलेनियम आपके स्वास्थ्य और लंबी आयु के लिए जरूरी माना जाता है। अगर आप भी लंबी आयु पाना चाहते हैं तो आपको अपने आहार में सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। सेलेनियम कई तरह के रोगों से आपकी सुरक्षा करता है। रोग-मुक्त होने से आपकी आयु लंबी होती है। (और पढ़ें - प्राणायाम के फायदे)
     
  7. अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मददगार होता है
    कई अध्ययनों से यह पता चला कि अस्थमा के लक्षणों को कम करने में सेलेनियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  विशेषज्ञों का कहना है कि अस्थमा के रोगियों को दवाईयों के साथ नियमित रूप से सेलेनियम देना लाभदायक हो सकता है। इस विषय पर अभी और रिसर्च की जा रही है, जिसके बाद ही विशेषज्ञ किसी निर्णय पर पहुंचेंगे। (और पढ़ें - अस्थमा के घरेलू उपाय)
     
  8. प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है
    सेलेनियम स्पर्म की गतिशीलता और रक्त संचार को बढ़ाने का कार्य करता है। इससे पुरुषों की प्रजनन क्षमता बढ़ती है और उनके बांझपन को दूर करने में मदद मिलती है। (और पढ़ें - प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले आहार)

    कुछ अध्ययन से पता चला है कि सेलेनियम से महिलाओं में  की संभावनाएं कम हो जाती है। पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर सेलेनियम के प्रभाव अधिक होते हैं, हालांकि महिलाओं के लिए इस विषय पर रिसर्च की जा रही है। (और पढ़ें - मिसकैरेज से बचाव)

सेलेनियम को सभी आयु वर्ग के लोगों को अपने शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही ग्रहण करना चाहिए। सेलेनियम की अधिक मात्रा में लेने से आपको कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में इसकी अधिक मात्रा होने से आपको निम्न लक्षण महसूस हो सकते हैं।

आप अपनी आयु के अनुसार सेलेनियम की निश्चित जरूरत को अपने भोजन या दवा से पूरा कर सकते हैं। भोजन के माध्यम से सेलेनियम की आवश्यकता को पूरा करने का विकल्प सही और सुरक्षित माना जाता है। किस आयु वर्ग के व्यक्ति को रोजाना कितनी मात्रा में सेलेनियम लेने की जरूरत होती है, इसको यहाँ दी गयी तालिका में बताया गया है -

आयु  रोजाना ली जाने वाली मात्रा
बच्चे 1-3 0.02 मिलीग्राम/ दिन
बच्चे 4-8 0.03 मिलीग्राम/ दिन
बच्चे 9 -13 0.04 मिलीग्राम/ दिन
14 से ऊपर के बच्चे और वयस्क 0.055 मिलीग्राम/ दिन
गर्भवती महिलाओं 0.06 मिलीग्राम/ दिन
स्तनपान कराने वाली महिलाएं 0.07 मिलीग्राम/ दिन 

(और पढ़ें - प्रोटीन कितना लेना चाहिए)

एक व्यस्क व्यक्ति को रोजना करीब 0.055 मिलीग्राम सेलेनियम की जरूरत होती है, जिसे आप खाद्य पदार्थों द्वारा प्राप्त कर सकते हैं। सेलेनियम युक्त आहार के बारे में आप आगे जानें-

  1. अंडे -
    1 अंडे से सेलेनियम की करीब 0.146 मिलीग्राम मात्रा मिलती है, जो रोजाना जरूरत का 265 प्रतिशत होती है। (और पढ़ें - गर्मियों में अंडे खाना चाहिए)
     
  2. सूरजमुखी के बीज -
    सूरजमुखी के 1 कप बीज से सेलेनियम की करीब 0.105 मिलीग्राम मात्रा मिलती है, जो आपकी रोजाना जरूरत का 190 प्रतिशत है। (और पढ़ें - सूरजमुखी के तेल केेे फायदे)
     
  3. चिकन
    85 ग्राम चिकन से आपको सेलेनियम की करीब 0.0332 मिलीग्राम मात्रा मिलती है, जो रोजाना जरूरत का 58 प्रतिशत होती है।
     
  4. सैलमन मछली
    85 ग्राम सैलमन मछली से आपको सेलेनियम की करीब 0.031 मिलीग्राम मात्रा मिलती है, जो रोजाना जरूरत का 56 प्रतिशत होती है। (और पढ़ें - मछली के तेल के फायदे)
     
  5. चिया बीज
    29 ग्राम चिया के बीज से आपको सेलेनियम की करीब 0.0156 मिलीग्राम मात्रा मिलती है, जो रोजाना जरूरत का 28 प्रतिशत हिस्सा पूरा करती है।
     
  6. मशरूम -
    1 कप मशरूम से आपको सेलेनियम की करीब 15 मिलीग्राम मात्रा मिलती है, जो रोजाना जरूरत का 27 प्रतिशत हिस्सा है। (और पढ़ें - हरी सब्जियां खाने के फायदे)

सेलेनियम युक्त अन्य खाद्य पदार्थ

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