आजकल वजन कम करने के लिए आप सभी कई तरह के उपाय अपनाते हैं। क्योंकि वजन घटना जरूरी भी है, आपका मोटापा कई बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में अपने आप को फिट रखने के लिए वजन को बैलेंस रखना आपके लिए बहुत जरूरी है। वैसे तो वेट मैनेजमेंट के लिए लोग कई तरह के डाइट और फास्टिंग अपनाते हैं, जैसे - कीटो डाइट, वीगन डाइट, लो कार्ब डाइट व इंटरमिटेंट फास्टिंग आदि। ऐसी ही एक फास्टिंग है 'वाटर फास्टिंग', इसे सुन कर आपके मन में कई सवाल आएंगे जैसे वाटर फास्टिंग कैसे करते हैं , वाटर फास्टिंग के फायदे क्या-क्या हैं?
आज इस लेख में आप वाटर फास्टिंग का मतलब, वाटर फास्टिंग के फायदे व नुकसान आदि के बारे में जानेंगे -
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- वाटर फास्टिंग क्या है?
- वाटर फास्टिंग के फायदे
- वाटर फास्टिंग के नुकसान
- क्या वाटर फास्टिंग से वजन कम होता है?
- किसे वाटर फास्टिंग नहीं करना चाहिए ?
- वाटर फास्टिंग के लिए टिप्स
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
वाटर फास्टिंग क्या है?
इस फास्टिंग में आप खाने के बजाय सिर्फ पानी पर निर्भर रहते हैं। इस फास्ट को करने का कोई फिक्स समय नहीं है। हालांकि, मेडिकल के अनुसार आपको इस फास्ट को 24 घंटे से लेकर 3 दिन से ज्यादा समय तक नहीं करना चाहिए। कुछ लोग वाटर फास्टिंग वजन कम करने के लिए करते हैं, तो कुछ धार्मिक व आध्यात्मिक कारण से करते हैं। इसके अलावा, शरीर को डिटॉक्सिफाई करने के लिए वाटर फास्टिंग की जाती है, लेकिन इसे करने के पीछे मुख्य कारण हेल्थ को बेहतर करना है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि यह आपके लिए कितना फायदेमंद है।
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वाटर फास्टिंग के फायदे
वाटर फास्टिंग का मुख्य लाभ वजन कम करना है। यहां हम इसके कुछ अन्य फायदों के बारे में बता रहे हैं। ये लाभ कुछ इस प्रकार हैं:
- ऑटोफैगी की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है। इसमें आपकी कोशिकाओं के पुराने या डैमेज भाग टूट जाते हैं या रिसाइकल हो जाते हैं। इससे आपको कैंसर और अल्जाइमर जैसे स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।
- हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल या कम किया जा सकता है।
- इंसुलिन और लेप्टिन जैसे हार्मोन की संवेदनशीलता को बेहतर किया जा सकता है।
- क्रोनिक रोग यानी पुरानी बीमारी जैसे - हाई ब्लड प्रेशर व डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकता है।
- वजन कम हो सकता है।
- हाई कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है।
- हृदय रोग के जोखिम को कम किया सकता है।
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वाटर फास्टिंग के नुकसान
हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। इसके नुकसान कुछ इस प्रकार हैं -
- जैसे कि इसमें आप सिर्फ पानी का सेवन करते हैं, तो इससे बहुत ज्यादा वजन कम हो सकता है।
- डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। यह सुनकर अजीब लग सकता है कि पानी पीने के बाद भी डिहाइड्रेशन कैसे हो सकता है। असर में शरीर को 20 से 30 प्रतिशत पानी खाने से मिलता है। ऐसे में आपका सही तरीके से खाना न खाने के कारण शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है। इससे आपको चक्कर आना, मतली व कब्ज जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
- ब्लड प्रेशर काफी कम हो सकता है। इससे आपको सिर में हल्कापन महसूस होने व चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है।
- अगर किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या जैसे - गाउट या खाने से जुड़ी परेशानी है, तो समस्या हो बढ़ सकती है।
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क्या वाटर फास्टिंग से वजन कम होता है?
हां, अन्य प्रकार के उपवासों की तरह वाटर फास्टिंग वजन कम करने में मदद कर सकता है। हालाँकि, यह कई स्वास्थ्य जोखिमों का कारण भी बन सकता है। अगर कोई फास्टिंग के फायदे प्राप्त करना चाहता है, तो बेहतर है कि वाटर फास्टिंग की जगह इंटरमिटेंट फास्टिंग या एक दिन छोड़कर फास्टिंग करें। इस तरह की फास्टिंग स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है और इसका लंबे समय तक पालन किया जा सकता है। फिर भी बेहतर यही होगा कि वजन कम करने के लिए आपको किसी भी तरह का उपवास करने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए।
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किसे वाटर फास्टिंग नहीं करना चाहिए ?
वाटर फास्टिंग हर किसी के लिए सेफ नहीं है। ऐसे में कुछ लोगों को इस फास्टिंग को नहीं करना चाहिए या करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए -
- 18 वर्ष से कम आयु वाले।
- अगर किसी को खाने से जुड़ा कोई विकार हो।
- कम वजन वाले लोग।
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
- अगर किसी को टाइप 1 डायबिटीज है।
- अगर किसी को माइग्रेन है।
- किसी को अगर हृदय रोग है।
- अगर कोई खास दवा का सेवन कर रह हो।
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वाटर फास्टिंग के लिए टिप्स
अगर कोई वाटर फास्टिंग करने का सोच रहा है, तो वह इस उपवास को करने से पहले यहां दिए गए कुछ टिप्स को जरूर फॉलो करें -
- उपावस शुरू करने से पहले अच्छी तरह से खा लें. खासतौर से हाई एनर्जी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
- फास्टिंग का ऐसा समय चुनें जब आप ज्यादा एक्टिविटी न कर रहे हों।
- अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं है, तो इस फास्टिंग को न करें।
- आप थकान महसूस हो रही है, तो भी इस उपवास को न करें।
- इस फास्ट के दौरान किसी भी तरह की एक्सरसाइज या योग करने से बचें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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क्या रोज़ाना वाटर फास्टिंग करना सेफ है?
रोज़-रोज़ सिर्फ पानी पर टिके रहना शरीर पर काफी दबाव डाल देता है। एक-दो दिन तो शरीर संभाल लेता है, लेकिन रोज़-रोज़ बिना खान-पान के शरीर को ज़रूरी ऊर्जा और पोषण नहीं मिल पाता। अगर यह कमी लगातार बनी रहे, तो चक्कर, थकान, कमजोरी और तेज़ सिरदर्द जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इसलिए अगर कभी करना भी हो, तो इसे कभी-कभार अपनाने वाली आदत की तरह रखें, न कि रोज़मर्रा की दिनचर्या की तरह। और किसी भी तरह की बीमारी, कमजोरी या दवा चल रही हो, तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना ही सही रहता है।
वाटर फास्टिंग के दौरान लगातार भूख लगती है क्या?
शुरुआती कुछ घंटे थोड़ा मुश्किल लगते हैं, क्योंकि शरीर को समय पर खाना मिलने की आदत होती है। इसी वजह से कई लोगों को पहले दिन सिर भारी लग सकता है या थोड़ी बेचैनी महसूस हो सकती है। धीरे-धीरे शरीर “उपवास मोड” में आ जाता है और भूख की लहरें थोड़ी कम महसूस होने लगती हैं। फिर भी हर व्यक्ति का अनुभव अलग होता है—कुछ लोग इसे आसानी से निभा लेते हैं, जबकि कुछ लोग पूरे दिन भूख का दबाव महसूस करते रहते हैं।
क्या वाटर फास्टिंग पेट को डिटॉक्स करता है?
कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ पानी पीने से शरीर के भीतर जमा गंदगी अपने आप निकल जाती है। सच यह है कि शरीर के पास पहले से गुर्दे और जिगर जैसे अंग होते हैं, जो सफाई का काम लगातार करते रहते हैं। उपवास इस प्रक्रिया को थोड़ा आराम जरूर देता है, क्योंकि तब शरीर को खाना पचाने में अतिरिक्त ताकत नहीं लगानी पड़ती। लेकिन इसे किसी जादुई शुद्धि प्रक्रिया की तरह देखना सही नहीं होगा।
क्या वाटर फास्टिंग से मसल लॉस भी होता है?
लंबे समय तक खाना न मिलने पर शरीर पहले जमा चरबी को उपयोग करता है, लेकिन धीरे-धीरे वह मांसपेशियों में मौजूद प्रोटीन को भी तोड़ना शुरू कर देता है। इसी वजह से उपवास के बाद कई लोग थकान या कमजोरी महसूस करते हैं। जिन लोगों का ध्यान व्यायाम और मांसपेशियाँ बढ़ाने पर होता है, उनके लिए यह प्रभाव और ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। इसलिए बहुत लंबा वाटर फास्ट करना उचित नहीं माना जाता।
क्या डायबिटीज वाले लोग वाटर फास्टिंग कर सकते हैं?
मधुमेह वाले लोगों के लिए यह उपवास खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि लंबे समय तक बिना खाए रहने पर रक्त में शर्करा का स्तर अचानक बहुत नीचे गिर सकता है। कई बार यह बदलाव इतना तेज़ होता है कि तुरंत चिकित्सा सहायता की ज़रूरत पड़ सकती है। इसलिए मधुमेह वाले लोग यह उपवास बिल्कुल भी बिना डॉक्टर की अनुमति और निगरानी के न करें।
सारांश
वाटर फास्टिंग के कुछ स्वास्थ्य लाभ हैं, जिसमें वजन कम करना सबसे पहले आता है। हालांकि, फायदे के साथ-साथ वाटर फास्टिंग आपके लिए कई सारे जोखिमों का भी कारण बन सकता है। खासतौर से अगर कोई 3 दिन से ज्यादा इस फास्टिंग को करता है। इसके अलावा, अगर आपको गाउट, लो ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो यह उपवास आपकी स्थिति को गंभीर कर सकता है ऐसे में बेहतर है कि वाटर फास्टिंग के बजाय अन्य वेट मैनेजमेंट विकल्पों को जैसे - व्यायाम, स्वस्थ और सही डाइट व योग को प्राथमिकता दें।
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