जैसे जैसे दूसरी तिमाही का अंत अर्थात गर्भावस्था का अट्ठाईसवां सप्ताह शुरु होता है, आपकी प्रेगनेंसी का भी अंत करीब आता जाता है। इस समय डॉक्टर आपको शिशु की गतिविधियों का एक चार्ट दिखाएंगे। अगर बच्चा अभी भी उल्टी स्थिति (Breech position) में है, तो उसके जन्म लेने की निर्धारित तिथि अभी भी आगे पीछे हो सकती है। अगर बच्चा सही स्थिति में नहीं आता है, तो आपकी डिलीवरी, सी-सेक्शन अर्थात सर्जरी के माध्यम से हो सकती है। इस हफ्ते एक बार फिर आपका रक्त परीक्षण किया जायेगा और अगर आपके रक्त में आरएच एंटीबॉडी (Rh antibody) पायी जाती है, तो डॉक्टर आपको एंटी-डी (Anti-D) इंजेक्शन देंगे और छत्तीसवें हफ्ते में दोबारा ये इंजेक्शन आपको लगाया जायेगा।

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  1. 28वें हफ्ते की गर्भावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव - Body changes during 28 week of pregnancy in Hindi
  2. अट्ठाईसवें हफ्ते की गर्भावस्था में शिशु का विकास - Baby development in 28th week of pregnancy in Hindi
  3. अट्ठाईसवें हफ्ते के गर्भ का अल्ट्रासाउंड - Ultrasound of 28 weeks pregnancy in Hindi
  4. 28वें सप्ताह के गर्भधारण के लिए टिप्स - Tips for 28 weeks pregnancy in Hindi
  5. प्रेगनेंसी के अट्ठाईसवें हफ्ते में डाइट - Diet for 28th week of pregnancy in Hindi
  6. गर्भावस्था का 28वां सप्ताह के डॉक्टर

चूंकि गर्भाशय आपके कोलन (Colon- बड़ी आंत का वह भाग जो खाद्य पदार्थों के शरीर से बाहर निकलने से पहले उनमें से पानी अवशोषित कर लेता है) पर दबाव डालता है जिसके कारण इस हफ्ते कब्ज की समस्या अधिक होती है। साथ ही अब से थकान, पैरों में ऐंठन, प्रेगनेंसी में होने वाले दर्द, अधिक पेशाब महसूस होना, बवासीर और अनिद्रा जैसे अन्य कई लक्षण दिन-प्रतिदिन आपको कष्ट पहुचांते हैं। अधिकतर महिलाओं को इस दौरान ब्रेक्सटन हिक्स संकुचन (Braxton Hicks contractions- गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में होने वाली सामान्य ऐंठन) का अनुभव भी होता है। जो प्रसव होने जैसा संकेत लगता है लेकिन यह सामान्य होता है। कुछ महिलाओं को सीने में जलन का अनुभव भी होता है। इस सप्ताह महिलाओं का वज़न औसतन 8-11 किग्रा बढ़ जाता है, लेकिन यह संख्या बदल भी सकती है क्योंकि हर महिला का शरीर अलग प्रकार का होता है। इसलिए किसी भी प्रकार की चिंता होने पर डॉक्टर से पूछने या बात करने में संकोच न करें।

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इस सप्ताह में बच्चे की लम्बाई लगभग 16 इंच और वज़न करीब 1.8 किलो हो जाता है अर्थात बच्चा लगातार वृद्धि कर रहा होता है। पिछले कुछ हफ्तों में उसका विकास धीमी गति से हो रहा होता है, लेकिन इस सप्ताह से वो भी तेज़ी से होना शुरू हो जाता है। अल्ट्रासाउंड में आपको शिशु पहले से थोड़ा मोटा दिखाई देगा। त्वचा के नीचे वसा एकत्रित होने के कारण ऐसा होता है। वो अपनी आंखें खोल सकता है और उसकी भौहें और पलकें पूरी तरह से विकसित हो जाती हैं। एंजाइम सिस्टम और अंतःस्त्रावी प्रक्रियाएं (Endocrinological processes) अभी  अविकसित होती हैं। इन सभी सिस्टम और फेफड़ों का तीसरी तिमाही के शुरू होने के बाद भी विकास हो रहा होता है। जब बच्चा गर्भाशय में घूमता या अपनी स्थिति बदलता है तो आपको किक और घूसों का अनुभव हो सकता है।

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यह सप्ताह तीसरी तिमाही की शुरुआत का संकेत होता है। अल्ट्रासाउंड में आप बच्चे के रोम जिन्हें लैन्यूगो (Lanugo) भी कहते हैं, को एम्नियोटिक द्रव (Amniotic fluid) में लहराते हुए देखेंगी। जन्म से पहले ये गर्भरोम शिशु के सामान्य बालों से स्थानांतरित हो जाते हैं जो बच्चे के जन्म के बाद उसके शरीर और सिर पर होते हैं।

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डॉक्टर के पास नियमित रूप से चेक-अप के लिए जाती रहें। इन दिनों आपको डॉक्टर के पास अधिक बार जाना पड़ सकता है। यदि आप चाहें तो अपॉइंटमेंट में पूछने वाले प्रश्न या अपनी चिंताएं एक जगह लिख लें जिससे डॉक्टर आपकी सभी परेशानियों को आसानी से दूर कर सकें। अब हर हफ्ते आपको अलग अलग बदलावों का अनुभव होगा इसलिए अपनी अपॉइंटमेंट के लिए तैयार रहें। गर्भावस्था के होने वाले दर्द के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप हमारा गर्भावस्था में दर्द लेख पढ़िए कि ये दर्द क्या हैं, क्यों होते हैं और कौन से दर्द सामान्य हैं और कौन से नहीं।

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गर्भावस्था के 28वें सप्ताह में शिशु तेज़ी से विकास करता है। कैल्शियम बच्चे की हड्डी और दांतों के विकास के लिए बहुत आवशयक पोषक तत्व है। बच्चे और खुद को स्वस्थ रखने के लिए आपको अपने शरीर को हर प्रकार का पोषण देने की ज़रूरत होती है।

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  1. कैल्शियम के लिए डेयरी उत्पाद, हरी सब्जियां जैसे पालक आदि का सेवन करें।
  2. छाछ और ठंडाई आदि पेय पदार्थों के अच्छे विकल्प हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में ये हेल्दी जूस हैं काफी फायदेमंद)
  3. बादाम, अखरोटदालें और अंजीर भी कैल्शियम के प्रमुख स्रोत हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या ना खाएं)
  4. विटामिन डी,  कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, इसके लिए आप अंडे और दूध का सेवन करें और धूप लेने की कोशिश करें।

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