गर्भनिरोधक इंजेक्शन एक ऐसा इंजेक्शन है जिसमें या तो प्रोजेस्टिन (सिंथेटिक प्रोजेस्टोजेन) अकेले या फिर प्रोजेस्टिन और एस्ट्रोजन दोनों हार्मोन साथ में होते हैं, जो आपके शरीर को अंडे का उत्पादन करने से रोकते हैं और गर्भाशय की ग्रीवा में श्लेष्म (म्यूकस) को गाढ़ा करते है।
आपको इस इंजेक्शन का एक शॉट महीने में एक बार या फिर हर तीन महीनों में एक बार अपने डॉक्टर से लगवाना पड़ता है। हालाँकि एक बार लगा दिया तो फिर इंजेक्शन के प्रभाव को रोकना मुश्किल है।
गर्भनिरोधक इंजेक्शन का काम करने का तरीका गर्भनिरोधक गोली या गर्भनिरोधक रिंग की तरह ही है बस इसमें आपको रोज या हफ्ते में लेने की याद रखने की जरुरत नहीं होती है। हालाँकि जो महिलाएं इंजेक्शन से डरती हैं, उनके लिए यह अच्छा उपाय नहीं है।
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इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि गर्भनिरोधक इंजेक्शन क्या होता है, ये कैसे उपयोग किये जाते हैं। साथ ही गर्भनिरोधक इंजेक्शन के प्रकार और फायदे तथा लाभ के बारे में भी बताया गया है। आप यह भी जानेंगे कि गर्भनिरोधक इंजेक्शन की कीमत कितनी होती है।
- गर्भनिरोधक इंजेक्शन क्या है? - What is the Contraceptive Injection in hindi
- गर्भनिरोधक इंजेक्शन के प्रकार - Types of Contraceptive Injection in hindi
- गर्भनिरोधक इंजेक्शन कैसे उपयोग करें? - Contraceptive Injection method in hindi
- गर्भनिरोधक इंजेक्शन के फायदे - Contraceptive Injection benefits in hindi
- गर्भनिरोधक इंजेक्शन के नुकसान - Contraceptive Injection side effects in hindi
- गर्भ निरोधक इंजेक्शन का मूल्य - Contraceptive Injection price in hindi
- सारांश
गर्भनिरोधक इंजेक्शन क्या है? - What is the Contraceptive Injection in hindi
गर्भनिरोधक इंजेक्शन को डेपो भी कहा जाता है। जैसा की ऊपर बताया गया है कि यह प्रोजेस्टोजेन (स्टेरॉयड हार्मोन का एक वर्ग है जो प्रोजेस्टेरोन रिसेप्टर्स को सक्रिय करके जोड़ता है) हार्मोन का इंजेक्शन होता है। प्रोजेस्टोजेन अंडाशय द्वारा बनाए जाने वाले हार्मोन के समान ही होता है।
गर्भनिरोधक इंजेक्शन (डेपो-प्रोवेरा, सायना प्रेस और नोरिस्टेरट) गर्भ धारण करने से रोकने के लिए आपके खून की नसों में प्रोजेस्टोजेन हार्मोन छोड़ते हैं। अगर इन इंजेक्शन का सही तरह से उपयोग किया जाता है तो ये 99 प्रतिशत प्रभावी उपाय है। इसका असर 8 से 13 सप्ताह तक रहता है, इसलिए आपको रोज गर्भ निरोधक के बारे में सोचना नहीं पड़ता है।
यह उन महिलाओं के लिए सबसे उपयोगी है जिनको रोजाना गर्भनिरोधक गोली लेने की याद रखनी पड़ती है। इसमें आपको केवल यह ध्यान रखना है कि यह इंजेक्शन का प्रभाव कब तक रहेगा। यह उन महिलाओं के लिए भी उपयोगी है जो एस्ट्रोजन वाले गर्भनिरोधक उपयोग नहीं कर सकती है।
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गर्भनिरोधक इंजेक्शन के प्रकार - Types of Contraceptive Injection in hindi
महिलाओं में गर्भधारण को रोकने के लिए गर्भनिरोधक इंजेक्शन को समय-समय पर दिया जाता है। इसके निम्नलिखित तीन प्रकार हैं -
डेपोट-मेड्रोक्सी प्रोजेस्टेरोन एसीटेट (डीएमपीए)
यह गर्भ निरोधक इंजेक्शन का सबसे आम प्रकार है जो हर जगह उपयोग किया जाता है। इसका 150 एमजी का इंजेक्शन तीन महीनों में एक बार लगाया जाता है। भारत में इसे ही डेपो-प्रोवेरा कहा जाता है।
नोरथिनड्रोन ऐननथाट (एनईटी-ईएन) (Norethindrone Enanthate (NET-EN))
इस इंजेक्शन की 200 एमजी की खुराक 2 महीने में एक बार लगायी जाती है। अभी भारत में यह नहीं मिलता है।
कंबाइंड एस्ट्रोजन एंड पप्रोजेस्टिन
इसे मासिक इंजेक्शन या मंथली इंजेक्शन भी कहा जाता है। इसे साइक्लोफेम, साइक्लोप्रोवेरा और मेसीग्यन के नाम से जाना जाता है। ये सभी हर महीने में एक बार लगने वाले इंजेक्शन हैं जिनमें 25 एमजी डेपो मेड्रोक्सी प्रोजेस्टेरोन एसीटेट और 5 एमजी एस्ट्रडिओल सीपीओनेट पाया जाता है। ये भी अभी तक भारत में नहीं मिलते हैं।
गर्भनिरोधक इंजेक्शन कैसे उपयोग करें? - Contraceptive Injection method in hindi
आमतौर पर डेपो-प्रोवेरा और नोरिस्टेरट इंजेक्शन कूल्हे पर लगाए जाते हैं किंतु यदि आप चाहे तो इन्हें अपनी बाँह पर भी लगवा सकते है।
सायना प्रेस इंजेक्शन को पेट पर या जांघ पर लगवा सकते हैं। ये इंजेक्शन लगाना खुद भी सिख सकते हैं लेकिन यह ध्यान रखें कि गर्भनिरोधक इंजेक्शन का उपयोग डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही किया जाना चाहिए।
ये इंजेक्शन आप मासिक चक्र के दौरान कभी भी लगवा सकती हैं, जब तक कि आप गर्भवती नहीं है। अगर आप अपने मासिक चक्र के शुरुआती पांच दिनों में इंजेक्शन लगवाती हैं तो आपको गर्भ धारण नहीं होगा।
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यदि मासिक चक्र के किसी अन्य दिन में इंजेक्शन लगवाती हैं तो आपको 7 दिन तक अतिरिक्त गर्भनिरोधक का भी उपयोग करना पड़ेगा जैसे कि कंडोम।
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गर्भनिरोधक इंजेक्शन के फायदे - Contraceptive Injection benefits in hindi
गर्भनिरोधक इंजेक्शन के फायदे निम्नलिखित हैं -
- इससे सेक्स करने में कोई परेशानी नहीं होती है। (और पढ़े - यौनशक्ति बढ़ाने के उपाय)
- आप को रोज-रोज गोली लेने की याद नहीं रखनी पड़ती है।
- हर इंजेक्शन का असर 8 से 13 हफ्तों तक रहता है।
- अगर आप बच्चे को स्तनपान करवा रही है तब भी यह इंजेक्शन सुरक्षित होता है। (और पढ़े - ब्रेस्ट फीडिंग टिप्स इन हिंदी)
- इस पर अन्य दवाइयों का भी असर नहीं होता है।
- इससे दर्दभरे मासिक धर्म और अधिक मात्रा में होने वाले रक्तस्राव में कमी आती है और यह प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के लक्षणों में भी मदद करता है।
- अगर आप एस्ट्रोजन पर आधारित गर्भ निरोधक का उपयोग नहीं कर सकती है तो यह आपके लिए उचित उपाय है।
गर्भनिरोधक इंजेक्शन के नुकसान - Contraceptive Injection side effects in hindi
गर्भनिरोधक इंजेक्शन के नुकसान निम्नलिखित हैं -
- कोई भी साइड इफ़ेक्ट जब तक इंजेक्शन का असर रहेगा तब तक रह सकता है या इससे अधिक समय तक भी रह सकता है।
- आपके मासिक चक्र के सामान्य होने में और आपके गर्भवती होने योग्य बनने में लगभग एक वर्ष तक का समय लग सकता है।
- आपके मासिक धर्म में बदलाव होने से यह अनियमित मासिक धर्म, ज्यादा खून आना, बहुत हल्का, मासिक धर्म कम या पूरी तरह रुक सकता है। आपके द्वारा इंजेक्शन लेना छोड़ने के बाद भी कुछ महीनों तक यह असर रह सकता है।
- यह आपको एसटीडी से सुरक्षित नहीं रखता है।
- आपको मुँहासे, मूड में बदलाव, सेक्स की इच्छा में कमी, बाल झड़ना और सिरदर्द जैसे प्रभाव भी हो सकते हैं।
- कुछ लोगों में डेपो-प्रोवेरा या सायना प्रेस इंजेक्शन के लेने से वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।
गर्भ निरोधक इंजेक्शन का मूल्य - Contraceptive Injection price in hindi
भारत में केवल डेपो-प्रोवेरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन ही उपलब्ध है जिसकी कीमत लगभग 250-300 रुपये के आस-पास होती है।
आप चाहे तो भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी गर्भनिरोधक उपलब्ध करवाने की योजना का लाभ ले सकती हैं। इसके अंतर्गत पहले पांच प्रकार के गर्भनिरोधक शामिल थे, किंतु अब सरकार ने इंजेक्शन को भी इसमें शामिल कर लिया है जो मुफ्त में उपलब्ध करवाएं जायेंगे।
नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है। myUpchar किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की सलाह नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करके ही निर्णय लें।
सारांश
गर्भ निरोधक इंजेक्शन एक प्रभावी और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि है, जो प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उपयोग करके गर्भधारण को रोकता है। यह इंजेक्शन आमतौर पर हर तीन महीने में एक बार लगाया जाता है और इसे डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी द्वारा प्रशासित किया जाता है। इंजेक्शन ओव्यूलेशन को रोकता है, जिससे अंडाणु का उत्पादन नहीं होता और गर्भाशय ग्रीवा की श्लेष्मा को मोटा करता है, जिससे शुक्राणु का अंडाणु तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यह विधि उन महिलाओं के लिए उपयोगी है जो दैनिक गोलियां लेने की परेशानी से बचना चाहती हैं। हालांकि, इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं, जैसे मासिक धर्म चक्र में बदलाव, वजन बढ़ना, सिरदर्द, और मूड स्विंग्स। गर्भ निरोधक इंजेक्शन का उपयोग शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है, ताकि इसकी उपयुक्तता और संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके।



