बालों का झड़ना सामान्य समस्या है. आनुवंशिक व हार्मोनल बदलाव की वजह से अक्सर बाल झड़ने की समस्या हो सकती है. वैसे तो बालों के झड़ने की समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन पुरुषों को इसका सामना ज्यादा करना पड़ता है. वहीं, आजकल कम उम्र के लोगों में भी बाल झड़ने की समस्या देखने को मिल रही है. अमेरिकन हेयर लॉस एसोसिएशन के अनुसार, लगभग 85 फीसदी पुरुष हेयर लॉस से परेशान हैं. इनमें से एक चौथाई पुरुष 21 वर्ष से कम आयु के हैं.
आज इस लेख में हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि कम उम्र में बाल झड़ने के कारण व उसका इलाज क्या है -
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कम उम्र में बाल झड़ने के लक्षण
बालों के झड़ने के लक्षण अलग-अलग तरह से नजर आ सकते हैं. ये लक्षण अचानक या धीरे-धीरे आ सकते हैं. कई बार व्यक्ति के पूरे शरीर के बाल भी झड़ने लगते हैं. बाल झड़ने के लक्षणों में शामिल हैं-
- धीरे-धीरे बाल झड़ना
- स्कैल्प नजर आना
- पैची गंजापन
- बालों का पतला होना
- पूरी हेयरलाइन से बाल निकल जाना
- कंघी करते हुए बाल निकलना
(और पढ़ें - बाल झड़ने के कारण)
कम उम्र में बाल झड़ने के कारण
कम उम्र में बाल झड़ने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं, लेकिन हार्मोनल बदलाव, ऑटोइम्यून रोग व शरीर में पोषक तत्वों की कमी को बालों के झड़ने का मुख्य कारण माना गया है. यहां हम बाल झड़ने के कुछ कारणों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं -
हार्मोनल बदलाव
एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया या मेल पैटर्न गंजापन बालों के झड़ने का आम प्रकार है. इस प्रकार के बाल हार्मोनल बदलाव के कारण झड़ते हैं. जब डीहाइड्रो टेस्टोस्टेरोन (डीएचटी) में बदलाव होता है, तो व्यक्ति के बाल झड़ सकते हैं. यह हार्मोन बालों के रोम को सिकोड़ता है. जब डीएचटी असंतुलित होता है, तो बालों का विकास बाधित होता है. 25 साल से कम उम्र के युवा डीएचटी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं.
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ऑटोइम्यून डिसऑर्डर
ऑटोइम्यून डिसऑर्डर की वजह से भी बाल झड़ सकते हैं. एलोपेसिया एरीटा एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है. इसमें शरीर बालों के रोम पर हमला करता है. इसके अलावा, एलोपेसिया ल्यूपस भी इम्यूनिटी पर हमला करती है, जिससे स्कैल्प पर सूजन आ सकती है. बाल अधिक झड़ सकते हैं. ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के कारण सिर, आईब्रो, पलकों और शरीर के भी बाल झड़ सकते हैं. कुछ लोगों में ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के कारण 30 वर्ष से पहले बाल झड़ने लग सकते हैं, तो कुछ लोगों में यह बचपन से ही शुरू हो सकता है.
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पोषक तत्वों की कमी
शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने से भी किसी व्यक्ति के बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं. यह समस्या विटामिन-डी, आयरन, जिंक और प्रोटीन जैसे पोषण की कमी से हो सकती है. इसके अलावा विटामिन-ए, विटामिन-ई और सेलेनियम की कमी से भी बाल झड़ सकते हैं. बायोटिन, फोलिक एसिड, नियासिन और विटामिन-सी की कमी भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है.
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आनुवंशिक
अगर किसी व्यक्ति के माता-पिता में बाल झड़ने की समस्या देखी जाती है, तो बच्चों के भी कम उम्र में बाल झड़ सकते हैं. एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया बालों के झड़ने का एक जेनेटिक कारक होता है. इसे मेल पैटर्न गंजापन और फीमेल पैटर्न गंजापन कहा जाता है.
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थायराइड
थायराइड भी कम उम्र में बालों के झड़ने का कारण बन सकता है. थायराइड में हार्मोन का कम या अधिक उत्पादन होता है, जिसकी वजह से बाल झड़ सकते हैं. थायराइड की वजह से स्कैल्प दिखाई दे सकता है. लंबे समय से थायराइड की बीमारी वाले लोगों में बालों का झड़ना सबसे आम है.
(और पढ़ें - बाल किस कमी से झड़ते हैं?)
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं को होने वाली एक स्वास्थ्य समस्या है. इस स्थिति में महिलाओं के शरीर में मेल सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का लेवल अधिक होने लगता है. पीसीओएस में अनियमित पीरियड्स, मुंहासे व बाल झड़ने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं, लेकिन हार्मोनल असंतुलन का इलाज करने से बाल दोबारा उग सकते हैं.
(और पढ़ें - बाल झड़ने से रोकने की होम्योपैथिक दवा)
प्यूबर्टी
प्यूबर्टी में भी बाल झड़ने की शिकायत हो सकती है. इस दौरान हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ावा होता है. इससे बालों का विकास प्रभावित हो सकता है. इसलिए, कई बार प्यूबर्टी के तुरंत बाद बालों का झड़ना शुरू हो सकता है.
कम उम्र में बाल झड़ने के अन्य कारण
- ट्रैक्शन एलोपेसिया
- ट्रिकोटिलोमेनिया
- स्कैल्प पर दाद
- टेलोजेन एफ्लुवियम
(और पढ़ें - एक दिन में कितने बाल झड़ना नार्मल है)
कम उम्र में बाल झड़ने का इलाज
कम उम्र में बाल झड़ना व्यक्ति को काफी परेशान कर सकता है, क्योंकि यह पूरे लुक को प्रभावित कर देता है. लोगों में यह समस्या अलग-अलग कारणों की वजह से हो सकती है. कुछ मामलों में उचित उपचार के माध्यम से बालों के झड़ने की समस्या को ठीक किया जा सकता है -
- अगर थायराइड हार्मोन के असंतुलन के कारण बाल झड़ रहे हैं, तो इसे संतुलन में लाने की कोशिश की जा सकती है. इससे बालों की ग्रोथ दोबारा शुरू होने लगेगी.
- कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स इंजेक्शन, मलहम और दवाइयों के माध्यम से बालों के झड़ने की समस्या को ठीक किया जा सकता है.
- कम उम्र में बाल झड़ने पर धूप से बचें. संपूर्ण स्वस्थ आहार लें. तनाव लेने से बचें और भरपूर आराम करें.
- बहुत टाइट बाल और पोनीटेल बनाने से बचें.
- एंटीफंगल दवाइयों और शैंपू का इस्तेमाल करें.
- बालों के ट्रीटमेंट से बचें, क्योंकि तरह-तरह के कैमिकल से बाल अधिक डैमेज हो सकते हैं.
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सारांश
बालों के झड़ने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं. इसका इलाज भी काफी हद तक कारणों पर ही निर्भर करता है. अगर बाल झड़ रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. इस स्थिति में देखें कि बाल किस तरह से झड़ रहे हैं. अगर कंघी करते समय, बाल धोते समय, सोते समय बाल अधिक झड़ते हैं, तो इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए. क्योंकि कई बार बालों का झड़ना गंजेपन का कारण भी बन सकता है. अगर घर के किसी कम उम्र के बच्चे के बाल झड़ रहे हैं, तो ऐसे में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी होता है.
(और पढ़ें - झड़ते बालों का आयुर्वेदिक उपाय)
कम उम्र में बाल झड़ने के लक्षण, कारण व इलाज के डॉक्टर
Dr. Ashish Mishra.
डर्माटोलॉजी
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Dr. Divyanshu Srivastava
डर्माटोलॉजी
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Dr. G.ARUN
डर्माटोलॉजी
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