हेयर फॉल या बालों का झड़ना एक आम, लेकिन परेशान करने वाली स्थिति है। ज्यादातर लोगों को कभी न कभी यह समस्या होती है। आमतौर पर, हर दिन लगभग 100 बाल गिरते हैं। यदि इससे ज्यादा मात्रा से बाल झड़ते हैं तो यह एक असामान्य स्थिति है। आमतौर पर बाल झड़ने की स्थिति बाल पतले होने से जुड़ी हो सकती है। बाल झड़ने की समस्या पूरी खोपड़ी पर भी दिखाई दे सकती है और खोपड़ी के कुछ हिस्सों में भी।

बालों के झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, इनमें आनुवंशिक, बढ़ती उम्र, बच्चे के जन्म के बाद यानी मां बनने पर, बीमारियां (तेज बुखार), संक्रमण (खोपड़ी में फंगल इंफेक्शन, डैंड्रफ), ऑटोइम्यून रोग (सोरायसिस, एलोपेसिया अरेटा, एक्जिमा), दवाएं (कैंसर के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली थेरेपी), पोषक तत्वों की कमी (आयरन, विटामिन, खनिज, प्रोटीन), मानसिक तनाव, हार्मोन संबंधी समस्याएं (थायरॉयड, पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि रोग) और बालों में कलर कराना। जबकि गंजापन एक वंशानुगत स्थिति है, जो आमतौर पर बहुत अधिक मात्रा में बाल झड़ने की वजह से होता है।

त्वचा विशेषज्ञ बालों के झड़ने को रोकने और खोपड़ी पर बालों के विकास में सहायता के लिए मिनोक्सिडिल नामक दवा लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, हेयर ट्रांसप्लांट और लेजर प्रोसीजर की भी मदद ली सकती है।

इसमें दिए जाने वाले उपचार शरीर की विभिन्न प्रणालियों पर असर करते हैं। होम्योपैथिक दवाएं बालों के झड़ने के कारण का इलाज करने के साथ-साथ बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करती है। चूंकि इन उपायों को प्राकृतिक पदार्थों से तैयार किया जाता है, इसलिए माना जाता है कि इनका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। बालों के झड़ने के उपचार में आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली होम्योपैथिक दवाओं में थुजा ऑक्सिडेंटलिस, सल्फर, सिलिकिया, फॉस्फोरस, नाइट्रिक एसिड, नैट्रम म्यूरिएटिकम, लाइकोपोडियम, लैशेसिस, कैली कार्बोनिकम, ग्रेफाइट्स, फ्लुओरिकम एसिडम, म्यूरियस सोल्यूबिलिस, सेलेनियम, फास्फोरिकम एसिडम, मेजेरियम और सीपिया शामिल हैं।

(और पढ़ें - बाल झड़ने से रोकने के घरेलू उपाय)

  1. बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा - Homeopathic medicine for hair fall in Hindi
  2. होम्योपैथी के अनुसार बाल झड़ने के लिए आहार - Diet according to homeopathy for hair fall in Hindi
  3. हेयर फॉल के लिए होम्योपैथिक उपचार कितने प्रभावी हैं - How effective is homeopathic treatment for hair fall in Hindi
  4. बाल झड़ने की होम्योपैथिक दवा के साइड इफेक्ट - Side effects of homeopathic medicine for hair loss in Hindi
  5. बाल झड़ने के लिए होम्योपैथिक दवाओं से जुड़े टिप्स - Tips related to homeopathic medicines for hair loss in Hindi
  6. बाल झड़ने से रोकने की होम्योपैथिक दवा और इलाज के डॉक्टर

बाल झड़ने के होम्योपैथिक उपचार में आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली कुछ होम्योपैथिक दवाएं नीचे दिए गए हैं :

थुजा ऑक्सिडेंटलिस
सामान्य नाम :
आर्बर वाइटे
लक्षण : यह उपाय ढीली मांसपेशियों वाले ऐसे लोगों में सबसे अच्छा असर करता है, जिन्हें उमस भरे और बारिश के मौसम में लक्षण बिगड़ने का अनुभव होता है। इसका उपयोग निम्नलिखित लक्षणों के उपचार के लिए किया जाता है :

यह लक्षण ठंड और उमस भरे मौसम में, रात में और दिन में 3 से लेकर रात में 3 बजे के बीच बढ़ जाते हैं। बिस्तर पर लगने वाली गर्मी भी इन लक्षणों को खराब करती है, लेकिन बाईं ओर लेटने पर रोगी बेहतर महसूस करता है।

फास्फोरस
सामान्य नाम :
फॉस्फोरस
लक्षण : यह दवा उन लोगों में अच्छा असर करती है, जो लंबे और गोरे हैं और जिनका विकास तेजी से हुआ है। फॉस्फोरस की आवश्यकता अक्सर ऐसे लोगों को होती है, जो संवेदनशील होते हैं, चिंतित होते हैं और जिनमें आसानी से ब्लीडिंग की प्रवृत्ति होती है। इसके अलावा यह निम्नलिखित लक्षणों से भी राहत दे सकता है :

  • ब्लीडिंग ​डिसऑर्डर (खून बहने से संबंधित विकार) या खून की अत्यधिक कमी जैसी बड़ी बीमारियों के बाद बाल गिरना
  • डैंड्रफ, एलोपेसिया एरेटा और फंगल संक्रमण के कारण बाल गिरना
  • खोपड़ी में तेज खुजली व बहुत ज्यादा डैंड्रफ होना
  • सूखे बाल जो गुच्छों में ​गिरते हैं
  • बालों का जल्दी सफेद होना जो कि डैंड्रफ और बाल झड़ने से जुड़ा होता है 

खोपड़ी में खुजली होना, जो कि गर्म मौसम और खरोंचने से बढ़ जाती है, जबकि खुली हवा में रहने और ठंडा पानी पड़ने से लक्षणों में सुधार होता है।

(और पढ़ें - खुजली का आयुर्वेदिक इलाज)

सेपिया
सामान्य नाम :
इंकी जूस ऑफ कटलफिश
लक्षण : यह उपाय उन महिलाओं में सबसे अच्छा काम करता है जिनके बाल काले हैं, मांसपेशिया मजबूत हैं और वे स्वभाव से सौम्य (गुस्सा नहीं करते) होती हैं। इसके अलावा यह निम्नलिखित लक्षणों के प्रति भी सकारात्मक प्रतिक्रिया करता है :

  • प्रसव के बाद और रजोनिवृत्ति के दौरान बाल गिरना
  • खोपड़ी में तेज खुजली जैसे किसी कीट काटने पर महसूस होता है। यह खुजली विशेष रूप से सिर और कान के पीछे की तरफ से होती है
  • खोपड़ी पर तेज जलन के साथ खुजली होना
  • खोपड़ी पर छोटे फोड़े बनना, जिसकी वजह से तेज खुजली और बाल झड़ते हैं
  • फंगल इंफेक्शन (दाद) की वजह से बाल झड़ना (और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन की होम्योपैथिक दवा)
  • बालों की जड़ों का संवेदनशील होना, यह लक्षण बालों को छूने और ठंडी हवा से बढ़ जाते हैं

शाम को, ठंडी हवा में और पसीना आने के बाद यह लक्षण बढ़ जाते हैं। नींद लेने, गर्म सिकाई करने या ठंडे पानी से नहाने के बाद रोगी बेहतर महसूस करता है।

फॉस्फोरिकम एसिडम
सामान्य नाम :
फॉस्फोरिक एसिड
लक्षण : यह दवा उन लोगों में बेहतर असर करती है, जो लंबे समय तक बीमार रहने की वजह से कमजोर और अत्यधिक थक गए हैं। यह उन युवा लोगों के लिए उपयुक्त है जो तेजी से बढ़ते हैं, लंबे होते हैं और जिनके कंधों में झुकाव है। इस उपाय का उपयोग निम्नलिखित लक्षणों को ठीक करने में भी किया जाता है :

शरीर में पानी की कमी या खून की कमी होने से यह लक्षण बढ़ जाते हैं जबकि शरीर का तापमान बढ़ने से इनमें सुधार होता है।

फ्लोरिकम एसिडम
सामान्य नाम :
हाइड्रोफ्लोरोइक एसिड
लक्षण : यह दवा वृद्ध लोगों और ऐसे युवाओं में अच्छी तरह से काम करती है, जिनके समय से पहले सफेद बाल की वजह से वे बूढ़े लगने लगते हैं। यह उन युवाओं में भी अच्छा असर करती है, जिनमें किसी बड़ी बीमारी के बाद कमजोरी आ जाती है। इसके अलावा यह निम्नलिखित लक्षणों के प्रबंधन में भी मदद करती है :

  • एलोपीसिया एरेटा और टाइफाइड के बाद बालों का झड़ना
  • सूखे बाल, जो आसानी से टूटते व गिरते हैं
  • बालों के अत्यधिक सूखने की वजह से उनका उलझ जाना
  • बाल झड़ना, जिसकी वजह से खोपड़ी में उन जगहों पर खुजली होती है जहां से गुच्छों में बाल झड़ते हैं। 

यह लक्षण गर्मी और गर्म पेय लेने से बढ़ जाते हैं, जबकि आमतौर पर टहलने (खासकर ठंड के मौसम में) से लक्षणों में राहत मिलती है।

सल्फर
सामान्य नाम :
सब्लीमेटड सल्फर
लक्षण : सल्फर उन लोगों के लिए बेहतरीन उपाय है, जो खड़े होने और बैठने के दौरान झुके रहते हैं, स्वभाव से घबराए और आसानी से चिढ़ जाते हैं। इसके अलावा जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है और वातावरण में हल्के बदलाव से भी प्रभावित हो जाती है। हालांकि, सल्फर का उपयोग निम्नलिखित लक्षणों के सुधार में भी किया जाता है :

  • डैंड्रफ, स्कैल्प सोरायसिस और खोपड़ी पर फंगल इंफेक्शन की वजह से बाल झड़ना
  • सूखे बाल जो आसानी से गिर जाते हैं
  • रूसी की वजह से तेज खुजली होना, जिसकी वजह से खोपड़ी बहुत संवेदनशील हो जाती है (और पढ़ें - नीम के उपयोग से रूसी हटाने के तरीके)
  • खोपड़ी में दर्द होना, जो कि छूने के प्रति संवेदनशील होती है

शाम में, उमसभरे मौसम और गर्मी से खुजली बढ़ जाती है, जबकि दाईं ओर लेटने, सूखे और गर्म मौसम में लक्षणों में सुधार होता है।

(और पढ़ें - खुजली दूर करने के घरेलू)

मेजेरियम
सामान्य नाम :
स्पर्ज ओलिव
लक्षण : मेजेरियम उन लोगों में सबसे अच्छा काम करता है जो ठंडी हवा के प्रति संवेदनशील होते हैं, स्वभाव से शांत होते हैं। इसका उपयोग निम्नलिखित लक्षणों के उपचार के लिए किया जाता है :

  • खोपड़ी में फंगल संक्रमण, खोपड़ी में एक्जिमा और रूसी के कारण बाल गिरना (और पढ़ें - रूसी हटाने के घरेलू उपाय)
  • खोपड़ी में मोटी पपड़ी पड़ना, जिसकी वजह से तेज खुजली के साथ बाल झड़ते हैं
  • खोपड़ी से मुट्ठी भर बाल गिरना
  • खोपड़ी पर सफेद, सूखी और मोटी पपड़ी व डैंड्रफ होना

इसमें होने वाली जलन व खुजली रात में और खोपड़ी को रगड़ने से बढ़ जाती है।

(और पढ़ें - खुजली का होम्योपैथिक इलाज)

आर्सेनिकम एल्बम
सामान्य नाम :
आर्सेनिक एसिड, आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड
लक्षण : आर्सेनिकम एल्बम उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो कमजोर और एनीमिया से पीड़ित हैं। आर्सेनिकम एल्बम की आवश्यकता उन्हें होती है जो अपने स्वास्थ्य को लेकर बेचैन, परेशान और चिंतित रहते हैं। इस उपाय से निम्नलिखित लक्षणों का भी इलाज किया जा सकता है :

  • खोपड़ी में फंगल इंफेक्शन और एलोपेसिया एरेटा की वजह से बाल गिरना
  • खोपड़ी में फंगल इंफेक्शन की वजह से बालों का सूखना, खुरदरा होना और झड़ना (और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन की आयुर्वेदिक दवा)
  • खोपड़ी पर गोल पैच (जब एक ही जगह के बाल गिरते हैं) की वजह से बाल गिरना
  • तेज खुजली के साथ खोपड़ी पर सूखी व पपड़ीदार गोल सतह
  • खोपड़ी का अत्यधिक संवेदनशील होना, जिसकी वजह से बालों को कंघी करना भी मुश्किल हो जाता है
  • खोपड़ी पर जलन के साथ तेज खुजली (विशेष रूप से रात में)

इसमें होने वाले खुजली की स्थिति में गर्म पेय लेने और गर्मी से राहत मिल सकती है, यह लक्षण आधीरात को, समुद्र के किनारे या आसपास रहने पर और ठंडी हवा के संपर्क में आने से बढ़ जाते हैं। 

(और पढ़ें - बाल झड़ने से रोकने के लिए हेयर मास्क)

सिलिकिया
सामान्य नाम :
प्योर फ्लिंट, सिलिका
लक्षण : यह उपाय उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो कमजोर हैं, मांसपेशियां ढीली हैं, आसानी से सर्दी-जुकाम हो सकता है और साफ रंग के हैं। इसका उपयोग निम्नलिखित लक्षणों के उपचार के लिए किया जाता है :

  • कम उम्र में बाल झड़ना
  • छोटे मवाद से भरे फोड़े-फुंसियों की वजह से खोपड़ी में तेज खुजली
  • खोपड़ी का एक्जिमा (और पढ़ें - एक्जिमा के लिए योग)
  • खोपड़ी का अत्यधिक संवेदनशील होना व सिर और गर्दन पर अधिक पसीना आना

उमसभरे मौसम, गर्मी और सिर को ढकने से इन लक्षणों में सुधार होता है, जबकि ठंडे मौसम, सुबह के समय और पानी के संपर्क में आने से यह खराब हो जाते हैं।

(और पढ़ें - पसीना अधिक आने के उपाय)

लाइकोपोडियम क्लैवेटम
सामान्य नाम :
क्लब मॉस
लक्षण : यह उपाय उन लोगों के लिए बेस्ट है जो बुद्धिमान हैं, लेकिन शारीरिक रूप से कमजोर हैं। इसके अलावा जिनमें पेट और फेफड़ों से संबंधित क्रोनिक परेशानियों जैसे अपच, पेट फूलना और निमोनिया की शिकायत रहती है। इसके अलावा यह इन लक्षणों में भी सुधार करता है :

  • डैंड्रफ, लिवर और पेट से जुड़ी क्रोनिक बीमारियों, प्रसव के बाद, एक्जिमा, वंशानुगत गंजापन और पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि डिजीज की वजह से बाल गिरना (और पढ़ें - गंजापन दूर करने के घरेलू उपाय)
  • खोपड़ी में तेज खुजली की वजह से जलन का अनुभव होना
  • व्यायाम या अन्य शारीरिक गतिविधियों के दौरान गर्मी और पसीना आने से खुजली होना
  • एक्जिमा के मामले में खोपड़ी पर मोटी पपड़ी बन जाना, जिसमें से बुरी गंध आ सकती है (और पढ़ें - एक्जिमा के घरेलू उपचार)
  • बालों का जल्दी सफेद होना
  • किसी भी बीमारी में शरीर के दाहिने हिस्से पर ज्यादा असर पड़ना

यह लक्षण शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक और गर्मी से बिगड़ जाते हैं, जबकि ठंडी हवा के संपर्क में आने से बेहतर महसूस होता है।

(और पढ़ें - बाल झड़ने से रोकने के लिए तेल)

होम्योपैथी ट्रीटमेंट के दौरान ऐसे कई कारक हैं जो दवाइयों के असर को बाधित कर सकते हैं। इसलिए, होम्योपैथिक डॉक्टर तेज व सटीक असर के लिए जीवन शैली और आहार में निम्नलिखित जरूरी बदलाव करने की सलाह देते हैं।

क्या करना चाहिए

  • स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, इसके लिए आप पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार लें।
  • चलने और तैराकी जैसे मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज करें। (और पढ़ें - एक्सरसाइज करने का सही समय क्या है)
  • विभिन्न विषयों पर किताबें पढ़कर अपने दिमाग को सक्रिय रखें।
  • व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखें।

क्या नहीं करना चाहिए

  • चाय, कॉफी, सूप और औषधीय पौधों या जड़ी-बूटियों से बने पेय का सेवन न करें।
  • खराब सब्जियों या मांस जैसे खाद्य पदार्थों न खाएं।
  • ऐसे खाद्य या पेय न लें, जिसमें आर्टिफिशियल रंग या स्वाद डाला जाता है।
  • तेज महक वाले परफ्यूम और डियोड्रेंट के इस्तेमाल से बचें।
  • गंदे इलाकों में न रहें।

(और पढ़ें - बाल झड़ने से रोकने के लिए शैंपू)

अनुभवी होम्योपैथिक डॉक्टर दवाइयां निर्धारित करने से पहले हमेशा मरीज की आयु और अन्य कारकों को भी चेक करते हैं, जिससे उन्हें सबसे उपयुक्त दवा निर्धारित करने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, वे मरीज की मेडिकल हिस्ट्री भी चेक करते हैं। एक अच्छी तरह से चुनी गई होम्योपैथिक दवा की मदद से बालों के गिरने के विभिन्न अंतर्निहित कारणों जैसे कि हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव, फंगल संक्रमण या ऑटोइम्यून विकारों का इलाज किया जा सकता है। इसके अलावा यह शरीर की सामान्य कोशिकाओं पर एंटी-कैंसर और अन्य दवाओं की विषाक्तता को कम करके हेयर फॉल का ट्रीटमेंट करती हैं। बाल झड़ने का इलाज करने के साथ-साथ ये दवाएं रोगी के सामान्य स्वास्थ्य में भी सुधार करती हैं। हालांकि, हेयर फॉल के मामले में होम्योपैथिक दवाओं की दक्षता को लेकर पर्याप्त अध्ययन नहीं हुए हैं।

लेकिन एक शोध अध्ययन से पता चला है कि फॉस्फोरस नामक उपाय उस जीव को नष्ट करने में प्रभावी है, जो रूसी का कारण बनता है। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, सल्फर रूसी का सफलतापूर्वक इलाज करता है, जिससे बाल झड़ने की समस्या कम हो जाती है। (और पढ़ें - रूसी के लिए शैम्पू)

होम्योपैथिक उपचार की कार्रवाई और प्रभावकारिता के बारे में अधिक जानने के लिए होम्योपैथिक डॉक्टर से परामर्श करें।

(और पढ़ें - बाल कमजोर होने के कारण)

होम्योपैथिक दवाएं प्राकृतिक पदार्थों से तैयार की जाती हैं और इन्हें बहुत ही कम खुराक में लेने की सलाह दी जाती है। इसलिए, माना जाता है कि इन उपायों का शरीर पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है। इन उपायों को शिशु, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित माना जाता है। खास बात यह है कि इस उपाय को अन्य दवाओं के साथ भी लिया जा सकता है, क्योंकि यह अन्य दवाओं के कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं करती हैं। यही वजह है कि होम्योपैथिक दवाइयों का कोई जोखिम नहीं है।

इन उपायों का भले कोई साइड इफेक्ट नहीं है, बावजूद इसके कभी भी इन्हें अपने आप नहीं लेना चाहिए। एक अनुभवी होम्योपैथी डॉक्टर मरीज की शारीरिक, मानसिक स्थिति और लक्षणों व अन्य जरूरी बातों को जानने के बाद ही दवा निर्धारित करते हैं।

(और पढ़ें - गर्भावस्था में बाल क्यों झड़ते हैं)

बाल झड़ना कई वजहों जैसे हार्मोनल डिसऑर्डर, संक्रमण, पोषक तत्वों की कमी, बीमारियों और मनोवैज्ञानिक तनाव से होता है। आमतौर पर इसका इलाज दवाओं, लेजर प्रोसीजर और हेयर ट्रांसप्लांट के जरिए किया जाता है। होम्योपैथी चिकित्सा असरदार होने के साथ-साथ अन्य उपचार की तुलना में कम खर्चीली है और दुनियाभर में इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। एक योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर द्वारा चयनित उपयुक्त खुराक न केवल बालों के झड़ने के उपचार में मदद कर सकती है, बल्कि यह खोपड़ी पर बालों के विकास को भी बढ़ावा देने में सहायक है।

(और पढ़ें - बालों को घना करने के घरेलू उपाय)

Dr. Sangeeta Attri

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संदर्भ

  1. American Academy of Dermatology. Hair Loss: Diagnosis and Treatment. USA; [internet]
  2. Constantine Hering. Outer Head. Medi-T; [internet]
  3. Adolph Von Lippe. Keynotes Of The Homoeopathic Materia Medica. Medi-T; [internet]
  4. Constantine Hering. The Guiding Symptoms Of Our Materia Medica. Med T; [internet]
  5. John Henry Clarke. Materia Medica. Medi- T; [internet]
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