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सोरायसिस एक त्वचा विकार है जिसके सही कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। सोरायसिस के संभावित कारणों में आनुवंशिकता या पर्यावरणीय कारक शामिल हो सकते हैं। यद्यपि बीमारी से छुटकारा पाना संभव नहीं है लेकिन आप कुछ उपचारो का उपयोग कर सकते हैं जो सूजन, खुजली और लालिमा को कम कर देंगे। सोरायसिस के उपचार के लिए कुछ उपयोगी उपचार यहां दिए गए हैं -

  1. सोरायसिस का घरेलू उपाय है हल्दी - Psoriasis ka gharelu upay hai haldi in Hindi
  2. सोरायसिस से बचने के उपाय करें एलोवेरा से - Psoriasis se bachne ka tarika hai Aloe vera in Hindi
  3. सोरायसिस खत्म करने का तरीका है केले का छिलका - Psoriasis khatam karne ka upay hai banana peel in Hindi
  4. सोरायसिस का देसी उपाय है टी ट्री आयल - Psoriasis ka desi nuskha hai tea tree oil in Hindi
  5. सोरायसिस से छुटकारा पाने का उपाय है करेले का रस - Psoriasis se chutkara pane ka tarika hai karele ka ras in Hindi
  6. सोरायसिस को दूर करने का घरेलू नुस्खा है मालिश - Psoriasis ko dur karne ka gharelu nuskha hai oil massage in Hindi
  7. सोरायसिस का घरेलू नुस्खा है सेंधा नमक - Psoriasis ka gharelu upay hai epsom salt in Hindi
  8. सोरायसिस की समस्या का उपाय है मोकोय - Psoriasis ki samsya ka nidan kare black nightshade se in Hindi
  9. सोरायसिस का उपाय करे लहसुन से - Psoriasis ka nuskha hai garlic in Hindi
  10. सोराइसिस ठीक करें है गुदुची पाउडर से - Psoriasis thik kare guduchi se in Hindi
  11. सोराइसिस रोग को खत्म करें नीम से - Psoriasis rog ko khatam kare neem se in Hindi
  12. सोराइसिस का घरेलू उपाय है मंजिष्ठा - Psoriasis ka upay kare manjistha se in Hindi

हल्दी को एक 'पवित्र मसाले' के रूप में जाना जाता है। इसमें कई स्वास्थ्य गुण हैं जो कई विकारों के इलाज करने के लिए जाने जाते हैं। हल्दी पाउडर ज़रूरत के अनुसार गुलाब जल के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाएँ और 15 मिनट के बाद धो लें। आप इस उपचार को सप्ताह में तीन बार करें। हल्दी को लालिमा और सूजन को कम करने के लिए जाना जाता है और यह दर्द से भी राहत प्रदान करती है। (और पढ़ें – हल्दी दूध के फायदे)

एलोवेरा एक औषधीय पौधा है जिसका उपयोग त्वचा विकारों के उपचार के लिए होता है। यह त्वचा को पोषण देता है और काले धब्बे को हल्का करने में मदद करता है। यह आपकी त्वचा को भी शांति देता है और सोरायसिस में दर्द और सूजन से राहत प्रदान करता है। एलोवेरा पत्ते से ताजा एलोवेरा जैल को निकालकर उपयोग करें। एलोवेरा जैल को प्रभावित भागों पर लगाएँ और एक घंटे के बाद धो लें। यह उपचार आप दैनिक आधार पर कर सकते हैं।

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केले स्वस्थ शरीर के लिए एक बहुत अच्छा फल हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि केले के छिलके भी आपके त्वचा के विकारों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं? ताजे केले के छिलके को धीरे से त्वचा पर मलें जिससे आपको सूजन और लालिमा को कम करने में मदद मिलेगी। यह उपाय आप दिन में कई बार कर सकते हैं।

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टी ट्री आयल टी ट्री के पौधे की पत्तियों से प्राप्त होता है। यह त्वचा में ड्राइनेस का इलाज करने के लिए जाना जाता है। आप हर रात सोने से पहले प्रभावित क्षेत्र पर जैतून के तेल के साथ टी ट्री आयल को मिलाकर लगा सकते हैं। इसे रात भर लगाकर रखें और सुबह गर्म पानी से धो लें।

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करेले का रस सोरायसिस के लक्षणों से राहत दिलाने में प्रभावी है। आप अपने दिन की शुरुआत एक गिलास करेले का रस पीने से कर सकते हैं। इसके कड़वे स्वाद को कम करने के लिए आप इसमें नींबू भी मिला सकते हैं।

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आप एक चम्मच जैतून के तेल में 2-3 बूँद अजवायन तेल को मिलाकर प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते हैं। आप अनुपात को समान रखते हुए मात्रा बढ़ा सकते हैं। हर दिन प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए इस तेल से 5-10 मिनट के लिए मालिश करें।

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सेंधा नमक को बाथिंग रिजीम (bathing regime) में शामिल किया जा सकता है। सेंधा नमक त्वचा में दर्द और खुजली को कम करने में मदद करेगा। आप अपने गर्म पानी से भरे बाथ टब में सेँधा नमक मिला स्नान का आनंद उठा सकते हैं। आप यह उपाय हर रोज़ कर सकते हैं।

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यह भारत में आम तौर पर मोकोय के रूप में जाना जाता है, इस पौधे को छाल रोग के लक्षणों के लिए उपयोगी माना जाता है। आप प्रभावित क्षेत्रों पर इस पौधे की पत्तियों को मसलकर उनके रस को लगाएँ। यह रस दर्द को कम करने में मदद करेगा। यह उपाय रोज किया जा सकता है। यह सूजन वाले क्षेत्रों को भी आराम देगा।

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सोरायसिस के लक्षणों से राहत पाने के लिए आप लहसुन का उपयोग कर सकते हैं। लहसुन में सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। सोरायसिस को रोकने के लिए लहसुन का नियमित सेवन एक कारगर तरीका हो सकता है। इस त्वचा विकार से निपटने के लिए हर दिन, दिन में 2-3 लहसुन की कलियाँ खाएं। बाहरी प्रयोग के लिए, आप लहसुन के तेल को लालिमा और दर्द को शांत करने के लिए नियमित रूप से लगा सकते हैं।

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गुदुची या गिलोय एक जड़ी बूटी है, जिसमें सूजन को कम करने वाले गुण होते हैं। यह घावों की चिकित्सा में काफी उपयोगी है। यह सोरायसिस और एक्जिमा जैसी स्थितियों में बहुत उपयोगी है। आप सोरायसिस के लिए गुदुची पाउडर का उपयोग कर सकते हैं। गुदुची पाउडर में कुछ पानी को मिक्स करके एक पेस्ट तैयार करें और इसे प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएँ और 10-15 मिनट के बाद धो लें और यह उपचार दैनिक रूप से करें।

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नीम में जीवाणुरोधी और एंटिफंगल गुण होते हैं जो त्वचा संक्रमण के इलाज में प्रभावी साबित होते हैं। यह खुजली और सूजन को भी कम करता है। इसके अलावा नीम हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए भी जाना जाता है। आप नीम के तेल के माध्यम से इस जड़ी बूटी के लाभकारी गुणों का उपयोग कर सकते हैं। प्रभावित क्षेत्रों पर हर रोज नीम के तेल का उपयोग करें।

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मंजिष्ठा आयुर्वेद में एक उपयोगी जड़ी बूटी है जिसका उपयोग विभिन्न विकारों के उपचार में किया जाता है। सोरायसिस जैसे त्वचा विकारों के उपचार में यह फायदेमंद है। आप हर दिन मंजिष्ठा पाउडर के काढ़े का एक गिलास पी सकते हैं। इसके अलावा आप हल्दी पाउडर के बराबर मात्रा में मंजिष्ठा पाउडर को मिक्स करके लगाएँ और 10 मिनट के बाद धो लें। यह नियमित आधार पर करें।

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