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सायकोसिस क्या है?

सायकोसिस या मनोविकृति एक प्रकार की गंभीर मानसिक स्थिति होती है जिसमें किसी व्यक्ति की सोच और वास्तविकता के बीच काफी अंतर आ जाता है। यह एक गंभीर मानसिक विकार का लक्षण होता है। जिन लोगों को सायकोसिस होता है उनको या तो भ्रम रोग (Delusions) या फिर मतिभ्रम (Hallucinations) महसूस होने लगते हैं। 

मतिभ्रम एक ऐसी मानसिक रचना का अनुभव होता है जो वास्तव में उपस्थित नहीं होती। उदाहरण के लिए सुनने से संबंधित मतिभ्रम से ग्रस्त किसी व्यक्ति को अपनी मां के चिल्लाने की आवाज सुनाई देना जबकि उसकी मां आस-पास भी ना हो। इसके अलावा देखने से संबंधित मतिभ्रम से ग्रस्त किसी व्यक्ति को अपने सामने कोई व्यक्ति खड़ा दिखाई देना जबकि वास्तव में उसके सामने कोई ना खड़ा हो।

मनोविकृति से ग्रस्त लोगों के मस्तिष्क में ऐसे विचार भी आ सकते हैं जो वास्तविक साक्ष्य (या वस्तु) से अलग होते हैं। इन विचारों को भ्रम या भ्रम रोग कहा जाता है। सायकोसिस से ग्रस्त कुछ लोगों को खुद में प्रेरणा की कमी महसूस होती है और वे समाज से दूरी बनाकर रखने लगते हैं।

सायकोसिस का अनुभव काफी भयभीत करने वाला हो सकता है। सायकोसिस से ग्रस्त लोगों में इसके कारण कई बार खुद को या दूसरों को चोट या नुकसान पहुंचाने के विचार भी आने लगते हैं। यदि आपको या आपकी जान पहचान के किसी व्यक्ति को सायकोसिस से जुड़े लक्षण महसूस हो रहे हैं तो उसको जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है।

(और पढ़ें - मानसिक रोग का इलाज)

  1. सायकोसिस (मनोविकृति) के प्रकार - Types of Psychosis in Hindi
  2. सायकोसिस (मनोविकृति) के लक्षण - Psychosis Symptoms in Hindi
  3. सायकोसिस (मनोविकृति) के कारण और जोखिम कारक - Psychosis Causes & Risk Factors in Hindi
  4. सायकोसिस (मनोविकृति) का परीक्षण - Diagnosis of Psychosis in Hindi
  5. सायकोसिस (मनोविकृति) का इलाज - Psychosis Treatment in Hindi
  6. सायकोसिस (मनोविकृति) की जटिलताएं - Psychosis Complications in Hindi
  7. सायकोसिस (मनोविकृति) की दवा - Medicines for Psychosis in Hindi
  8. सायकोसिस (मनोविकृति) के डॉक्टर

सायकोसिस कितने प्रकार के हो सकते हैं?

कुछ प्रकार के सायकोसिस कुछ विशेष परिस्थितियों या हालातों में आते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

ब्रीफ सायकोटिक डिसऑर्डर (Brief psychotic disorder):

ब्रीफ सायकोटिक डिसऑर्डर को कभी-कभी ब्रीफ रिएक्टिव सायकोसिस भी कहते है। यह अक्सर किसी गंभीर व्यक्तिगत तनाव के कारण हो सकता है जैसे परिवार के किसी सदस्य की मौत होना। ब्रीफ रिएक्टिव सायकोसिस से ग्रस्त लोग अक्सर कुछ दिनों से कुछ हफ्तों से बीच ठीक हो जाते हैं। उनके ठीक होने में लगने वाला समय उनके तनाव के स्रोत पर निर्भर करता है। 

(और पढ़ें - तनाव से छुटकारा पाने के उपाय)

नशीले पदार्थों या शराब आदि से संबंधित सायकोसिस:

शराब या कोकीन जैसे अन्य नशीले पदार्थों का उपयोग करने से भी सायकोसिस हो जाता है। एलएसडी (Lysergic acid diethylamide) जैसे मतिभ्रम पैदा करने वाले ड्रग लेने से लोगों को आंखों के सामने चीजें दिखाई देने लग जाती हैं जो वास्तव में वहां पर उपस्थित नहीं होती। लेकिन इन दवाओं का असर कुछ ही देर के लिए होता है। डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाले कुछ दवाएं जैसे स्टेरॉयड और स्टिमुलैंट्स (उत्तेजक) आदि भी सायकोसिस के कुछ लक्षण पैदा कर देती हैं। (और पढ़ें - शराब की लत छुड़ाने के उपाय)

शराब या किसी अन्य नशीले पदार्थ का नियमित रूप से सेवन करने वाले लोग यदि एकदम से उन्हें (शराब या जो ड्रग वे लेते हैं) लेना छोड़ दें तो उनको सायकोसिस के कुछ लक्षण महसूस होने लग सकते हैं। 

(और पढ़ें - नशे की लत का इलाज)

अंग संबंधित सायकोसिस (Organic psychosis):

सिर पर चोट लगना या मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली किसी प्रकार की बीमारी या संक्रमण भी सायकोसिस का कारण बन सकते हैं।

(और पढ़ें - मस्तिष्क संक्रमण का इलाज)

सायकोसिस होने पर कौन से लक्षण महसूस होते हैं?

सायकोसिस में मुख्य रूप से दो लक्षण महसूस होते हैं:

भ्रम:
 इसमें मरीज अपने मन के अंदर किसी अवधारणा या विचार को मजबूती से बना लेता है और उसको बार-बार वास्तविकता दिखाने या सच्चाई बताने पर भी वह अपने विचार को मन से नहीं निकालता है। इसमें पागलपन का भ्रम (Delusions of paranoia), भव्य भ्रम (Grandiose delusions) और शरीर संबंधी भ्रम (Somatic delusions) आदि होते हैं। (और पढ़ें - वर्टिगो क्या है)

जिन लोगों में पागलपन का भ्रम होता है उनको अक्सर यह महसूस होता है कि जैसे कोई उनका पीछा कर रहा है जबकि वास्तव उस समय में उनके पीछे कोई नहीं होता। इसके अलावा उनको ऐसा भी महसूस हो सकता है कि जैसे उनको कुछ गुप्त मैसेज भेजे जा रहे हैं। भव्य भ्रम से ग्रस्त लोगों में महत्व (अहमियत) की भावना बढ़ जाती है। जिन लोगों में शरीर संबंधी भ्रम होता है उनको अक्सर यह लगता है कि जैसे वे किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं जबकि वास्तव में वे स्वस्थ होते हैं। 

मतिभ्रम:
यह मस्तिष्क का एक ऐसा अनुभव होता है जो वास्तविक नहीं होता। जैसे गाना सुनना या कुछ सूंघने जैसा महसूस होना जबकि वास्तव में ऐसा कुछ ना होना। इसमें लोगों को अवास्तविक चीजें दिखाई देती हैं जैसे कोई व्यक्ति दिखाई देना जबकि वास्तव में वहां कोई ना हो या अकेले होने पर भी लोगों के बोलने की आवाजें सुनाई देना। (और पढ़ें - पार्किंसन रोग  का इलाज)

कुछ अन्य लक्षण व संकेत जैसे:

  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
  • डिप्रेशन से ग्रस्त मूड (और पढ़ें - डिप्रेशन के लिए योग)
  • अत्यधिक देर तक सोना या पर्याप्त मात्रा में न सो पाना (और पढ़ें - अच्छी नींद के उपाय)
  • चिंता
  • बार-बार शक करने की आदत होना (शक्कीपन)
  • परिवार या दोस्तों से दूरीयां बनाना
  • बोलते समय विषय बदल देना (अव्यवस्थित तरीके से बोलना)
  • डिप्रेशन
  • खुदकुशी के विचार या खुदकुशी करने के प्रयास करना

(और पढ़ें - बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज)

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको उपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं। सायकोसिस का जितना जल्दी हो सके इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इसका इलाज जितना जल्दी किया जाता है उपचार उतना ही प्रभावी होता है।

सायकोसिस के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपसे कुछ सवाल भी पूछ सकते हैं। आगे की जांच व इलाज करने के लिए डॉक्टर आपको मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के पास भी भेज सकते हैं।

सायकोसिस क्यों होता है?

सायकोसिस का हर मामला अलग-अलग हो सकता है इसलिए इसके स्पष्ट कारण का पता लगाना मुश्किल होता है। कुछ बीमारियां भी हैं जो सायकोसिस का कारण बन सकती हैं। हालांकि नशीले पदार्थों का सेवन करना, पर्याप्त नींद ना लेना और अन्य कुछ वातावरण संबंधी कारक भी हैं जो सायकोसिस पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ विशेष प्रकार की परिस्थितियां भी हैं जो कुछ विशेष प्रकार के सायकोसिस विकसित कर सकती हैं। (और पढ़ें - दिन मेँ सोना अच्छा है या नहीं)

बीमारियां:

कुछ प्रकार की बीमारियां जो सायकोसिस का कारण बन सकती है:

(और पढ़ें - न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर क्या है)

कुछ प्रकार के डिमेंशिया भी सायकोसिस विकसित कर सकते हैं, जो निम्न के कारण होते हैं:

(और पढ़ें - स्ट्रोक होने पर क्या करना चाहिए)

सायकोसिस के जोखिम कारक

जिन लोगों में सायकोसिस विकसित होने की संभावनाएं अधिक होती उनकी सटीक रूप से पहचान करना अभी तक संभव नहीं है। हालांकि अध्ययन के अनुसार पाया गया है कि सायकोसिस विकसित करने में कुछ आनुवंशिक कारक भूमिका निभा सकते हैं। 

उन लोगों में सायकोसिस विकसित होने की संभावनाएं और अधिक बढ़ जाती है जिनके परिवार के किसी करीबी व्यक्ति को यह विकार होता है जैसे माता-पिता या सगे भाई-बहन में से किसी को सायकोसिस होना।

जो बच्चे 22q11.2 डिलीशन सिंड्रोम नामक अनुवांशिक विकार के साथ जन्म लेते हैं उनमें अक्सर साइकोटिक विकार (खासकर स्किज़ोफ्रेनिया) विकसित होने के अधिक जोखिम होते हैं। 

(और पढ़ें - परिवार चिकित्सा क्या है)

सायकोसिस का परीक्षण कैसे किया जाता है?

सायकोसिस का परीक्षण मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन (Psychiatric evaluation/ मानसिक रोगों की जांच करना) के द्वारा किया जाता है। इस परीक्षण के दौरान डॉक्टर मरीज के व्यवहार को गौर से देखेंगे और मरीज कैसा महसूस कर रहे हैं इस बारे में कुछ सवाल पूछेंगे। इसके अलावा एक्स रे और अन्य मेडिकल टेस्ट यह पता लगाने के लिए किए जा सकते हैं कि लक्षण किसी अंतर्निहित बीमारी के कारण तो पैदा नहीं हो रहे। 

(और पढ़ें - एंडोस्कोपी टेस्ट)

बच्चों व किशोरों में सायकोसिस का परीक्षण करना:

सायकोसिस से ग्रस्त वयस्कों में ऐसे कई लक्षण मौजूद होते हैं जो सायकोसिस से ग्रस्त बच्चों या किशोरों में नहीं होते। उदाहरण के लिए सायकोसिस से ग्रस्त बच्चों का अक्सर एक काल्पनिक दोस्त होता है जिनके साथ वे बात करते हैं यह काल्पनिक खेल बच्चों के लिए पूरी तरह से सामान्य होता है। 

यदि आपको अपने बच्चों व किशोरों में सायकोसिस होने की चिंता रहता ही तो उनके व्यवहार के बारे डॉक्टर को अच्छे से जानकारी दें।

(और पढ़ें - सीटी स्कैन कैसे होता है)

सायकोसिस का इलाज कैसे किया जाता है?

सायकोसिस के इलाज में दवाओं और थेरेपी का इस्तेमाल एक साथ किया जा सकता है। इलाज की मदद से सायकोसिस से ग्रस्त ज्यादातर लोगों मे सुधार आने लगता है। (और पढ़ें - दवा की जानकारी)

रेपिड ट्रैंक्विलाइजेशन (Rapid tranquilization):

कई बार सायकोसिस से ग्रस्त लोग अचानक से उत्तेजित हो जाते हैं जिससे उनके द्वारा खुद को या दूसरों को चोट पहुंचाने के जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे मामलों में जितना जल्दी हो सके उनको शांत करना जरूरी होता है। इस प्रक्रिया को रेपिड ट्रैंक्विलाइजेशन कहा जाता है। मरीज के उत्तेजित होने की स्थिति में इस प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर मरीज को एक तुरंत काम करने वाला इंजेक्शन देते हैं जिससे मरीज तुरंत शांत हो जाता है। (और पढ़ें - दिमाग शांत करने के उपाय)

दवाएं:

सायकोसिस के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए जिन दवाओं का उपयोग किया जाता है उनको एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) कहा जाता है। ये दवाएं भ्रम और मतिभ्रम की स्थिति को कम करती हैं और मरीजों को और अधिक स्पष्ट रूप से सोचने में मदद करती है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के आधार पर उचित प्रकार की एंटीसायकोटिक्स दवाएं लिखते हैं। 

कई मामलों में सायकोसिस से ग्रस्त लोगों को अपने लक्षणों को कंट्रोल में रखने के लिए कुछ ही समय तक एंटीसायकोटिक्स दवाएं लेने की आवश्यकता पड़ती है। स्किज़ोफ्रेनिया से ग्रस्त लोगों को जीवन भर ये दवाएं लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। (और पढ़ें - शॉक थेरेपी क्या है

कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (Cognitive behavioral therapy):

इस थेरेपी में मरीज को एक मानसिक स्वास्थ्य सलाहकार के साथ बात करने के लिए नियमित रूप से बुलाया जाता है, मरीज के साथ बात करने का मुख्य लक्ष्य मरीज की सोच और उसके व्यवहार में बदलाव करना होता है। यह थेरेपी लोगों की सोच में स्थायी रूप से परिवर्तन करने और उनकी बीमारी को अच्छे से मैनेज करने में मदद करने के लिए प्रभावी साबित हुई है। यह थेरेपी अक्सर सायकोसिस के ऐसे लक्षणों में सुधार करने में भी मदद करती है जिन पर दवाएं पूरी तरह से काम नहीं कर पाती।

 (और पढ़ें - मनोचिकित्सा क्या है)

सायकोसिस से क्या जटिलताएं विकसित हो जाती हैं?

सायकोसिस होने पर बहुत अधिक जटिलताएं पैदा नहीं होती हालांकि यदि इस स्थिति को बिना इलाज किए छोड़ दिया जाए तो सायकोसिस से ग्रस्त लोगों को खुद की देखभाल करने में काफी मुश्किलें आने लगती हैं। इसके अलावा सायकोसिस को अगर बिना उपचार किए छोड़ दिया जाए तो इसके कारण अन्य बीमारियां होने लगती हैं। (और पढ़े - बीमारियों का इलाज)

सायकोसिस से ग्रस्त ज्यादातर लोगों का उचित रूप से इलाज करने पर वे पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। यहां तक कि सायकोसिस के गंभीर मामलों को भी दवाओं और थेरेपी आदि की मदद से ठीक किया जा सकता है।

(और पढ़ें - जीन चिकित्सा क्या है)

Dr. Krishan Kumar Sharma

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Dr. Abhishek

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Dr. Dushad Ram

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सायकोसिस (मनोविकृति) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
ChlorotameChlorotame 100 Mg Tablet18.0
ChlorproChlorpro 100 Mg Tablet7.0
Cpz (A.N.Pharmacia)Cpz 10 Mg Tablet5.0
Cpz (Sun)Cpz 200 Mg Tablet9.0
ProzineProzine 100 Mg Tablet6.0
RelitilRelitil 100 Mg Tablet6.0
Sun PrazinSun Prazin 100 Mg Tablet6.0
TalentilTalentil 100 Mg Tablet13.0
TrytilTrytil 25 Mg Tablet2.0
ZinetilZinetil 100 Mg Tablet6.0
ChloproChlopro 100 Mg Tablet6.0
ChloropamazineChloropamazine 100 Mg Tablet6.0
Chlorpromazine (Sun Pharma)Chlorpromazine 100 Mg Tablet7.0
ClozineClozine 50 Mg Tablet3.0
EmetilEmetil 100 Mg Tablet7.0
LargactilLargactil 10 Mg Tablet1.0
Chlorpromazine Hcl (Medo)Chlorpromazine Hcl Injection4.0
SalichlorSalichlor Injection3.0
HalidaceHalidace 0.25 Mg Tablet7.0
HelinaseHelinase 0.25 Mg Tablet10.0
HexidolHexidol 1.5 Mg Tablet16.0
KividolKividol 1.5 Mg Tablet24.0
NedolNedol 1.5 Mg Tablet18.0
Senorm LaSenorm La 50 Mg Injection200.0
SerenaceSerenace 0.25 Mg Tablet11.0
TalendolTalendol 0.25 Mg Injection6.0
TrancodolTrancodol 1.5 Mg Tablet Dt11.0
Trancodol LaTrancodol La 50 Mg/ Ml Injection162.0
AgidolAgidol 1.5 Mg Tablet11.0
AndolAndol 1.5 Mg Tablet11.0
Benzydol PBenzydol P 1.5 Mg Tablet13.0
DolteusDolteus 1.5 Mg Tablet16.0
HalidolHalidol 1.5 Mg Tablet13.0
HalobidHalobid 0.25 Mg Tablet9.0
HalodolHalodol 1.5 Tablet22.0
HalodylHalodyl 1.5 Mg Tablet7.0
HalopHalop 1.5 Mg Tablet11.0
HalopaceHalopace 10 Mg Tablet31.0
HalopidolHalopidol 5 Mg Tablet31.0
HalowHalow 1.5 Mg Tablet12.0
HaloxelHaloxel 0.25 Mg Tablet11.0
HapdolHapdol 5 Mg Tablet16.0
HidolHidol 0.25 Mg Tablet18.0
HplHpl 1.5 Mg Tablet20.0
LarenaseLarenase 0.25 Mg Tablet5.0
Movadol LaMovadol La 50 Mg Injection189.0
NudolNudol 5 Mg Tablet25.0
OprexOprex 10 Mg Tablet31.0
RelinaseRelinase 0.25 Mg Tablet10.0
Relinase LaRelinase La 50 Mg Injection120.0
SenormSenorm 10 Mg Tablet34.0
Seradol (M.D.C)Seradol 10 Mg Tablet53.0
SeradolSeradol 5 Mg Injection10.0
TheonaseTheonase 0.25 Mg Tablet9.0
TrikonaceTrikonace 0.25 Mg Tablet8.0
TrikotameTrikotame 2 Mg Tablet13.0
TypidolTypidol 1.5 Mg Tablet18.0
UnidolUnidol 100 Mg Injection25.0
ZeedolZeedol 1.5 Mg Tablet10.0
HaloHalo 5 Mg Capsule136.0
HalocerHalocer 10 Mg Tablet77.0
HalopikHalopik Tablet15.0
Halow LaHalow La Injection7.0
HypnodolHypnodol 1.5 Mg Tablet11.0
FludecanFludecan 25 Mg Injection50.82
FlupezFlupez Injection40.01
MonazineMonazine 25 Mg Injection57.73
ProlinateProlinate 25 Mg Injection59.0
BenzydolBenzydol 1.5 Mg/2 Mg Tablet0.0
ManodolManodol 1.5 Mg/2 Mg Kit0.0
Combidol KitCombidol Kit 5 Mg/2 Mg Tablet12.3
CombidolCombidol Tablet28.25
Hexidol PlusHexidol Plus 5 Mg/2 Mg Tablet15.56
Mindol PlusMindol Plus 5 Mg/20 Mg Tablet21.0
Talendol PlusTalendol Plus Tablet17.57
ChlordylChlordyl 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Chlorotame ForteChlorotame Forte Tablet0.0
Clozine PlusClozine Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Emetil PlusEmetil Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Promexy HfPromexy Hf 50 Mg/2 Mg Tablet0.0
Prozine PlusProzine Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Quietal PlusQuietal Plus 100 Mg/2 Mg Tablet23.21
Relitil ForteRelitil Forte 200 Mg/2 Mg Tablet0.0
Relitil PlusRelitil Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Talentil PlusTalentil Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Talentil TTalentil T 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Trichlor PlusTrichlor Plus 100 Mg/2 Mg Tablet0.0
Chlordyl HChlordyl H 50 Mg/2 Mg Tablet12.0
Clozine ForteClozine Forte 200 Mg/2 Mg Tablet65.68
Normazine ForteNormazine Forte 200 Mg/2 Mg Tablet33.33
Normazine HNormazine H 50 Mg/2 Mg Tablet13.45
Normazine PlusNormazine Plus 50 Mg/2 Mg Tablet21.86
Talentil ForteTalentil Forte 200 Mg/2 Mg Tablet31.2
ChlorfluhexChlorfluhex 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet24.0
Egret PlusEgret Plus 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet26.0
Lacalm ForteLacalm Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet20.3
Psycolam FortePsycolam Forte Tablet13.75
Reliclam SfReliclam Sf 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet8.55
Schizonil FSchizonil F 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet6.4
SerSer Tablet11.22
Syco ForteSyco Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet19.9
Trinex CTrinex C Tablet26.75
Trycalm ForteTrycalm Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet19.25
Trycalm SfTrycalm Sf 25 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet19.23
Manocalm ForteManocalm Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet4.65
Normacalm ForteNormacalm Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet3.9
Psyzine FortePsyzine Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet16.0
Relicalm SfRelicalm Sf 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet8.55
Reliclam ForteReliclam Forte 25 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet14.0
Reset ForteReset Forte Tablet16.0
Ser DpSer Dp 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet70.0
Ser ForteSer Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet47.68
ShicalmShicalm 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet9.18
Shicalm ForteShicalm Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet4.23
Talecalm ForteTalecalm Forte 50 Mg/2 Mg/5 Mg Tablet17.3

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