लिवर रिसेक्शन या हेपेटेक्टमी एक प्रमुख लिवर सर्जरी है, जिसे लिवर कैंसर व अन्य रोगों का इलाज करने के लिए किया जाता है। इस सर्जरी प्रोसीजर में लिवर के रोगग्रस्त हिस्से को निकाल दिया जाता है, जिससे लिवर कैंसर व अन्य जटिलताएं होने से रोका जाता है। लिवर वैसे तो शरीर के सबसे मुख्य अंगों में से एक होता है, लेकिन इसका दो-तिहाई हिस्सा निकलने के बाद भी हमारा शरीर जीवित रह सकता है। इतना ही नहीं लिवर में फिर से विकसित होने के क्षमता होती है, जिससे यह तीन महीनों में ही अपने कटे हुए हिस्से को फिर से विकसित कर लेता है।

हेपेटेक्टमी को दो अलग-अलग सर्जिकल प्रक्रियाओं से किया जा सकता है, जिनमें लेप्रोस्कोपिक और ओपन सर्जरी शामिल हैं। लिवर रिसेक्शन सर्जरी को पूरा होने में लगभग 6 से 15 घंटों का समय लगता है। आपको अस्पताल में तीन से सात दिनों तक रखा जाता है और लगभग तीन महीनों में आप पूरी तरह से स्वस्थ हो पाते हैं।

(और पढ़ें - लिवर कैंसर का ऑपरेशन कैसे होता है)

  1. हेपेटेक्टमी क्या है - What is Hepatectomy in Hindi
  2. हेपेटेक्टमी किसलिए की जाती है - Why is Liver resection done in Hindi
  3. हेपेटेक्टमी से पहले - Before Hepatectomy in Hindi
  4. हेपेटेक्टमी के दौरान - During Liver resection in Hindi
  5. हेपेटेक्टमी के बाद - After Hepatectomy in Hindi
  6. हेपेटेक्टमी की जटिलताएं - Complications of During Liver resection in Hindi
  7. हेपेटेक्टमी के डॉक्टर

लिवर रिसेक्शन सर्जरी किसे कहते हैं?

लिवर रिसेक्शन सर्जरी एक महत्वपूर्ण सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसकी मदद से लिवर के क्षतिग्रस्त हिस्से को निकाल दिया जाता है। कभी-कभी लिवर के साथ-साथ पित्ताशय के कुछ हिस्से को भी निकालना पड़ सकता है।

इस सर्जिकल प्रक्रिया को मुख्य तौर पर लिवर में कैंसर होने या फैलने से रोकने के लिए किया जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपके लिवर या पित्ताशय के किसी हिस्से में कैंसर हो गया है या फिर किसी अन्य अंग का कैंसर फैलकर लिवर में पहुंच गया है, तो ऐसी स्थिति में लिवर के कैंसरग्रस्त हिस्से को काटकर निकाल दिया जाता है।

लिवर शंकु आकार का अंग है, जो पसलियों के नीचे पेट के दाईं ओर स्थित होता है। लिवर के दो भाग होते हैं, जिन्हें दायां व बायां लोब कहा जाता है। लिवर शरीर के कई प्रमुख कार्य करता है, जैसे पितरस का निर्माण करना। पितरस पाचन प्रक्रिया में मदद करता है। यदि शरीर से लिवर का दो-तिहाई हिस्सा निकाल दिया गया है, तो एक-तिहाई हिस्से पर शरीर जीवित रह सकता है। साथ ही लिवर खुद को फिर से विकसित करने की क्षमता भी रखता है। उदाहरण के लिए यदि सर्जरी के दौरान लिवर के कुछ हिस्से को काटकर निकाल दिया गया है, तो तीन महीनों के भीतर वह उस हिस्से को फिर से विकसित कर लेता है। यदि सर्जरी में लिवर के बाएं (लेफ्ट) हिस्से को निकाला गया है, तो इसे लेफ्ट हेमी-हेपेटेक्टमी कहा जाता है और दाएं (राइट) हिस्से को हटाने पर राइट हेमी-हेपेटेक्टमी सर्जरी कहा जाता है।

पित्ताशय एक छोटा सा अंग होता है, जो लिवर के दाएं हिस्से से सटा होता है। यह लिवर द्वारा बनाए गए अतिरिक्त पित्तरस को जमा करता है। आवश्यकता पड़ने पर राइट हेमी-हेपेटेक्टमी के दौरान इस अंग को भी निकाल दिया जाता है।

(और पढ़ें - पित्ताशय में सूजन का इलाज)

लिवर रिसेक्शन सर्जरी क्यों की जाती है?

यदि आपके लिवर में कैंसर है, शरीर के किसी हिस्से में मौजूद कैंसर लिवर तक फैल गया है या फिर यदि कैंसर रहित ट्यूमर है, तो डॉक्टर हेपेटेक्टमी सर्जरी करवाने की सलाह दे सकते हैं।

इस स्थिति में निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं -

यदि किसी दुर्घटना आदि के कारण व्यक्ति के लिवर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, तो भी लिवर रिसेक्शन सर्जरी की जा सकती है।

हेपेटेक्टमी किसे नहीं करवानी चाहिए?

यदि आपको निम्न में से कोई भी समस्या हो रही है, तो यह सर्जरी नहीं की जा सकती है -

  • लंबे समय से गुर्दों का ठीक से काम न कर पाना
  • हार्ट फेलियर
  • मेन पोर्टल वेन या इन्फीरियर वेना केवा में से किसी एक में ट्यूमर होना

(और पढ़ें - गुर्दे खराब होने के कारण)

लिवर रिसेक्शन सर्जरी से पहले क्या तैयारी की जाती है?

आपकी हेपेटेक्टमी सर्जरी की जानी है या नहीं यह कुछ स्थितियों पर निर्भर करता है, जैसे ट्यूमर की स्थिति, कैंसर का प्रसार, आपका लिवर कितने अच्छे से काम कर पा रहा है और कैंसर को हटाने के लिए लिवर का कितना हिस्सा निकालने की आवश्यकता है। ऑपरेशन से कुछ दिन पहले आपको अस्पताल बुलाया जाता है, जिस दौरान आपके स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारियां ली जाती हैं और साथ ही कुछ अन्य टेस्ट भी किए जा सकते हैं, जैसे -

इसके अलावा कुछ अन्य तैयारियां भी हैं, जो लिवर रिसेक्शन सर्जरी से पहले की जाती हैं -

  • यदि आप किसी भी प्रकार की दवा, हर्बल उत्पाद, विटामिन, मिनरल या अन्य कोई सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो डॉक्टर को इस बारे में बता दें। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ प्रकार की दवाएं व उत्पाद रक्त को पतला करने का काम करते हैं, जैसे एस्पिरिन, वारफेरिन और विटामिन ई आदि। रक्त पतला होने पर सर्जरी प्रोसीजर के दौरान कुछ जटिलताएं हो सकती हैं।
  • यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी अन्य कोई बीमारी या एलर्जी हो तो सर्जरी से पहले ही इस बारे में डॉक्टर को बता दें। क्योंकि आपके रोगों के अनुसार सर्जरी प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
  • यदि आप धूम्रपान या शराब का सेवन करते हैं, तो इसके बारे में डॉक्टर को पहले ही बता दें। डॉक्टर आपको सर्जरी से कुछ समय पहले और बाद तक सिगरेट व शराब न पीने की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि ये सर्जरी के बाद स्वस्थ (रिकवर) होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है।
  • डॉक्टर सर्जरी से कुछ दिन पहले आपको कम मेहनत वाली शारीरिक गतिविधियां (हल्के व्यायाम) करने की सलाह दे सकते हैं, ताकि आप सर्जरी के दौरान सामान्य अवस्था में बने रहें।
  • आपको ऑपरेशन वाले दिन खाली पेट अस्पताल आने को कहा जाता है। इसके लिए आपको सर्जरी वाले दिन से पहली आधी रात के बाद कुछ भी न खाने की सलाह दी जाती है।
  • सर्जरी से पहले आपको अपना मूत्राशय और आंत (मल मूत्र त्याग) खाली करने की सलाह दी जाती है, ताकि आपको सर्जरी के बाद कब्ज की शिकायत न हो।
  • ऑपरेशन वाले दिन अपने साथ किसी करीबी रिश्तेदार या मित्र को लाने की सलाह दी जाती है, ताकि वे सर्जरी से पहले के कार्यों में आपकी मदद कर सकें और सर्जरी के बाद आपको घर ले जा सके।

(और पढ़ें - व्यायाम करने का सही समय)

लिवर रिसेक्शन सर्जरी कैसे की जाती है?

आपको सर्जरी से एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जाती है। इस दौरान सर्जन आपको खाली पेट रखते हैं। हालांकि, ऑपरेशन शुरू होने से दो घंटे पहले आपको पानी पीने की सलाह दी जा सकती है। आपको एक सहमति पत्र दिया जाता है, जिसपर हस्ताक्षर करके आप सर्जन को सर्जरी करने की अनुमति देते हैं। हालांकि, सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले आपको एक बार उसे अच्छे से पढ़ने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें सर्जरी से संबंधी फायदे व नुकसान आदि के बारे में बताया गया होता है।

इसके बाद आपको जनरल एनेस्थीसिया और एपीड्यूरल एनेस्थीसिया के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। जनरल एनेस्थीसिया से आप सर्जरी के दौरान गहरी नींद में सो जाते हैं और आपको कुछ महसूस नहीं होता है। एपीड्यूरल एनेस्थीसिया को पीठ के निचले हिस्से में लगाया जाता है, जो ऑपरेशन वाले हिस्से में दर्द को कम करने में मदद करती है। आपके गले में एक एक विशेष ट्यूब डाली जाती है, जो आपको सर्जरी के दौरान सांस लेने में मदद करती है। हेपेटेक्टमी को दो अलग-अलग सर्जिकल प्रक्रियाओं के रूप में किया जा सकता है -

  • लेप्रोस्कोपिक सर्जरी -
    इस प्रोसीजर में सर्जन पेट में तीन से सात छोटे-छोटे चीरे लगाते हैं। इन छिद्रों में अलग-अलग सर्जिकल उपकरण डाले जाते हैं, जैसे कैमरा, लाइट व लिवर को काटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य उपकरण।
     
  • ओपन सर्जरी -
    इस प्रोसीजर में सर्जन आपकी पसलियों के नीचे एक हॉरिजेन्टल (आड़ा) चीरा लगाते हैं। इस सर्जिकल प्रोसीजर में लगाया गया चीरा आमतौर पर बड़ा होता है।

ओपन सर्जरी की तुलना में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में दर्द कम होता है और इसके घाव भी जल्दी ठीक हो जाते हैं।

हेपेटेक्टमी सर्जरी को पूरा होने में लगभग 6 से लेकर 15 घंटे का समय लग सकता है। सर्जरी के बाद आपको कम से कम तीन से सात दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है, जो आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। आपके अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान निम्न प्रक्रियाएं की जा सकती हैं -

  • आपके मूत्राशय में कैथेटर लगाया जाता है, ताकि पेशाब को एक थैली में जमा किया जा सके। हालांकि, सर्जरी के 24 घंटे के बाद कैथेटर को निकाला जा सकता है।
  • सर्जरी वाले घाव में भी एक टयूब लगी हो सकती है, ताकि घाव के बाद बनने वाला द्रव समय-समय पर निकलता रहे।
  • सर्जरी के तुरंत बाद आपको कुछ भी खाने या पीने के लिए नहीं दिया जाता है। आपको सर्जरी के बाद एक दिन तक तरल आहार पर रखा जाता है और फिर इसके बाद धीरे-धीरे अन्य आहार देना शुरू किया जाता है। यदि आप भोजन को पचा नहीं पा रहे हैं, तो आपको दवाएं व अन्य द्रवों को इंट्रावेनस लाइन के द्वारा दिया जाता है।
  • सर्जरी के बाद आपको दर्द रह सकता है, जिसके लिए आपको दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं। यदि आप भोजन पचा नहीं पा रहे हैं, तो ये दवाएं आपको इंट्रावेनस लाइन के माध्यम से या फिर एपीड्यूरल कैथेटर के माध्यम से दी जाती हैं। जब आप भोजन पचाना शुरू कर देते हैं, तो आपको ओरल दवाएं देना शुरू कर दिया  जाता है।
  • आपको रोजाना कम से कम तीन बार बेड से उठने और थोड़ी बहुत गतिविधियां करने की सलाह दी जाती है, जैसे थोड़ा बहुत चलना-फिरना आदि। ऐसा करने से आपके स्वस्थ होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
  • डॉक्टर स्पाइरोमीटर नामक उपकरण की मदद से आपका ब्रीथिंग टेस्ट भी कर सकते हैं, जिसकी मदद से यह पता लगया जाता है कि आपको लंग इन्फेक्शन या निमोनिया की शिकायत तो नहीं हो गई है।

जब आपके सभी शारीरिक संकेत (ब्लड प्रेशर, हृदय की धड़कनें और सांस लेने की प्रक्रिया आदि) सामान्य हो जाते हैं और आपका स्वास्थ्य स्थिर हो जाता है, तो आपको अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।

(और पढ़ें - निमोनिया के घरेलू उपाय)

लिवर रिसेक्शन सर्जरी के बाद की देखभाल कैसे की जाती है?

हेपेटेक्टमी सर्जरी के बाद जब आपको अस्पताल से छुट्टी मिल रही होती है, तो इस दौरान आपको निम्न सुझाव दिए जाते हैं -

  • शारीरिक गतिविधियां -
    आपको पहले कुछ हफ्तों तक कोई भी अधिक मेहनत वाली एक्सरसाइज या अन्य शारीरिक गतिविधि न करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इस दौरान आपको थोड़ा बहुत चलने फिरने की अनुमति दी जा सकती है, जिसे बाद में धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है।
  • आहार -
    आपको प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है। आपको समय पर भोजन करने की सलाह दी जाती है और इनके बीच में आप स्नैक के रूप में कुछ स्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ भी ले सकते हैं।
  • शराब -
    हेपेटेक्टमी सर्जरी के बाद आपको कम से कम तीन महीनों तक शराब न पीने की सख्त सलाह दी जाती है। हालांकि, शराब को पूरी तरह से छोड़ना आपके लिवर व स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा विकल्प है।
  • ड्राइविंग -
    सर्जरी के बाद छह से आठ हफ्तों के बाद आप गाड़ी चलाना व अन्य किसी मशीन को ऑपरेट करना शुरू कर सकते हैं। हालांकि, ड्राइविंग या ऑपरेटिंग शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए।
  • कार्य -
    आप अपनी दिनचर्या के कार्यों को सर्जरी के बाद 4 से 12 हफ्तों बाद शुरू कर सकते हैं, जो आपके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। हालांकि, यदि आप पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं, तो डॉक्टर आपको कुछ और दिन आराम करने की सलाह दे सकते हैं।
  • यौन संबंध -
    जब आप अपनी दिनचर्या के सामान्य कार्यों को आराम से करना शुरू कर देते हैं, तो डॉक्टर आपको यौन संबंध बनाने की अनुमति भी दे देते हैं।

लिवर रिसेक्शन सर्जरी के बाद पूरी तरह से स्वस्थ होने में कम से कम तीन महीनों का समय लगता है। हेपेटेक्टमी सर्जरी को लिवर कैंसर के लिए सबसे प्रभावी उपचारों में से एक माना जाता है। यदि लिवर रिसेक्शन सर्जरी सफल रूप से हो जाती है, तो आपके पांच साल अधिक जीने की संभावना लगभग 25 से 45 प्रतिशत बढ़ जाती है।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि आपको लिवर रिसेक्शन सर्जरी के बाद निम्न में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए -

  • लगातार तीव्र दर्द
  • पीलिया
  • बुखार
  • सामान्य रूप से भोजन न खा पाना
  • लगातार पेटदर्द रहना
  • सर्जरी वाले स्थान पर दर्द व लालिमा रहना
  • ऑपरेशन वाली जगह से बदबूदार द्रव निकलना
  • अत्यधिक थकान होना

(और पढ़ें - थकान दूर करने के घरेलू)

लिवर रिसेक्शन सर्जरी से क्या जोखिम हो सकते हैं?

हेपेटेक्टमी सर्जरी के बाद निम्न जोखिम व जटिलताएं देखी जा सकती हैं -

  • संक्रमण
  • अत्यधिक रक्तस्राव होना
  • निमोनिया
  • रक्त के थक्के बन जाना
  • पीलिया
  • पीतरस का रिसाव होना
  • लिवर काम करना बंद कर देना
  • लिवर में नया कैंसर विकसित होना

इसके अलावा सर्जरी के दौरान इस्तेमाल की जा रही एनेस्थीसिया से भी कुछ जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत या फेफड़े क्षतिग्रस्त होना।

(और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करें)

Dr. Abhay Singh

Dr. Abhay Singh

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
1 वर्षों का अनुभव

Dr. Suraj Bhagat

Dr. Suraj Bhagat

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
23 वर्षों का अनुभव

Dr. Smruti Ranjan Mishra

Dr. Smruti Ranjan Mishra

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
23 वर्षों का अनुभव

Dr. Sankar Narayanan

Dr. Sankar Narayanan

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी
10 वर्षों का अनुभव

और पढ़ें ...

संदर्भ

  1. University Hospital Birmingham [Internet]. NHS Foundation Trust. National Health Service. UK; Liver resection
  2. South East Scotland Cancer Network [Internet]. National Health Service. UK; What is a liver resection?
  3. American Cancer Society [internet]. Atlanta (GA), USA; Surgery for Liver Cancer
  4. Oxford University Hospitals [internet]. NHS Foundation Trust. National Health Service. U.K.; About liver resection
  5. MOFFITT Cancer Center [Internet]. Florida. US; Partial Hepatectomy
  6. Dimick JB, Cowan JA Jr, Knol JA, Upchurch GR Jr. Hepatic resection in the United States: indications, outcomes, and hospital procedural volumes from a nationally representative database. Arch Surg. 2003;138(2):185–91. PMID: 12578418.
  7. Coccolini F, Catena F, Moore EE, Ivatury R, Biffl W, Peitzman A, et al. WSES classification and guidelines for liver trauma. World J Emerg Surg. 2016 Oct 10;11:50. PMID: 27766112.
  8. Delis SG, Dervenis C. Selection criteria for liver resection in patients with hepatocellular carcinoma and chronic liver disease. World J Gastroenterol. 2008 Jun 14;14(22): 3452–60. PMID: 18567070.
  9. Massachusetts General Hospital: Digestive Health Care Center [Internet]. US; Laparoscopic Liver Resection
  10. Cardiff and Vale University Health Board [Internet]. University Hospital of Wales. Cardiff. UK; A patient guide to liver surgery
  11. The Leeds Teaching Hospitals [internet]: NHS Foundation Trust. National Health Service. U.K.; Liver Resection Enhanced Recovery After Surgery (ERAS)
  12. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; General anaesthetics
  13. Memorial Sloan Kettering Cancer Center. Gerstner Sloan Kettering Graduate School of Biomedical Sciences [internet]. U.S. About Your Liver Surgery
ऐप पर पढ़ें
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ