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जिलेटिन एक प्रोटीन उत्पाद है जो कोलेजन से प्राप्त होता है। इसके विशेष एमीनो एसिड संयोजन के कारण कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ हैं। जिलेटिन को जोड़ों के स्वास्थ्य और मस्तिष्क के कार्य में उपयोगी भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। यह त्वचा और बालों की स्थिति में भी सुधार कर सकता है। कोलेजन मनुष्यों और जानवरों में पाया जाने वाला प्रोटीन है। यह शरीर में लगभग हर जगह पाया जाता है, लेकिन त्वचा, हड्डियों, टेंडन्स और लिगामेंट्स (दो हड्डियों को जोड़ने वाले तंतु) में सबसे प्रचुर मात्रा में होता है।

इस लेख में जिलेटिन क्या है, जिलेटिन पाउडर क्या होता है, जिलेटिन कैसे बनता है, जिलेटिन के उपयोग, फायदे और नुकसान आदि के बारे ने विस्तार से बताया गया है। साथ ही जिलेटिन में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में भी बताया गया है।

  1. जिलेटिन पाउडर में पोषक तत्व - Gelatin powder ki nutritional value in Hindi
  2. जिलेटिन क्या है? - Gelatin powder kya hota hai in Hindi
  3. जिलेटिन पाउडर बनाने की विधि - gelatin kaise banta hai
  4. जिलेटिन पाउडर के फायदे - gelatin ke fayde in hindi
  5. जिलेटिन के अन्य उपयोग - Gelatin powder ke anya upyog
  6. जिलेटिन के साइड इफेक्ट - Gelatin powder side effects in hindi

जिलेटिन के कई लाभ इसमें पाए जाने वाले विभिन्न पौष्टिक तत्वों के कारण हैं। इसमें निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं:

पोषक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी 1 ग्राम
ऊर्जा 381 कैलोरी
प्रोटीन 7.8 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट्स 90.5 ग्राम
शुगर 86 ग्राम
कैल्शियम 3 मिलीग्राम
आयरन 0.13 मिलीग्राम
फास्फोरस 141 मिलीग्राम
मैग्नीशियम 2 मिलीग्राम
पोटैशियम 7 मिलीग्राम
सोडियम 466 मिलीग्राम

 

जिलेटिन एक प्रोटीन है जो पशु उत्पादों से प्राप्त होता है और इसका उपयोग भोजन की तैयारी में किया जाता है। यह आमतौर पर सौंदर्य प्रसाधनों और दवा उद्योग में भी उपयोग किया जाता है।

शोधकर्ताओं ने पाया है कि जिलेटिन के आपके स्वास्थ्य के लिए कई फायदे हैं। यह वयस्कों में हड्डियों के घनत्व में सुधार करता है तथा मधुमेह और एड्स के नियंत्रण में विशेष रूप से सहायक है। यही कारण है कि इसका उपयोग ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के प्रबंधन के लिए किया जाता है और पोस्टमेनोपॉज महिलाओं के लिए पूरक के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।

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जिलेटिन के हमारे बालों और त्वचा के लिए भी कई उपयोगी हैं, क्योंकि यह उनकी संरचना को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह त्वचा पर फाइन लाइनों और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है और बालों के रोम की मोटाई में सुधार करता है।

जिलेटिन के विभिन्न प्रकार होते हैं,जी निम्नलिखित हैं:

  • बोवाइन जिलेटिन
  • पोर्सिन जिलेटिन
  • फिश जिलेटिन
  • फूड ग्रेड जिलेटिन
  • एडिबल जिलेटिन
  • कोशर फिश जिलेटिन
  • ड्राई फिश जिलेटिन

जिलेटिन पाउडर कैसे बनाया जाता है?
जिलेटिन को विभिन्न प्रकार के जानवरों से प्राप्त कोलेजन को शोधित करके बनाया जाता है। कोलेजन शरीर में पाए जाने वाले स्वाभाविक प्रोटीन का समूह है, ये विशेष रूप से जानवरों में पाया जाता है। इसे गैर-सिंथेटिक तरीके से मवेशियों की हड्डियों, खाल, सूअर की त्वचा और मछली से निकाला जा सकता है, इस प्रक्रिया को हाइड्रोलाइजेशन कहा जाता है। इस प्रक्रिया में एक एसिडिक घोल में स्रोत सामग्री को भिगोया और उबाला जाता है। 

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जिलेटिन दूषित पदार्थों से मुक्त रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देशों का पालन किया जाता है। एक बार जब यह सूख जाता है, तो जिलेटिन को एक पाउडर या शीट के रूप में डाल लिया जाता है। जिलेटिन को लंबे समय तक रखा जा सकता है, बशर्ते इसे एक समान तापमान और आर्द्रता पर रखा जाए। जिलेटिन को कुछ अन्य एजेंट का उपयोग करके कृत्रिम रूप से संशोधित या मजबूत किया जा सकता है।

जिलेटिन के उपयोग से करें वजन कम - Gelatin powder ka upyog karen weight loss ke liye

अस्वास्थ्यकर आहार और जीवन शैली के कारण आज वजन बढ़ना लोगों की सबसे आम चिंताओं में से एक है। कम कैलोरी लेना और शारीरिक गतिविधि में वृद्धि करना वजन घटाने के लिए जरूरी है। जिलेटिन जैसे कुछ खाद्य पदार्थों को आपके भोजन में शामिल करना सहायक हो सकता है और आपके वजन घटाने की प्रक्रिया को बढ़ा सकता है। 

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कुछ अध्ययन में पाया गया है कि आहार में जिलेटिन शामिल करने से ऐसा लगता है कि काफी खा लिया, जिससे कि आप कम खाना खा पाते हैं। ऐसा प्रभाव जिलेटिन में पाए जाने वाले अधिक प्रोटीन के कारण होता है, जो वजन घटाने को बढ़ावा देने में मदद करता है। जब मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में इसका उपयोग किया जाता है, तो वजन नियंत्रण के लिए निर्धारित आहार के पालन में सुधार होता है। 

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यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जिलेटिन वजन प्रबंधन के लिए निश्चित रूप से सहायक है, लेकिन केवल यही पर्याप्त नहीं है, क्योंकि केवल जिलेटिन लेने से कोई दीर्घकालिक लाभकारी प्रभाव नहीं देखा गया है। इसलिए, आप आहार में जिलेटिन शामिल करने सहित अपनी समग्र योजना का पालन करते रहें। 

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जिलेटिन के लाभ मधुमेह को करे नियंत्रित - Gelatin powder ke fayde kare diabetes management me madad

शरीर में ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) के स्तर में सामान्य से अधिक वृद्धि को मधुमेह कहा जाता है। चूंकि ब्लड शुगर के अत्यधिक उच्च स्तर में शरीर की लगभग सभी प्रणालियों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता होती है। इसलिए ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना बहुत जरुरी है, जो जिलेटिन की मदद से संभव हो सकता है। जिलेटिन इंसुलिन के सीरम स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, जो रक्त में ग्लूकोज या शुगर के जमाव को कम करता है।

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शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में मोटापे और मधुमेह वाले व्यक्तियों के आहार में जिलेटिन मिलाया गया। इससे भोजन के सेवन के बाद इन रोगियों में अनुकूल परिणाम प्राप्त हुए। यह ब्लड शुगर के स्तर को कम करता है और भोजन के बाद इंसुलिन के स्तर को बढ़ाकर मधुमेह के नियंत्रण में सहायता करता है। हालांकि, अपने आहार में किसी भी रूप में जिलेटिन को शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें। 

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जिलेटिन पाउडर के फायदे त्वचा के लिए - Gelatin ka upyog karen twacha ke liye

साफ सुथरी और चमकती त्वचा पाना बहुतों का सपना होता है, जिसे संतुलित आहार और त्वचा की पर्याप्त देखभाल के उपायों से प्राप्त किया जा सकता है। इन उपायों में जिलेटिन शामिल करने से अधिक फायदा हो सकता है। शोधकर्ताओं ने त्वचा के लिए जिलेटिन के कई फायदे पता लगाए हैं, जिसका कारण इसमें पायी जाने वाली प्रोटीन की अधिक मात्रा है।

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एक ​​अध्ययन में देखा गया कि जिलेटिन का उपयोग त्वचा पर झुर्रियों, बारीक रेखाओं और उम्र बढ़ने के अन्य संकेतों को कम करने में काफी मदद करता है। नासोलैबियल फोल्ड (नाक के किनारे से मुंह के किनारे तक बनी एक महीन रेखा) में कमी देखी गयी थी। इसके अलावा, जिलेटिन के उपयोग ने त्वचा के रूखेपन को कम करने में भी मदद की, जिससे भविष्य में इन रेखाओं को बनने से भी रोका जा सका। इन प्रभावों को 60 दिनों तक प्रतिदिन 50 मिलीलीटर जिलेटिन का उपयोग करने के बाद दर्ज किया गया था।

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उपरोक्त शोध में कोलेजन के घनत्व में उल्लेखनीय वृद्धि और त्वचा की दृढ़ता भी देखी गई थी, यही वजह है कि यह सुझाव दिया जाता है कि जिलेटिन का उपयोग उम्र बढ़ने के संकेतों का मुकाबला करने में मदद कर सकता है। सबसे अच्छे परिणाम चेहरे पर मिले थे, लेकिन, कोलेजन ने शरीर के अन्य हिस्सों जैसे की बाहों पर भी असर किया था। यह लाभ प्राप्त करने के लिए, आप आहार में जिलेटिन के सेवन को मध्यम मात्रा में बढ़ा सकते हैं। 

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जिलेटिन पाउडर का उपयोग करें बाल और नाखूनों के लिए - Gelatin powder ka use karen hair aur nails ke liye

बाल झड़ना और खराब नाखून की समस्या ज्यादातर आहार में किसी कमी के कारण होती हैं। बाल और नाखून केराटिन नामक एक संरचनात्मक प्रोटीन से बने होते हैं, जो उनकी ताकत और संरचना को बनाए रखने में मदद करता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जिलेटिन का सेवन केराटिनाइजेशन की प्रक्रिया को बढ़ाता है, इस प्रकार यह आपके बालों और नाखूनों के स्वास्थ्य के लिए अनुकूल होता है।

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जिलेटिन प्रोटीन का सेवन आपके बालों के रोम के व्यास को बढ़ा सकता है, जिससे आपके बाल घने हो जाएंगे। जिलेटिन का सेवन उंगली और पंजे के नाखून की कठोरता को सुधारने में मदद करता है। क्योंकि यह इस संबंध में आवश्यक अमीनो एसिड के स्तर को बढ़ाने का काम करता है। 

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जिलेटिन से करें ऑस्टियोपोरोसिस को नियंत्रित - Gelatin ka use kare osteoporosis ko niyantrit

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियों के द्रव्यमान घनत्व में कमी होती है। यह स्थिति आमतौर पर रजोनिवृत्ति पर पहुंचने के बाद महिलाओं को प्रभावित करती है। उनकी हड्डियां नरम और भंगुर (आसानी से टूट जाने लायक) हो जाती हैं, जिससे स्थिति दर्दनाक हो जाती है और हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा अधिक होता है। शोध अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिलेटिन को आहार में शामिल करना ऑस्टियोपोरोसिस के उपचार में उपयोगी हो सकता है। अध्ययनों के दौरान इसने स्पष्ट रूप में हड्डियों के घनत्व को बेहतर बनाने में मदद की और टाइप 1 कोलेजन के स्तर में वृद्धि भी नोट की गई थी।

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ये परिणाम पशुओं पर हुए अध्ययन में मिले थे। ये पशु आहार में मैग्नीशियम की कमी के कारण हड्डी के द्रव्यमान घनत्व में कमी से पीड़ित थे। अलग अलग प्रकार के जिलेटिन के उपयोग से अलग-अलग परिणाम प्राप्त किए गए थे। उदाहरण के लिए, पोर्सिन जिलेटिन के उपयोग से कॉर्टिकल बोन के व्यास में वृद्धि हुई है, फिश जिलेटिन के सेवन ने ट्रैबिकुलर बोन मास घनत्व में कमी को रोका। इससे पता चलता है कि इन दोनों प्रकार के जिलेटिन का सेवन मददगार हो सकता है। आप जिलेटिन का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से आपकी स्थिति के लिए उपयुक्त प्रकार और खुराक के बारे में बात करें।

जिलेटिन के फायदे ऑस्टियोआर्थराइटिस में हैं लाभदायक - Gelatin ke fayde osteoarthritis me hain labhdayak

ऑस्टियोआर्थराइटिस एक जोड़ों की बीमारी है जो कार्टिलेज और उसके आसपास की हड्डी के टूटने के कारण होती है। कार्टिलेज मजबूत तथा लचीले ऊतक होते हैं, जो जोड़ों में पाए जाते हैं और दो हड्डियों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। जोड़ों में दर्द और जकड़न इसके सामान्य लक्षण हैं। जिलेटिन का उपयोग ऑस्टियोआर्थराइटिस के प्रबंधन में सहायता कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि जब यह न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट के रूप में उपयोग किया जाता है, तब जिलेटिन स्पष्ट रूप से जोड़ों के स्वास्थ्य में मदद करता है। आप इस लाभ के लिए जिलेटिन की खुराक के बारे में अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं। 

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जिलेटिन पाउडर का उपयोग है रजोनिवृत्ति के दौरान लाभदायक - Gelatin ka upyog postmenopausal women ke liye hai labhdayak

रजोनिवृत्ति या मासिक धर्म चक्र की समाप्ति के बाद महिलाएं कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकती हैं। एस्ट्रोजन नामक हार्मोन के स्तर में गिरावट से, त्वचा की झुर्रियाँ, बारीक रेखाएं और त्वचा के पतले होने जैसे परिवर्तन देखे जाते हैं। रजोनिवृत्ति के बाद एस्ट्रोजन की कमी के कारण वजन बढ़ना एक और आम चिंता है। लेकिन, एस्ट्रोजन की कमी के चलते रजोनिवृति के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के कारण फ्रैक्चर के बढ़ते जोखिम सहित कई अधिक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है।

(और पढ़ें - रजोनिवृत्ति के बारे में कुछ तथ्य)

जिलेटिन का उपयोग उन महिलाओं के लिए मददगार हो सकता है क्योंकि यह इनमें से अधिकांश चिंताओं को कम कर देता है। जैसा कि ऊपर भी बताया गया है, आहार में इसको शामिल करने से ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने में काफी मदद मिलती है, बारीक रेखाओं और झुर्रियों को भी कम करता है। एस्ट्रोजन की कमी से होने वाले मोटापे के मामलों में जिलेटिन वजन घटाने में मदद करता है।

जिलेटिन वजन बढ़ाने वाले जोखिम कारकों को भी दूर करता है। इसके लिए यह एडिपोसाइट्स की वृद्धि को कम करता है, एडिपोसाइट्स आम तौर पर वसा जमा करते हैं। जिलेटिन इन एडिपोसाइट्स की वृद्धि को कम कर इनमें वसा के भंडारण को रोकता है। यदि आप अपने आहार में जिलेटिन शामिल करना चाहते हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें।

उपर्युक्त लाभों के अलावा, दवा और खाद्य उद्योग में भी जिलेटिन का विभिन्न रूपों में उपयोग होता है। इसका उपयोग केक व अन्य बेकरी के सामानों को बनाने में और सूप तथा ग्रेवी बनाने में भी किया जाता है। आहार में शामिल करने के अलावा, जिलेटिन का उपयोग एक सुरक्षित और प्रभावी हेमोस्टेटिक एजेंट (रक्तस्राव को रोकने वाला) के रूप में भी किया जाता है। 

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हालांकि, जिलेटिन के कई फायदे हैं, लेकिन अगर उचित मात्रा में न लिया जाए या जरुरत से अधिक खुराक का उपयोग किया जाए तो इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इनमें खराब स्वाद, सूजन, पेट फूलना, छाती में जलन और पाचन संबंधी समस्याएं शामिल हैं। जिलेटिन कुछ लोगों में एलर्जी पैदा कर सकता है, क्योंकि यह एक प्लांट प्रोटीन है। यही कारण है कि जब तक कि डॉक्टर न लिख कर दें तब तक यह गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नहीं लेना चाहिए। प्रति दिन 10 ग्राम से अधिक मात्रा जिलेटिन लेना उचित नहीं है। कुछ अध्ययनों से लिपिड प्रोफाइल, ब्लड ग्लूकोज और कैल्शियम के स्तर में बदलाव भी देखे गए हैं, इसलिए लंबे समय तक इसके उपयोग का सुझाव नहीं दिया जाता है।

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