बायोटिन बी कॉम्प्लेक्स विटामिन में से एक है. बायोटिन को विटामिन-बी7 और एच के रूप में भी जाना जाता है. यह शरीर में फैट और कार्ब्स को ग्लूकोज में बदलकर ऊर्जा प्रदान करता है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल व ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है. साथ ही बायोटिन केराटिन का उत्पादन करने के लिए जरूरी होता है. वहीं, केराटीन बालों, नाखूनों और त्वचा के लिए जरूरी होता है. बायोटिन पानी में घुलनशील होता है. इसलिए, यह शरीर में लंबे समय तक जमा नहीं होता है. बायोटिन कुछ खास खाद्य पदार्थों से प्राप्त हो सकता है. साथ ही आंतों में भी बैक्टीरिया बायोटिन का उत्पादन कर सकते हैं. बायोटिन को हमारे शरीर के लिए जरूरी माना जाता है. इसकी कमी होने पर आपको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
आज इस लेख में आप बायोटिन की कमी के कारण, नुकसान व इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे -
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बायोटिन की कमी के कारण
बायोटिन फैट और अमीनो एसिड को मेटाबॉलाइज करने में मदद करता है. इसका उपयोग शरीर प्रोटीन बनाने के लिए करता है. संतुलित आहार खाने वाले स्वस्थ व्यक्ति में बायोटिन की कमी कम ही देखने को मिलती है. बायोटिन की कमी के कारण इस प्रकार हैं -
दवाइयों के कारण बायोटिन की कमी
कुछ दवाइयां शरीर को बायोटिन को सही तरीके से अवशोषित करने से रोक सकती हैं. इसमें एंटीबायोटिक्स दवाइयां प्रमुख रूप से हैं, जो आंत में गुड बैक्टीरिया को नष्ट कर सकती हैं. आपको बता दें कि गुड बैक्टीरिया आंत में बायोटिन का उत्पादन करते हैं. इसलिए, एंटीबायोटिक्स दवाइयों को बायोटिन की कमी का मुख्य कारण माना जा सकता है.
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इंट्रावेनस फीडिंग के कारण बायोटिन की कमी
इंट्रावेनस फीडिंग का उपयोग तब किया जाता है, जब पाचन तंत्र पोषक तत्वों को पर्याप्त रूप से अवशोषित नहीं कर पाता है. इसमें मरीज को आईवी या ट्यूब से भोजन दिया जाता है. इस अवस्था में शरीर में बायोटिन या विटामिन-बी7 की कमी हो सकती है.
आंतों की समस्या के कारण बायोटिन की कमी
आंतों की समस्या होने पर भी शरीर में बायोटिन की कमी हो सकती है. दरअसल, जब आंतों की कोई पुरानी बीमारी होती है, तो शरीर खाद्य पदार्थों से पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है. इसकी वजह से शरीर में बायोटिन की कमी हो सकती है. क्रोहन रोग और कोलाइटिस जैसे आंत रोग शरीर में बायोटिन की कमी का कारण बन सकते हैं.
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डाइटिंग के कारण बायोटिन की कमी
लंबे समय तक डाइटिंग करने का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है. डाइटिंग करने से शरीर को विटामिन और मिनरल प्राप्त करने में मुश्किल हो सकती है. अगर आप डाइटिंग कर भी रहे हैं, तो अपनी प्लेट को बैलेंस रखें. इसमें सभी प्रोटीन, विटामिन और मिनरल को शामिल करने की कोशिश करें.
आनुवंशिक के कारण बायोटिन की कमी
बायोटिनिडेस की कमी एक वंशानुगत विकार है, लेकिन यह समस्या कम ही लोगों में देखने को मिलती है. इसमें शरीर बायोटिन का उपयोग नहीं कर पाता है. इसके अलावा, कुछ जेनेटिक कारण भी शरीर में बायोटिन की कमी का कारण बन सकते हैं.
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प्रेगनेंसी के कारण बायोटिन की कमी
गर्भवती महिलाओं के लिए बायोटिन जरूरी होता है, क्योंकि यह भ्रूण के विकास में अहम भूमिका निभाता है. वहीं, प्रेगनेंसी में महिलाओं को बायोटिन की कमी का सामना अधिक मामलों में करना ही पड़ता है. इसलिए, डॉक्टर गर्भावस्था में महिलाओं को बायोटिन सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं.
बायोटिन की कमी के नुकसान
बायोटिन की कमी के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं और समय के साथ बढ़ सकते हैं. वहीं, बायोटिन की कमी बहुत कम लोगों में देखने को मिलती है, क्योंकि स्वस्थ आहार में बायोटिन की मात्रा अच्छी पाई जाती है. जो लोग स्वस्थ आहार लेते हैं, उनमें बायोटिन पर्याप्त होता है. अगर शरीर में बायोटिन की मात्रा कम होती भी है, तो इस स्थिति में कुछ नुकसान देखने को मिल सकते हैं -
- त्वचा पर लाल चकत्ते
- ड्राई और पपड़ीदार त्वचा
- सूखी यानी ड्राई आंखें
- बालों का झड़ना
- थकान और कमजोरी
- अनिद्रा या सोने में कठिनाई
- भूख में कमी
- जी मिचलाना
- डिप्रेशन
- हाथों और पैरों में जलन महसूस होना
- मांसपेशियों में दर्द
- चलने में कठिनाई
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बायोटिन की कमी कैसे पूरी करें
बायोटिन की कमी का इलाज करने के लिए डॉक्टर पहले इसके स्तर की जांच करते हैं. अगर बायोटिन का स्तर थोड़ा ही कम होता है, तो इस स्थिति में बायोटिन युक्त खाद्य पदार्थों से ही इसे पूरा किया जा सकता है. वहीं, अगर बायोटिन का स्तर अधिक कम होता है, तो बायोटिन सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जा सकती है -
बायोटिन सप्लीमेंट
वैसे तो बायोटिन कुछ खास खाद्य पदार्थों से मिल जाता है. साथ ही आंतों में भी बायोटिन का उत्पादन होता है. अगर इसके बाद भी शरीर में बायोटिन की कमी पाई जाती है, तो आप बायोटिन सप्लीमेंट्स ले सकते हैं. बायोटिन सप्लीमेंट ओवर-द-काउंटर है. इसे आप आसानी से ले सकते हैं.
एक वयस्क को प्रतिदिन 30 माइक्रोग्राम बायोटिन की जरूरत होती है. वहीं, बच्चे के लिए 5 एमसीजी बायोटिन पर्याप्त होता है. गर्भवती महिलाएं प्रतिदिन 35 माइक्रोग्राम बायोटिन का सेवन कर सकती हैं.
बायोटिन युक्त खाद्य पदार्थ
बायोटिन कुछ खाद्य पदार्थों से भी प्राप्त किया जा सकता है. अंडे, बादाम, मूंगफली, अखरोट, सोयाबीन, बीन्स, मटर, साबुत अनाज, फूलगोभी, केले और मशरूम में बायोटिन अधिक मात्रा में पाया जाता है. अगर शरीर में बायोटिन की कमी होती है, तो इन चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.
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कॉस्मेटिक बायोटिन
बायोटिन हमारी त्वचा, बालों और नाखूनों के लिए बहुत जरूरी होता है. जब बायोटिन की कमी होती है, तो बाल और त्वचा ड्राई हो सकती है. साथ ही नाखूनों का विकास भी नहीं हो पाता है. ऐसे में आप कॉस्मेटिक बायोटिन ट्रीटमेंट ले सकते हैं. इससे बालों, त्वचा और नाखून के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिल सकता है.
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सारांश
बायोटिन की कमी कुछ ही लोगों में देखने को मिलती है, लेकिन इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है. इसके लिए बायोटिन युक्त खाद्य पदार्थों और सप्लीमेंट का सेवन किया जा सकता है. वैसे तो डॉक्टर शरीर में दिख रहे लक्षणों को देखकर ही बायोटिन की कमी का पता लगा सकते हैं. फिर इसकी पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट करवाया जा सकता है. बायोटिन की कमी से बचने के लिए हेल्दी डाइट लेने की जरूरत होती है. हेल्दी फूड्स से शरीर बायोटिन को अवशोषित कर लेता है और इसकी कमी को पूरा कर सकता है.
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बायोटिन की कमी के कारण, नुकसान व इलाज के डॉक्टर
Dr. Bepari Hafsa
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Dr. Vikrant Sidana
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Dr. Sudhanshu Kumar Jalap
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