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निमोनिया एक ऐसा संक्रमण है, जिसके कारण फेफड़ों में मौजूद हवा के थैलों में सूजन हो जाती है। इन थैलों में द्रव या मवाद भर जाता है, जिससे बलगम वाली खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ होना जैसे लक्षण होते हैं। वैसे तो निमोनिया एक आम बीमारी है जिसका इलाज किया जा सकता है, लेकिन कई मामलों में इसके कारण रोगी की मौत भी जाती है।

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निमोनिया के कई प्रकार होते हैं, जिनके लिए डॉक्टर अलग-अलग प्रकार की दवाओं का उपयोग करते हैं। इसके लक्षणों के लिए भी कई घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। कुछ लोगों को निमोनिया होने का जोखिम अधिक होता है और उन्हें इससे बचने के लिए टीकाकरण करवाना चाहिए। 2 वर्ष की आयु से कम उम्र के बच्चों को भी निमोनिया होने का खतरा अधिक होता है, इसीलिए उन्हें भी निमोनिया के लिए टीकाकरण की आवश्यकता होती है।

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निमोनिया का पता लगाने के लिए डॉक्टर शारीरिक जांच, एक्स-रे, बलगम की जांच और सीटी स्कैन जैसे टेस्ट किए जा सकते हैं।

यदि सही समस्य पर उचित इलाज न किया जाए, तो निमोनिया के कारण व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में फोड़ा और एंडोकार्डिटिस (Endocarditis: दिल की अंदरूनी परत में होने वाला एक संक्रमण) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

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इस लेख में निमोनिया में क्या करना चाहिए और इसके लिए डॉक्टर के पास कब जाएं के बारे में बताया गया है।

  1. निमोनिया हो जाए तो क्या करे - Pneumonia me kya karna chahiye
  2. निमोनिया के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - Pneumonia me doctor ke pas kab jaye

हल्का या कम गंभीर निमोनिया हो तो आपको डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन कई गंभीर मामलों में इसके लिए चिकित्सा लेना सही होता है। इसीसलिए निमोनिया के लक्षण अनुभव करने पर आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए, ताकि आपको समस्या की गंभीरता का पता चल सके। निमानिया के लिए आप निम्नलिखित प्राथमिक चिकित्सा कर सकते हैं -

  1. निमोनिया होने पर आराम करना बेहद जरुरी होता है, ताकि हमारा शरीर बीमारी से लड़ने में पूरी ताकत इस्तेमाल कर सके, इसीलिए अगर आपको निमोनिया है, तो काम पर या बाहर न जाएं। घर पर रहने का मतलब ये नहीं है कि आप घरेलू काम करने लगें। निमोनिया में पूरी तरह से आराम करना बहुत जरुरी है। अगर आपके बच्चे को निमोनिया है, तो उसे स्कूल न भेजें और ही घर से बाहर जाने दें। (और पढ़ें - निमोनिया के घरेलू उपाय)
  2. निमोनिया के कारण आपको खांसी हो सकती है जो कि अच्छी बात है, क्योंकि इससे आपके फेफड़ों से बलगम निकल जाता है। हालांकि, खांसी के कारण आप ठीक से आराम नहीं कर पाते और आपको अन्य समस्याएं होने लगती हैं। खांसी कम करने के लिए सबसे अच्छा उपाय है पानी से गरारे करना। इसके लिए एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें। अब इस मिश्रण से दिन में 3 से 4 बार गरारे करें। याद रहे कि नमक के दाने पानी में अच्छी तरह से घुल जाने चाहिए, नहीं तो ये आपके गले में रगड़ सकते हैं और समस्या बढ़ा सकते हैं। आप चाहें तो बिना नमक के पानी से गरारे भी कर सकते हैं। (और पढ़ें - खांसी आने पर क्या करे)
  3. आपको खांसी की दवाएं लेने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि निमोनिया में ये असरदार नहीं होती हैं। ऐसी स्थिति में आप गर्म पानी में नमक और शहद डालकर ले सकते हैं। इससे आपको काफी हद तक आराम मिलेगा। (और पढ़ें - शहद और गर्म पानी के लाभ)
  4. निमोनिया में जितने हो सके उतने तरल पदार्थ लेने चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। ऐसा करने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ मिलेंगे और फेफड़ों से बलगम भी निकलेगा, इसीलिए जितना हो सके उतना पानी पिएं। आप चाहें तो सूप भी ले सकते हैं। (और पढ़ें - पानी कैसे पीना चाहिए)
  5. निमोनिया में बुखार होता ही है, इसीलिए बार-बार बुखार को चेक करते रहें और आप चाहें तो इसके लिए मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवाएं भी ले सकते हैं, जैसे एस्पिरिन, आइबुप्रोफेन और नेप्रोक्सेन। (और पढ़ें - तेज बुखार होने पर क्या करें)
  6. शरीर का तापमान कम करने के लिए आप गर्म सिकाई भी कर सकते हैं। ठंडी सिकाई करने से शरीर के तापमान में अचानक बदलाव आता है, और आपको कंपन हो सकती है। गर्म सिकाई के लिए एक तौलिये को हल्के गुनगुने पानी में भिगोकर निचोड़ लें। अब इसे अपने माथे पर रखें। ये प्रक्रिया दिन में बार-बार करने से आपको काफी हद तक आराम मिलेगा। निमोनिया में शरीर की कंपन होना आम है और ये आमतौर पर बुखार उतरने पर या कुछ दिनों में ठीक भी हो जाती है। (और पढ़ें - शरीर का तापमान कितना होना चाहिए)
  7. निमोनिया होने पर सांस लेने में तकलीफ भी होने लगती है और ये भी हो सकता है कि आपकी सांस फूलने लगे। इसके लिए आप चाहें तो अपने घर या ऑफिस में ह्युमिडिफायर लगा सकते हैं या गर्म पानी से नहा भी सकते हैं। अगर आपके पास इन्हेलर है, तो सांस फूलने पर उसका प्रयोग करें। (और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करे)
  8. निमोनिया में सफाई का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण होता है, इसीलिए बार-बार हाथ धोएं और उन चीजों को अच्छी तरह से साफ करें, जिन्हें आप बार-बार छूते हैं। खांसते समय अपने हाथ की बजाय कोहनी में खांसी, ताकि कीटाणु फैले नहीं। (और पढ़ें - हाथ धोने का सही तरीका)
  9. किसी भी प्रकार के धुंए के कारण आपके फेफड़ों को नुक्सान हो सकता है, इसीलिए धुंए वाली जगहों या दूषित हवा में न जाएं। (और पढ़ें - लंग कैंसर के लक्षण)
  10. अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो अपने इस आदत को छोड़ने का प्रयास करें। अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो कम से कम निमोनिया ठीक होने तक सिगरेट बिलकुल न पिएं और ऐसे किसी व्यक्ति के पास खड़े न हों जो सिगरेट पी रहा है क्योंकि उसकी सिगरेट का धुआं भी आपको नुक्सान पहुंचा सकता है। (और पढ़ें - सिगरेट पीना छोड़ने के घरेलू उपाय)
  11. निमोनिया में आपको छाती में दर्द भी हो सकता है। हो सकता है ये दर्द आपको अचानक होने लगे या कुछ समय तक लगातार होता रहे। हालांकि, कुछ आसान उपाय करने से छाती का दर्द आसानी से ठीक किया जा सकता है। अदरक को सीने के दर्द के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसे लेने के लिए एक गिलास पानी उबालें और उसमें थोड़ा अदरक डाल दें। अब इस पानी को धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक उबलने दें। इसके बाद पानी को छान लें और उसमें स्वादानुसार शहद और नींबू मिलाएं। इस मिश्रण को आपको गर्म-गर्म पीना है। आप दिन में जितनी बार ये मिश्रण पिएंगे, आपको उतना ही फायदा होगा। (और पढ़ें - छाती में दर्द होने पर क्या करें)
  12. दर्द के लिए मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवाओं का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य पूछ लें और दवा के पैकेट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। इसके अलावा अगर आपको अस्थमा, किडनी रोग, अपच या पेट के अलसर जैसी समस्याएं हैं या पहले रही हैं, तो अपनी मर्जी से कोई भी दवा न लें। (और पढ़ें - अपच होने पर क्या करना चाहिए)
  13. अगर आप पेनकिलर दवाएं ले रहे हैं, तो उससे पहले पेट भरके खाना खा लें ताकि आपको इससे मतली जैसे साइड इफेक्ट्स न हों। बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। (और पढ़ें - खाना खाने का सही तरीका)
  14. निमोनिया में शराब पीना आपके लिए खतरनाक हो सकता है, इसिलिए अगर आपको शराब पीने की आदत है, तो इसे छोड़ने का प्रयास करें। अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो कम से कम निमोनिया ठीक हो जाने तक शराब न पिएं। (और पढ़ें - शराब की लत छुड़ाने के घरेलू उपाय)
  15. एक बार निमोनिया के लक्षण ठीक होने के बाद एकदम से सारे काम या शारीरिक परिश्रम करना शुरू न करें क्योंकि निमोनिया के लक्षण वापिस आ सकते हैं। ठीक होने के बाद भी पूरा आराम करें और सावधानियां बरतें। (और पढ़ें - शारीरिक विकलांगता के कारण)

वैसे तो निमोनिया के लिए आपको डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि ये कुछ आसान तरीकों से ठीक किया जा सकता है। हालांकि, निम्नलिखित लक्षण अनुभव होने पर आपको डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए -

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

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