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किसी भी बीमारी को ठीक करने के लिए आपको स्वस्थ और संतुलित आहार खाना चाहिए। निमोनिया नामक बीमारी में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से आपका शरीर संक्रमण से लड़ पाने में सक्षम नहीं हो पाता है। इसलिए लिए आपको अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए पोषक तत्व युक्त, स्वस्थ और संतुलित आहार खाना चाहिए।

इसलिए आपको पता होना चाहिए कि निमोनिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही साथ आपको निमोनिया में परहेज के बारे में भी पता होना चाहिए। आइए जानते हैं, निमोनिया में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं।

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  1. निमोनिया में क्या खाना चाहिए - Nimoniya me kya khana chahiye
  2. निमोनिया में क्या न खाएं और परेहज - Nimoniya me kya na khaye aur parhej

निमोनिया में सब्जियां खाएं - Nimoniya me sabjiya khaye

निमोनिया के दौरान आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और इसे मजबूत बनाने के लिए आपको भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और एंटीऑक्सिडेंट की आवश्यकता होती है। इसलिए इस बीमारी में आपको अधिक से अधिक सब्जियां खानी चाहिए। सब्जियों में आप हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पत्ता गोभी और अजमोद आदि खाएं। इसके साथ ही साथ आप चुकंदर, खीरा और गाजर भी खा सकते हैं। इन सभी सब्जियों में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड और पौटैशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। यह पोषक तत्व बीमारी को ठीक करने में मदद करते हैं और संक्रमण से लड़ने के लिए आपके शरीर को मजबूत भी बनाते हैं।

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निमोनिया में फल खाने चाहिए - Nimoniya me fal khane chahiye

ताजा फलों से आपको पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। जब आपके शरीर को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिलता है, तब आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने लगती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने से आप निमोनिया से जल्द ठीक हो जाते हैं। इसलिए आलूबुखारा, नाशपाती, स्ट्राबेरी, जामुन जैसे मीठे फलों को खाएं, लेकिन ध्यान रहे इन्हें सीमित मात्रा में खाएं।

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निमोनिया में ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त मछलियां खाएं - Nimoniya me omega-3 fatty acid yukt machli khaye

निमोनिया में ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त मछलियां खाएं। इन मछलियों को खाने से आपको पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्राप्त होता है, जो आपके शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक वसा है। रावस, इंडियन सैल्मन और बांगड़ा, इंडियन मैकरेल आदि मछलियों में बहुत अधिक मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। आपका शरीर इस वसा का उत्पादन खुद नहीं कर सकता है, इसलिए आहार के माध्यम से इसकी आपूर्ती की जाती है। ओमेगा-3 फैटी एडिस निमोनिया के दौरान सूजन को कम करने में मदद करता है।

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निमोनिया में साबुत अनाज खाएं - Nimoniya me sabut anaj khaye

साबुत अनाज से रोगी को पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाईड्रेट प्राप्त होती है, जो शरीर का मुख्य ईंधन है। इसके अलावा साबुत अनाज से आपको विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट और खनिज भी प्राप्त होते हैं। साबुत अनाज से प्राप्त विटामिन बी उर्जा के उत्पादन और शरीर के ताप को नियंत्रित करने में मदद करता है, क्योंकि निमोनिया में थकान, बुखार और ठंड लगने जैसे लक्षण महसूस होते हैं।

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इसके अलावा साबुत अनाज में खनिज और सेलेनियम भी मौजूद होते हैं, जो आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। साबुत अनाज में आप ब्राउन राइस, ओट्स, चौलाई और जौ आदि खाएं। इसके साथ ही साथ यदि आप ब्रेड या पास्ता खाते हैं, तो साबुत अनाज से बने ब्रेड या पास्ता ही खाएं।

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निमोनिया में अधिक से अधिक तरल पेय पदार्थ पीएं - Nimoniya me adhik se adhik taral pey padarth piye

क्या आप जानते हैं कि यदि आपके शरीर में पानी की कमी होती है, तब आपकी मांसपेशियां सही ढंग से काम नहीं करती हैं। इसलिए एक सामान्य रोगी को डेढ़ से दो लीटर पानी पीना चाहिए। जब आप किसी भी बीमारी से ठीक हो रहे होते हैं, उस दौरान आपको पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। खास कर निमोनिया में आपको प्रतिदिन 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। 

इसके अलावा तरल खाद्य पदार्थ के लिए आप अपने आहार में सब्जियों के जूस को शामिल कर सकते हैं। इससे आपको अतिरिक्त पोषक तत्व प्राप्त होगा। खास कर जब आप बीमार होते हैं या ठीक से भूख नहीं लगती है, उस दौरान सब्जियों के जूस आपके लिए और भी लाभदायक साबित होते हैं। नासपाती का जूस निमोनिया के दौरान बहुत ही फायदेमंद है, क्योंकि यह आपके बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है।

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निमोनिया में गर्म तरल पेय पदार्थ पीएं - Nimoniya me garm liquids piye

निमोनिया में शोरबा और चाय जैसे तरल पेय पदार्थ पीना लाभदायक है। जिस तरह पानी आपके शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है, वैसे ही गर्म तरल पेय पदार्थ आपके गले के सूजन और जलन को कम करते हैं। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टी नहीं की गई है की गर्म तरल पदार्थ निमोनिया को ठीक करता है या नहीं, लेकिन निमोनिया के मरीज जब चाय, शोरबा और चिकन सूप जैसे गर्म तरल पेय पदार्थों को पीते हैं तो अधिक आराम महसूस करते हैं।

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निमोनिया में जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करें - Nimoniya me jadi buti ka istemal kare

जड़ी-बूटियों को अपने आहार में शामिल करें। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक हैं। इसके अलावा यह निमोनिया को ठीक करने में भी मदद करते हैं। हालांकि, यह एंटीबायोटिक्स की जगह नहीं ले सकते हैं, लेकिन जड़ी-बूटीयों का इस्तेमाल घरेलू उपाय में हजारों साल से होता आ रहा है, जो आपके शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए मजबूत बनाते हैं।

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लहसुन में जीवाणुरोधी और फंगल रोधी गुण होते है, जो आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। अदरकअदरक की चाय दोनों जी मिचलाने के लक्षणों को कम करने में सहायक हैं। पुदीना, अजवाइन का फूल और अजवाइन की पत्ती संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

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एनीमिया में शाकाहारी भोजन खाएं - Nimoniya me shakahari bhojan khaye

शाकाहारी भोजन निमोनिया के रोगियों के लिए फायदेमंद है। खासकर उन लोगों के लिए और भी लाभदायक है, जो लोग फल और सब्जियां नहीं खाते हैं। इसके अलावा निमोनिया के मरीजों के लिए वीगन डाइट भी बहुत अधिक फायदेमंद है। वीगन डाइट में आप मांस और मछली के साथ-साथ दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों को भी नहीं खाते हैं। दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल न करने से बलगम कम बनता है। इसके अलावा निमोनिया रोगियों को प्रोटीन के लिए चिकन और मटन की जगह पर फलियां और मूग की दाल खानी चाहिए।

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निमोनिया में अधिक नमक नहीं खाना चाहिए - Nimoniya me adhik namak na khaye

चुटकी भर नमक खाना निमोनिया रोगियों के लिए नुकसानदायक नहीं है, लेकिन आहार में अधिक नमक इस्तेमाल करने से समस्या हो सकती है। नमक आपके शरीर में पानी की प्रतिधारण क्षमता को बढ़ाता है। आपके शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने से सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। नमक की जगह पर आप जड़ी-बूटियां और मसालों का इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे आपके भोजन का स्वाद भी बढ़ेगा।

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निमोनिया में डेरी प्रोडक्ट न खाएं - Nimoniya me dairy product na khaye

डेरी उत्पाद फेफड़ों से संबंधित बीमारी के लक्षणों को बढ़ाते हैं। हालांकि, दूध में कैल्शियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, लेकिन दूध आपके आंत में बलगम को बढ़ाता है, जिससे निमोनिया की स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए डेरी उत्पादों और दूध से निमोनिया के रोगियों को परहेज करना चाहिए। 

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निमोनिया में तले हुए खाद्य पदार्थ न खाएं - Nimoniya me tale huye khadya padarth na khaye

निमोनिया में तले हुए खाद्य पदार्थों को न खाएं, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थ से पेट फूलने या गैस की समस्या हो सकती है। इसके साथ ही साथ तले हुए खाद्य पदार्थों को खाने से डायाफ्राम में अधिक तनाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है।

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इसके अलावा अधिक लते हुए खाद्य पदार्थों से आपका वजन बढ़ सकता है, वजन बढ़ने से फेफड़ों पर तनाव बढ़ता है। इसके साथ ही साथ तले हुए खाद्य पदार्थों में खराब वसा होती है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाती है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ता है। इसलिए फ्रेच फाइज व तला हुआ चिकन और तले हुए अन्य खाद्य पदार्थों को न खाएं।

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निमोनिया में ब्रोकली और फूल गोभी न खाएं - Nimoniya me broccoli aur phool gobhi na khaye

गैस या पेट फूलने की वजह से कई प्रकार की परेशानिया हो सकती हैं। इससे फेफड़े से संबंधित रोगियों में सांस लेने की समस्या होती है। फूल गोभी, ब्रोकली और मूली जैसी सब्जियों में वैसे तो कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं, लेकिन यह आपके पेट में गैस भी बनाते हैं। इसलिए इन सब्जियों को निमोनिया के मरीजों को बहुत कम मात्रा में खाना चाहिए या हो सके तो बिल्कुल न खाएं।

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कार्बोनेटेड पेय पदार्थ न पीएं - Nimoniya carbonated pey padarth na piye

आपको इस बात से वाकिफ होना चाहिए कि कार्बोनेटेड पेय पदार्थ में चीनी, खाली कैलोरी और बहुत अधिक मात्रा में कार्बोनेट होता है। इन सब की वजह से आपका वजन बढ़ता है, वजन बढ़ने से पेट फूलने या गैस की समस्या होती है। सोडा, बियर, वाइन जैसे कार्बोनेडेट पेय पदार्थ की वजह से आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए अपनी प्यास बुझाने के लिए कार्बोनेटेड पेय पदार्थों की जगह पर पानी का इस्तेमाल करें।

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निमोनिया में एसिड युक्त खाद्य पदार्थ न खाएं - Nimoniya me acid yukt khadya padarth na khaye

भोजन नलिका (इसोफेगस) के अंत में मांसपेशियों की एक छल्लेदार वाल्व होती है और जब इस वाल्व का बार-बार खुलना और बंद होना कम हो जाता है, तब पेट का एसिड आपके भोजन नलिका में स्थानांतरित होने लगता है। इस स्थिति में आपके सीने में जलन की समस्या होती है। लगातार 2 सप्ताह तक सीने में जलन होना, एसिड रिफ्लक्स नामक बीमारी का संकेत देता है। फेफड़ों से संबंधित रोगियों में जब एसिड रिफ्लक्स बढ़ता है तो इस रोग के लक्षण भी बढ़ने लगते हैं।

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इसलिए निमोनिया के रोगियों को एसिड वाले खाद्य और पेय पदार्थों से परहेज करना चाहिए। खट्टे फल, फलों के जूस, टमाटर सूप और मसालेदार खाद्य पदार्थों को निमोनिया में न खाएं।

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निमोनिया में लाल मांस न खाएं - Nimoniya me lal maans na khaye

निमोनिया में लाल मांस न खाएं। लाल मांस निमोनिया के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। इसकी जगह पर आप त्वचा रहित चिकन ब्रेस्ट खा सकते हैं। चिकन से आपको आवश्यक प्रोटीन प्राप्त होता है, जो मांसपेशियों के दर्द और थकान को कम करता है। लाल मांस की तुलना में चिकन में संतृप्त वसा की मात्रा बहुत कम होती है, जो निमोनिया की वजह से होने वाली सूजन को कम करने में मदद करती है।

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इसके अलावा कच्चा मांस भी न खाएं, कच्चे मांस को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए और रंग के लिए इसमें नाइट्रेट मिलाया जाता है। एक शोध के अनुसार, कच्चा मांस फेफड़ों से संबंधित बीमारी के खतरे को बढ़ाता है।

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निमोनिया में खट्टे फल न खाएं - Nimoniya me khatte fal na khaye

निमोनिया रोग में आपको खट्टे या अधिक एसिड वाले फलों को न खाने की सलाह दी जाती है। यदि मरीज को पहले से ही पाचन संबंधी समस्या है तो इस प्रकार के फल स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं। इसलिए खट्टे और अधिक एसिड वाले फल न खाएं। हालांकि, इस प्रकार के फलों से आपको भरपूर मात्रा में विटामिन और पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, जो बीमारी को ठीक करने में मदद करते हैं।

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