केयूबी सीटी स्कैन क्या है?

केयूबी सीटी स्कैन एक इमेजिंग टेस्ट है, जो व्यक्ति के किडनी, मूत्रवाहिनी (यूरेटर) और मूत्राशय की छवियां तैयार करने के लिए एक्स-रे का उपयोग करता है। आमतौर पर इस स्कैन का उपयोग यूरोलिथियासिस या किडनी/मूत्र पथ की पथरी के निदान के लिए किया जाता है, लेकिन इससे किडनी से संबंधित अन्य समस्याओं का भी पता लगाया जा सकता है।

सीटी स्कैन विभिन्न कोणों से शरीर की विस्तृत छवियां तैयार करता है। इन छवियों को संलग्न करके कंप्यूटर स्क्रीन पर देखा जा सकता है। कई बार डॉक्टर अधिक स्पष्ट फोटो प्राप्त करने के लिए कंट्रास्ट डाई का प्रयोग करते हैं। यह एक ऐसा पदार्थ है, जिसे बांह की नस में इंजेक्शन के माध्यम से लगाया जाता है या कुछ मामलों में मौखिक रूप से भी दिया जा सकता है।

(और पढ़ें - सीटी स्कैन पीएनएस क्या है?)

  1. केयूबी सीटी स्कैन क्यों किया जाता है? - Why is a KUB CT scan done in Hindi?
  2. केयूबी ​सीटी स्कैन किसे नहीं कराना चाहिए - Who cannot have a KUB CT scan in Hindi?
  3. केयूबी ​सीटी स्कैन से पहले की तैयारी - KUB CT scan preparation in Hindi?
  4. केयूबी ​सीटी स्कैन कैसे किया जाता है? - KUB CT scan procedure in Hindi
  5. केयूबी ​सीटी स्कैन के दौरान कैसा महसूस होगा? - How will a KUB CT scan feel in Hindi
  6. केयूबी ​सीटी स्कैन के परिणामों का क्या मतलब है? - KUB CT scan results mean in Hindi
  7. केयूबी ​सीटी स्कैन के जोखिम और लाभ क्या हैं? - KUB CT Scan risks and benefits in Hindi
  8. केयूबी ​सीटी स्कैन के बाद क्या होता है? - What happens after a KUB CT scan in Hindi?
  9. केयूबी ​सीटी स्कैन के साथ अन्य टेस्ट - Other tests that can be done with KUB CT Scan in Hindi?

सीटी स्कैन को ऐसे मामलों में प्राथमिकता दी जाती है, जहां पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले एक्स-रे से पर्याप्त जानकारी नहीं मिलती है और अधिक गहन परीक्षण की आवश्यकता होती है। केयूबी सीटी स्कैन का प्रयोग निम्नलिखित स्थितियों का पता लगाने के लिए ​किया जाता है :

इसके अतिरिक्त, यदि डॉक्टर को संदेह है कि आपको किडनी या मूत्राशय की पथरी के लक्षण हैं तो वे केयूबी सीटी स्कैन कराने का सुझाव दे सकते हैं। किडनी या मूत्राशय की पथरी के लक्षणों में शामिल हैं :

नॉन-कंट्रास्ट केयूबी सीटी स्कैन आमतौर पर 'रीनज कैल्कुली' (किडनी स्टोन) का पता लगाने के लिए किया जाता है, जबकि कंट्रास्ट डाई का प्रयोग सूजन या नेक्रोसि​स जैसी स्थितियों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है।

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यदि आप निम्नलिखित स्थितियों से जुड़े हैं तो आपको केयूबी ​सीटी स्कैन से पहले डॉक्टर को बता देना चाहिए जैसे :

  • गर्भावस्था या ऐसा संदेह होना कि आप गर्भवती हो सकती हैं (क्योंकि रेडिएशन के संपर्क में आने से बच्चे में जन्म दोष हो सकते हैं)
  • कंट्रास्ट मीडिया, लोकल एनेस्थीसिया या आयोडीन से एलर्जी होने पर
  • किडनी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं, क्योंकि कंट्रास्ट डाई के इस्तेमाल से किडनी खराब हो सकती है।
  • डायबिटीज की दवाओं का सेवन करना

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इस टेस्ट से पहले व्यक्ति को किसी खास तरह की तैयारी की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, यदि कंट्रास्ट डाई का प्रयोग किया जाना है, तो आपको सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और परीक्षण से पहले कुछ समय खाली पेट रहने की सलाह दी जा सकती है।

डॉक्टर आपको इस टेस्ट प्रोसीजर के बारे में समझाएंगे और पूछ सकते हैं कि क्या आपको पहले कंट्रास्ट मीडिया या आयोडीन से एलर्जी की प्रतिक्रिया हुई है। इसके अलावा यदि आपके छाती या पेट में कोई छेद है, तो इस बारे में भी डॉक्टर को सूचित करें।

चूंकि स्कैन के दौरान लेटना होगा, ऐसे में यदि आपको चिंता या क्लौस्ट्रफोबिया है, तो इसके बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श लें, हो सकता है ऐसे में वे आपको सिडेटिव ड्रग्स देंगे।

केयूबी ​सीटी स्कैन के लिए आपको अस्पताल में रुकने की आवश्यकता हो सकती है। स्कैन के लिए निम्नलिखित स्टेप्स​ लिए जाते हैं :

  • सबसे पहले डॉक्टर आपसे सारे गहने व धातु से बनी चीजों को शरीर पर से हटाने के लिए कह सकते हैं, क्यों​कि यह चीजें स्कैन के दौरान मशीन को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • अस्पताल के कर्मचारी आपको टेस्ट से पहले गाउन दे सकते हैं, जिसे पहनकर ही स्कैनिंग टेबल पर लेटना होगा।
  • आपको पीठ के बल स्कैनिंग टेबल पर लेटने के लिए कहा जाएगा, इस दौरान आपके दोनों हाथ सिर के ऊपर सीधे होने चाहिए। टेस्ट के दौरान आपको स्थिर लेटने के लिए निर्देश दिए जाएंगे, क्योंकि हिलने-डुलने से तस्वीर धुंधली आ सकती है।
  • अब स्कैनिंग टेबल सीटी स्कैन मशीन के बड़े गोलाकार हिस्से के अंदर चली जाएगी।
  • टेक्नोलॉजिस्ट या डॉक्टर दूसरे कमरे से आपको मॉनीटर करेंगे, इस दौरान यदि आप असहज महसूस कर रहे हैं, घबराहट महसूस कर रहे हैं, अत्यधिक पसीना आ रहा है या सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो आप स्कैनर में लगे कॉल बटन के माध्यम से उन्हें सूचित कर सकते हैं।
  • अब मशीन स्कैनिंग प्रोसेस के जरिए डेटा इकट्ठा करेगी और उन्हें संलग्न करके कंप्यूटर स्क्रीन पर चित्र के रूप में दिखाएगी।
  • यदि कंट्रास्ट डाई के साथ केयूबी ​सीटी स्कैन किया जाना है, तो स्कैन के पहले आपकी बांह की नस में इंजेक्शन के जरिये डाई को इंजेक्ट किया जाएगा या कुछ मामलों में मौखिक रूप से भी दिया जा सकता है।
  • टेस्ट पूरा होने के बाद आपको कुछ समय के लिए रुकने को कहा जा सकता है, ताकि रेडियोलॉजिस्ट यह सुनिश्चित कर सके कि प्राप्त चित्र साफ व स्पष्ट हैं।

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सीटी स्कैन एक दर्द रहित प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान आपको स्थिर रहने के लिए कहा जाता है, इसलिए यह थोड़ा असहज लग सकता है।

स्कैन के दौरान, आपको मशीन से कुछ आवाजें आ सकती हैं, जो हो सकता है आपको बिल्कुल पसंद न आए।
यदि कंट्रास्ट डाई का प्रयोग किया गया है, तो आपको कुछ साइड इफेक्ट्स का अनुभव हो सकता है जैसे :

यह दुष्प्रभाव जल्दी कम हो जाने चाहिए, यदि ऐसा नहीं होता है तो इस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं।

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केयूबी ​सीटी स्कैन के परिणामों से निम्नलिखित स्थितियों की पुष्टि हो जाती है :

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केयूबी ​सीटी स्कैन के जोखिम :

  • यदि कंट्रास्ट डाई का उपयोग किया जाता है, तो इससे कुछ लोगों में एलर्जी का खतरा हो सकता है।
  • डायबिटीज की दवा लेने वालों में डाई की वजह से किडनी खराब होने का खतरा रहता है।
  • गर्भवती महिला में सीटी स्कैन की किरणों की वजह से बच्चे में जन्म दोष हो सकता है।

केयूबी ​सीटी स्कैन के फायदे :

  • पारंपरिक रूप से किए जाने वाले एक्स-रे प्रक्रिया की तुलना में सीटी स्कैन में अधिक विस्तृत चित्र और जानकारी प्राप्त होती है।
  • जल्दी ​परिणाम प्राप्त होते हैं।
  • सटीक परिणाम मिलते हैं, जिससे इलाज के लिए योजना बनाने में मदद मिलती है।
  • कैंसर के निदान और उपचार में सहायता मिलती है।

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टेस्ट के बाद आप अपनी सामान्य दिनचर्या की गतिविधियों में वापस आ सकते हैं। यदि स्कैन के लिए सिडेटिव ड्रग्स दिया गया है, तो आपको किसी मित्र, करीबी या परिवार के सदस्य के साथ घर जाना चाहिए।

यदि आपको परीक्षण के दौरान कंट्रास्ट मीडिया दिया गया था, तो हो सकता है कि आपको कुछ दुष्प्रभाव देखने को मिलें जैसे कि सूजन, खुजली या सांस लेने में समस्या।

जिस स्थान पर सुई लगाई है वहां लालिमा या सूजन हो सकती है। यदि आप इस तरह के लक्षण देखते हैं, तो डॉक्टर को रिपोर्ट करें।

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सटीक निदान के लिए डॉक्टर सीटी स्कैन के साथ या उसके बाद कुछ अन्य टेस्ट कराने का सुझाव दे सकते हैं जैसे :

ध्यान रहे : इन सभी टेस्ट के परिणाम रोगी के नैदानिक स्थितियों से सहसंबद्ध यानी जुड़े होने चाहिए। ऊपर मौजूद जानकारी शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है।

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संदर्भ

  1. University of Rochester Medical Center [Internet]. University of Rochester. New York. US; CT Scan of the Kidney
  2. Cleveland Clinic [Internet]. Ohio. US; Bladder Stones (Bladder Calculi)
  3. American Kidney Fund [Internet]. Maryland. US; Kidney Stone Causes, Symptoms, Treatments, & Prevention
  4. Stanford Healthcare [Internet]. University of Stanford. California. US; Risks of Computed Tomography (CT) Scan
  5. Johns Hopkins Medicine [Internet]. The Johns Hopkins University, The Johns Hopkins Hospital, and Johns Hopkins Health System; Computed Tomography (CT or CAT) Scan of the Kidney Facebook
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