मस्तिष्क शरीर के सबसे सक्रिय भागों में से एक है और इसको भली भांति कार्य करने के लिए पोषक तत्वों की एक नियमित मात्रा में आवश्यकता होती है। एक खराब आहार न्यूरोट्रांसमीटर का उत्पादन करने के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान नहीं कर पाता है, जो कि शरीर में एंग्जायटी या अवसाद के लक्षणों को बढ़ा सकता है। इस लेख में हम कुछ ऐसे खाद्य विकल्पों का उल्लेख कर रहे हैं, जो आपके मूड को अच्छा करने में मदद करते हैं और आपकी एंग्जायटी डिसऑर्डर को भी नियंत्रित करने में मदद करते हैं :

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  1. एंग्जायटी में क्या खाना चाहिए - Foods that can help control anxiety disorder
  2. एंग्जायटी के लिए पोषक तत्व - Essential nutrients for anxiety in Hindi
  3. एंग्जायटी में क्या न खाएं और परहेज - Foods to be avoided in anxiety disorder in Hindi
  4. एंग्जायटी के लिए भारतीय डाइट प्लान - Indian diet plan for Anxiety in Hindi
  5. एंग्जायटी में क्या खाना चाहिए, क्या न खाएं और डाइट प्लान के डॉक्टर

एंग्जायटी डिसऑर्डर को नियंत्रित करने के लिए करें इन चीजों का सेवन कर सकते हैं :

एंग्जायटी में खाएं डार्क चॉकलेट - Dark chocolate helps in anxiety in Hindi

चॉकलेट को विश्वभर में सबसे पसंदीदा डिजर्ट के रूप में जाना जाता है। कई अध्ययन इस पसंदीदा डिजर्ट एवं मानसिक स्वास्थ्य के बीच में एक सकारात्मक रिश्ता बताते हैं। चॉकलेट में कई पोषक तत्व होते हैं जैसे कि फ्लेवानोल्स, ट्रिप्टोफैन जो कि मानसिक स्थिति को ठीक रखने, साथ ही मूड को अच्छा करने के लिए जाने जाते हैं।

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डार्क चॉकलेट न केवल एल-ट्रिप्टोफैन के कारण सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ा सकता है, बल्कि इसमें चीनी के रूप में कार्बोहाइड्रेट भी शामिल होता है, जो मष्तिस्क को अधिक सेरोटोनिन का उत्पादन करने के लिए संकेत देता है। इसलिए जब भी आप तनावग्रस्त या चिंतित महसूस कर रहे हों, तो डार्क चॉकलेट के 1 या 2 ब्लॉक का आसानी से सेवन कर सकते हैं।

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एंग्जायटी में पिए ग्रीन टी - Green tea for anxiety in Hindi

इस बात के प्रमाण हैं कि ग्रीन टी में एल-थीनिन, अमीनो एसिड की अच्छी मात्रा होती है, जिनका मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह हमारे शरीर में चिंता, तनाव को कम करने और अनिद्रा को ठीक करने में मदद करता है। संपूर्ण लाभ के लिए, अपने दैनिक आहार में 1-2 कप ग्रीन टी अवश्य शामिल करें। लेकिन इसमें कैफीन की भी कुछ मात्रा होती है जो कि शरीर में आयरन के अवशोषण को बाधित कर सकती है, इसलिए इसे भोजन के साथ या उससे पहले लेने से परहेज करें।

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चिंता में खाना चाहिए प्रोबायोटिक्स फूड - Probiotic foods for anxiety in Hindi

कई अध्ययनों से पता चला है कि दही, फर्मेन्टेड फूड आदि खाद्य पदार्थ प्रोबायोटिक से भरपूर होते हैं जो फ्री रेडिकल्स और न्यूरोटॉक्सिन को रोककर मानसिक स्वास्थ्य ठीक करने और मस्तिष्क को ठीक से कार्य करने के लिए बढ़ावा दे सकते हैं। इसलिए यदि आप इस समस्या से पीड़ित हैं, तो अपने दैनिक भोजन में कम से कम एक प्रोबायोटिक युक्त भोजन लेने की कोशिश करें। इडली, डोसा, ढोकला, जलेबी, केफिर, छाछ, दही, एखोनी आदि प्रोबायोटिक्स से भरपूर फूड होते हैं, जिन्हें अपने स्वाद और उपलब्धता के अनुसार चुन सकते हैं।

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चिंता में खाएं हल्दी - Turmeric reduces anxiety in Hindi

आजकल विश्व में टर्मरिक लाटे खासी प्रसिद्ध है, लेकिन साथ ही यह सबसे पुरानी आयुर्वेदिक दवाओं में से एक है। यह सूपरफूड एंटीसेप्टिक, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-कैंसर गुणों के लिए जाना जाता है। यह हमारे शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है, जो चिंता और अवसाद को दूर करता है।

ऐसे कई अध्ययन हैं, जो इस तथ्य का समर्थन करते हैं कि हल्दी में पाए जाने वाले बायोएक्टिव कंपाउंड करक्यूमिन को एंग्जायटी के सकारात्मक इलाज से जोड़ा गया है। इस सुपरफूड को अपने नियमित आहार में शामिल करने के लिए, आप इसे अपनी करी, अचार, दाल, दूध, चाय आदि में मिलाकर ले सकते हैं।

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चिंता में पिए कैमोमिल चाय - Chamomile tea for anxiety in Hindi

कैमोमाइल, डेजी परिवार के फूलों में से एक है, जो आमतौर पर एक जड़ी बूटी के रूप में उपयोग किया जाता है। इसमें उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो नींद की समस्याओं, चिंता, पाचन सम्बंधित परेशानियों, मुंह के घावों, त्वचा संक्रमण, घाव भरने सहित कई प्रकार के उपयोगों के लिए सहायक है। यदि आप इस स्थिति से पीड़ित हैं, तो यह चाय आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। बेहतर नींद की गुणवत्ता और एंग्जायटी को नियंत्रित करने के लिए अपने सोने से 2 घंटे पहले कैमोमाइल चाय का सेवन कर सकते हैं।

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चिंता में करें अदरक का सेवन - Ginger helps in anxiety in Hindi

अदरक अपने एंटी-गैस्ट्रिक गुणों के लिए जाना जाता है और आमतौर पर खांसी व सर्दी के उपचार के लिए हर्बल चाय के रूप में उपयोग किया जाता है। लेकिन इसके साथ ही यह सेरोटोनिन के स्तर को पूरी तरह से प्रभावित करता है और बेन्ज़ोडायजेपीन दवाओं की तरह ही एंग्जायटी को कम करने में मदद करता है। इसके पूरे लाभ के लिए, कच्चे अदरक या एक चम्मच अदरक के रस का, एक चम्मच शहद के साथ, दिन में एक से दो बार सेवन करें।

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एंग्जायटी के आहार में लें अंडा - Eggs are good in anxiety disorder in Hindi

कई शोधकर्ता विटामिन डी की कमी एवं अवसाद और चिंता के बीच घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि करते हैं। ऐसी स्थिति में, अंडे की जर्दी विटामिन डी का एक बड़ा स्रोत है। अंडे में ट्रिप्टोफैन भी होता है, जो एक अमीनो एसिड है और सेरोटोनिन बनाने में मदद करता है। सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो मूड, नींद और स्मृति को संतुलित करने में मदद करता है। अतः इस समस्या के दौरान अंडे का सेवन करना काफी लाभदायक साबित हो सकता है, इसका पूरा लाभ उठाने के लिए, प्रतिदिन 1-2 साबुत अंडे का सेवन करें।

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एंग्जायटी में खाना चाहिए बादाम - Almonds reduce anxiety in Hindi

बादाम, विटामिन ई और मैग्नीशियम का भरपूर स्रोत है। अलग-अलग शोध अध्ययन, इस तथ्य का समर्थन करते हैं कि विटामिन ई और मैग्नीशियम आपके मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम बनाने और एंग्जायटी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको सादा बादाम पसंद नहीं आता है, तो इसे बादाम वाला दूध या बादाम के मक्खन के रूप में ले सकते हैं।

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कुछ पोषक तत्वों को दैनिक रूप से लेने से आपको तनाव के स्तर को कम करने और अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वे इस प्रकार हैं :

जिंक
जिंक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र को ठीक से कार्य करने में मदद करता है। एंग्जायटी को भी कम करने में मददगार साबित होता है। ओयस्टर, काजू, लिवर, बीफ और अंडे की जर्दी आदि खाद्य पदार्थ जिंक से भरपूर होते हैं, इन्हें अपने नियमित आहार में शामिल करें। (और पढ़ें - जिंक की कमी के लक्षण)
 
मैग्नीशियम
कई शोधों में, यह पता चला है कि जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी होती है, उन में एंग्जायटी की समस्या ज्यादा देखी गई है। एंग्जायटी अटैक्स के एपिसोड से बचने के लिए प्राकृतिक रूप से मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ लें। हरी पत्तेदार सब्जियां, जैसे पालक, मेथी की पत्तिया, चौलाई, फलियां, नट्स और बीज और साबुत अनाज मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं, इन खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक आहार में शामिल करें।

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ओमेगा -3 फैटी एसिड
कई अध्ययन ये बताते हैं कि ओमेगा-3 फैटी एसिड इस समस्या को कम करने के लिए सकारात्मक रूप से कार्य करता है। वसायुक्त मछली, चिया सीड, सोयाबीन, अलसी के बीज और अखरोट के साथ-साथ कोल्ड-प्रेस्ड ऑलिव ऑयल जैसे खाद्य पदार्थों में ओमेगा-3 फैटी एसिड काफी अच्छी मात्रा में होते हैं। बेहतर परिणामों के लिए इन खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक आहार में शामिल करें। (और पढ़ें - सोयाबीन दूध के फायदे)

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स
थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन और कोबालामिन सहित विटामिन बी कॉम्प्लेक्स तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। इन विटामिनों की कमियों को, कुछ लोगों में एंग्जायटी की बढ़ती हुई समस्या से जोड़ा गया है। इन पोषक तत्वों के समूह को अपने शरीर में ठीक बनाए रखने के लिए, अपने नियमित आहार में दूध और दूध से बने पदार्थ, बिना वसा वाला मीट, अंडे, हरी एवं पत्तेदार सब्जियां, बीन्स, साबुत अनाज आदि शामिल करें।

(और पढ़ें - विटामिन बी की कमी के लक्षण)

कुछ आहार संबंधित चीजें आपके एंग्जायटी डिसऑर्डर की समस्या को बढ़ा सकते हैं, उनसे परहेज करें, जैसे कि -

  • शराब आपके एंग्जायटी डिसऑर्डर की समस्या पर काफी नकारात्मक तरीके से कार्य करती है, अतः इसे जल्दी से जल्दी बंद कर दें।
  • आहार में अत्यधिक कैफीन की मात्रा भी इस समस्या को बढ़ाने का काम करती है, अतः अपनी चाय एवं कॉफी की मात्रा को कम ही रखें।
  • 2017 की एक रिसर्च स्टडी ये बताती है कि आहार में ज्यादा शुगर की मात्रा होने पर शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा एवं मूड में उतार-चढ़ाव देखा जाता है। (और पढ़ें - ब्लड शुगर में क्या खाना चाहिए)
  • क्रैश डाइट पर ना रहें, इस कारण से शरीर में हमेशा पोषक तत्वों की कमी रह सकती है, जो मूड में बदलाव व एंग्जायटी का कारण बन सकते हैं।
    (और पढ़ें -  क्रैश डाइट क्या है)

यहां हम एंग्जायटी डिसऑर्डर की समस्या से ग्रसित व्यक्ति के लिए एक सैंपल डाइट प्लान शेयर कर रहे हैं, जिसका नियमित उपयोग करके स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है :

  • सुबह खाली पेट - गर्म पानी (1 गिलास) + बादाम (5-6) + अखरोट (2-4)
  • सुबह का नाश्ता - मल्टीग्रेन ब्रेड सैंडविच (2) + कोको दूध (1 गिलास)
  • मध्य-भोजन - पपीता (1 कटोरी)
  • दोपहर का खाना - चपाती (2) + लौकी कोफ्ता (1 कटोरी) + खीरे का रायता (1 कटोरा)
  • शाम की चाय - कैमोमाइल चाय (1 कप) + भुने हुए कद्दू के बीज (1-2 चम्मच)
  • रात का खाना - मटर पुलाव (1 कटोरी) / मेथी पराठा (2) + पालक पनीर (1 कटोरी)
  • सोते समय - हल्दी वाला दूध (1 गिलास)
Dt. Akanksha Mishra

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Surbhi Singh

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