गोनोरिया को बोलचाल की भाषा में सूजाक के रूप में जाना जाता है। यह एक यौन संचारित रोग है जो कि 'नेसीरिया गोनोरिया' नामक जीवाणु के कारण होता है। यह बीमारी ऐनल सेक्स, ओरल सेक्स या वजाइनल सेक्स द्वारा प्रेषित हो सकती है और ज्यादातर यह जननांगों को प्रभावित करती है लेकिन यह गले, मलाशय और मूत्र पथ को भी प्रभावित कर सकती है। दुर्लभ मामलों में, यह संक्रमण हृदय, मस्तिष्क और जोड़ों को प्रभावित करते हुए शरीर के अन्य भागों में फैल सकता है।

आमतौर पर गोनोरिया से पीड़ित पुरुषों द्वारा अनुभव किए जाने वाले लक्षणों में पेशाब में जलन और लिंग से पीले रंग का डिस्चार्ज होना शामिल है। ये लक्षण संक्रमण के एक सप्ताह के अंदर दिखाई देने लगते हैं। ज्यादातर महिलाओं को लक्षणों का अनुभव नहीं होता है, लेकिन कुछ को पेशाब करते समय दर्द और योनि से असामान्य सा डिस्चार्ज हो सकता है। गोनोरिया से ग्रस्त पुरुषों और महिलाओं दोनों को गले में खराश या ओरल सेक्स या ऐनल सेक्स के बाद मलाशय से डिस्चार्ज हो सकता है। यदि इसका निदान या इलाज नहीं किया जाता है, तो गोनोरिया से पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन क्षमता में कमी की समस्या हो सकती है। गोनोरिया का पारंपरिक रूप से एंटीबायोटिक दवाओं के माध्यम से इलाज किया जाता है, लेकिन यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि एंटीबायोटिक दवाओं के लंबे समय तक उपयोग से मतली, पेट फूलना और पेट संबंधित अन्य मुद्दों सहित कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। यह एंटीबायोटिक प्रतिरोध का कारण भी हो सकता है।

(और पढ़ें - पेट फूल जाए तो क्या करें)

सूजाक या गोनोरिया के लक्षणों के प्रबंधन में होम्योपैथिक उपचार को बहुत प्रभावी माना जाता है। डॉक्टर होम्योपैथिक दवाइयां निर्धारित करने से पहले व्यक्ति की उम्र, लिंग और स्वास्थ्य (मानसिक और शारीरिक दोनों) सहित कई कारकों पर विचार करते हैं। इन उपायों को प्राकृतिक पदार्थों से तैयार किया जाता है और उपयोग से पहले इन्हें घुलनशील रूप दिया जाता है। इसलिए, होम्योपैथिक उपचार को दुष्प्रभावों से लगभग मुक्त माना जाता है।

गोनोरिया के प्रबंधन में कई होम्योपैथिक उपचार उपयोगी हैं। इनमें से कुछ में हाइड्रैस्टिस कैनाडेंसिस, सल्फर, पल्सेटिला प्रेटेंसिस, सेपिया ऑफिसिनैलिस, ओलियम सैंटली, मर्क्यूरियस कोरोसाइवस, क्यूबीबा ऑफिसिनैलिस, कोपेएवा ऑफिसिनैलिस, केंथेरिस वेसिकेटोरिया, कैनबिस सैटिवा, बैरोस्मा क्रेन्यूलेटम शामिल हैं।

(और पढ़ें - गोनोरिया टेस्ट क्या है)

  1. सूजाक के लिए होम्योपैथिक दवाएं - Homeopathic medicines for Gonorrhoea in Hindi
  2. होम्योपैथी के अनुसार सूजाक के लिए आहार - lifestyle changes for Gonorrhoea as per homeopathy in Hindi
  3. सूजाक के लिए होम्योपैथिक दवा कितना प्रभावी है - How effective are homeopathic treatments for Gonorrhoea in Hindi
  4. सूजाक के लिए होम्योपैथिक दवा के नुकसान - Side effects of homeopathic treatment for Gonorrhoea in Hindi
  5. सूजाक की होम्योपैथिक दवा और इलाज के डॉक्टर

गोनोरिया के उपचार में उपयोग किए जाने वाले कुछ होम्योपैथिक उपचारों में शामिल हैं :

हाइड्रैस्टिस कैनाडेंसिस
सामान्य नाम : गोल्डनसील
लक्षण :
गोल्डनसील मुख्य रूप से श्लेष्म झिल्ली से निकलने वाले पीले रंग के मोटे डिस्चार्ज के इलाज में मदद करता है। इसका निम्नलिखित प्रबंधन में भी इस्तेमाल किया जा सकता है :

सल्फर
सामान्य नाम : सब्लीमेटेड सल्फर
लक्षण :
यह उपाय उन स्थितियों के लिए अच्छा है जो बार-बार वापस आता या प्रभावित करता है और जिसमें शरीर से तेज व बदबूदार डिस्चार्ज होता है। निम्नलिखित लक्षणों के प्रबंधन में इस उपाय का प्रयोग किया जाता है :

सभी लक्षण लगभग सुबह 11 बजे, स्नान के बाद और खड़े रहने पर खराब हो जाते हैं। कई बार लेटने के बाद लगने वाली गर्मी, आराम करने और स्थिति का उपचार न करने के कारण भी लक्षण खराब होते चले जाते हैं। शुष्क और गर्म मौसम में लक्षणों में सुधार होता है। इसके अलावा रोगी दाहिने तरफ लेटने पर भी आराम महसूस करता है।

पल्सेटिला प्रेटेंसिस
सामान्य नाम : ​विंड फ्लावर
लक्षण :
पल्सेटिला प्रैटेंसिस मुख्य रूप से महिलाओं के लिए एक उपाय है, लेकिन पुरुषों में भी उपयोगी है। यह लिंग या योनि से पीले रंग के डिस्चार्ज के प्रबंधन में मदद करता है। इसके अलावा यह निम्नलिखित लक्षणों को ठीक करने में भी सहायता करता है :

भोजन के बाद (विशेष रूप से वसा युक्त भोजन) शाम के समय में और गर्मी के संपर्क में आने से लक्षण बिगड़ जाते हैं। जबकि खुली हवा में, ठंडे खाद्य पदार्थों और पेय की खपत और चलने के दौरान इन लक्षणों में सुधार होता है।

सेपिया ऑफिसिनैलिस
सामान्य नाम : इंकी जूस ऑफ कटलफिश
लक्षण :
यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में गोनोरिया का इलाज करने में उपयोगी है। इसके अलावा यह निम्नलिखित लक्षणों के प्रबंधन में मदद करता है :

  • पुरुषों में मूत्रमार्ग से पानी जैसा डिस्चार्ज (और पढ़ें - धातु रोग का इलाज)
  • योनि से पीले या हरे रंग का मोटा डिस्चार्ज
  • जननांगों की खुजली
  • चुभन जैसा तेज दर्द जो योनि में ऊपर की ओर बढ़ता हुआ महसूस हो सकता है
  • योनि में दर्द, विशेष रूप से सेक्स के दौरान

यह लक्षण दोपहर से पहले और शाम के समय में बिगड़ जाते हैं। ठंडी हवा, पसीना और नमी इन लक्षणों को बढ़ाते हैं। रोगी को सोने के बाद, व्यायाम करने पर और ठंडे पानी से नहाने से बेहतर महसूस होता है।

(और पढ़ें - गर्म पानी से नहाना के फायदे)

ओलियम सैंटली
सामान्य नाम : ऑयल ऑफ सैंडलवुड
लक्षण :
ऑयल ऑफ सैंडलवुड पेशाब और यौन विकारों के उपचार के लिए सबसे उपयुक्त उपचारों में से एक है। इसके अलावा यह निम्नलिखित लक्षणों का इलाज करने में मदद कर सकता है :

  • ऐसा महसूस होना जैसे कि मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ रहा हो
  • पेशाब में गाढ़ा और पीले रंग का डिस्चार्ज
  • स्खलन के दौरान तेज दर्द
  • जननांगों की सूजन 

मर्क्यूरियस कोरोसाइवस
सामान्य नाम : कोरोसाइवस सब्लीमेट
लक्षण :
इस उपाय का उपयोग मुख्य रूप से गोनोरिया के दूसरे चरण के इलाज के लिए किया जाता है। यह निम्नलिखित लक्षणों के प्रबंधन में मदद करता है :

  • लिंग से मोटा और हरे रंग का डिस्चार्ज होना
  • लिंग और वृषण की सूजन
  • मूत्रमार्ग के अगले हिस्से पर लालिमा और सूजन
  • मूत्रमार्ग में तेज जलन
  • मूत्रमार्ग में दर्द जो मूत्राशय की ओर बढ़ता हुआ महसूस हो सकता है

ये लक्षण शाम और रात में खराब हो सकते हैं, जबकि आराम करने पर इनमें सुधार होता है।

क्यूबीबा ऑफिसिनैलिस
सामान्य नाम : क्यूबेब
लक्षण :
लड़कियों में ल्यूकोरिया के खिलाफ क्यूबेब बहुत असरदार उपाय है। यह मुख्य रूप से मूत्र पथ की श्लेष्म झिल्ली पर असर करता है और निम्नलिखित लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद करता है :

  • पेशाब में खून आना
  • पेशाब के बाद तेज दर्द होना
  • प्रोस्टेट ग्रंथियों की सूजन के साथ पेशाब में गाढ़ा पीला डिस्चार्ज होना

कोपेएवा ऑफिसिनैलिस
सामान्य नाम : बैलसम ऑफ कोपेएवा
लक्षण :
यह दवा मुख्य रूप से मूत्र पथ के श्लेष्म झिल्ली पर असर करती है। इसका उपयोग निम्नलिखित लक्षणों के उपचार के लिए भी किया जा सकता है :

  • गुदा, मलाशय या मूत्राशय में दर्द
  • अंडकोष की सूजन
  • मल में बलगम
  • मूत्रमार्ग के अगले हिस्से में सूजन
  • योनि और गुदा से खून और मवाद युक्त डिस्चार्ज होना
  • पीरियड्स के दौरान बहुत अधिक ब्लीडिंग के साथ तेज गंध और दर्द जो कि कूल्हे की ओर बढ़ता हुआ महसूस होता है

केंथेरिस वेसिकेटोरिया
सामान्य नाम : स्पेनिश फ्लाई
लक्षण :
जलने वाले दर्द और जलन के इलाज में स्पैनिश फ्लाई काफी कारगर उपाय है। हालांकि, यह निम्नलिखित लक्षणों के प्रबंधन में भी असरदार है :

  • योनि की सूजन और जलन
  • स्खलन के बाद तेज दर्द
  • पेशाब में खून आना
  • पेशाब करने की तेज इच्छा और इस दौरान दर्द होना
  • मल में बलगम
  • मल त्याग करने के बाद जलन
  • पेशाब करने के दौरान और बाद में तेज दर्द
  • पेशाब करने की लगातार इच्छा (और पढ़ें - बार बार पेशाब आने का कारण)

जब रोगी कॉफी या ठंडा पानी पीता है तो लक्षण बढ़ जाते हैं। हालांकि, पेशाब करने और प्रभावित हिस्से को छूने से भी लक्षण बिगड़ जाते हैं। लेकिन प्रभावित हिस्से को रगड़ने पर रोगी को बेहतर महसूस करता है।

कैनबिस सैटिवा
सामान्य नाम : हेम्प
लक्षण :
कैनबिस सैटिवा मुख्य रूप से यौन और यूरीनरी ऑर्गन्स (मूत्र से जुड़े अंग) अंगों पर काम करता है और निम्नलिखित प्रबंधन में मदद करता है :

  • गोनोरिया की एक्यूट (अचानक या तेजी से प्रभावित करने वाला) स्टेज
  • मूत्रमार्ग में सूजन
  • पेशाब के दौरान जलन जो मूत्राशय तक बढ़ सकती है
  • वृषण में खिंचाव जैसा एहसास
  • मूत्रमार्ग का बलगम और मवाद द्वारा ब्लॉक हो जाना
  • मूत्रमार्ग में तेज दर्द

यह लक्षण जीना चढ़ने और नीचे लेटने पर बदतर हो जाते हैं।

बैरोस्मा क्रेन्यूलेटम
सामान्य नाम : बुचु
लक्षण :
इस उपाय का जनन मूत्रीय तंत्र पर विशिष्ट प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा यह निम्न लक्षणों के इलाज में भी मदद करता है जैसे :

  • बलगम और मवाद युक्त डिस्चार्ज
  • मूत्राशय में जलन
  • मूत्र पथ में क्रिस्टल बनना
  • ल्यूकोरिया (योनि से पीला या सफेद डिस्चार्ज होना)

एकोनिटम नेपेलस
सामान्य नाम : मॉन्कशूद
लक्षण :
आंतरिक अंगों में जलन और सूजन की स्थिति में यह उपाय फायदेमंद है। इसके अलावा यह उपाय निम्नलिखित लक्षणों का भी प्रबंधन कर सकता है :

  • लिंग के अगले सिरे में तेज दर्द
  • गुदा में चुभन जैसा तेज दर्द
  • अंडकोष में सूजन और दर्द (और पढ़ें - सूजन कम करने के उपाय)
  • मूत्रमार्ग में जलन
  • कम मात्रा में व पेशाब के दौरान दर्द
  • स्खलन के दौरान दर्द (और पढ़ें - शीघ्र स्खलन का इलाज)

यह लक्षण शाम और रात में बिगड़ जाते हैं। इसके अलावा गर्म वातावरण में रहने और दर्द वाले हिस्से के बल लेटने से भी लक्षण बढ़ सकते हैं। ऐसे रोगी खुली हवा में बेहतर महसूस करते हैं।

(और पढ़ें - अंडकोष में दर्द की होम्योपैथिक दवा)

विशेषज्ञों का मानना कि होम्योपैथिक दवाओं का सबसे अच्छा असर तब होता है जब इन्हें अनुभवी होम्योपैथिक डॉक्टर से परामर्श करके लिया जाता है। दवाओं के साथ, डॉक्टर विशेष आहार और जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की भी सलाह देते हैं, जो उपचार के प्रभावों को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। आइए नजर डालते हैं इनमें से कुछ सुझावों पर -

क्या करना चाहिए

  • हमेशा संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें औषधीय गुणों वाले तत्व न हों।
  • यदि आपको कुछ विशिष्ट खाने या पीने का मन है, तो उस चीज को बहुत कम मात्रा में लें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • साफ व स्वच्छ वातावरण में रहें।
  • अपने कमरे का तापमान आरामदायक स्तर पर रखें और आरामदायक कपड़े पहनें।

क्या नहीं करना चाहिए

(और पढ़ें - संतुलित आहार के लाभ)

होम्योपैथिक उपचार प्राकृतिक उत्पादों से बनाए जाते हैं, यही वजह है कि इनका दुष्प्रभाव या तो नहीं होता है या तो कम से कम होता है। इन उपायों को घुलनशील रूप दिया जाता है और इस दौरान पूरा ध्यान दिया जाता है कि इसके चिकित्सीय गुण बने रहें। माना जाता है कि होम्योपैथी दवाइयां ऐसे लोगों के लिए उपचार का एक बेहतर विकल्प है, जिन्हें पारंपरिक दवाओं से फायदा नहीं होता है। होम्योपैथिक विशेषज्ञों का सुझाव है कि ये उपाय न केवल लक्षणों का प्रबंधन करते हैं, बल्कि स्थिति के अंतर्निहित कारण को भी जड़ से ठीक करते हैं। होम्योपैथिक उपचार सुरक्षित हैं और इसका उपयोग बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग व्यक्तियों के इलाज के लिए किया जा सकता है।

भारत में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि संक्रामक रोगों से निपटने के लिए होम्योपैथी ट्रीटमेंट बहुत लाभकारी है। हालांकि, गोनोरिया के उपचार में होम्योपैथिक उपचार की प्रभावकारिता को बेहतर ढंग से समझने के लिए अभी और अध्ययनों की आवश्यकता है।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में होने वाली प्रॉब्लम)

होम्योपैथिक उपाय प्राकृतिक स्रोतों से तैयार किए जाते हैं और इन्हें किसी बीमारी के उपचार के रूप में उपयोग करने से पहले घुलनशीन रूप दिया जाता है। इनका साइड इफेक्ट नहीं होता है और माना जाता है कि शिशुओं और गर्भवती महिलाओं सहित ज्यादातर लोगों के लिए यह सुरक्षित हैं। बावजूद इसके, इन उपायों को लेने से पहले किसी अनुभवी होम्योपैथिक डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है। एक डॉक्टर व्यक्ति की आयु, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर सबसे उपयुक्त उपाय बता सकते हैं।

Dr. Sangeeta Attri

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संदर्भ

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  2. Oscar E. Boericke. Gonorrhoea (specific urethritis). Médi-T; [lnternet]
  3. The European Committee of Homeopathy. Benefits of Homeopathy. Belgium; [internet]
  4. The European Committee of Homeopathy. Benefits of Homeopathy. Belgium; [internet]
  5. Wenda Brewster O’Reilly. https://www.homeobook.com/organon-of-the-medical-art-by-wenda-brewster-oreilly/. B jain; New Delhi
  6. Wenda Brewster O’Reilly. https://www.homeobook.com/organon-of-the-medical-art-by-wenda-brewster-oreilly/. B jain; New Delhi
  7. Varanasi Roja, Nayak Debadatta. Homoeopathy in the management of infectious diseases: Different facets of its use and implications for the future. Indian Journal of Research in Homeopathy. 2020; 14(2): 110-121.
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