परिचय

लिंग के रोग दर्द का कारण बन सकते हैं और व्यक्ति की यौन और प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

लिंग के रोग आपके यौन जीवन को प्रभावित कर सकते हैं और साथ ही साथ आपके समग्र स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं।

स्वस्थ जीवन के लिए लिंग का स्वस्थ होना आवश्यक है - मूत्र को शरीर से बाहर करने, सही तरल संतुलन बनाए रखने, यौन संबंध रखने और बच्चे करने के लिए। स्तंभन दोष एकमात्र ऐसी समस्या नहीं है जो लिंग को प्रभावित करती है।

विभिन्न कारक लिंग स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इस आलेख में इस बारे में और जानें।

  1. लिंग के रोग के प्रकार - Types of Penis Disorders in Hindi
  2. लिंग के रोग के लक्षण - Penis Disorders Symptoms in Hindi
  3. लिंग के रोग के कारण - Penis Disorders Causes in Hindi
  4. लिंग के रोग के बचाव के उपाय - Prevention of Penis Disorders in Hindi
  5. लिंग के रोग का निदान - Diagnosis of Penis Disorders in Hindi
  6. लिंग के रोग का उपचार - Penis Disorders Treatment in Hindi
  7. लिंग के रोग के जोखिम और जटिलताएं - Penis Disorders Risks & Complications in Hindi
  8. लिंग के रोग की दवा - Medicines for Penis Disorders in Hindi

लिंग के रोग कितने प्रकार के होते हैं?

लिंग को प्रभावित करने वाली कुछ सबसे आम समस्याएं निम्नलिखित हैं:

  • प्रियापिज्म : लिंग का तनाव जो 4 घंटे से अधिक समय तक रहता है
  • पेरोनी रोग, एक ऐसी स्थिति जिसमें लिंग में एक पट्टिका या कठोर गांठ, हो जाती है और लिंग के मुड़ जाने या घूमने का कारण बनती है
  • बैलेनाइटिस (लिंगाग्रप्रदाह), लिंग के सिर की सूजन या संक्रमण
  • फिमोसिस, एक ऐसी स्थिति जिसमें लिंग की त्वचा इतना टाइट रहती है कि उसे लिंग के सिर तक वापस नहीं खींचा जा सकता
  • पैराफिमोसिस, जो तब होता है जब फोरस्किन (लिंग की त्वचा), एक बार खींचे जाने के बाद, सिर के पीछे फंस जाती है और अपने स्थान पर वापस नहीं आ पाती। यह एक गंभीर स्थिति है जो इलाज नहीं होने पर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।
  • लिंग का कैंसर, एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर जो लिंग की त्वचा की कोशिकाओं में शुरू होता है।
  • स्तम्भन व इजैकुलेशन समस्याएं।  
  • ऐनॉर्गैजमिया : पर्याप्त उत्तेजना के बावजूद कामोन्माद (ऑर्गाज्म) न प्राप्त कर पाना
  • यौन संचारित संक्रमण (सूजाक, सिफिलिस, जननांग में हरपीज, एचआईवी / एड्स, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी)
  • लिंग की त्वचा की समस्या (चकत्ते, खुजली होना या स्केली त्वचा)
  • लिंग में चोट (फ्रैक्चर)
  • बैलनाइटिस - लिंग के ऊपरी भाग को ढंकने वाली त्वचा की सूजन जो अक्सर ऐसे पुरुषों को होती है जिनका खतना (सर्कमसिजन) नहीं हुआ है (और पढ़ें - लिंग में सूजन)
  • लिंग का कैंसर

लिंग के रोग के लक्षण क्या हैं?

लिंग रोग के लक्षण निम्नलिखित हैं :

  • स्तंभन जो चार घंटे से अधिक रहता है
  • पेशाब या वीर्यपात के दौरान रक्तस्राव
  • लिंग पर या जननांगों में मस्सा, गांठ, उभार या घाव
  • लिंग का गंभीर रूप से मुड़ा हुआ या वक्र होना जो दर्द का कारण बनता है और यौन प्रक्रिया को बाधित करता है
  • लिंग में चोट के बाद गंभीर दर्द होना
  • लिंग की सूजन होना
  • लिंग में खुजली होना
  • लिंग से रक्तस्राव
  • दर्द करने वाला स्तम्भन
  • मूत्र में रक्त
  • वीर्य में रक्त
  • पेशाब के दौरान जलन
  • यौन इच्छाओं में असाधारण वृद्धि विशेषकर वृद्ध पुरुषों में
  • लिंग में दर्द, सूजन या कोमलता
  • लिंग में खुजली, फफोले, घाव, या छोटे लाल उभार होना
  • लिंग की त्वचा का बहुत टाइट होना
  • पेशाब में कठिनाई
  • लिंग से या फोरस्किन के नीचे द्रव्य का असामान्य निर्वहन (डिस्चार्ज)
  • वीर्यपात (ejaculation) में बदलाव या कठिनाई
  • फोरस्किन को वापस खींचने में असमर्थता (यदि खतना न हुआ हो)
  • यौन इच्छा में असामान्य कमी आना

डॉक्टर को कब दिखाएं?

लिंग की दो समस्याओं, प्रियपिज्म और पैराफिमोसिस में अक्सर आपातकालीन चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। यदि आपको इन बीमारियों के कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इनके लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

  • प्रियापिज्म के लक्षण - इसका मुख्य लक्षण ऐसा स्तम्भन है जो चार घंटे से अधिक रहता है। यह दर्दनाक हो सकता है और इसमें ओर्गास्म से भी रहत नहीं मिलती।
  • पैराफिमोसिस के लक्षण - लिंग त्वचा के अपनी सामान्य स्थिति में वापस नहीं आने के कारण  पैराफिमोसिस लिंग की त्वचा और मुंड (ग्लान्स) में दर्दनाक सूजन का कारण बन सकती है।

लिंग के रोग क्यों होते हैं?

लिंग के रोग के कारण निम्नलिखित हैं :

  • विभिन्न कारक लिंग स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए:
  • पैदाइशी असामान्यता
  • कुछ विशेष दवाएं एंटीड्रिप्रेसेंट्स और रक्तचाप की दवाएं भी शामिल हैं
  • रीढ़ की हड्डी की समस्याएं (और पढ़ें - रीढ़ की हड्डी में चोट)
  • जननांगों में चोट
  • लिंग पर हुए घाव के निशान फिमोसिस का कारण बन सकते हैं।
  • असुरक्षित सेक्स (और पढ़ें - सुरक्षित सेक्स कैसे करें)
  • हृदय रोग और मधुमेह
  • स्तंभन दोष का उपचार, जिसे पेनाइल इंजेक्शन थेरेपी कहा जाता है प्रियपिज्म का कारण बन सकता है।
  • ल्यूकेमिया जैसे रक्त रोग
  • रक्त वाहिकाओं की सूजन (Vasculitis)
  • कनेक्टिव टीशू विकार
  • लिंग की अस्वछता
  • डर्मेटाइटिस
  • संक्रमण
  • हार्मोन असंतुलन
  • मनोवैज्ञानिक समस्याएं
  • न्यूरोलॉजिकल समस्याएं
  • छेदन। लिंग छेदन त्वचा के संक्रमण का कारण बन सकता है
  • आक्रामक या एक्रोबेटिक सेक्स और हस्तमैथुन करना

लिंग रोग होने की आशंका किन वजहों से बढ़ जाती है?

लिंग के रोग के जोखिम कारक निम्नलिखित हैं:

लिंग के रोग से कैसे बचें?

आप अपने लिंग और समग्र स्वास्थ्य के निम्न कदम उठा सकते हैं :

  • यौन क्रियाओं के दौरान सावधानी बरतें : कंडोम का प्रयोग करें या एक ऐसे साथी के साथ यौन संबंध बनाएं जो यौन संचारित संक्रमण से मुक्त है।
  • टीकाकरण कराएं : यदि आपकी आयु 26 वर्ष या उससे कम है, तो जननांग मस्सों को रोकने के लिए ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) टीका लगवाएं।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें
  • नियमित रूप से व्यायाम करें
  • अच्छी हाइजीन बनाएं रखें : यदि खतना नहीं हुआ है, तो नियमित रूप से साबुन और पानी के साथ लिंग की फोरस्किन (त्वचा) को साफ करें।
  • शराब कम पिएं
  • अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें
  • धूम्रपान न करें
  • स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
  • ज्यादा लोगों के साथ सेक्स न करें : जब आप यौन बनाते हैं तो कंडोम का प्रयोग अवश्य करें, जब तक आप बच्चा पैदा करने कोशिश नहीं कर रहे हैं। (और पढ़ें - महिला कंडोम क्या है)
  • खेल और अन्य शारीरिक गतिविधियों के दौरान अपने लिंग को सुरक्षित रखें।
  • नशीले पदार्थों से बचें
  • नियमित रूप से आपके लिंग की जांच करने से आप अपने लिंग के स्वास्थ्य के बारे में अधिक जागरूक रह सकते हैं और उसमें हो रहे परिवर्तनों का पता लगा सकते हैं।

लिंग के रोग का परीक्षण कैसे होता है?

शारीरिक परीक्षण डॉक्टर को यह निर्धारित करने में मदद करता है कि आप लिंग के किसी रोग से ग्रसित हैं या नहीं। इसमें आपके लिंग का प्रारंभिक माप लिया जा सकता है।

इस से यह निर्धारित करने में भी मदद मिलती है कि आपका लिंग छोटा हुआ है या नहीं। डॉक्टर स्कार्ड टीशू की उपस्थिति को जांचने के लिए अल्ट्रासाउंड के लिए भी कह सकते हैं या वह आपको यूरोलॉजिस्ट के पास भी भेज सकते हैं।

(और पढ़ें - स्पर्म टेस्ट)

यदि आपके लक्षण किसी विशिष्ट विकार को इंगित नहीं करते हैं, तो डॉक्टर निम्नलिखित परीक्षणों के लिए कह सकते हैं :

  • इमेजिंग टेस्ट, जैसे पेल्विक एक्स-रे, इंट्रावीनस पेलोग्राम (आईवीपी), सीटी स्कैन और एमआरआई
  • संक्रमण, बीमारियों और विकारों का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की जांच के लिए भी रक्त परीक्षण का उपयोग किया जा सकता है
  • लिम्फ नोड बायोप्सी
  • परीक्षण में सहायता कर सकने वाले रसायनों और रक्त कोशिकाओं की तलाश करने के लिए यूरिनैलिसिस
  • बैलनाइटिस, फिमोसिस और पेनाइल कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बनने वाले संक्रमण के निर्धारण में सहायता हेतु आपके मूत्रमार्ग का नमूना लिया जा सकता है।

(और पढ़ें - वीर्य की जांच)

लिंग के रोग का इलाज क्या है?

कुछ लिंग संबंधित समस्याओं को तुरंत चिकित्सा की जरूरत होती है। इनमें प्रियापिज्म, पैराफिमोसिस और लिंग फ्रैक्चर शामिल हैं।

इलाज के तरीके निम्नलिखित हो सकते हैं :

  • दवाएं : लिंग के रोग का इलाज करने के लिए कई दवाएं उपयोग की जाती हैं। कुछ आम दवाएं निम्नलिखित हैं:
    • संक्रमण का इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक्स और एंटीफंगल
    • लिंग में रक्त प्रवाह को कम करने के लिए डीकन्जेस्टन्ट (decongestants)
    • इंट्राकरवीनस (Intracavernous) इंजेक्शन
    • पेरोनी रोग के इलाज के लिए क्लॉस्ट्रिडियम हिटोलिटिकम
    • स्टेरॉयड क्रीम फिमोसिस का इलाज करने के लिए
  • मिनिमल इनवेसिव पिनाइल प्रक्रिया (Minimally invasive penile procedures)
    • क्रायोब्लेशन (Cryoablation) जो क्रायोसर्जरी के नाम से भी जानी जाती है, ऊतकों को स्थिर रखने और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए तरल नाइट्रोजन का उपयोग करती है। कभी-कभी प्रारंभिक चरण के पेनाइल कैंसर के इलाज के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।
    • लेजर थेरेपी का उपयोग भी कुछ लिंग के रोगों के इलाज के लिए किया जा सकता है।
    • लिंग के कुछ रोगों के इलाज के लिए खतना या लिंग की फोरस्किन हटाने की आवश्यकता हो सकती है।
    • एस्पिरेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग प्रियपिज्म के मामलों में लिंग से रक्त निकालने के लिए किया जा सकता है।
       
  • पिनाइल सर्जरी
    • पेनेक्टोमी, इसे लिंग विच्छेदन के रूप में भी जाना जाता है, लिंग के कैंसर के कुछ चरणों के लिए एक आम और प्रभावी उपचार है।
    • पेनिइल प्रोस्थेसिस, जिसे पेनाइल इम्प्लांट या लिंग इम्प्लांट के रूप में भी जाना जाता है, एक उपकरण है जिसे लिंग में प्रत्यारोपित किया जाता है जो पुरुषों को लिंग के स्तम्भन में मदद करता है।
    • मोस सर्जरी, जिसे सूक्ष्म रूप से नियंत्रित शल्य चिकित्सा या माइक्रोसर्जरी के रूप में भी जाना जाता है, का प्रयोग कैंसर कोशिकाओं को हटाने के लिए किया जाता है और साथ ही इसमें आसपास के अधिकांश स्वस्थ ऊतकों को यथासंभव संरक्षित किया जाता है।
    • मूत्रमार्ग की मरम्मत के लिए सर्जरी का उपयोग जन्म दोषों (जैसे कि हाइपोस्पियाडिया और एपिसपीडिया) को ठीक करने के लिए किया जा सकता है। अक्सर, इन दोषों को अतिरिक्त सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है।
  • सर्जरी के अलावा, पिनाइल कैंसर के निम्नलिखित इलाज की आवश्यकता होती है:

लिंग के रोग से होने वाली जटिलतआएं क्या हैं?

लिंग का रोग आप और आपके साथी के लिए चिंता या तनाव के साथ साथ अन्य कई जटिलताओं का कारण बन सकता है। लिंग संबंधी बीमारियां सेक्स करना मुश्किल बना देती हैं।

यदि संभोग संभव नहीं है, तो बच्चे करने में असमर्थ होती है। इन जटिल समस्याओं का सामना करने में आपकी सहायता के लिए, डॉक्टर और मनोवैज्ञानिक की सहायता लें।

लिंग के रोग के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Acicet TabletAcicet 200 Mg Tablet Dt49.0
AciherpinAciherpin 200 Mg Tablet57.0
AcivexAcivex 200 Mg Tablet Dt78.0
AxovirAxovir 250 Mg Injection258.0
Lovir (Eli Lilly)Lovir 400 Mg Tablet124.0
NeoclovirNeoclovir 250 Mg Injection218.0
TriclovirTriclovir 400 Mg Tablet120.0
TrikaseTrikase 800 Mg Tablet233.0
VazovirVazovir 500 Mg Injection670.0
Vir InjectionVir 250 Mg Injection471.0
AcivAciv 400 Mg Tablet110.0
AcivirAcivir 200 Mg Tablet Dt66.0
AclovirAclovir 200 Mg Tablet55.0
AtcAtc 800 Mg Capsule38.0
CyclopizCyclopiz 200 Mg Tablet55.0
DocvirDocvir 400 Mg Tablet Dt51.0
GlenviraxGlenvirax 200 Mg Tablet18.0
HerperaxHerperax 200 Mg Tablet36.0
HerpesafeHerpesafe 400 Mg Tablet Dt66.0
HerpexHerpex 100 Mg Tablet81.0
HerpikindHerpikind 200 Mg Tablet72.0
HerzovirHerzovir 250 Mg Injection465.0
LovirLovir 200 Mg Tablet365.0
NorbitaNorbita 400 Mg Tablet12.0
OcuvirOcuvir 120 Mg Suspension128.0
OptiviralOptiviral 200 Mg Tablet51.0
PsyvirPsyvir 400 Mg Tablet137.0
RivolRivol 200 Mg Tablet60.0
ViraxVirax 800 Mg Tablet211.0
ZosterZoster 5%W/W Cream15.0
ZoviraxZovirax 200 Mg Tablet33.0
ZovistarZovistar 200 Mg Tablet56.0
ZoylexZoylex 500 Mg Injection670.0
Zoylex RdZoylex Rd 250 Mg Injection529.0
RhovirRhovir 800 Mg Tablet204.0
ZovirZovir 400 Mg Tablet129.0
AlpostinAlpostin 500 Mcg Injection6372.0
BioglandinBioglandin 500 Mcg Injection5850.0
Prostin VrProstin Vr 500 Y Injection106.0
Adams DelightAdams Delight 100 Mg Tablet13.0
AlsigraAlsigra 100 Mg Tablet121.0
AnytimeAnytime 100 Mg Jelly47.0
AssuransAssurans 20 Mg Tablet173.0
BigfunBigfun 100 Mg Jelly10.0
BisonBison 50 Mg Capsule88.0
CavertaCaverta 100 Mg Tablet235.0
DilkhushDilkhush 100 Mg Tablet11.0
DrxDrx 100 Mg Tablet58.0
DuragaDuraga 100 Mg Tablet120.0
EdegraEdegra 100 Mg Tablet117.0
ErecErec 50 Mg Tablet37.0
ErixErix 100 Mg Tablet27.0
EuniceEunice 100 Mg Tablet11.0
ExgraExgra 100 Mg Tablet108.0
ExigraExigra 100 Mg Tablet12.0
ExygraExygra 100 Mg Tablet8.0
IntagraIntagra 100 Mg Tablet8.0
Jean SiagraJean Siagra 100 Mg Tablet100.0
JoshilaJoshila 100 Mg Tablet35.0
JuanJuan 100 Mg Tablet222.0
Manforce TabletManforce 100 Mg Tablet232.0
ManpilManpil 100 Mg Tablet11.0
NyteNyte 50 Mg Tablet75.0
PahPah 20 Mg Tablet110.0
Powerman (Psychotropics)Powerman 100 Mg Tablet10.0
Power VegraPower Vegra 100 Mg Tablet54.0
SatisfactionSatisfaction 100 Mg Tablet150.0
SatisfilSatisfil 50 Mg Tablet68.0
SdfSdf 100 Mg Tablet10.0
SelegSeleg 25 Mg Tablet145.0
S FilmS Film 50 Mg Tablet885.0
SildaprepSildaprep 25 Mg Tablet165.0
Tuf N TightTuf N Tight 100 Mg Tablet14.0
Viagra TabletViagra 100 Mg Tablet1055.0
VigreksVigreks 100 Mg Tablet120.0
VigronVigron 50 Mg Tablet11.0
VistagraVistagra 100 Mg Tablet12.0
VygexVygex 100 Mg Tablet37.0
WavegraWavegra 100 Mg Tablet12.0
WingoraWingora 100 Mg Tablet10.0
ZeagraZeagra 100 Mg Tablet125.0
ZestograZestogra 100 Mg Tablet11.0
1 2 31 2 3 100 Mg Tablet12.0
AgraAgra 100 Mg Tablet10.0
AlivherAlivher 25 Mg Tablet149.0
AndrozAndroz 100 Mg Tablet124.0
Double ForceDouble Force Tablet30.0
DuragraDuragra 50 Mg Tablet13.0
EnthusiaEnthusia 100 Mg Tablet14.0
ErevaEreva 25 Mg Tablet142.0
EriactaEriacta 100 Mg Tablet14.0
HonygraHonygra 50 Mg Tablet73.0
KamagraKamagra 100 Mg Tablet131.0
LupigraLupigra Tablet10.0
OptithikOptithik 25 Mg Tablet149.0
Penegra TabletPenegra 100 Mg Tablet183.0
Penegra XpressPenegra Xpress 25 Mg Tablet139.0
Powerman (Abbott)Powerman 50 Mg Tablet125.0
PrograProgra 100 Mg Tablet73.0
PulmodayPulmoday 20 Mg Tablet86.0
PulmosilPulmosil 0.8 Mg Injection1605.0
RezumRezum 50 Mg Tablet40.0
RockyRocky 50 Mg Tablet75.0
RomentoRomento 100 Mg Tablet134.0
SexigraSexigra 100 Mg Tablet8.0
SidnakindSidnakind Tablet13.0
SilagraSilagra 100 Mg Tablet132.0
SildaflowSildaflow 20 Mg Tablet100.0
SildenafilSildenafil 50 Mg Tablet7.0
Sildenafil CitrateSildenafil Citrate 50 Mg Tablet80.0
SilnafilSilnafil 25 Mg Tablet179.0
SpegraSpegra 100 Mg Tablet105.0
Suhagra TabletSuhagra 100 Mg Tablet175.0
Target PlusTarget Plus Tablet16.0
ToniteTonite 100 Mg Tablet22.0
UnigraUnigra 100 Mg Tablet14.0
UpliftUplift 50 Mg Tablet61.0
VasosureVasosure 20 Mg Tablet164.0
VegaVega 100 Mg Tablet15.0
VigoraVigora 100 Mg Tablet116.0
VigoreVigore Spray170.0
VirahaViraha 100 Mg Tablet12.0
WowWow 50 Mg Tablet56.0
ZenegraZenegra 100 Mg Tablet9.0
Zenegra RedZenegra Red Red 100 Mg Tablet3.0
ClovirClovir 5% Ointment37.63
OpthovirOpthovir 3% Ointment46.66
SetuvirSetuvir 5% Cream36.4
ToxinexToxinex 3% Eye Ointment65.0
ViraVira Eye Ointment38.25
VirinoxVirinox 3% W/W Eye Ointment43.5
VirucidVirucid 3% Eye Ointment49.95
YavirYavir 3% Eye Ointment38.0
AcyclovirAcyclovir 5% W/W Eye Ointment67.17
ClovidermCloviderm 5% Ointment18.75
EyevirEyevir 3% Eye Ointment45.0
Primacort PlusPrimacort Plus 5% Cream66.67
Alivher EsAlivher Es 1 Mg/25 Mg Tablet0.0
Endothik EsEndothik Es 1 Mg/25 Mg Capsule0.0
PrimiwalPrimiwal 2 Mg/25 Mg Tablet0.0
Prostium EsProstium Es 2 Mg/25 Mg Capsule Dr0.0
EndonormEndonorm Tablet218.25
Sd PillSd Pill 50 Mg/30 Mg Tablet240.0
DaposureDaposure 50 Mg/30 Mg Tablet200.0
Da Sutra 30 XDa Sutra 30 X 50 Mg/30 Mg Tablet220.0
DuraforceDuraforce 50 Mg/30 Mg Tablet190.47
Kutub 30 XKutub 30 X Tablet220.0
PowerforcePowerforce 50 Mg/30 Mg Tablet62.25
Suhagra ForceSuhagra Force Tablet199.0
SustimaxSustimax Tablet201.45
ThrilpilThrilpil Tablet230.0
Viglast SViglast S 50 Mg/30 Mg Tablet190.47

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