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टाइफाइड (बुखार का एक प्रकार) आंत से संबंधित एक विकार है। टाइफाइड बुखार को ठीक करने में एक खास तरह का डाइट प्लान अहम रोल निभाता है। इसके साथ ही साथ टाइफाइड डाइट प्लान आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए आपके शरीर को भी क्षमता प्रदान करता है। टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया की वजह से होता है। टाइफाइड रोगियों के लिए जठर (गैस्ट्रोइन्टेस्टनल) से संबंधित परेशानी बहुत आम है। टाइफाइड के दौरान आपको कम भूख लगना और मतली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए टायफाइड में अधिक से अधिक प्रोटीन खाना चाहिए। इसके साथ ही साथ टाइफाइड बुखार में आपको थोड़ी-थोड़ी देर में भोजन करते रहना चाहिए, इससे आप उर्जावान रहेंगे और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता भी बढ़ेगी।

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टाइफाइड बुखार से पीड़ित लोगों को यह जानना बहुत जरूरी है कि टाइफाइड बुखार में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। टाइफाइड में आपको अधिक वसा और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए। ऐसे खाद्य पादर्थों को खाना चाहिए जो आसानी से पच जाए।

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  1. टाइफाइड में आहार क्या खाएं - Typhoid me aahar kya khaye in Hindi
  2. टाइफाइड में क्या न खाएं - Typhoid me kya na khaye in Hindi
  3. टाइफाइड ठीक होने के बाद कमजोरी दूर करने के लिए आहार - Typhoid thik hone ke baad kamjori dur karne ke liye aahar
  4. टाइफाइड डाइट से जुड़े अन्य टिप्स - Tyhpoid diet se jude tips

अगर आप टाइफाइड बुखार से ग्रसित हैं, तो आपको कुछ दिनों तक केवल फलों के जूस और नींबू पानी पीना चाहिए। शुरूआती दिनों में आपको अधिक से अधिक तरल खाद्य पदार्थों को खाना चाहिए। उसके बाद धीरे-धीरे आप केला, तरबूज, अंगूर और आड़ू जैसे फलों को खाएं। इसके अलावा आपको नारियल पानी, जौ का पानी, ताजा फलों का जूस, सब्जियों का जूस, छाछ और अधिक से अधिक पानी पीएं।

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जब तक आपको बहुत ज्यादा भूख न मसहूस होने लगे, तब तक आपको ठोस खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए। जब आप कुछ दिनों बाद ठीक होने लगते हैं और आपको अच्छी तरह से भूख लगने लगती है तब आप कुछ ठोस खाद्य पदार्थों को खा सकते हैं, जैसे उबला चावल, बेक्ड आलू, उबले अंडे, बेक्ड सेब, सब्जियों के सूप और दही आदि। ऊपर बताए गए आहार को 3 से 5 दिन तक खाने के बाद आप इस डाइट प्लान को अपना सकते हैं।

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भोजन  क्या खाएं

सुबह का नाश्ता 

नाश्ते में आप सेब, आम, नासपाती, पपीता, अंगूर और जामुन जैसे फलों का 1 गिलास जूस पीएं। इसके अलावा आप 1 कप गेहूं का दलिया और 1 सफेद ब्रेड भी खा सकते हैं।

दोपहर का भोजन 

 

कच्ची सब्जियों का सलाद, अंडा (पोच्ट एग), बेक्ड सेब, केला और फलों के जूस। इसके साथ ही साथ आप गेहूं के आटें की 2 रोटी भी खा सकते हैं।

रात का भोजन 

टाइफाइड के दौरान अधिक कैलोरी वाले आहार बहुत जरूरी होते हैं। इसलिए आप व्हाइट ब्रेड और बेक्ड आलू खाएं। इसके साथ ही साथ आप पत्तीदार सब्जियां जैसे पालक, सब्जियों के सूप, मेथी के बीज भी खाएं।

सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात के भोजन के बीच में आप ताजा फलों के जूस या नारियल पानी ज़रूर पीएं। लेकिन अधिक वसा और फाइबर युक्त आहार किसी भी हाल में न खाएं।

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ऐसे खाद्य पदार्थ जो पाचन संबंधी समस्या उत्पन्न करते हैं, उन खाद्य पदार्थों को न खाएं। इसी वजह से अधा पका हुआ दाल और कच्ची सब्जियां को खाने की सलाह नहीं दी जाती है। टायफाइड में दस्त की समस्या होती है, जिससे आपका पाचन क्रिया प्रभावित होता है। इसलिए कुछ खाद्य पदार्थ जैसे फलों के बीज और कुछ सब्जियों को नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनमें अघुलनशील फाइबर मौजूद होते हैं।

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अंडा - बुखार के शुरूआती कुछ दिनों में अंडा नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसमें अधिक फैट होता है, जो आपके पाचन क्रिया को कमजोर बना सकता है।

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मटन - टाइफाइड बुखार में शुरू के दो हफ्ते तक किसी भी प्रकार का मीट नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनमें बहुत अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। कार्बोहाइड्रेट को पचाने के लिए आपके लीवर को अधिक पित्त अम्ल के उत्पादन की जरूरत होती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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मसालेदार भोजन - मसालेदार भोजन को पचाना मुश्किल होता है और ये टाइफाइड को और अधिक बढ़ाते हैं।

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तले हुए खाद्य पदार्थ - यदि आप टायफाइड बुखार से पीडित हैं, तो आपको तले हुए खाद्य पादर्थों को नहीं खाना चाहिेए। यह खाद्य पदार्थ आपके पाचन क्रिया और लीवर पर नाकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

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कॉफी - कॉफी में कैफीन होता है, जो आपके पाचन क्रिया के लिए अच्छा नहीं होता है। इसलिए टायफाइड में आपको कॉफी नहीं पीना चाहिए, इसे पीने से डायफाइड बुखार में आपको दस्त की समस्या हो सकती है।

घी -  घी को पचाना बहुत मुश्किल होता है, इसलिए टायफाइड बुखार में घी नहीं खाना चाहिए।

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बेहतर डाइट प्लान टाइफाइड बुखार को जल्द ठीक करने में बहुत सहायक होता है। टायफाइड रोगियों को इस बात का पता होना चाहिए कि टाइफाइड बुखार में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। इसलिए टाइफाइड बुखार को जल्द ठीक करने के लिए निम्न खाद्य पदार्थों को खाएं।

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नींबू - गुनगुने पानी में 1 चम्मच नींबू रस मिलाकर खाली पेट पीएं, यह पाचन क्रिया के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके अलावा नींबू में विटामिन सी होता है, जो लीवर को मजबूत बनाता है।

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टमाटर सूप - टमाटर सूप में अधिक कैलोरी होती है और यह आसानी से पच जाता है। इसके साथ ही साथ यह टायफाइड को कम करने में भी मदद करता है। इसलिए टायफाइड बुखार में टमाटर खाएं। इसके अलावा आप अन्य सब्जियों के सूप भी पी सकते हैं।

छाछ - छाछ भी टाइफाइड को ठीक करने के लिए बहुत अच्छा तरल पदार्थ है। यह आपके लीवर को शक्ति प्रदान करता है और पाचन क्रिया को भी मजबूत बनाता है।

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बादाम - बादाम खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है क्योंकि यह आपके रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। इसके अलावा यह आपके वजन को भी संतुलित बनाता है, क्योंकि टाइफाइड बुखार में आपका वजन कम हो जाता है।

दही - दही प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है। दही खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे आपके शरीर को बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता मिलती है।

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सब्जियों का सूप - अगर आप टायफाइड बुखार से पीड़ित हैं, तो सब्जियों का सूप पीएं। इस सूप को दोपहर के भोजन या रात के भोजन में शामिल करें, यह आपके लिए अधिक लाभदायक होगा।

आलू - दोपहर के भोजन में या रात के भोजन में आप बेक्ड आलू खा सकते हैं। आलू में बहुत अधिक कैलोरी होती है, जो आपको उर्जा प्रदान करती है और आपके वजन को भी संतुलित बनाए रखती है।

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संतरे का जूस - दिन में कम से कम 2 से 3 गिलास संतरे का जूस पीएं, यह पीलिया का बहुत अच्छा उपचार है। संतरे का जूस आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और विषैले पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।

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पानी - टाइफाइड की वजह से आपको दस्त और बुखार की समस्या होती है, जिससे आपके शरीर में पानी की कमी होती है। इसलिए रोजाना कम से कम 6 से 7 ग्लास पानी पीएं।

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करौंदा - भारतीय करौंदा में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन सी होता है, जो आपके पाचन क्रिया में बहुत ज्यादा सहायक है।

टाइफाइड बुखार के रोकथाम के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें - 

  • कच्चे फलों और सब्जियों को खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धो लें।
  • बाहर का खाना न खाएं। (और पढ़ें - बाहर खाना खाते समय करें इन हेल्दी विकल्प का चुनाव)
  • टाइफाइड के रोकथाम के लिए गर्म पानी पीएं। (और पढ़ें - गर्म पानी पीने के फायदे)
  • ऐसे खाद्य पदार्थों को न खाएं, जिन्हे कमरे के तापमान पर स्टोर या संग्रहित करके रखा गया हो।
  • जब तक आपका डाक्टर न कह दे कि आप संक्रमण या टायफाइड बुखार से पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, तब तक दूसरे लोगों के लिए खाना न बनाएं। (और पढ़ें - परजीवी संक्रमण का इलाज)
  • जहां पर टाइफाइड का खतरा अधिक हो, उस जगह जाने से पहले टीका जरूर लगवाएं।

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