दुनिया भर के तमाम देशों में रूइबोस टी को पसंदीदा पेय पदार्थों में से एक माना जाता है। वैसे तो दक्षिण अफ्रीका में सदियों से इस चाय का सेवन इसके बेमिसाल स्वाद और स्वास्थ्य संबंधी फायदों के लिए किया जाता रहा है, हालांकि इसके फायदों को देखते हुए अन्य देशों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ा है। रूइबोस एक प्रकार की लाल हर्बल चाय है जो दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले 'अस्प्लाथस लिनारिस' के झाड़ीनुमा पौधे की किण्वित पत्तियों से प्राप्त की जाती है। बहुत से लोग रूइबोस टी का सेवन ग्रीन टी और ब्लैक टी के विकल्प के रूप में भी करते हैं। अपने विशेष प्रकार के फ्लेवर के लिए प्रसिद्ध रूइबोस टी, कई प्रकार से हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक बेहतरीन एंटीऑक्सिडेंट है जो कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक से हमारी रक्षा कर सकता है।

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रूइबोस टी को रेड टी या रेड बुश टी के नाम से भी जाना जाता है। पारंपरिक रूप से रूइबोस की पत्तियों को लाल-भूरे रंग में बदलने तक किण्वित किया जाता है और उसके बाद रूईबोस चाय प्राप्त की जाती है। कुछ स्थानों पर बिना किण्वित किए गए ग्रीन रूइबोस का भी सेवन किया जाता है। यह सामान्य रूप से उपलब्ध रूइबोस टी की तुलना में अधिक महंगी होती है और इसमें एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा भी अधिक होती है।

अगर बात इसके सेवन के तरीकों के बारे में की जाए तो इसका सेवन आमतौर पर ब्लैक टी की तरह ही किया जाता है, हालांकि कुछ लोग दूध और चीनी मिलाकर भी इसका सेवन करते हैं। इस लेख में हम रूइबोस टी से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी फायदों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

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  1. रूइबोस टी के पोषक तत्व - Nutrition fact of Rooibos Tea in Hindi
  2. रूइबोस टी बनाने का तरीका - How to make Rooibos Tea in Hindi
  3. रूइबोस टी के फायदे - Benefits of Rooibos Tea in Hindi
  4. रूइबोस टी के अन्य फायदे - Other Benefits of Rooibos Tea in Hindi
  5. रूइबोस टी के दुष्प्रभाव - Side Effects of Rooibos Tea in Hindi
  6. रूइबोस टी के फायदे और नुकसान के डॉक्टर

रूइबोस टी का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है। चूंकि इसमें कैलोरी और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बिल्कुल नहीं होती लिहाजा इसे फिटनेस पसंद लोगों के लिए बेहतर माना जाता है। इसकी सुईनुमा पत्तियां और हल्के भूरे रंग के तने में शक्तिशाली पॉलीफेनोलिक एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं जिन्हें कैल्कोनॉयड्स के नाम से जाना जाता है।

रूइबोस के पत्तों में कई ऐसे यौगिकों की मौजूदगी होती है जो इसे एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-ट्यूमर और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से युक्त करते हैं। इसके अलावा रूइबोस के पौधे के तमाम हिस्सों में फ्लेवोन और फ्लेवनॉल्स जैसे अन्य महत्वपूर्ण यौगिक पाए जाते हैं जो इसे एंटी-डाइबिटिक, एलडीएल-कोलेस्ट्रॉल को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित करने के योग्य बनाते हैं।

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रूइबोस टी की सबसे खास बात कि यह कैफीन मुक्त पेय है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सेवन तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करता है जिससे दिल की धड़कन को कम करने और पाचन में सुधार करने में मदद मिलती है। आइए रूइबोस टी में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा के बारे में जानते हैं। न्यूट्रिशनल वैल्यू प्रति 100 ग्राम:

  • एनर्जीः 1 केसीएएल
  • कार्बोहाइड्रेटः 0.20 ग्राम
  • प्रोटीन :0 ग्राम
  • कुल वसाः 0 ग्राम
  • कोलेस्ट्रॉलः 0 मिलीग्राम
  • डाइट्री फाइबरः 0 ग्राम
  • पोटैशियम: 9 मिलीग्राम
  • कैल्शियम: 2 मिलीग्राम
  • कैफीन: 0

रूइबोस टी को इन खनिजो का काफी अच्छा स्रोत माना जाता है

दुनियाभर में दो प्रकार से रूइबोस टी का सेवन किया जाता रहा है। पहला हॉट रूइबोस टी और दूसरा कोल्ड रूइबोस टी। आइए जानते हैं इसे कैसे बनाया जाता है।

आवश्यक सामग्री

हॉट रूइबोस टी के लिए

  • रूइबोस की पत्तियां या पाउच
  • पानी
  • चाय का बर्तन और छलनी
  • तापमान आधारित इलेक्ट्रिक केतली

कोल्ड रूइबोस टी के लिए

  • रूइबोस की पत्तियां या पाउच
  • पानी
  • चाय का बर्तन और छलनी
  • बर्फ के टुकड़े

हॉट रूइबोस टी बनाने का तरीका

  • सबसे पहले पानी को गर्म कर लें।
  • अब इसमें रूइबोस की पत्तियां या पाउच डालें।
  • पत्तियों को पानी के साथ पांच मिनट के लिए उबालें।
  • अब छान कर इसका सेवन कर सकते हैं।

कोल्ड रूइबोस टी बनाने का तरीका

  • सबसे पहले कांच के एक कंटेनर में रूइबोस टी को पानी के साथ ठंडा करने के लिए रखें।
  • इसे करीब 12 घंटे तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
  • अब रूइबोस के अवशेष को छानकर अलग कर लें और चाय को कप में डालकर इसका सेवन करें।

जैसा कि उपरोक्त पंक्तियों में बताया गया है कि रूइबोस टी में कई सारे ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसे एंटीऑक्सिडेंट का बेहतर स्त्रोत माना जाता है जो कई रोगों से में सुरक्षा दे सकता है। आइए आगे जानते हैं कि रूइबोस टी हमारे स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार से फायदेमंद हो सकती है।

रूइबोस टी के फायदे शरीर को फ्री रैडिकल्स से बचाने में - Rooibos Tea protects body from Free Radicals in Hindi

रूइबोस टी में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके हरी किस्म में लाल रंग वाली टी के तुलना में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है। इसमें क्वेरसेटिन और एस्पलाथिन नामक एंटीऑक्सिडेंट की प्रचूर मात्रा पाई जाती है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए कई मायनों में फायदेमंद है।

एंटीऑक्सिडेंट हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि ये शरीर की कोशिकाओं को फ्री रैडिकल्स से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। पशुओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि रूइबोस टी लिवर की एंटीऑक्सीडेंट स्थिति में सुधार कर सकता है। वहीं इसके मनुष्यों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि रूइबोस टी के सेवन से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का स्तर बढ़ता है, हालांकि यह प्रभाव कम समय के लिए ही रहता है।

कुछ अन्य शोध से पता चलता है कि रूइबोस टी का रक्त में एंटीऑक्सीडेंट के स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके गुणों की पुष्टि के लिए अभी और अधिक शोध की आवश्यकता है।

रूइबोस टी के फायदे हृदय को स्वस्थ्य रखने के लिए - Rooibos Tea for Heart health in Hindi

रूइबोस में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। यह हृदय के लिए कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है। सबसे पहले यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है जो हमारे हृदय को हेल्दी रखने के लिए आवश्यक है। साल 2011 में एक अध्ययन के दौरान हृदय रोग के जोखिम वाले 40 लोगों ने 6 सप्ताह तक रोजाना छह कप रूइबोस टी का सेवन किया। इस अवधि के अंत में विशेषज्ञों ने पाया कि प्रतिभागियों के एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी और एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में काफी वृद्धि हुई।

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इसके अलावा रूइबोस टी रक्तचाप बढ़ाने वाले एंजियोटेनसिन-कन्वर्टिंग एंजाइम (एसीई) को बाधित करके हृदय के स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है। एक छोटे से अध्ययन में पाया गया है कि रूइबोस टी पीने के 30-60 मिनट के भीतर ही एसीई की गतिविधि पर यह अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर देती है।

रूइबोस टी के फायदे कैंसर के खतरे से बचाने में - Rooibos Tea may Reduce Cancer Risk in Hindi

विशेषज्ञों का मानना है कि रूइबोस टी का सेवन कैंसर के खतरे को कम करने में भी मददगार हो सकता है। टेस्ट-ट्यूब अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि इस चाय में पाए जाने वाले दो एंटीऑक्सीडेंट क्वेरसेटिन और ल्यूटोलिन, कैंसर कोशिकाओं को मारने और ट्यूमर के विकास को रोकने में प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि एक कप चाय में इन दोनों एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत कम होती है। कई फल और सब्जियों को इसका बहुत बेहतर स्रोत माना जाता है।

इसलिए, यह स्पष्ट नहीं है कि रूइबोस इन दो एंटीऑक्सीडेंट के लिए पर्याप्त पैकेज है या नहीं और क्या संपूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए हमारा शरीर इन्हें पर्याप्त मात्रा में अवशोषित कर पाता है? इन बातों को स्पष्ट करने के लिए अभी और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।

रूइबोस टी के फायदे डायबिटीज के मरीजों के लिए - Rooibos Tea Benefit for Diabetes Patient in Hindi

मधुमेह से ग्रसित लोगों के लिए रूइबोस टी को काफी फायदेमंद माना जाता है विशेषकर जो लोग टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित हैं, उनमें यह काफी लाभदायक हो सकती है। रूइबोस टी, एंटीऑक्सीडेंट एस्पलाथिन का एकमात्र ज्ञात प्राकृतिक स्रोत है। जानवरों पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि इसमें एंटी डायबिटिक गुण मौजूद होते हैं।

टाइप 2 डायबिटीज वाले चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि एस्पलाथिन ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने के साथ इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में सहायक है। ऐसे में यह टाइप 2 मधुमेह से ग्रसित लोगों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। हालांकि इंसानों पर इसकी प्रमाणिकता को सिद्ध करने के लिए अभी और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

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रूइबोस टी के फायदे झुर्रियां हटाने में - Rooibos Tea reduces Wrinkles in Hindi

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि रूइबोस टी को चेहरे पर लगाने से झुर्रियों को कम करने के साथ त्वचा की रंगत में सुधार किया जा सकता है। साल 2010 में हर्बल अर्क से बने कॉस्मेटिक मिश्रणों की तुलना की गई। इसमें जिन्कगो, सोयाबीन और टी और रूइबोस के मिश्रण को शामिल किया गया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि टी और रूइबोस का मिश्रण झुर्रियों को कम करने जबकि जिन्कगो, त्वचा को मॉइस्चराइज में काफी फायदेमंद हो सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं का मानना है कि यह फायदे सिर्फ त्वचा पर मिश्रण को लगाने से मिल सकते हैं। रूइबोस टी पीने से यह लाभ मिलता है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

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ऊपर बताए गए फायदों के अलावा रूइबोस टी का सेवन करना हमारे स्वास्थ्य के लिए निम्न प्रकार से भी फायदेमंद हो सकता है। हालांकि इन फायदों की पुष्टि के लिए अभी पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं-

हड्डियों के लिए लाभकारीः रूइबोस टी के सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं। 

पाचन में सुधार करता हैः  रूइबोस टी के सेवन को पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी प्रभावी माना जाता है। इसके अलावा रूइबोस टी के सेवन से निम्न समस्याओं से भी निजात मिल सकती है।

सामान्य तौर पर, रूइबोस टी को बहुत सुरक्षित माना जाता है लेकिन कुछ रिपोर्ट में इसके दुष्प्रभाव भी देखने को मिले हैं। हालांकि दुष्प्रभाव के मामले बहुत कम हैं। एक केस स्टडी में पाया गया कि रोजाना अधिक मात्रा में रूइबोस टी पीने से लिवर एंजाइम में वृद्धि हो सकती है जो लिवर की बीमारी का संकेत हो सकता है। हालांकि ऐसे मामले बहुत ही कम लोगों में देखे गए हैं। इसके अलावा पाया गया कि चाय में मौजूद कुछ यौगिक फीमेल सेक्स हार्मोन, एस्ट्रोजन के उत्पादन को उत्तेजित कर सकते हैं।

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों को हार्मोन-संवेदनशीलता से संबंधित समस्याएं जैसे स्तन कैंसर जैसी बीमारियां हैं उनमें इसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे में इन समस्याओं से ग्रसित लोगों को रूइबोस टी का सेवन नहीं करना चाहिए।

रूइबोस टी के उपरोक्त दुष्प्रभावों के मामले बहुत ही सीमित हैं, ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि इसके सेवन से पहले एक बार चिकित्सक से परामर्श करना बेहतर होगा। 

Dr. Lovepreet Singh

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