एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन एक इमेजिंग टेस्ट है, जिसमें एक्स-रे तरंगों व कंप्यूटर की मदद से पेट के अंदर की संरचनाओं (जैसे रक्त वाहिका, मांसपेशियों और वसा) का सीटी स्कैन किया जाता है। इस टेस्ट के माध्यम से एब्डोमन में असामान्यताओं के बारे में पता किया जा सकता है। स्कैन के दौरान, शरीर के चारों तरफ कई एक्स-रे बीम घूमते हैं।

स्कैन के दौरान, कई एक्स-रे बीम आपके शरीर के चारों ओर घूमते हैं। जब सीटी स्कैन प्रक्रिया चल रही होती है तो पूरे शरीर में अवशोषित रेडिएशन को मापा जाता है। इस दौरान कंप्यूटर स्कैन किए गए हिस्से की 2डी छवियां तैयार करता है।

सीटी स्कैन के माध्यम से आंतरिक अंगों और ऊतकों की विस्तृत छवियां तैयार की जा सकती हैं। हालांकि, जिन मामलों में और अधिक विस्तृत छवियों को देखने की जरूरत होती है, उनमें रोगी के शरीर में कंट्रास्ट डाई को इंजेक्ट किया जाता है। डाई का प्रयोग करने से सीटी स्कैन फिल्म पर विशिष्ट ऊतक या अंग गहरे हिस्से में दिखाई देते हैं, जिससे डॉक्टर या तकनीशियन के लिए उन्हें अलग से नोटिस करना आसान हो जाता है।

  1. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन क्यों किया जाता है? - Pet ka CT Scan kyu kiya jata hai
  2. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन किसे नहीं कराना चाहिए? - Who cannot have Whole abdomen CT Scan in Hindi?
  3. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन की तैयारी - Whole abdomen CT Scan preparation in Hindi ?
  4. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन कैसे किया जाता है? - Pet ka CT Scan kaise hota hai
  5. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन के दौरान कैसा महसूस होगा? - How will a Whole Abdomen CT Scan feel like in Hindi?
  6. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन के परिणामों का क्या मतलब है? - Whole Abdomen CT Scan results in Hindi
  7. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन के जोखिम और लाभ - Whole Abdomen CT Scan risks and benefits in Hindi
  8. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन के बाद क्या होता है? - What happens after a Whole Abdomen CT Scan in Hindi
  9. एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन के साथ अन्य कौन से टेस्ट किए जा सकते हैं? - Other tests that can be done with Whole Abdomen CT Scan in Hindi

पेट वाले हिस्से में निम्नलिखित अंगों से संबंधित किसी भी असामान्यता (जैसे ट्यूमर, संक्रमण या सूजन) की जांच के लिए सीटी स्कैन किया जाता है :

  • लिवर
  • तिल्ली (स्प्लीन)
  • किडनी
  • मूत्राशय
  • पेट
  • आंत
  • अग्न्याशय
  • अधिवृक्क ग्रंथि (किडनी के ऊपरी हिस्से पर मौजूद)

डॉक्टर पेट में दर्दनाक चोट के प्रभावों का मूल्यांकन करने व लक्षणों के कारण का आकलन करने के लिए भी इस टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं :

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सीटी स्कैन आमतौर पर सुरक्षित होता है। हालांकि, निम्नलिखित मामले में डॉक्टर से परामर्श जरूर करें

  • गर्भावस्था
  • टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी
  • पेट में धातु की कोई वस्तु होने पर जैसे सर्जिकल क्लिप
  • यदि हाल ही में बेरियम टेस्ट कराया हो
  • किडनी फेलियर

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एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन से पहले आपको निम्नलिखित बातों पर धयान देने की जरूरत है :

  • टेस्ट से पहले आपको ढीले, आरामदायक कपड़े पहनने और धातु की सभी वस्तुओं या आभूषणों को हटाने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा अस्पताल के कर्मचारी आपको टेस्ट के लिए गाउन पहनने के लिए दे सकते हैं।
  • टेस्ट से कुछ घंटों पहले से कुछ न खाने-पीने का सुझाव दिया जाता है, खासकर यदि कंट्रास्ट डाई का उपयोग किया गया है।
  • यदि आप गर्भवती हैं या कंट्रास्ट डाई से एलर्जी है तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं।
  • यदि आपको अस्थमा, डायबिटीज, किडनी की बीमारी या थायरॉयड या हृदय विकार है, तो इस बारे में भी टेस्ट से पहले डॉक्टर को बताएं। डायबिटीज रोगियों को टेस्ट से कम से कम दो दिन पहले अपनी दवाएं लेना बंद कर देना चाहिए।
  • डॉक्टर आपसे सहमति फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के लिए भी कह सकते हैं। इस फॉर्म में कंट्रास्ट डाई से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी शामिल होती है।

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एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाती है :

  • सबसे पहले आपको सीटी स्कैनर टेबल पर लेटने के लिए कहा जाएगा। टेस्ट के दौरान, यह टेबल स्कैनर में धीरे-धीरे अंदर जाएगी।
  • यदि कंट्रास्ट डाई की आवश्यकता होती है, तो इसे आपकी बांह की नस में इंजेक्शन के जरिए लगाया जाएगा या आपको लिक्विड के रूप में भी दिया जा सकता है जिसे निगलने की जरूरत होती है।
  • टेक्नोलॉजिस्ट दूसरे कमरे से स्कैनर को कंट्रोल करेंगे। स्कैनर के अंदर स्पीकर व माइक लगा होता है, यदि आपको संवाद करने की जरूरत महसूस होती है तो आप वहां मौजूद कॉल बटन को दबाकर बात कर सकते हैं।
  • जैसे ही स्कैनिंग प्रक्रिया शुरू होती है, मशीन आपके शरीर से एक्स-रे तरंगों को पास करेगी।
  • अब स्कैनर आपके शरीर के ऊतकों द्वारा अवशोषित एक्स-रे का पता लगाएगा और उन्हें कंप्यूटर में स्थानांतरित करेगा।
  • स्कैन में 15 मिनट से लेकर आधे घंटे तक का समय लगता है।
  • तकनीशियन आपको स्कैन के दौरान हिलने-डुलने से बचने के लिए कहेंगे, क्योंकि इससे फोटो साफ आती है।
  • यदि कंट्रास्ट डाई के लिए इंट्रावेनस लाइन चालू की गई है तो स्कैन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे हटा दिया जाता है।

सीटी स्कैन जल्दी होने वाला और दर्द रहित इमेजिंग टेस्ट है, लेकिन कुछ लोग इस दौरान असहज महसूस कर सकते हैं जैसे :

  • कमरे के अंदर एयर कंडीशनिंग तापमान के कारण आपको ठंड लग सकती है।
  • यदि कंट्रास्ट डाई इंजेक्ट किया गया है, तो हल्का सिरदर्द, झुनझुनाहट, मुंह में धातु का स्वाद या उल्टी हो सकती है।
  • यदि कंट्रास्ट डाई को निगलने की जरूरत है तो इसका स्वाद आपको अजीब और बेकार लग सकता है।

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यदि एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन का रिजल्ट असामान्य है तो यह निम्नलिखित स्थितियों का संकेत हो सकता है :

एब्डोमन या पेट का सीटी स्कैन के लाभ इस प्रकार हैं :

  • यह एक गैर-आक्रामक (बिना चीर-फाड़ वाला) और दर्द रहित प्रक्रिया है।
  • इसमें रेडिएशन का बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है।
  • यह स्पष्ट बताता है कि सर्जरी की जरूरत है या नहीं।
  • अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती होने के जोखिम को कम करता है।
  • यह प्रभावित हड्डियों, रक्त वाहिकाओं और नरम ऊतकों का एक साथ पता लगा सकता है।

पेट के सीटी स्कैन के जोखिम इस प्रकार हैं :

  • गर्भावस्था के दौरान यह टेस्ट कराने से पहले डॉक्टर से बात करें
  • सीटी स्कैन में इस्तेमाल होने वाला रेडिएशन स्तनपान कराने वाली माताओं व उनके शिशुओं में जोखिम कारक हो सकता है।
  • स्कैन के दौरान यदि डाई का प्रयोग किया गया है, तो इससे कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है।
  • डाई से एलर्जी की वजह से एक्यूट किडनी फेलियर का जोखिम हो सकता है।

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टेस्ट के बाद व्यक्ति नियमित आहार और गतिविधियों को जारी रख सकता है। यदि कंट्रास्ट डाई इंजेक्ट की गई है, तो डॉक्टर खुजली, दाने, सूजन या सांस लेने में कठिनाई जैसे किसी भी दुष्प्रभाव की जांच करेंगे। यदि आप डायबिटीज की मौखिक रूप से ली जाने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो आपको उन्हें फिर से शुरू करने से पहले 48 घंटे तक प्रतीक्षा करने के लिए कहा जा सकता है।

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निदान की स्थिति के आधार पर, डॉक्टर 'होल एब्डोमेन सिटी स्कैन' के साथ निम्नलिखित टेस्ट कराने का सुझाव दे सकते हैं :

ध्यान रहे : इन सभी टेस्ट के परिणाम रोगी के नैदानिक स्थितियों से सहसंबद्ध यानी जुड़े होने चाहिए। ऊपर मौजूद जानकारी शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी डॉक्टर द्वारा सुझाए गए मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है।

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