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यूरिक एसिड एक केमिकल उत्पादित पदार्थ होता है, जो शरीर द्वारा जैविक यौगिकों वाले खाद्य पदार्थों को तोड़ने पर बनता है। यूरिक एसिड की ज्यादातर मात्रा खून में घुल जाती है, जिसको गुर्दों द्वारा फिल्टर किया जाता है और मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। कई बार शरीर अत्याधिक मात्रा में यूरिक एसिड का उत्पादन करने लगता है, जिसको गुर्दे फिल्टर नहीं कर पाते। यूरिक एसिड की अधिक मात्रा शरीर में गाउट (Gout) जैसी समस्या से जुड़ी होती है। गाउट, गठिया का एक रूप होता है, जो जोड़ों में दर्द व सूजन पैदा करता है, खासकर यह पैरों और पैरों की बड़ी उंगलियों में सूजन पैदा करता है।

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  1. यूरिक एसिड टेस्ट क्या होता है? - What is Uric Acid Blood Test in Hindi?
  2. यूरिक एसिड टेस्ट क्यों किया जाता है - What is the purpose of Uric Acid Blood Test in Hindi
  3. यूरिक एसिड टेस्ट से पहले - Before Uric Acid Blood Test in Hindi
  4. यूरिक एसिड टेस्ट के दौरान - During Uric Acid Blood Test in Hindi
  5. यूरिक एसिड टेस्ट के बाद - After Uric Acid Blood Test in Hindi
  6. यूरिक एसिड टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of Uric Acid Blood Test in Hindi
  7. यूरिक एसिड टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of Uric Acid Blood Test mean in Hindi
  8. यूरिक एसिड टेस्ट कब करवाना चाहिए - When to get tested with Uric Acid Blood Test in Hindi

यूरिक एसिड टेस्ट क्या होता है?

यूरिक एसिड टेस्ट की मदद से यह पता लगाया जाता है कि आपके खून में यूरिक एसिड की मात्रा कितनी है। यूरिक एसिड टेस्ट का उपयोग यह समझने के लिए किया जाता है कि क्या शरीर कोशिकाओं को तीव्रता से तोड़ रहा है या शरीर यूरिक एसिड से तीव्रता से छुटकारा नहीं पा रहा है? यूरिक एसिड का स्तर सामान्य से अधिक होने का मतलब है कि शरीर प्यूरिन (Purines) नामक एक पदार्थ के टूटने को अच्छी तरह से नहीं संभाल पा रहा है। डॉक्टरों को यह निर्धारित करने की जरूरत होती है कि क्या यूरिक एसिड का उत्पादन अधिक होना ही कारण है या शरीर यूरिक एसिड को निष्कासित नहीं कर पा रहा है।

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यूरिक एसिड टेस्ट किसलिए किया जाता है?

इस खून टेस्ट में यूरिक एसिड के उच्च स्तर का पता लगाया जाता है और इसका उपयोग निम्न समस्याओं का परीक्षण करने के लिए किया जाता है:

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डॉक्टर यह जानने के लिए भी यूरिक एसिड यूरिन टेस्ट का आदेश दे सकते हैं कि आप गुर्दे की पथरी या गाउट से कितने अच्छे से ठीक हो पा रहे हैं।

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अगर आपका कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी से उपचार हुआ है तो आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखने के लिए भी यूरिक एसिड यूरिन टेस्ट किया जा सकता है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी आदि से उपचार होने के कारण शरीर में यूरिक एसिड जमा होने लगता है।

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यूरिक एसिड टेस्ट से पहले क्या किया जाता है?

कुछ मामलों में डॉक्टर आपको टेस्ट से 4 घंटे या उससे ज्यादा समय पहले तक कुछ भी खाने या पीने से मना कर सकते हैं। अगर आपको किसी प्रकार की दवा को छोड़ने की जरूरत है तो आपके डॉक्टर आपको इस बारे में बता सकते हैं।

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अगर आप किसी भी प्रकार की दवा, हर्बल उत्पाद या किसी सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे हैं, तो डॉक्टर को इस बारे में अवश्य बताएं। कुछ प्रकार की दवाएं जिनसे आपको बार-बार पेशाब करना पड़ता है, जैसे विटामिन B-3, एस्पिरिन आदि दवाएं आपके यूरिक एसिड टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं।

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डॉक्टर आपको टेस्ट से पहले शराब पीने से बचने के लिए भी कह सकते हैं।

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यूरिक एसिड टेस्ट के दौरान क्या किया जाता है?

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इस टेस्ट को करने के लिए खून का सैम्पल लेने की जरूरत पड़ती है, सैम्पल को इन्जेक्शन द्वारा बाजू की नस से निकाला जाता है। सबसे पहले जहां पर सुई लगाई जाती है, उस जगह को एंटीसेप्टिक द्वारा साफ किया जाता है, उसके बाद बाजू के ऊपरी हिस्से में इलास्टिक बैंड बांध दिया जाता है। इलास्टिक बैंड या पट्टी बांधने के बाद नसों में खून का बहाव रुक जाता है, जिससे नसें खून से भर कर उभर आती हैं। तब नस में सुई को लगाया जाता है और खून का सैम्पल निकाल लिया जाता है। निकाले गए सैम्पल को सीरिंज या शीशी में भर लिया जाता है।

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After the test

After the procedure, the elastic band is removed. Once the blood has been collected, the needle is removed and the area is covered with cotton or a bandage to stop the bleeding. Collecting the blood for the test will only take a few minutes.

यूरिक एसिड टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं?

यूरिक एसिड टेस्ट में कोई गंभीर जोखिम नहीं होते, लेकिन सुई द्वारा खून का सैम्पल लेने से जुड़े कुछ जोखिम इसमें शामिल हो सकते हैं:

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जब खून निकालने के लिए सुई को बाजू में लगाया जाता है, तब आपको थोड़ी सी चुभन या दर्द जैसी सनसनी महसूस हो सकती है और बाद में भी कुछ देर तक हल्का दर्द रह सकता है।

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यूरिक एसिड टेस्ट के रिजल्ट का क्या मतलब होता है?

इस टेस्ट को यह देखने के लिए किया जाता है कि क्या आपके खून में यूरिक एसिड का स्तर अधिक हो गया है। यूरिक एसिड का उच्च स्तर कई बार गाउट या किडनी संबंधी रोगों का कारण बन सकता है।

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अगर आपने कीमोथेरेपी संबंधी कोई उपचार करवाया था या करवाने वाले हैं, तो आपको यह टेस्ट करवाना पड़ सकता है। अगर किसी प्रकार के उपचार के कारण आपका वजन अचानक से घट गया है, तो वह उपचार खून में यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ा सकता है।

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सामान्य रिजल्ट -

यूरिक एसिड के स्तर की सामान्य सीमा 3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) होती है।

असामान्य रिजल्ट का मतलब –

यूरिक एसिड का सामान्य से अधिक स्तर जिसको हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) के नाम से भी जाना जाता है, इसके निम्न कारण हो सकते हैं:

यूरिक एसिड का सामान्य से कम स्तर होने का कारण निम्न हो सकता हैं:

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कुछ प्रकार की दवाएं, जो यूरिक एसिड टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे:

  • एस्पिरिन व अन्य दवाएं जिसमें सिलीसिलेट होता है।
  • साइक्लोस्पोरिन, इस दवा को कभी-कभी स्व-प्रतिरक्षित रोग के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है।
  • लेवोडोपा, इसका उपयोग पार्किंसंस रोग में किया जाता है।
  • कुछ प्रकार की ड्यूरेटिक्स दवाएं, जैसे हाइड्रोक्लोरोथियाजिड (Hydrochlorothiazide)।
  • विटामिन B-3 (नियासिन)।

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यूरिक एसिड टेस्ट कब करवाना चाहिए?

अगर डॉक्टर आपमें कोई ऐसी स्थिति देखते हैं, जो यूरिक एसिड के बढ़ने का कारण बन सकती है, तो वे तुरंत यूरिक एसिड यूरिन टेस्ट करवाने का आदेश दे सकते हैं।

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पेशाब में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ना अक्सर गाउट का संकेत देती है, जो गठिया जैसे रोगों में काफी सामान्य होता है। गाउट में जोडों में पीड़ा व हाथ लगाने पर दर्द होने लगता है, इसमें खासकर टखने व पैरों की बड़ी उंगलियों में सूजन व दर्द होता है। इसके अन्य लक्षणों में निम्न शामिल हैं।

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  • जोड़ों में सूजन।
  • जोड़ों के आस-पास की त्वचा लाल होना या त्वचा का रंग फीका पड़ जाना।
  • जोड़ छूने पर गर्म महसूस होना।
  • सूजन व जलन जो शरीर के किसी एक ही जोड़ को प्रभावित करती हो।
  • त्वचा जो चमकदार लाल या बैंगनी रंग की दिखाई दे रही हो।
  • पैर की बड़ी उंगलियों, टखनों या घुटनों में दर्द व सूजन।

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पेशाब में यूरिक एसिड की अत्याधिक मात्रा किडनी रोगों का संकेत दे सकती है। किडनी स्टोन, क्रिस्टल्स से बनें ठोस समूह होते हैं। शरीर में यूरिक एसिड की अधिक मात्रा होने के कारण मूत्र पथ में ये क्रिस्टल्स बनने लगते हैं। गुर्दे की पथरी के निम्न लक्षण हो सकते हैं:

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