myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

लौकी को सबसे पौष्टिक सब्जियों में से एक माना जाता है। इसे घीया या या दूधी के नाम से भी जाना जाता है। लंबे समय से भारतीय व्‍यंजनों में इस हलके हरे रंग की सब्जी का इस्‍तेमाल किया जाता रहा है।

ब्‍लड शुगर घटाने में लौकी बहुत असरकारी होती है और इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं जिससे शरीर ठीक तरह से अपना कार्य कर पाता है और बीमारियों से बचाव होता है। कुछ लोगों को लौकी का स्‍वाद बिलकुल पसंद नहीं होता लेकिन इसमें इतने फायदे हैं कि आप इसे नज़रअंदाज भी नहीं कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप लौकी के रस का सेवन कर सकते हैं। एक गिलास लौकी के रस से ही लौकी जितने फायदे मिल जाते हैं। सुबह के समय लौकी का रस पीना सबसे ज्‍यादा फायदेमंद रहता है। बेहतर होगा कि आप ताजा लौकी का रस पीएं।

लौकी के बारे में तथ्‍य:

  • वानस्‍पतिक नाम: लेजीनेरिया सिसेरेरिया
  • कुल: लौकी
  • संस्‍कृत नाम: क्षीरतुम्बी, अलाबू
  • सामान्‍य नाम: लौकी, कद्दू, लउका, घीया
  • भौगोलिक विवरण: लौकी का मूल स्‍थान दक्षिण अफ्रीका में माना जाता है। विश्‍व के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में लौकी उगाई जाती है।
  1. लौकी जूस की तासीर क्या होती है - Laukijuice ki Taseer in Hindi
  2. लौकी के जूस का सेवन किस समय करें - Lauki juice kab pina chahiye in Hindi
  3. लौकी जूस के फायदे - Lauki Juice Benefits In Hindi
  4. लौकी के जूस के नुकसान - Lauki Juice Side Effects In Hindi
  5. लौकी का जूस बनाने की विधि - Lauki Juice Recipe In Hindi

लौकी की तासीर ठंडी होती है इसीलिए लौकी के जूस का सेवन गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए अच्छा होता है। इसके साथ ही लौकी जूस के कई अन्य फायदे भी हैं। यह पाचन तंत्र के लिए भी बहुत लाभदायक मन जाता है।

(और पढ़ें - गर्मियों में क्या खाना चाहिए)

वैसे तो आप लौकी की सब्जी की तरह ही लौकी के जूस का सेवन कभी भी कर सकते हैं। पर यदि इसका सेवन सुबह-सुबह खली पेट किया जाए तो यह अधिक फायदेमंद होता है। रोजाना सुबह खली पेट लौकी के जूस का सेवन करने से आपको वजन कम करने में मदद मिलती है और यह पाचन तंत्र के लिए काफी लाभदायक होता है। 

लौकी के जूस के फायदे वजन कम करने में - lauki juice benifit for weight loss in Hindi

अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं तो आप व्यायाम के साथ खानपान पर विशेष ध्यान दें। इसके लिए नियमित व्यायाम के बाद आपको प्रतिदिन 100 ग्राम लौकी का जूस पीना चाहिए। लौकी के जूस को पीने से पेट घंटो तक भरा रहता है जिससे आपका मोटापा भी कम होता है। यह बहुत कम लोग जानते हैं कि लौकी का जूस बहुत जल्दी मोटापा कम करने में मदद करता है। लौकी दूसरी चीज़ो के मुक़ाबले तेज़ी से वजन कम करती है। लौकी को उबाल कर नमक के साथ लेने से वजन कुछ ही दिनों में घट जाता है।

लौकी का रस विटामिन, पोटेशियम, लौह, पानी और फाइबर से परिपूर्ण होता है। लौकी के रस में मौजूद पोषक तत्व शरीर की चयापचय दर में वृद्धि करते हैं और पाचन तंत्र को सुचारु रूप से काम करने में सहायता करते हैं। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है जिससे भूख नही लगती और पेट भरा-भरा सा लगता है। यदि नियमित रूप से रोज सुबह खली पेट लौकी के जूस का सेवन किया जाए तो यह वजन घटाने में बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है। 

(और पढ़ें - वजन घटाने के आसान तरीके)

लौकी के जूस के फायदे उच्च रक्तचाप में - Lauki juice for High blood pressure in Hindi

अगर आप नियमित रूप से सिर्फ़ एक गिलास लौकी का रस पीते हैं तो आप काफ़ी हद तक हाई बीपी की समस्या को कम कर सकते हैं। उच्च रक्तचाप विभिन्न प्रकार की हृदय संबंधी समस्याओं जैसे दिल का दौरा, अनियमित दिल की धड़कन आदि का एक प्रमुख कारण है। लौकी का जूस 200 मिलीग्राम प्रतिदिन पीने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है और इससे उच्च रक्तचाप की समस्या से निजात मिलता है।

लौकी के जूस का यह लाभ लौकी में मौजूद पोटेशियम की अधिक मात्रा के कारण है। पोटेशियम एक महत्वपूर्ण खनिज है जो प्राकृतिक वासोडिलेटर (vasodilator) के रूप में कार्य करता है। वासोडिलेटर छोटी रक्‍तवाहिकाओं को बड़ा करने का काम करता है। यह हमारे रक्त वाहिकाओं को शिथिल (relaxes) कर रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और इस प्रकार उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता करता है।

इसके अतिरिक्त लौकी में सोडियम का निम्न स्तर भी रक्तचाप नियंत्रण में रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रक्तचाप का उच्च स्तर मुख्य रूप से हमारे आहार में बहुत अधिक सोडियम का उपभोग करने के कारण भी होता है। 

( और पढ़े - हाई बीपी कम करने के घरेलू उपाय )

लौकी के जूस के फायदे यूरिन में - Lauki juice for Urinary tract infection in Hindi

लौकी शरीर को शीतलता प्रदान करती है। इसके रस में पानी की मात्रा अधिक होती है जो शरीर को ठंडा रखती है। इसलिए इसका अधिकतर गर्मियों के मौसम में सेवन किया जाता है। गर्मी के मौसम में पसीना बहुत अधिक आता है। इसके सेवन से पानी की कमी शरीर में नही होती है। अगर आपको पेशाब के दौरान जलन या दर्द महसूस होता है तो आप हर सुबह लौकी का जूस पिएं। क्योंकि ऐसा यूरिन में एसिड की मात्रा बढ़ने पर होता है और लौकी के जूस से मिलने वाली ठंडक एसिड के असर को कम कर देती है।

यूरिन इन्फेक्शन बैक्टीरिया के कारण होता है। लौकी एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है जिसके कारण यह शरीर से विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालकर मूत्रपथ संक्रमण जैसे अन्य समस्याओं को कम करने में लाभकारी है। 

(और पढ़े - यूरिन इन्फेक्शन क्या होता है )

लौकी के रस के फायदे हृदय के लिए - Lauki juice for Heart health in Hindi

आज कल लोग अपने ख़ान पान पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं। इस कारण लगभग 70 प्रतिशत लोगों को हृदय रोग का ख़तरा रहता है। कुछ लोगों में यह आनुवंशिक रहता है और कुछ लोगों की जीवन शैली और अनुचित आहार के कारण होता है। अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए अन्य फलों और सब्जियों की तरह लौकी का रस पी सकते हैं। लौकी में पानी, विटामिन सी, विटामिन K और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर के दिल को स्वस्थ बनाये रखने में लाभकारी होती है। इस में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज़ीरो होती है तथा विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट से परिपूर्ण लौकी आपके हृदय के लिए बहुत अच्छी सब्जी है। एक रिसर्च के अनुसार 90 दिनों तक सुबह खाली पेट 200 मिलीग्राम ताजी लौकी का रस पीने से कोलेस्ट्रॉल घट जाता है।

(और पढ़ें - ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें)

तनाव में लौकी जूस के लाभ - Lauki juice for stress in Hindi

आज के समय में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर व्यक्ति तनाव से ग्रस्त है। अगर आप स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद आहार नहीं लेते तो स्थिति और भी खराब हो सकती है। लौकी में पानी की मात्रा अधिक होने की वजह से शरीर ठंडा रहता है जिससे तनाव से राहत मिलती है। इसके ड्यूरेटिक (diuretic), सेडेटिव ( sedative) और एंटी-बिलियस sedative aur anti-bilious) गुण आपके शरीर को बेहतर महसूस करने और तनाव मुक्त रखने में मदद करते हैं।

लौकी के रस में न्यूरोट्रांस्मिटर कोलीन (neurotransmitter choline) अधिक मात्रा में पाया जाता है। जो मस्तिष्क को सुचारु रूप से कार्य करने में मदद कर, तनाव और डिप्रेशन जैसी समंस्याओं को कम करने में लाभकारी होता है। लौकी का रस मस्तिष्क की कोशिकाओं को ठीक से काम करने में मदद करता है जिससे मस्तिष्क पर दबाव नहीं पड़ता और अवसाद व तनाव जैसी स्थिति में मदद मिलती है।

( और पढ़े - दिमाग तेज़ करने के घरेलू उपाय )

लौकी के जूस के बालों के लिए फायदे - Lauki juice for Hair in Hindi

अगर आप बालों के झड़ने और जल्दी सफेद होने की समस्या से परेशान हैं तो आप लौकी के जूस का सेवन करके देखें। आपको अवश्य लाभ मिलेगा। लौकी के रस में तिल का तेल मिलाकर बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगाने से बालों का झड़ना और गंजापन बिल्कुल दूर हो जाता है।

  • आयुर्वेद में बालों को सफेद होने से बचाने के लिए यह बहुत अच्छा नुस्खा माना जाता है। रूसी के कारण आपके सिर की त्वचा मृत पर्तों से भर जाती हैं। आंवला और लौकी के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से रूसी कम होती है साथ ही इस मिश्रण से सिर पर मालिश करने से भी रूसी ठीक होती है।
  • इसमें विटामिन बी होता है। जिस से आपके सिर की त्वचा पर ठंडा प्रभाव पड़ता है और यह आपके बालों के प्राकृतिक रंग को खराब होने से बचाता है। लौकी के जूस का नियमित रूप से सेवन करने से बालों के झड़ने जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। 

(और पढ़ें - balo ko jhadne se kaise roke)

लौकी के रस का लाभ पाचन संबंधी रोग में - Lauki juice for Digestive problem in Hindi

आज के समय में कब्ज और पाचन संबंधी रोग एक सामान्य समस्या बन चूका है जो किसी भी इंसान को हो सकता है। प्रतिदिन सुबह के समय लौकी का रस पीने की आदत डालें। इसमें मौजूद फाइबर हमारे पाचन तंत्र को ठीक करता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स (electrolytes) भी होते हैं जो शरीर में इसके बैलेंस को बनाकर रखते हैं जिससे लूस मोशन की समस्या नहीं होती है।

लौकी के जूस का नियमित रूप से और उचित मात्रा में सेवन करना पेट के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। लौकी के जूस का यह लाभ मुख्य रूप से लौकी में मौजूद फाइबर की वज़ह से होता है। लौकी में मौजूद फाइबर एक प्राकृतिक रेचक के रूप में कार्य करता है। यह बॉवेल मूवमेंट (bowel movement) में सुधार कर के हमारे शरीर से मल को निकलने में मदद करता है। यह कब्ज से राहत प्रदान कर हमारे समग्र पाचन स्वास्थ्य में भी सुधार करता है। इसके साथ ही लौकी का जूस अन्य पाचन समस्याओं जैसे पेट दर्द, खराब बॉवेल मूवमेंट, गैस, पेट फूलना, सूजन आदि से राहत प्रदान करने के लिए भी प्रभावी है।

इसके अलावा लौकी में लगभग 92 प्रतिशत पानी होता है। पानी हमारे पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क्योंकि यह चयापचय में सुधार कर पाचन में सहायता करता है और हमारे आंत्र आंदोलन को भी आसान बनाता है।

(और पढ़े - पेट साफ़ करने के घरेलू उपाय )

लौकी के रस के फायदे त्वचा के लिए - Lauki juice for Skin in Hindi

अगर आप कम समय में चेहरे को अंदर और बाहर से निखारना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नियमित लौकी का सेवन करना चाहिए। यह चेहरे को साफ, सुंदर और आकर्षक बनाती है। लौकी का जूस पेट की अंदरूनी सफाई करता है। इससे चेहरे पर धूप और प्रदूषण से होने वाले मुँहासे और दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है और त्वचा खूबसूरत और सुन्दर दिखाई देने लगती है। अगर आप सनटैन से बचना चाहतें हैं तो दिन में 3-4 बार टैनिंग वाले स्थान पर लौकी का जूस लगाएं। लौकी के नेचुरल ब्लीचिंग तत्व टैन त्वचा को लाइट करते हैं। 

  • त्वचा को साफ़ कर चमक को बनाये रखता है - लौकी का नयमित रूप से सेवन रक्त को शुद्ध करता है। लौकी आंतरिक रूप से शरीर को साफ कर त्वचा को स्वस्थ, चमकदार और कोमल बनाने में सहायता करती है। समान अनुपात में खीरे और लौकी का उपयोग करके एक फेस पैक बनाए। यदि आप चाहें तो इसमें बेसन और दही भी मिला सकते हैं। इसे अपने चेहरे पर लगभग बीस मिनट तक लगा कर रखें और फिर गर्म पानी से धो लें। यह आपकी त्वचा को पोषण देगा और इस से आपकी त्वचा कोमल भी रहेगी।
  • मुँहासे कम करता है - लौकी का रस शरीर में से विषाक्त पदार्थो को साफ करता है। यह चेहरे पर से गंदगी, प्रदूषण और तेल को हटा कर मुँहासों को कम करता है। आप अपनी त्वचा से संबंधित समस्याओं को कम करने के लिए इसे पका कर या इसके जूस का उपभोग कर सकते हैं।
  • चेहरे की प्राकृतिक चमक के लिए - लौकी का जूस विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है और यह आपके त्वचा की प्राकृतिक चमक को बनाये रखने में मदद करता है। रोजाना सुबह एक ग्लास लौकी का जूस आपकी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

(और पढ़ें - chehre ko gora karne ke upay)

लौकी के जूस के अन्य फायदे - Other benefits ofLauki juice in Hindi

लौकी के जूस के अन्य फायदे इस प्रकार हैं - 

  • लौकी का रस मिर्गी, पेट अम्लता, अपच, अल्सर और अन्य तंत्रिका रोगों के उपचार में बहुत उपयोगी है। (और पढ़ें - बदहजमी के घरेलू उपाय)
  • लौकी का रस हमारे शरीर में प्यास को कम करने और शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। जिससे बुखार और यूरिक एसिड और गठिया जैसी स्थितियों में इस का उपयोग बहुत ही लाभदायक है। (और पढ़ें – बुखार का घरेलू इलाज)
  • लौकी के रस में लेक्टिंस (lectins) और प्रोटीन होता है जो कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकता है।
  • आयुर्वेद के अनुसार लौकी का जूस लिवर की सूजन को कम करने में उपयोगी होता है
  • नियमित रूप से लौकी का सेवन हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने के लिए बहुत फायदेमंद है।
  • लौकी में विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट्स, फोलिक एसिड, आहार फाइबर इत्यादि जैसे विभिन्न पोषक तत्व होते है। इसलिए लौकी का सेवन गर्भवती महिला के लिए लाभकारी मन जाता है। किन्तु इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह लें। (और पढ़ें - pregnancy hone ke upay)
  • यदि आपको अनिद्रा जैसी परेशानी है तो लौकी के जूस का सेवन आपकी परेशानी को कम कर सकता है।

(और पढ़ें - acchi nind ke upay)

 लौकी के जूस के नुकसान इस प्रकार हैं - 

  • लौकी के जूस के जैसे बहुत फायदे हैं वैसे ही इसका सेवन करना हमारे शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • लौकी का जूस पीते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इसके साथ किसी और चीज को मिक्स न करें।
  • लौकी का जूस बनाने के बाद उसे एक बार चख कर के देखें। यदि जूस कड़वा हुआ तो उसका सेवन न करें। क्योंकि यह पेचिश और गैस के साथ जी-मचलाना जैसी समस्या पैदा कर सकता है। (और पढ़ें – पेट में गैस के घरेलू उपचार)
  • कड़वा लौकी का जूस गर्भवती महिलाओं के लिए भी खतरनाक होता है। इससे गर्भपात भी हो सकता है। स्तनपान कराने वाली महिला भी कड़वा लौकी के जूस सेवन न करें। यह आपके और आपके बच्चे के लिए हानिकारक है।

(और पढ़ें - स्तनपान कराने के फायदे)

लौकी का जूस बनाने की विधि -

जूस निकालने से पहले आप लौकी को चख कर देख लें की लौकी कड़वी तो नहीं है अगर लौकी कड़वी है तो उस का जूस नहीं निकालें।

लौकी का जूस बनाने की सामग्री - 

  • लौकी 400 ग्राम
  • सात तुलसी के पत्ते
  • पांच पुदीना के पत्ते
  • चार से पांच दाने काली मिर्च
  • स्वाद अनुसार सेंधा नमक

लौकी का जूस बनाने की विधि

  • सब से पहले आप लौकी, पुदीना और तुलसी को अच्छी तरह धो लें।
  • अब आप लौकी, पुदीना और तुलसी को जूसर में डाल कर जूस निकाल लें।
  • अब जूस को किसी साफ गिलास में निकाल कर उस में सेंधा नमक और काली मिर्च का पाउडर बना कर उस में अच्छी तरह मिला लें।
  • अब आप इस जूस का सेवन सुबह खली पेट करें। यह जूस आप को सारी समस्याओं से निजात दिलाएगा ।
  • यह रस सभी दिल के मरीजों को नियमित रूप से दिन में 3 बार, सुबह, दोपहर और शाम को खाने के बाद पिलाना चाहिए। शुरुआती दिनों में इसके रस का उपयोग कम मात्रा में करें और जैसे-जैसे यह अच्छे से पचने लगे इसकी मात्रा को बढ़ा दें।
  • लौकी का रस पेट के विकारों को मल के द्वारा बाहर निकालता है। जिसस कारण शुरूवात में पेट ख़राब हो सकता है। अगर ऐसा हो तो इससे घबराए नहीं समय के साथ यह अपने आप ठीक हो जाएगा।
  • इस रस को पीने के साथ मरीज अपनी दवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
और पढ़ें ...

References

  1. United States Department of Agriculture Agricultural Research Service. Basic Report: 11218, Gourd, white-flowered (calabash), raw. National Nutrient Database for Standard Reference Legacy Release [Internet]
  2. Parle Milind et al. [LINK]. IRJP 2 (6) 2011 13-17
  3. Indian Council of Medical Research Task Force. Assessment of effects on health due to consumption of bitter bottle gourd (Lagenaria siceraria) juice. Indian J Med Res. 2012;135:49-55. PMID: 22382183
  4. Puri R et al. Gastrointestinal toxicity due to bitter bottle gourd (Lagenaria siceraria)--a report of 15 cases. Indian J Gastroenterol. 2011 Sep;30(5):233-6. PMID: 21986853
  5. Garcia-Diaz DF, Lopez-Legarrea P, Quintero P, Martinez JA. Vitamin C in the treatment and/or prevention of obesity. J Nutr Sci Vitaminol (Tokyo). 2014;60(6):367-79. PMID: 25866299
  6. R Jayawardena et al. Effects of zinc supplementation on diabetes mellitus: a systematic review and meta-analysis. Diabetol Metab Syndr. 2012; 4: 13. PMID: 22515411