परिचय:

कान में खुजली होना एक बहुत ही आम समस्या है। कान शरीर का एक ऐसा भाग है, जहां पर बहुत सारी नसों के सिरे होते हैं। इनमें से किसी भी नस में अगर किसी प्रकार की समस्या होती है, तो उससे कान में खुजली व अन्य तकलीफ होने लगती है।

कान में खुजली होने की बहुत सारी अलग-अलग वजह हो सकती हैं और उचित उपचार करने के लिए असली वजह का पता लगाना जरूरी होता है। घबराहट होना, फंगल इन्फेक्शन या किसी संक्रमण की शुरुआत होना कान में खुजली के कुछ सामान्य कारण हैं। इसके अलावा सोरायसिस या डर्मेटाइटिस जैसे कुछ प्रकार के त्वचा संबंधी रोग भी कान में खुजली पैदा कर सकते हैं।

कान में खुजली होने से मरीज परेशान व चिड़चिड़ा हो जाता है। कान की नली (Ear canal) में खुजली किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। बाहरी कान को कान के परदे से जोड़ने वाली ट्यूब को “कान की नली” या “ईयर कैनाल” कहा जाता है।

कान की खुजली होने के साथ कई लक्षण महसूस होने लगते हैं जैसे कान मे दर्द होना, कान से द्रव बहना और कम सुनाई देना। डॉक्टर कान की खुजली का परीक्षण विशेष रोशनी के नीचे एक स्कोप (एक प्रकार का उपकरण) की मदद से करते हैं। सामान्य स्वच्छता के उपायों को अपना कर कान में खुजली होने से बचाव किया जा सकता है। कान को साफ करने या कान में खुजलाने के लिए कभी भी पिन, चाबी या पेन आदि जैसी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 

कान की खुजली का इलाज उसके कारण के आधार पर ही किया जाता है। डॉक्टर खुजली का इलाज करने के लिए कुछ एंटीबायोटिक, एंटीफंगल और कान में डालने वाली दवाएं लिख सकते हैं। इलाज के दौरान डॉक्टर को आपके कान का मैल साफ करने की आवश्यकता भी पड़ सकती है। यदि कान की खुजली का समय पर इलाज ना हो पाए, तो इससे कान में संक्रमण हो जाता है। कान में संक्रमण होने पर कान में सूजन व दर्द होने लगता है और कम सुनाई देने लगता है। 

(और पढ़ें - सुनने में परेशानी के घरेलू उपाय)

  1. कान की खुजली क्या है - What is Itchy Ear in Hindi
  2. कान में खुजली के लक्षण - Itchy Ear Symptoms in Hindi
  3. कान में खुजली के कारण और जोखिम कारक - Itchy Ear Causes & Risk Factors in Hindi
  4. कान में खुजली से बचाव - Prevention of Itchy Ear in Hindi
  5. कान में खुजली का परीक्षण - Diagnosis of Itchy Ear in Hindi
  6. कान में खुजली का इलाज - Itchy Ear Treatment in Hindi
  7. कान में खुजली की जटिलताएं - Itchy Ear Complications in Hindi
  8. कान में खुजली रोकने के उपाय
  9. कान में खुजली की दवा - Medicines for Itchy Ear in Hindi
  10. कान में खुजली के डॉक्टर

कान की खुजली क्या है?

जब कान में गुदगुदी या परेशान करने वाली एक सनसनी होने लगती है, तो उसे कान की खुजली कहा जाता है। कान में खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं, इनमें ज्यादातर कारण गंभीर नहीं होते। यह कान की अंदरुनी त्वचा में सूजन व पपड़ी जमने के परिणामस्वरूप होता है। कान की अंदरुनी त्वचा अतिसंवेनशील होती है, इसलिए कान के अंदर पानी जाने, संक्रमण होने या त्वचा क्षतिग्रस्त होने से उसमें सूजन और पपड़ी जमने लग जाती है।

(और पढ़ें - कान बजने के लक्षण)

कान में खुजली के लक्षण क्या हैं?

कान में खुजली होने से कान में जलन व अन्य तकलीफ होती हैं। कान में खुजली होना खुद एक लक्षण होता है। कान में खुजली के कारण के आधार पर इसके साथ अन्य कई लक्षण भी होने लगते हैं:

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपके कान से द्रव या खून निकल रहा है या फिर यदि अचानक से आपको कम सुनाई देने लगता है, तो बिना देरी किए डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। यदि आपको तेज बुखार या चक्कर आने के लक्षण आदि महसूस हो रहे हैं तो भी जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाने की कोशिश करें।

इसके अलावा अगर आपके कान का दर्द घरेलू उपायों से ठीक नहीं हो रहा तो भी डॉक्टर के पास जाएं। 

(और पढ़ें - कान बंद होने के लक्षण)

कान में खुजली क्यों होती है?

कान में खुजली पैदा करने वाले कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • कान में मैल जमना - शरीर की नष्ट हुई कोशिकाएं और बाहरी धूल मिट्टी कान में जम जाती हैं जिसे कान का मैल कहा जाता है। अधिक मात्रा में मैल बनने से भी कान में खुजली हो सकती है। (और पढ़ें - कान का मैल निकालने के तरीके)
  • त्वचा की एलर्जी - किसी प्रकार के एलर्जिक रिएक्शन के कारण भी आपके कान की अंदरुनी त्वचा में खुजली होने लगती है। कान में किसी प्रकार का प्लास्टिक, रबर या धातु डालना जैसे ईयरफोन्स या सुनने वाली मशीन लगाने से कान के अंदर की त्वचा लाल हो जाती है और उसमें खारिश हो जाती है। इस स्थिति को कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस कहा जाता है। (और पढ़ें - एलर्जी टेस्ट)
  • कान की नली में चोट लगना - जिन लोगों का बार-बार कान खुजलाने की आदत होती है और जो लोग पिन, चाबी और पेन जैसी चीजों से कान में खुजली करते हैं। अक्सर ऐसे लोगों के कान की अंदरुनी त्वचा अचानक से छिल जाती है और इससे कान मे खुजली, संक्रमण व अन्य तकलीफ महसूस होने लगती है। 
  • सोरायसिस - सोरायसिस एक त्वचा रोग है, जिससे त्वचा में लाल रंग के चकत्ते बनने लगते हैं। सोरायसिस त्वचा के कई हिस्सों पर हो सकता है, जैसे बाजू और कान के अंदर। (और पढ़ें - सोरायसिस के घरेलू उपाय)
  • संक्रमण - कान में खुजली होना कई बार कान में संक्रमण होने का संकेत देता है। संक्रमण का मुख्य कारण बैक्टीरिया और वायरस होता है। आमतौर पर जब आपको जुकाम, फ्लू या किसी प्रकार की एलर्जी होती है, तब कान में संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है। 
  • बाहरी कान का संक्रमण (स्वीमर्स ईयर) - तैराकी करने या नहाने के दौरान कान में पानी चला जाता है और अंदर ही रह जाता है। कान की नली में रोगाणुओं के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाली परत होती है, जो कान में अधिक नमी होने के कारण उतर जाती है। यह परत उतरने के बाद ये रोगाणु कान के बाहरी हिस्से में संक्रमण पैदा कर देते हैं। (और पढ़ें - स्वीमर्स ईयर के उपचार)
  • भोजन से होने वाली एलर्जी - यदि आपको पराग से एलर्जी या परागज ज्वर (Hay fever) है, तो कुछ प्रकार के फलसब्जियां खाने से आपके कान में खुजली हो सकती है। (और पढ़ें - एलर्जी के घरेलू उपाय)

कान में खुजली होने का खतरा कब बढ़ जाता है?

ऐसे कई कारक हैं जो कान में खुजली होने के जोखिम को बढ़ाते हैं, जैसे:

  • कीड़ा काटना - काम में या कान के आसपास कीड़ा काट लेने से भी कानों में खुजली की शिकायत हो सकती है। (और पढ़ें - कीड़े के काटने का इलाज)
  • मौसम से जुड़ी स्थितियां - हवा में अधिक नमी होने से संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से फंगल इन्फेक्शन गर्म और नम वातावरण में ही बढ़ता है। (और पढ़ें - फंगल इन्फेक्शन का घरेलु उपाय)
  • सुनने वाली मशीन का इस्तेमाल करना - इन मशीनों का उपयोग करने से पानी कान के अंदर फंसा रह जाता है और मशीन के प्रति ही एलर्जिक रिएक्शन पैदा करता है। यदि मशीन कान में अधिक टाइट आ रही है, तो इससे कान में कुछ क्षेत्रों दबाव बढ़ता है जिससे खुजली होनी लगते हैं।
  • सिर धोने व नहाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले प्रोडक्ट - नहाने या शॉवर लेने के दौरान ये प्रोडक्ट आसानी से कान के अंदर चले जाते हैं और जलन व खुजली पैदा करते हैं। 

(और पढ़ें - कान बहना रोकने के घरेलू उपाय)

कान में खुजली से बचाव कैसे करें?

ऐसे कुछ उपाय हैं, जिनको अपना कर कान में खुजली व अन्य किसी प्रकार की तकलीफ होने से बचाव किया जा सकता है:

  • कान में कोई बाहरी वस्तु ना डालें - कान के अंदर बार-बार उंगली डालने से या रुई का टुकड़ा और कॉटन बड लगाकर साफ रखने से भी कई समस्याएं होने लगती हैं। 
  • ध्यान रखें कि कान के अंदर की त्वचा अतिसंवेदनशील होती है - कान की अंदरुनी त्वचा बहुत ही नरम होती है और उसमें खुजली व जलन जैसी समस्याएं बहुत जल्दी होने लगती हैं। कान में किसी भी कठोर चीज को नहीं डालना चाहिए क्योंकि वह कान की अंदरुनी त्वचा को क्षतिग्रस्त कर सकती है। 
  • ईयरफोन्स व सुनने वाली मशीनों को ध्यान पूर्वक लगाएं - यदि आप ईयरफोन्स या सुनने की मशीन कान में लगा रहे हैं, तो लगाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका कान अंदर से सूखा है। यदि आप हाल ही में नहाएं हैं, तो कान में इन उपकरणों को लगाने से पहले कान को अच्छे से साफ कर लें। (और पढ़ें - कान बंद होने के कारण)
  • खुजली या संक्रमण होने पर इन उपकरणों का उपयोग ना करें - यदि संभव हो तो जब तक आपके कान में खुजली, किसी प्रकार का संक्रमण या कोई अन्य समस्या है, तब कान ईयरफोन्स या सुनने वाली मशीनों का उपयोग बिलकुल ना करें या जितना हो सके उतना कम करे। (और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण के लक्षण)
  • नहाते समय ध्यान रखें - शॉवर लेने और नहाने के दौरान शैंपू और साबुन का ध्यानपूर्वक उपयोग करें और उन्हें कान के अंदर ना जाने दें। नहाते समय यह ध्यान रखें कि आपके कान के अंदर पानी ना जाए और यदि कान में पानी चला गया है तो उसे तुरंत निकालें।
  • कान को सूखा रखें - कान को नमी से मुक्त रखने से कान में संक्रमण होने का खतरा काफी कम हो जाता है। इसलिए नहाने या तैराकी आदि करने के बाद कान का पानी साफ करके उसे सुखा लेना बहुत जरूरी होता है। 
  • कान को प्रभावित करने वाली समस्याओं का इलाज करवाएं - एक्जिमा जैसी कुछ प्रकार की स्थितियां हैं, जो कान की त्वचा को प्रभावित कर सकती हैं, इनका जल्द से जल्द इलाज करवा लेना चाहिए। (और पढ़ें - एक्जिमा का घरेलू उपाय)
  • एलर्जी को नियंत्रित रखें - यदि आपको धूल, पराग या फिर अन्य किसी पदार्थ से एलर्जी है, तो उस पदार्थ से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर एंटीहिस्टामिन (Antihistamine) या एलर्जी को नियंत्रित करने वाली अन्य दवाएं लेकर उसकी रोकथाम करें। 

(और पढ़ें - नहाने का सही तरीका)

कान में खुजली की जांच कैसे करें?

डॉक्टर खुजली के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए आपके कानों का परीक्षण करेंगे और आपकी पिछली मेडिकल स्थिति के बारे में पूछेंगे। 

परीक्षण के दौरान डॉक्टर अक्सर “ओटोस्कोप” (Otoscope) नाम के एक छोटे उपकरण का उपयोग करते हैं जिसके एक सिरे पर लाइट लगी होती है। ओटोस्कोप की मदद से कान के अंदर देखा जाता है, कुछ प्रकार के ओटोस्कोप कान के अंदर हल्की सी हवा भी छोड़ते हैं। इस उपकरण की मदद से कान में किसी प्रकार की रुकावट की जांच की जाती है, जो संक्रमण का संकेत होता है।

डॉक्टर कान के अंदर खारिश, चकत्ते या लाल त्वचा आदि की जांच करते हैं, खुजली पैदा करने वाली ये समस्याएं डर्मेटाइटिस का संकेत देती हैं। (और पढ़ें - एटॉपिक डर्मेटाइटिस के लक्षण)

डॉक्टर परीक्षण के दौरान यह भी जांच करते हैं कि कान में कितनी मात्रा मैल बना हुआ है या फिर मैल कान के परदे के पास तो नहीं है, क्योंकि ऐसी स्थिति में कान के अंदर खुजली होने लग सकती है। डॉक्टर कारण का पता लगाने के लिए मरीज से यह पूछ सकते हैं, कि कान में खुजली होने के दौरान आपको और कौन से लक्षण (जैसे कि बुखार) महसूस होते हैं।

(और पढ़ें - बुखार भगाने के घरेलू उपाय)

कान में खुजली का इलाज कैसे किया जाता है? 

कान की खुजली का इलाज करने के लिए डॉक्टर के पास उपचार के कई तरीके होती हैं। हालांकि, डॉक्टर कान में खुजली पैदा करने वाले मुख्य कारण के अनुसार ही उसके इलाज को चुनते हैं। 

डॉक्टर घर पर करने के लिए कुछ उपायों के बारे में बता सकते हैं, जिनकी मदद से आप स्थिति को घर पर नियंत्रित कर सकते हैं और समस्या अपने आप ठीक होने लगती है। 

आपको एक “शावर कैप” (Shower caps) पहनने की जरूरत पड़ सकती है, यह एक विशेष प्रकार प्रकार की टोपी होती है जिससे शावर लेने के दौरान पहन लिया जाता है। इस टोपी की मदद कान के सूजन से प्रभावित क्षेत्रों को गीला होने से बचाया जाता है। डॉक्टर आपको कान में डालने के लिए विशेष प्रकार के ईयर ड्रोप्स (कान में डालने की दवा) देते हैं, जो कान में उचित नमी बनाए रखते हैं। कभी-कभी कान के प्रभावित क्षेत्र को साफ करने के लिए स्वैबिंग (Swabbing) की भी आवश्यकता पड़ सकती है। जब तक मरीज का कान पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता, तैराकी ना करने की सलाह दी जाती है। 

यदि कान में मैल जमने के कारण खुजली हो रही है, तो ईयर सिरिंजिंग एंड सक्शनिंग (Ear syringing and suctioning) प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया की मदद से मैल को हटाकर कान की नली को खोल दिया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान एक सीरिंज की मदद से सेलाइन वॉटर (सोडियम क्लोराइड के मिश्रण वाला एक विशेष प्रकार का पानी) को कान में डाला जाता है और फिर उसका सक्शन (चूषण विधि, चूसना, बाहर खींचना) किया जाता है जिससे कान का मैल और अन्य कचरा बाहर आ जाता है। 

यदि परीक्षण के दौरान डॉक्टर को यह पता चलता है कि कान में खुजली, संक्रमण के कारण हो रही है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक या एंटीफंगल दवाएं और ईयर ड्रॉप (कान मे डालने की दवा) देते हैं। कान में संक्रमण के कारण होने वाले दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर कोर्टिकोस्टेरॉयड की गोलियां व ईयर ड्रॉप भी दे सकते हैं। यदि आपके कान का पर्दा फट गया है या उसे क्षति पहुंची है, तो डॉक्टर से पूछे बिना आपको किसी प्रकार की क्रीम, मलहम या दवा का उपयोग नहीं करना चाहिए।

(और पढ़ें - स्विमिंग के फायदे)

यदि किसी प्रकार की एलर्जी के कारण कान में खुजली हो रही है, तो डॉक्टर आपके ऐसे पदार्थों से दूर रहने की सलाह दे सकते हैं जिनसे आपको एलर्जी है। डॉक्टर आपको धूल से बचने और स्विमिंग पूल आदि में ना नहाने की सलाह भी दे सकते हैं। 

यदि आप समय पर उचित उपचार और सलाह ले लेते हैं, तो कान की खुजली को कंट्रोल करना और उसका इलाज करना संभव हो जाता है। 

(और पढ़ें - बहरेपन के लक्षण)

कान में खुजली से क्या समस्याएं हो सकती हैं?

वैसे तो कान में खुजली होना किसी गंभीर स्थिति का संकेत नहीं देता, हालांकि समय पर ही इसका उचित इलाज करवा लेना चाहिए ताकि इसे गंभीर होने से रोका जा सके। यदि इस स्थिति को बिना इलाज किये छोड़ दिया जाए तो इससे भविष्य में कई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं:

  • संक्रमण कान की गहराई तक फैलना (और पढ़ें - रिकेटसियल संक्रमण का इलाज)
  • कान के अंदर फोड़ा या फुंसी बनना जिससे कान की नली रुक जाती है और गंभीर दर्द होता है। 

(और पढ़ें - घाव का इलाज)

Dr. Nitin Gupta

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कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

Dr. Ranveer Singh

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Dr. Sanjeev Kumar

Dr. Sanjeev Kumar

कान, नाक और गले सम्बन्धी विकारों का विज्ञान

कान में खुजली के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
GenticynGenticyn 10 Mg Injection45.0
AcucortAcucort 100 Mg Injection43.05
Cort SCort S 100 Mg Injection36.0
FmpFmp Tablet55.38
HisoneHisone 10 Mg Tablet77.24
HydrolinHydrolin 100 Mg Injection41.32
Lycortin SLycortin S Injection43.5
PrimacortPrimacort 100 Mg Injection36.36
Solu CortSolu Cort 1000 Mg Injection756.25
SuccicortSuccicort 100 Mg Injection59.0
TroycortTroycort 100 Mg Injection40.9
AlcortAlcort 100 Mg Injection28.5
Biosone(Biochem)Biosone 100 Mg Injection18.75
CortisumCortisum 100 Mg Injection26.25
EfcorlinEfcorlin 0.02%/0.025% Nasal Drops25.0
H CortH Cort 100 Mg Injection38.47
HycortHycort 100 Mg Injection43.05
Hydrocort(Phc)Hydrocort 100 Mg Injection26.87
HydrocortisoneHydrocortisone Sodium 100 Mg Injection38.8
LabocortLabocort 100 Mg Injection28.0
MulticortMulticort 100 Mg Injection21.25
NiticortNiticort 100 Mg Injection42.5
Pilcort HPilcort H 100 Mg Injection52.25
UltracortUltracort 100 Mg Injection57.46
UnicortUnicort 100 Mg Injection15.95
CortgeeCortgee 100 Mg Injection20.0
CortilupCortilup 100 Mg Injection48.0
CortipenCortipen Injection23.75
DexelexDexelex 100 Mg Injection600.0
EntofoamEntofoam 2 Gm Inhaler536.5
Hydrocort(Cip)Hydrocort Injection20.81
Hys 100Hys 100 1 Gm Injection43.06
IcortIcort Tablet34.2
IntacorlinIntacorlin 100 Mg Injection37.5
StecortStecort 1 Gm Injection26.25
WosoneWosone 100 Mg Injection18.75
WycortWycort 25 Mg Injection46.02
CaldobCaldob 500 Mg Capsule120.0
CortimycinCortimycin Ointment60.0
CutisoftCutisoft 1% W/W Cream75.0
DaktacortDaktacort Gel53.68
DrocortDrocort Cream64.76
EldercoidEldercoid 0.1% Lotion42.0
HysoftHysoft 0.12% Cream92.61
LocoidLocoid 0.1% Lotion36.0
LocortLocort 1% Cream49.0
LycorLycor 1% Cream88.5
TendroneTendrone 0.5% Cream104.0
AtokidzAtokidz Lotion88.57
CutispotCutispot Cream180.0
DelsterDelster 1% Cream66.0
EfficortEfficort 0.127% W/W Cream160.0
Locoid LippoLocoid Lippo Cream43.0
Urea HcUrea Hc Cream46.47
CofrylCofryl 25 Mg Syrup68.5
DifDif 25 Mg Suspension37.9
ZendrylZendryl 25 Mg Capsule17.25
AldrylAldryl Soft Gelatin Capsule11.12
Caladryl(Piramal)Caladryl Lotion56.45
MeladrylMeladryl 1% W/V Lotion45.0
AnomexAnomex Suppository54.0
CorectCorect Suppository66.0
PileumPileum Suppository60.0
Tretcee HqTretcee Hq Cream89.0
Lomela LiteLomela Lite Cream75.0
NolasmaNolasma Cream90.47
Belmycetine CBelmycetine C Ointment46.51
Chlorocol HChlorocol H Ointment70.0
Cortison OptichlorCortison Optichlor 10 Mg/5 Mg Ointment62.0
Renicol HRenicol H 1%/0.5% Eye Ointment0.0
Cd (Hicare)Cd Eye Ointment59.0
ChlorocortChlorocort Ointment61.01
ChloronixChloronix Eye Ointment57.15
Corti KemicetineCorti Kemicetine Ointment21.4
HcolHcol Eye Ointment39.93
ZemoistZemoist Eye Drops73.65
Biosone CBiosone C Ointment50.0
Cecort (Optica)Cecort Ointment45.0
Retichlor HRetichlor H Ointment60.0
CortecyclineCortecycline Eye Ointment9.4
TerracortTerracort Eye/Ear Drops29.62
CortigenCortigen Eye Drops53.43
Genticyn HcGenticyn Hc Eye Drop17.93
Coryl TabletCoryl Tablet0.0
Smuth SuspensionSmuth Suspension65.15
Crotorax HcCrotorax Hc Cream43.4
CatarnilCatarnil Drops25.25
Fucidin HFucidin H 1%/2% Cream156.5
Fuseal HFuseal H 2%W/W/1%W/W Ointment118.0
Fuson HFuson H 1%W/W/2%W/W Cream50.0
KeralinKeralin Ointment70.0
SensitusSensitus 300 Mg/60 Mg/24 Mg Syrup49.0
Ascodex PlusAscodex Plus Syrup43.52
Hairmax ForteHairmax Forte Solution584.0

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