डेंगू मच्छरों द्वारा फैलाया जाने वाला एक वायरल संक्रमण होता है। डेंगू बुखार के लक्षणों में, गंभीर जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन, सिर दर्द, बुखार, थकान और लाल चकत्ते आदि शामिल हैं। बुखार के दौरान चकत्ते और सिर दर्द होने की स्थिति को डेंगू बुखार का संकेत माना जाता है। इस संक्रमण के कारण फ्लू जैसी बीमारी हो जाती है और कभी-कभी यह संभावित रूप से एक घातक जटिलता के रूप में भी उभर जाती है, जिसे गंभीर डेंगू कहा जाता है।
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- डेंगू टेस्ट क्या होता है? - What is Dengue Test in Hindi?
- डेंगू टेस्ट क्यों किया जाता है - What is the purpose of Dengue Test in Hindi
- डेंगू टेस्ट से पहले - Before Dengue Test in Hindi
- डेंगू टेस्ट के दौरान - During Dengue Test in Hindi
- डेंगू टेस्ट के बाद - After Dengue Test in Hindi
- डेंगू टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of Dengue Test in Hindi
- डेंगू टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of Dengue Test mean in Hindi
- डेंगू टेस्ट कब करवाना चाहिए - When to get tested with Dengue Test in Hindi
डेंगू टेस्ट क्या होता है? - What is Dengue Test in Hindi?
डेंगू टेस्ट क्या होता है?
विशिष्ट डेंगू टेस्ट करने से पहले कुछ लेबोरेटरी टेस्ट किए जा सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:
(और पढ़ें - निमोनिया का इलाज)
- कमप्लीट ब्लड सेल्स काउंट (खून टेस्ट)
- मेटाबोलिक पैनल (और पढ़ें - मेटाबॉलिज्म क्या है)
- सीरम प्रोटीन और एल्बुमिन स्तर
- लिवर पैनल (और पढ़ें - लिवर रोग का उपचार)
- कोयग्यूलेशन प्रोफ़ाइल या डिसेमिनेटेड इंट्रावास्कुलर कोयग्यूलेशन (DIC)
क्योंकि डेंगू बुखार के लक्षण व संकेत अविशिष्ट होते हैं, इसलिए लेबोरेटरी में डेंगू के संक्रमण की पुष्टी करना महत्वपूर्ण होता है।
(और पढ़ें - निमोनिया के घरेलू उपाय)
डेंगू संक्रमण की जांच के लिए किया जाने वाला टेस्ट समय पर निर्भर करता है। रोग की शुरूआत के दिनों में किए गए सभी टेस्टों के रिजल्ट नेगेटिव आ सकते हैं। हालांकि, सफेद रक्त कोशिकाओं में कमी या प्लेटलेट्स में कमी आदि वायरल संक्रमण का संकेत दे सकते हैं।
डेंगू बुखार का परीक्षण करने के लिए निम्न प्रकार के टेस्ट किए जा सकते हैं:
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डेंगू वायरस के लिए मोलक्यूलर टेस्ट (PCR) -
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यह टेस्ट वायरस की उपस्थिति का पता लगाता है। इस टेस्ट से रोग के लक्षणों की शुरुआत के बाद 7 दिनों तक डेंगू बुखार का परीक्षण कर सकते हैं और चार अलग-अलग प्रकार के डेंगू वायरसों का पता लगा सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बनते हैं।
ये टेस्ट मरीज के खून में डेंगू की आनुवंशिक सामग्री के टुकड़े और प्रोटीन की खोज करते हैं या किसी विशेष सेल कल्चर में वायरस को विकसित करते हैं। टेस्ट का रिजल्ट बहुत ही सटीक और विशिष्ट होता है, जो आम एंटीबॉडी टेस्टों के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होता है। आम एंटीबॉडी टेस्टों कई बार वायरसों की गलत पहचान बता देता है।
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एनएस 1 एंटीजेन (NS1 Antigen) -
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अगर मरीज रोग के लक्षण उभरने के 5 दिनों के भीतर चेकअप करवाने आता है, तो इसे बीमारी का शुरूआती चरण कहा जाता है। इसमें तुरंत खून का सैम्पल लिया जाता है। एक प्राथमिक संक्रमण के ज्वर-संबंधी चरण के दौरान एनएस 1 एंटीजन का पता लगाना काफी बेहतर हो सकता है।
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आईजीएम और आईजीजी एंटीबॉडी टेस्ट (IgM and IgG Antibody testing) –
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अगर मरीज रोग के लक्षण उभरने के 6 या उससे अधिक दिन बाद आता है, तो ब्लड सैम्पल जितना जल्दी हो सके निकाल लेना चाहिए। फिर इस सैम्पल से सीरम आईजीएम एंटीबॉडी टेस्ट करना चाहिए।
आईजीजी और आईजीएम टेस्ट मुख्यतः डेंगू वायरस की विशिष्ट एंटीबॉडी का टेस्ट होता है, संक्रमण के बाद के चरणों में परीक्षण की पुष्टि करने में यह उपयोगी हो सकता है। आईजीजी और आईजीएम दोनों टेस्ट 5 से 7 दिनों के बाद किए जाते हैं। प्राथमिक संक्रमण के बाद आईजीएम के उच्चतम स्तर (प्रतिभूतियों) का पता चलता है, लेकिन आईजीएम टेस्ट को फिर से होने वाले संक्रमण की जाँच के लिए उपयोग किया जाता है।
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डेंगू टेस्ट क्यों किया जाता है - What is the purpose of Dengue Test in Hindi
डेंगू टेस्ट क्यों किया जाता है?
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डेंगू टेस्टिंग का प्रयोग डेंगू बुखार या डेंगू रक्तस्रावी बुखार के मामलों के परीक्षण करने के लिए किया जाता है। डेंगू रक्तस्रावी बुखार का अगर तुरंत उपचार ना किया जाए तो यह घातक सिद्ध हो सकता है और इसीलिए इसका तुरंत परीक्षण करना जरूरी होता है।
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कुछ बीमारियां जिनके लक्षण व संकेत कुछ हद तक डेंगू से मिलते हैं, जैसे चिकनगुनिया या जिका रोग आदि बीमारियों में सही बीमारी की पहचान करने के लिए भी डेंगू टेस्ट किया जा सकता है।
(और पढ़ें - चिकनगुनिया के घरेलू उपाय)
डेंगू टेस्ट से पहले - Before Dengue Test in Hindi
डेंगू टेस्ट से पहले क्या किया जाता है?
(और पढ़ें - कैल्शियम यूरिन टेस्ट)
डेंगू टेस्ट से पहले किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। टेस्ट करवाने के लिए जाने से पहले छोटी बाजू वाली या जिसकी बाजू को आसानी से ऊपर चढ़ाया जा सके, ऐसी टी-शर्ट या शर्ट पहन कर जाना चाहिए।
(और पढ़ें - आयरन टेस्ट)
आप टेस्ट करवाने से पहले रोजाना की तरह कुछ भी खा-पी सकते हैं। टेस्ट करने से पहले डॉक्टर आपको कुछ विशेष दिशा निर्देश देते हैं।
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डेंगू टेस्ट के दौरान - During Dengue Test in Hindi
डेंगू टेस्ट के दौरान क्या किया जाता है?
टेस्ट के दौरान डॉक्टर या तकनीशियन मरीज की नस से खून का सैम्पल निकालते हैं, खून खासकर कोहनी के पीछे या हाथ के पीछे की नसों से निकाला जाता है। इस टेस्ट में कुछ ही मिनट का समय लगता है। इसमें निम्न प्रक्रिया शामिल होती है-
(और पढ़ें - एचबीए 1 सी परीक्षण क्या है)
- सबसे पहले जिस जगह पर सुई लगाई होती है, उस जगह को एंटीसेप्टिक से साफ करते हैं।
- उसके बाद बाजू के ऊपरी हिस्से में इलास्टिक बैंड या पट्टी बांध दी जाती है, जिससे नसों में खून का बहाव रुक जाता है और वे खून से भरकर स्पष्ट दिखने लगती हैं। (और पढ़ें - बिलीरुबिन टेस्ट)
- उसके बाद नस में सुई लगाई जाती है और खून का सैम्पल निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाती है, निकाले गए सैम्पल को सुई से जुड़े सीरिंज, ट्यूब या शीशी आदि में एकत्रित किया जाता है।
- पर्याप्त मात्रा में खून निकालने के बाद सुई को निकाल दिया जाता है और इलास्टिक बैंड को खोल दिया जाता है। (और पढ़ें - यूरिन रूटीन टेस्ट)
- सुई वाली जगह पर रुई का टुकड़ा या बैंडेज लगा दी जाती है, जिससे खून बहने से रोकथाम की जाती है।
- उसके बाद आपके सैम्पल की शीशी पर आपके नाम का लेबल लगाया जाता है और टेस्टिंग के लिए उसको लेबोरेटरी भेज दिया जाता है।
(और पढ़ें - एचआईवी की जांच)
डेंगू टेस्ट के बाद - After Dengue Test in Hindi
डेंगू टेस्ट होने के बाद क्या किया जाता है?
(और पढ़ें - एलर्जी टेस्ट कैसे होता है)
सैम्पल लेने के बाद सुई को निकाल लिया जाता है और उस जगह पर रुई का टुकड़ा या बैंडेज लगा दी जाती है, जिससे खून नहीं बह पाता। जब आपका खून निकाला जाता है, उस दौरान आपको हल्की चुभन महसूस होती है और बाद में एक छोटा निशान भी पड़ सकता है।
(और पढ़ें - किडनी फंक्शन टेस्ट)
डेंगू टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं - What are the risks of Dengue Test in Hindi
डेंगू टेस्ट के क्या जोखिम हो सकते हैं?
हर व्यक्ति की नसें व धमनियां अलग-अलग आकार की होती हैं, इसलिए किसी व्यक्ति के लिए खून का सैम्पल देना दूसरे के मुकाबले अधिक कठिन और जोखिम भरा हो सकता है।
(और पढ़ें - सीबीसी क्या है)
- अधिक खून बहना (और पढ़ें - रक्तस्राव रोकने के उपाय)
- बेहोशी या सिर घूमना
- हेमाटोमा (त्वचा के नीचे खून जमा होना) (और पढ़ें - त्वचा जीवाणु संक्रमण का इलाज)
- संक्रमण (सुई द्वारा त्वचा में किए गए छेद में संक्रमण होने के कुछ मामूली जोखिम)
(और पढ़ें - परजीवी संक्रमण के लक्षण)
डेंगू टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है - What do the results of Dengue Test mean in Hindi
डेंगू टेस्ट का क्या मतलब होता है?
डेंगू टेस्ट का रिजल्ट और उसकी व्याख्या, किए गए टेस्ट के प्रकार और रोग के लक्षण दिखने के कितने दिन बाद टेस्ट किया गया है, इस पर निर्भर करती है।
(और पढ़ें - सीआरपी ब्लड टेस्ट)
एनएस 1 एंटीजेन –
यह सभी डेंगू सीरोटाइप के लिए आम होता है और इसका प्रयोग प्राथमिक या द्वितीय संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जा सकता है। अगर टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव मिलता है, तो इसका मतलब है कि आप डेंगू के वायरस के संपर्क में आ गए हैं या पहले कभी डेंगू के वायरस के संपर्क में आ चुके हैं।
(और पढ़ें - हेपेटाइटिस बी टेस्ट)
आईजीएम एंटीबॉडी टेस्ट – (जो 5 दिनों के बाद पॉजिटिव होता है)।
आईजीएम एंटीबॉडी, रोग के लक्षण शुरू होने के लगभग 5 दिन बाद दिखाई देने लगते हैं। इसके बाद आईजीजी लक्षणों की शुरूआत होने के लगभग 14 दिन बाद दिखाई देते हैं। आईजीएम का स्तर 1 से 2 सप्ताह तक उच्च रह सकता है, लेकिन बीमारी के 2 या 3 महीनों तक भी इसका स्तर उच्च रह सकता है।
(और पढ़ें - बीमारी के लक्षण और इलाज)
आईजीजी एंटीबॉडी टेस्ट – (जो 1 या 2 दिन के बाद पॉजिटिव आता है)।
आईजीजी का स्तर रोग के लक्षणों के 1 या 2 दिन के बाद तेजी के बढ़ने लगता है और द्वितीय संक्रमण में 20 से 30 प्रतिशत तक बिना पहचाने गए एंटीबॉडी के रूप में शरीर में उपस्थित रह सकता है।
(और पढ़ें - डेंगू में क्या खाना चाहिए)
डेंगू टेस्ट कब करवाना चाहिए - When to get tested with Dengue Test in Hindi
डेंगू टेस्ट कब करवाना चाहिए?
जब आपको हल्के डेंगू बुखार के लक्षण या डेंगू रक्तस्रावी बुखार के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको तुरंत टेस्ट करवाना चाहिए।
(और पढ़ें - गिलोय के फायदे)
डेंगू के लक्षण संक्रमित मच्छर के काटने के 7 दिन बाद दिखाई देना शुरू होते हैं।
इसके लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द (और पढ़ें - जोड़ों में दर्द के घरेलू उपाय),
- शरीर पर चकत्ते बार-बार आना और गायब होना,
- तेज बुखार (और पढ़ें - बुखार के घरेलू उपाय),
- लगातार सिर में दर्द होना (और पढ़ें - सिर दर्द का घरेलू उपाय),
- आंखों के पीछे दर्द महसूस होना,
- मतली और उल्टी इत्यादि।
(और पढ़ें - उल्टी रोकने के उपाय)
आमतौर पर उपरोक्त लक्षण एक सप्ताह के बाद ख़त्म होने लगते हैं, हल्के डेंगू में बहुत ही दुर्लभ मामलों में कोई घातक जटिलता उत्पन्न होती है।
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डेंगू रक्तस्रावी बुखार –
इसमें पहले लक्षण हल्के हो सकते हैं, पर धीरे-धीरे कुछ ही दिनों के भीतर ये गंभीर रूप धारण कर लेते हैं। इसके साथ ही हल्के डेंगू के लक्षणों के साथ, अंदरुनी रक्तस्त्राव के संकेत भी दिखाई दे सकते हैं।
(और पढ़ें - मानसून में होने वाली बीमारियां)
डेंगू रक्तस्रावी बुखार से ग्रसित व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- मुंह, नाक या मसूड़ों से खून आना (और पढ़ें - नाक से खून आने का कारण),
- चिपचिपी त्वचा,
- लिम्फ नोड्स और रक्त वाहिकाओं में क्षति,
- अंदरुनी रक्तस्त्राव जिससे उल्टी और मल आदि काले रंग के आने लगते हैं,
- खून में प्लेटलेट्स कम होना (और पढ़ें - प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या खाएं),
- पेट संवेदनशील होना,
- त्वचा के अंदर खून के धब्बे दिखाई देना,
- नाड़ी कमजोर पड़ना इत्यादि।
(और पढ़ें - बकरी के दूध के फायदे)
संदर्भ
- Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services, Dengue and Dengue Hemorrhagic Fever
- Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services, Revised diagnostic testing for Zika, chikungunya, and dengue viruses in US Public Health Laboratories
- Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services, Dengue: Travel and Dengue Outbreaks
- Merck Manual Consumer Version [Internet]. Kenilworth (NJ): Merck & Co. Inc.; c2018. Dengue
- University of Rochester Medical Center [Internet]. Rochester (NY): University of Rochester Medical Center; Dengue Fever
- World Health Organization [Internet]. Geneva (SUI): World Health Organization; Dengue and severe dengue
- Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services, Testing for Dengue Virus
- UW Health [Internet]. Madison (WI): University of Wisconsin Hospitals and Clinics Authority; Health Information: Dengue Fever



