myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

एस्कारियासिस क्या है?

एस्कारियासिस छोटी आंत का संक्रमण है जो एसकायरिस लंबरीकोइड्स (ascaris lumbricoides) के कारण होता है, जो कि राउंडवॉर्म की प्रजाति का है। राउंडवॉर्म एक प्रकार का परजीवी (पैरासाइटिक) होता है। राउंडवॉर्म से संक्रमण होना आम है। ये परजीवी कीड़े आपके शरीर में रहते हैं और वहीं पर बड़े होते हैं। जब कीड़े बड़े होते हैं तो वे एक फुट (30 सेंटीमीटर) से भी लंबे हो सकते हैं। 

(और पढ़ें - पेट के कीड़े का इलाज​)

एस्कारियासिस के लक्षण क्या हैं ?

एस्कारियासिस से पीड़ित लोगों को अक्सर लक्षण नहीं दिखते। जब राउंडवॉर्म बढ़ने लगते हैं तो इससे जुड़े लक्षण और अधिक दिखने लगते हैं। अगर आपके फेफड़ों में राउंडवॉर्म है तो इससे आपको कफ या बोलने में दिक्कत, घरघराहट या सांस लेने में दिक्कत, बलगम में खून निकलना, छाती में किसी प्रकार की दिक्कत महसूस होना, बुखार आना आदि जैसे लक्षण दिख सकते हैं। अगर राउंडवॉर्म आपकी आंत में है तो इससे मतली और उल्टी, बार-बार मल आना या दस्त, भूख न लगना, वजन कम होना आदि समस्याएं हो सकती हैं। 

(और पढ़ें - पेट में कीड़े हो जाए तो क्या करना चाहिए)

एस्कारियासिस क्यों होता है?

मनुष्य का मल भी संक्रमण का कारण बन सकता है, अगर संक्रमित व्यक्ति खेत या पानी के आसपास शौच करे या फिर अस्वच्छ मल को फसलों के लिए खाद के रूप में इस्तेमाल करे। व्यक्ति संक्रमित खाने या पीने के जरिए भी एस्कारियासिस के सम्पर्क में आ सकता है, खासकर अगर व्यक्ति अच्छी तरह से भोजन को साफ नहीं करता है या हाथ नहीं धोता है। बच्चे भी इससे संक्रमित हो सकते हैं, अगर वे दूषित मिट्टी में खेलते के बाद बिना धोए अपने हाथों को मुंह में डालते हैं। 

(और पढ़ें - मिट्टी खाने का इलाज​)

एस्कारियासिस का इलाज कैसे होता है?

कुछ प्रकार की एंटी पैरासाइटिक दवाओं की मदद से डॉक्टर एस्कारियासिस के कई मामलों का इलाज कर सकते हैं। ऐसे में कई गंभीर संक्रमण के लिए डॉक्टर आपका अलग से भी उपचार कर सकते हैं। डॉक्टर का लक्ष्य संक्रमण को पूरी तरह से खत्म करना नहीं होता, लेकिन व्यक्ति के पेट और फेफड़ों में मौजूद कीड़े व उनके अंडों की संख्या को कम करना होता है, ताकि इनसे होने वाले लक्षणों को कम किया जा सके। कीड़ों को निकालने के लिए डॉक्टर सर्जरी की भी सलाह दे सकते हैं।

(और पढ़ें - ब्लैडर इन्फेक्शन का इलाज​)

  1. एस्कारियासिस क्या है - What is Ascariasis in Hindi
  2. एस्कारियासिस के लक्षण - Ascariasis Symptoms in Hindi
  3. एस्कारियासिस के कारण व जोखिम कारक - Ascariasis Causes & Risk Factors in Hindi
  4. एस्कारियासिस से बचाव - Prevention of Ascariasis in Hindi
  5. एस्कारियासिस का परीक्षण - Diagnosis of Ascariasis in Hindi
  6. एस्कारियासिस का इलाज - Ascariasis Treatment in Hindi
  7. एस्कारियासिस की जटिलताएं - Ascariasis Complications in Hindi
  8. एस्कारियासिस की दवा - Medicines for Ascariasis in Hindi
  9. एस्कारियासिस के डॉक्टर

एस्कारियासिस क्या है - What is Ascariasis in Hindi

एस्कारियासिस क्या है?

राउंडवर्म एक प्रकार के परजीवी होते हैं, जो जीवित रहने, खाने और प्रजनन करने के लिए मनुष्य के शरीर का सहारा लेते हैं। राउंडवर्म मुख्य रूप से मनुष्य की आंत में पहुंच जाते हैं, जहां पर ये जीवित रहते, खाते और प्रजनन करते हैं। इनसे आमतौर पर कोई लक्षण पैदा नहीं होता, लेकिन यदि ये आंत में अधिक मात्रा में हो तो लक्षण विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। 

(और पढ़ें - परजीवी संक्रमण का इलाज)

एस्कारियासिस के लक्षण - Ascariasis Symptoms in Hindi

एस्कारियासिस के लक्षण क्या हैं?

ज्यादातर मामलों में एस्कारियासिस से किसी प्रकार के लक्षण विकसित नहीं होते हैं। लेकिन यदि आपके शारीर में अधिक संख्या में राउंडवर्म हो तो लक्षण विकसित होने लग जाते हैं और आंतों में राउंडवर्म परजीवियों की संख्या जितनी अधिक होगी लक्षण उतने ही गंभीर होगें। 

एस्कारियासिस के लक्षण यदि विकसित होते हैं, तो उनमें निम्न शामिल हो सकते हैं:

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको ऐसा लगता है कि आपको या आपके बच्चे को राउंडवर्म हो गए हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए। यदि आपको पेट दर्द, उल्टी, जी मिचलाना या फिर मल के साथ कीड़े आना आदि जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको डॉक्टर के पास चले जाना चाहिए। 

(और पढ़ें - उल्टी रोकने के घरेलू उपाय)

एस्कारियासिस के कारण व जोखिम कारक - Ascariasis Causes & Risk Factors in Hindi

एस्कारियासिस क्यों होता है?

राउंडवर्म इन्फेक्शन या एस्कारियासिस दुनियाभर में परजीवी कीड़ों से होने वाले इन्फेक्शन का एक आम प्रकार है। 

राउंडवर्म परजीवियों के अंडे दूषित मिट्टी व मल में पाए जाते हैं। 

एस्कारियासिस सीधे व्यक्ति से व्यक्ति के संपर्क में आने से नहीं फैलता है। जबकि जब कोई व्यक्ति किसी ऐसी दूषित मिट्टी, पानी या मल के संपर्क में आता है, जिसमें राउंडवर्म परजीवियों के अंडे मौजूद होते हैं तब एस्कारियासिस फैलता है। ये अंडे अक्सर मुंह के माध्यम से शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं। उसके बाद यह इन्फेक्शन संक्रमित मल के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। 

एस्कारियासिस से ज्यादा मामलों में बच्चे ही संक्रमित होते हैं, क्योंकि वे दूषित उंगली को अपने में मुंह में डाल लेते हैं।  

दूषित पानी पीकर या फिर दूषित भोजन खाकर भी कोई व्यक्ति एस्कारियासिस से संक्रमित हो सकता है। ऐसा खासकर तब होता है, जब उन्होनें खाना खाने से पहले अपने खाने-पीने की चीजों और अपने हाथों को साफ पानी के साथ अच्छे से धोया ना हो। 

(और पढ़ें - पेट में इन्फेक्शन का इलाज)

एस्कारियासिस होने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ स्थितियां हैं, जिनमें राउंडवर्म से होने वाले इन्फेक्शन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं:

  • राउंडवर्म परजीवी आमतौर पर गर्म, नम व उष्णकटिबंधीय इलाकों में अधिक पाए जाते हैं।
  • ये परजीवी उन क्षेत्रों में आम हैं, जहां पर लोग गरीबी में रहते हैं
  • जिन क्षेत्रों में मानव मल का ठीक से निपटान (डिस्पोज) नहीं किया जाता है, वहां पर भी राउंडवर्म परजीवी होते हैं।
  • ग्रामीण व भीड़भाड़ वाले इलाके जहां पर सफाई की उचित व्यवस्था ना हो
  • खेती में उर्वरक के रूप में ठीक से साफ ना किया गया अपशिष्ट पानी या मानव मल का उपयोग करना
  • किसी ऐसे क्षेत्र में यात्रा करना जहां पर राउंडवर्म परजीवी काफी आम हैं
  • पर्सनल हाइजीन ठीक से ना बनाए रख पाना
  • एस्कारियासिस के मरीजों में ज्यादातर 10 साल या उससे भी कम उम्र के लोग होते हैं। इस उम्र के बच्चों में एस्कारियासिस रोग होने के जोखिम अधिक होते हैं, क्योंकि वे ज्यादातर धूल मिट्टी में ही खेलते हैं।

(और पढ़ें - निजी अंगों की सफाई कैसे करें)

एस्कारियासिस से बचाव - Prevention of Ascariasis in Hindi

एस्कारियासिस से बचाव कैसे करें?

यदि आप किसी दूर के क्षेत्र या फिर किसी ऐसे क्षेत्र में यात्रा करने जा रहे हैं, जहां पर राउंडवर्म का इन्फेक्शन काफी आम है, तो कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे:

  • खाना खाने या बनाने से पहले अपने हाथों को साबुन व गर्म पानी के साथ अच्छे से धो लें।
  • पानी को उपयोग करन से पहले उबाल ले या फिल्टर कर लें
  • यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में हैं, जहां पर आधुनिक स्वच्छता नहीं है तो वहां पर सिर्फ बंद बोतल वाला पानी ही पिएं (और पढ़ें - पानी साफ करने का देशी तरीका)
  • पर्सनल हाइजीन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के साथ-साथ मानव मल को अच्छे से निपटान करने की सुविधा से भी एस्कारियासिस के मामले कम हो जाते हैं।
  • जहां पर भोजन तैयार होता है, वहां की सफाई आदि का निरीक्षण करें
  • जिन क्षेत्रों में सफाई की उचित सुविधा नहीं है या फिर जहां पर उर्वरकों के रूप में मानव मल का उपयोग किया जाता है। वहां पर सब्जियों को बिना धोएं उनका छिलका उतारे कर पकाएं।
  • स्वच्छता से जुड़ी उचित शिक्षा प्राप्त करना एस्कारियासिस की रोकथाम करने में मदद कर सकती है इसके अलावा उचित स्वच्छता बनाए रखना, बार-बार हाथ धोना और खाना बनाने की सही तकनीकें अपनाना भी इस रोग से बचाव रखने के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।

(और पढ़ें - हाथ धोने का तरीका)

एस्कारियासिस का परीक्षण - Diagnosis of Ascariasis in Hindi

एस्कारियासिस की जांच कैसे की जाती है?

एस्कारियासिस का पता लगाने के लिए मरीज मुंह, नाक या गुदा में राउंडवर्म परजीवी या उसके अंडे की पहचान की जाती है। शुरुआती समय में रोग का पता लगाना डॉक्टर के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि कभी-कभी जांच के दौरान राउंडवर्म के अंडे नहीं मिल पाते हैं। 

(और पढ़ें - बिलीरुबिन टेस्ट क्या है)

राउंडवर्म से संक्रमित लोग आमतौर पर कुपोषण जैसे लक्षण व संकेत दिखाते हैं। इस स्थिति का परीक्षण करने के लिए निम्न टेस्ट किए जा सकते हैं:

  • स्टूल टेस्ट:
    इस टेस्ट में परजीवियों व उनके अंडों का पता लगाने के लिए मल का सेंपल लेकर उसकी जांच की जाती है। मल में मौजूद परजीवियों या उनके अंडों की पहचान की जाती है। ये परजीवी आमतौर पर मल के सेंपल में ही पाए जाते हैं और बहुत ही कम मामलों में मुंह या नाक से निकलने वाले द्रव या पदार्थ में पाए जाते हैं।
    (और पढ़ें - स्टूल टेस्ट क्या है)
     
  • सीबीसी और इओसिनोफिल काउंट (Eosinophil count):
    परीक्षण के दौरान आपका खून टेस्ट भी किया जा सकता है, जिसमें एक विशेष प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या की जांच की जाती है, जिन्हें इओसिनोफिल कहा जाता है। एस्कारियासिस के मामलों में इन सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है।
    (और पढ़ें - एचबीए1सी टेस्ट क्या है)
     
  • एक्स रे:
    यदि आप राउंडवर्म से पीड़ित हैं, तो आपके पेट का एक्स रे किया जाता है और उसकी तस्वीरों में परजीवियों की पहचान की जा सकती है। कुछ मामलों में छाती का एक्स रे किया जाता है, जिसमें फेफड़ों में मौजूद लारवा (परजीवी का बच्चा) का पता लग जाता है। 
    (और पढ़ें - बलगम की जांच कैसे होटी है)
     
  • सीटी स्कैन या एमआरआई स्कैन:
    ये दोनो प्रकार के टेस्टों की मदद से शरीर के अंदरुनी भागों की तस्वीरें बनाई जाती हैं। इनके द्वारा बनाई गई तस्वीरें काफी स्पष्ट होती हैं, जिनकी मदद से डॉक्टर लीवर या अग्न्याशय में नलिकाओं में रुकावट पैदा कर रहे परजीवियों की पहचान कर लेते हैं। सीटी स्कैन में एक प्रकार की एक्स रे मशीन का उपयोग किया जाता है, जिसमें अलग-अलग स्थानों से शरीर के अंदर की तस्वीर ली जाती है। एमआरआई में रेडियों तरंगों और शक्तिशाली चुंबकिय क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी मदद से शरीर के अंदरुनी अंगों की तस्वीरें तैयार की जाती है। 
    (और पढ़ें - एलिसा टेस्ट क्या है)
     
  • अल्ट्रासाउंड:
    इस टेस्ट की मदद से भी अग्न्याशय या लीवर के अंदर राउंडवर्म या किसी अन्य परजीवी का पता लगा लिया जाता है। इस टेस्ट तकनीक में ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी मदद से शरीर के अंदरुनी अंगों की तस्वीर बनाई जाती है। (और पढ़ें - अल्ट्रासाउंड क्या है)

राउंडवर्म व आंतों के अन्य कीड़ों को रेडियोलॉजिकल या सोनोग्राफिक तकनीक से भी देखा जाता है और कुछ बहुत ही कम मामलों में मरीज के बलगम (थूक) या पेट से निकले द्रव में भी राउंडवर्म मिल सकते हैं। 

(और पढ़ें - बच्चों के पेट में कीड़े के लक्षण)

एस्कारियासिस का इलाज - Ascariasis Treatment in Hindi

एस्कारियासिस का इलाज कैसे किया जाता है?

एस्कारियासिस का इलाज करने का लक्ष्य जरूरी नहीं है कि रोग को पूरी तरह से खत्म करना हो, इसकी बजाए मरीज के शरीर में राउंडवर्म व उनके अंडों की संख्या को कम करने के लिए भी इलाज शुरू किया जा सकता है। 

यदि मल में राउंडवर्म या उनके अंडे पाए गए हैं, तो डॉक्टर कुछ प्रकार का एन्थेलमेंटिक (Anthelmintic) दवाएं लिख सकते हैं। ये दवाएं आंतों के कीड़ों को मार देती हैं या अपंग बना देती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • एल्बेंडाजोल (Albendazole)
  • मेबेंडाजोल (Mebendazole)
  • लेवामिसोल (Levamisole)
  • पाइरांटेलपैमोएट (Pyrantelpamoate)

इन्फेक्शन का इलाज करने में आमतौर पर 1 से 3 दिन का समय लगता है। इलाज में उपयोग की जाने वाली दवाएं काफी प्रभावी होती हैं, जिससे कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।

डॉक्टर खुजली व दर्द को कम करने के लिए आयरन के सप्लीमेंट्स और खुजली की क्रीम आदि लिख सकते हैं। 

(और पढ़ें - खुजली दूर करने के उपाय)

यदि आपको गंभीर रूप से एस्कारियासिस हो गया है, तो आपको अन्य उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है। इसमें डॉक्टर लगातार बढ़ रहे राउंडवर्म को रोकने के लिए ऑपरेशन की मदद ले सकते हैं। यदि राउंडवर्म ने आपकी आंतों को पूरी तरह से बंद कर दिया है, तो आपको ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियां भी हैं, जो एस्कारियासिस की जटिलता के रूप में विकसित हो जाती हैं और इनमें ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है, जैसे आंत में छिद्र होना (Intestinal perforation), पित्त नलिकाओं में रुकावट होना और अपेंडिक्स आदि।

एस्कारियासिस के लिए अभी तक कोई टीका उपलब्ध नहीं है।

(और पढ़ें - पित्त की पथरी का इलाज)

एस्कारियासिस की जटिलताएं - Ascariasis Complications in Hindi

एस्कारियासिस से क्या समस्याएं होती हैं?

एस्कारियासिस से संक्रमित ज्यादातर लोग सामान्य उपचार से ठीक हो जाते हैं। एस्कारियासिस के लक्षण शरीर से राउंडवर्म पूरी तरह से खत्म होने से पहले ही चले जाते हैं।

एस्कारियासिस के लक्षण ज्यादातर मामलों में मध्यम ही होते हैं और इनके कोई बड़ी समस्या पैदा नहीं होती है। हालांकि यदि आंतों में अत्यधिक मात्रा में राउंडवर्म हैं, तो वे शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकते हैं जिससे कई खतरनाक जटिलताएं पैदा हो जाती हैं। इससे होने वाली जटिलताओं में निम्न शामिल हैं:

  • विकसित होने की प्रक्रिया बिगड़ जाना:
    राउंडवर्म शरीर के अन्य भागों में फैलने से बच्चों का विकास सामान्य रूप से नहीं हो पाता है।
     
  • आंतों में रुकावट:
    जब राउंडवर्म आपकी आंतों को बंद कर देते हैं, तो इस से गंभीर दर्द होता है और उल्टी आने लग जाती है। आंतों में रुकावट होना एक बहुत ही गंभीर समस्या होती है, जिसका तुरंत इलाज करने की आवश्यकता है। बच्चों में जठरांत्र (Gastrointestinal) संबंधी जटिलताएं विकसित होने की काफी संभावनाएं रहती हैं, क्योंकि उनकी छोटी आंत में रुकावट होने का खतरा अधिक होता है।
    (और पढ़ें - आंत्र रुकावट के कारण)
     
  • नलिकाओं में रुकावट:
    जब राउंडवर्म लीवर या अग्न्याशय की छोटी-छोटी नलिकाओं को बंद कर देते हैं, तो यह स्थिति पैदा हो जाती है।
    (और पढ़ें - लीवर रोग का इलाज)
     
  • पेट दर्द:
    एस्कारियासिस में गंभीर रूप से पेट दर्द होने लग जाता है।
    (और पढ़ें - पेट दर्द के घरेलू उपाय)
     
  • पेट की सूजन:
    राउंडवर्म इन्फेक्शन होने पर जटिलता के रूप में पेट में सूजन भी आ जाती है। (और पढ़ें - पेट में सूजन होने पर क्या करें)
     
  • इन्फेक्शन से होने वाली अन्य जटिलताएं:
    इससे बच्चों में भूख ना लगना और पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित ना कर पाना आदि जैसी समस्याएं विकसित हो जाती हैं। इन स्थितियों में बच्चों को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनके शारीरिक विकास पर प्रभाव पड़ता है।

(और पढ़ें - पेट में इन्फेक्शन के लक्षण)

Dr. Jogya Bori

Dr. Jogya Bori

संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

Dr. Lalit Shishara

संक्रामक रोग

Dr. Amisha Mirchandani

Dr. Amisha Mirchandani

संक्रामक रोग

एस्कारियासिस की दवा - Medicines for Ascariasis in Hindi

एस्कारियासिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
D Worm (Times)D Worm Tablet10.62
D Worm (Trans)D Worm Suspension14.5
EbenEben 100 Mg Tablet14.86
Kit KatKit Kat 100 Mg Suspension23.48
LupimebLupimeb Tablet12.0
MebenthMebenth 100 Mg Syrup19.37
MebexMebex 100 Mg Tablet15.61
SandinSandin 100 Mg Tablet17.6
StaSta 500 Mg Tablet22.0
WorminWormin 100 Mg Suspension32.2
AcavomAcavom 100 Mg Tablet18.0
MebidexMebidex 100 Mg Tablet5.83
ZuminZumin 100 Mg Tablet63.0
Zumin CrZumin Cr Capsule65.0
Zumin Cr DrcmZumin Cr Drcm Capsule65.0
AlmizolAlmizol Cream33.25
Depar (Ornate)Depar 150 Mg Tablet27.03
DewormDeworm Syrup14.76
DicarisDicaris Adult 150 Mg Tablet35.5
ElsealElseal 150 Mg Tablet58.88
ImumodImumod 150 Mg Tablet14.62
LevaLeva 150 Mg Tablet13.0
VapalVapal 150 Mg Tablet18.81
VermisolVermisol 150 Mg Tablet23.68
VitilexVitilex 150 Mg Tablet63.46
PymolarPymolar 250 Mg Suspension10.41
CombantrinCombantrin 200 Mg Tablet14.83
ExpentExpent 250 Mg Suspension13.2
NemocidNemocid 250 Mg Suspension15.5
PapaPapa 250 Mg Tablet7.96
ActiparActipar Syrup12.25
Piperazine Citrate(Glaxo)Piperazine Citrate 750 Mg Syrup18.12
Piperazine Citrate (Taurus)Piperazine Citrate Elixir9.22
VarmitoneVarmitone Liquid15.62
BrutalBrutal 200 Mg/50 Mg Suspension25.5
LebenLeben 400 Mg/150 Mg Tablet15.0
Wormis LWormis L 200 Mg/50 Mg Syrup21.0
EradixEradix 400 Mg/150 Mg Tablet12.0
Exit (Brawn)Exit 100 Mg/50 Mg Suspension18.0
Levasol MLevasol M 100 Mg/150 Mg Syrup27.0
Exit DExit D Syrup43.47
ExitExit 100 Mg/150 Mg Tablet15.0

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

और पढ़ें ...