कई कपल माता-पिता बनने में सक्षम नहीं हो पाते हैं. इसके कई मुख्य कारण हो सकते हैं, जिसमें नपुंसकता व बांझपन सबसे आम हैं. नपुंसकता और बांझपन की समस्या मुख्य रूप से पुरुषों को होती है, जो उनके यौन स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती हैं. इन दोनों ही समस्याओं में पुरुष के लिए संतान उत्पन्न करना मुश्किल हो जाता है. ये दोनों स्थितियां अलग-अलग होती हैं, इसलिए इनके कारण व इलाज भी एक-दूसरे से अलग होते हैं. नपुंसकता में पेनिस इरेक्ट नहीं होता, जबकि बांझपन के चलते पुरुष में स्पर्म की कमी हो सकती है.
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आज इस लेख में आप नपुंसकता और बांझपन के बारे में विस्तार से जानेंगे -
(और पढ़ें - इरेक्टाइल डिसफंक्शन का आयुर्वेदिक इलाज)
- नपुंसकता क्या है?
- नपुंसकता के कारण
- नपुंसकता का इलाज
- बांझपन क्या होता है?
- बांझपन के कारण
- बांझपन का इलाज
- सारांश
नपुंसकता क्या है?
नपुंसकता को इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) के रूप में जाना जाता है. ईडी में पुरुषों को इरेक्शन प्राप्त करने और लंबे समय तक बनाए रखने में मुश्किल होती है. इससे सेक्स करना मुश्किल या असंभव हो सकता है.
एक रिपोर्ट के अनुसार 10 में से 1 पुरुष को नपुंसकता का सामना करना पड़ सकता है. वैसे तो नपुंसकता किसी भी उम्र के पुरुषों में देखी जा सकती है, लेकिन अधिक उम्र के पुरुषों को इसका ज्यादा सामना करना पड़ता है.
पुरुष में इरेक्शन बने रहने के लिए नर्वस सिस्टम, मांसपेशियों व रक्त वाहिकाओं का एक साथ काम करना जरूरी है. ऐसे में जब इनमें से किसी भी एक सिस्टम में दिक्कत आती है, तो पुरुषों को इरेक्शन प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है.
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नपुंसकता के कारण
नपुंसकता के कारण निम्न प्रकार से हो सकते हैं -
- रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्याएं होने पर व्यक्ति को इरेक्शन प्राप्त करने में दिक्कत हो सकती है.
- हृदय रोग जैसे- हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक आदि भी नपुंसकता का कारण बन सकते हैं.
- तनाव, डिप्रेशन या अन्य कोई मूड डिसऑर्डर होने पर भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है.
- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से किसी भी पुरुष को नपुंसकता हो सकती है.
- एंटीडिप्रेसेंट, एंटीहिस्टामाइन या ब्लड प्रेशर को कम करने वाली दवाइयां खाने पर भी इरेक्शन बनाने में दिक्कत आ सकती है.
- नसों का डैमेज होना और मोटापे की वजह से नपुंसकता हो सकती है.
- तंबाकू, शराब या नशीली दवाओं का सेवन करना भी नपुंसकता का कारण बन सकता है.
- प्रोस्टेट कैंसर या बढ़े हुए प्रोस्टेट के उपचार के लिए की जाने वाली सर्जरी या रेडिएशन की वजह से नपुंसकता हो सकती है.
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नपुंसकता का इलाज
अगर इरेक्शन बनाए रखने में परेशानी हो रही है, तो इस स्थिति में डॉक्टर डायबिटीज मेलिटस, हृदय रोग या फिर हार्मोनल समस्याओं का टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं. इसके अलावा, टेस्टोस्टेरोन लेवल, एचबीए1सी आदि का टेस्ट भी करवा सकते हैं. टेस्ट का रिजल्ट आने के बाद ही ईडी का इलाज किया जाता है, लेकिन शुरुआत में डॉक्टर जीवनशैली में बदलाव करवा सकते हैं -
बेहतर जीवनशैली अपनाएं
नपुंसकता का इलाज करने के लिए जीवनशैली को स्वस्थ रखना जरूरी होता है. जीवनशैली में बदलाव ईडी का इलाज करने में मदद कर सकते हैं. इसके लिए अपनी लाइफस्टाइल में इन चीजों को शामिल करें -
- नियमित रूप से एक्सरसाइज और योगाभ्यास करें.
- तंबाकू, धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से परहेज करें.
- मोटापा ईडी का कारण हो सकता है, इसलिए वजन कम करने की कोशिश करें.
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दवाइयां
जब जीवनशैली में बदलाव करने के बाद भी किसी पुरुष को इरेक्शन बनाने में मुश्किल होती है, तो इस स्थिति में डॉक्टर दवाइयां लिख सकते हैं. दवाइयां लिंग में रक्त के प्रवाह को बढ़ाती हैं, जिससे इरेक्शन उत्पन्न होता है और संभोग करना आसान होता है. नपुंसकता का इलाज करने वाली दवाइयां निम्न हैं -
नपुंसकता होने पर इन दवाइयों का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए. क्योंकि इन दवाइयों को लेने से जोखिम भी हो सकता है. ये दवाइयां हार्ट फेलियर व हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं.
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थेरेपी
कई बार जब दवाइयां भी कारगर नहीं होती हैं, तो डॉक्टर प्रोस्टाग्लैंडीन ई1 थेरेपी का सहारा ले सकते हैं. इसमें एल्प्रोस्टेडिल दवा का उपयोग किया जाता है, जिसे लिंग में डाला जाता है. इससे इरेक्शन पैदा होता है, जो लगभग एक घंटे तक रह सकता है.
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इंप्लांट
अगर कोई दवा या थेरेपी भी काम नहीं करती है, तो इस स्थिति में डॉक्टर पुरुष लिंग यानी पेनिस को इंप्लांट करवाने की सलाह दे सकते हैं.
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बांझपन क्या होता है?
नपुंसकता की तरह ही बांझपन यानी इंफर्टिलिटी के चलते भी पुरुष संतान उत्पन्न कर पाने में असमर्थ होता है. बांझपन वह स्थिति होती है, जिसमें पुरुषों को शुक्राणुओं को पैदा करने में मुश्किल होती है. एक अध्ययन में बताया गया है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों को बांझपन का सामना अधिक करना पड़ता है.
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बांझपन के कारण
आजकल अधिकतर पुरुष बांझपन का सामना कर रहे हैं. बांझपन के कई कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है -
- कीमोथेरेपी या रेडिएशन जैसे कैंसर के उपचार बांझपन का कारण बन सकते हैं.
- इसके अलावा, डायबिटीज की बीमारी में भी पुरुषों को इंफर्टिलिटी का सामना करना पड़ सकता है.
- अंडकोष में बढ़ी हुई नसें भी पुरुषों को बांझपन में धकेल सकती है.
- शराब, धूम्रपान या फिर अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से भी बांझपन हो सकता है.
- स्टेरॉयड जैसी कुछ दवाओं का उपयोग करना फर्टिलिटी को कम कर सकता है.
- सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसी आनुवंशिक स्थितियां बांझपन पैदा कर सकती हैं.
- अंडकोष या प्रजनन प्रणाली के अन्य अंगों में चोट लगने या फिर सर्जरी होने पर बांझपन के लक्षण नजर आ सकते हैं.
- यौन संचारित रोग जैसे एचआईवी या क्लैमाइडिया पुरुष फर्टिलिटी को कम कर सकते हैं.
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बांझपन का इलाज
पुरुषों में बांझपन का उपचार इसके कारणों पर निर्भर करता है. इसलिए, पुरुषों में बांझपन का इलाज करने से पहले डॉक्टर कुछ जरूरी टेस्ट करवाते हैं -
- हार्मोन के स्तर की जांच के लिए ब्लड टेस्ट
- जेनेटिक टेस्ट
- सीमेन का विश्लेषण (शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता की जांच करने के लिए)
- अंडकोष का अल्ट्रासाउंड या बायोप्सी
पुरुषों में बांझपन का इलाज करने के कई विकल्प हैं -
- हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी
- अंडकोष की समस्या को ठीक करने के लिए सर्जरी
- बांझपन का कारण बनने वाले संक्रमण या बीमारी का इलाज करना
जब पुरुषों में बांझपन का इलाज सही तरीके से नहीं हो पाता है, तो महिला को गर्भधारण के लिए इन विट्रो फर्टिलाइजेशन या आर्टिफिशियल गर्भाधान की सलाह दी जाती है. इसमें शुक्राणु को सीधे गर्भाशय ग्रीवा या गर्भाशय में इंजेक्ट किया जाता है.
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सारांश
नपुंसकता और बांझपन दोनों अलग-अलग स्थितियां होती हैं. नपुसंकता सिर्फ पुरुषों में होती है, जबकि बांझपन का सामना पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखने को मिल सकता है. इन दोनों का कारण भी अलग-अलग होते हैं और पुरुषों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करते हैं. अगर तमाम कोशिशों के बाद भी कोई पुरुष अपनी पार्टनर को गर्भवती नहीं कर पा रहा है, तो उसे इस संबंध में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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नपुंसकता व बांझपन में अंतर? के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव




