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बच्चों के विकास में संतुलित आहार की तरह ही एक्सरसाइज भी काफी महत्वपूर्ण होती है। आज के समय में अधिकतर बच्चे अपना ज्यादातर समय बाहर खेलने के बजाय इलैक्ट्रॉनिक गेम्स खेलने में बिताते हैं। बच्चों की जीवनशैली में हुए इस बदलाव के कारण उनको मोटापा व कई अन्य रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन यदि बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजा जाए या उनकी दिनचर्या में कुछ एक्सरसाइज को शामिल किया जाए तो इससे बच्चे का स्वास्थ सही रहने के साथ ही उसके विकास दर में भी तेजी आती है। 

(और पढ़ें - बच्चों की देखभाल कैसे करें)

इस लेख में आपको बच्चों के लिए एक्सरसाइज के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही आपको बच्चे के लिए एक्सरसाइज के फायदे, बच्चों के लिए एक्सरसाइज क्यों जरूरी है और बच्चों को कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए आदि विषयों को भी विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है। 

(और पढ़ें - शिशु टीकाकरण चार्ट)

  1. बच्चों के लिए एक्सरसाइज क्यों जरूरी - Baccho ke liye excercise kya jaroori
  2. बच्चों को कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए - Baccho ko kitni excercise karni chahiye
  3. बच्चों के लिए एक्सरसाइज - Baccho ke liye excercise

एक्सरसाइज बच्चों के शारीरिक विकास के साथ ही मानसिक विकास के लिए भी जरूर होता है। एक्सरसाइज करने से बच्चे मोटापे और अधिक वजन के कारण होने वाली समस्याओं से दूर रहते हैं। इसके साथ ही उनकी मांसपेशियां व हड्डियां मजबूत बनती है और वह अपनी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। आगे आपको बच्चों के लिए एक्सरसाइज की उपयोगिता के विषय में विस्तार से बताया गया है।

  • शारीरिक विकास के लिए बेहतर:
    बच्चों को एक्सरसाइज करने का सबसे अधिक लाभ यह है कि उनका शारीरिक विकास अन्य बच्चों के मुकाबले ठीक तरह से होता है। साथ ही एक्सरसाइज के फायदे बच्चों को किशोरावस्था तक मिलते हैं। (और पढ़ें - फिट रहने के घरेलू उपाय)
     
  • वजन को संतुलित बनाएं रखने में मददगार:
    आज के समय में बच्चों में मोटापा एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। नियमित एक्सरसाइज और संतुलित आहार को लेने से बच्चे का वजन संतुलित रहने के साथ साथ मोटापा दूर रहता है। इसके साथ ही यदि आपके बच्चे को वजन कम करने की आवश्यकता है तो आप एक्सरसाइज के द्वारा भी बच्चे के वजन को नियंत्रित कर सकते हैं।
     
  • बच्चों के हृदय को स्वस्थ बनाता है: 
    शारीरिक गतिविधि के दौरान हृदय की मांसपेशियां गतिशील होती है। रोजाना एक्सरसाइज करने से बच्चे को हृदय संबंधी रोग जैसे – हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रोल, टाइप 2 डायबिटीज और मोटापा आदि के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। (और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए एक्सरसाइज)
     
  • शरीर के लचीलेपन, संतुलन और क्षमता को बढ़ाने में सहायक: 
    शरीर का संतुलन और तालमेल हर बच्चे के लिए आवश्यक होता है। एक्सरसाइज मांसपेशियों की क्षमता और लचीलेपन को बढ़ाती है, जो बच्चे की संपूर्ण सेहत के लिए जरूरी मानी जाती है।     
     
  • बच्चे की सोचने की क्षमता और एकाग्रता में बढ़ोतरी:
    कई अध्ययन से इस बात का पता चला है कि एक्सरसाइज करने से स्कूल में बच्चों का प्रदर्शन बेहतर होता है। एक्सरसाइज से मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं में बढ़ोतरी के साथ ही उनके संबंधों में मजबूती आती है और वह मस्तिष्क को क्षति पहुंचाने से बचाती है। इस तरह से मस्तिष्क की कार्य क्षमता बेहतर होती है। (और पढ़ें - कमजोर याददाश्त का इलाज)
     
  • तनाव को करने में सहायक: 
    कई बच्चों को तनाव और चिंता की समस्या होती है, ऐसे में नियमित एक्सरसाइज करने से बच्चे इन दोनों ही तरह की समस्याओं से आराम पा सकते हैं। इसके साथ ही एक्सरसाइज से बच्चों को बेहतर नींद आती है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। (और पढ़ें - चिंता दूर करने के घरेलू उपाय)

बच्चों की एक्सरसाइज करने के अन्य महत्व 

(और पढ़ें - बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं)

एक्सरसाइज को करते समय सहनशक्ति, लचीलेपन और क्षमता, इन तीनों पहलुओं पर विशेष ध्यान देना होता है। इसके साथ बच्चे के द्वारा एक्सरसाइज करने का समय भी काफी महत्वपूर्ण होता है। अलग-अलग उम्र के बच्चों को अलग-अलग समय अवधि तक एक्सरसाइज करने की आवश्यकता होती है। कुछ स्वास्थ्य संस्थाएं बच्चों के द्वारा एक्सरसाइज के संबंध में निम्नलिखित सलाह देती है।

  • शिशुओं के लिए एक्सरसाइज का समय: 
    शिशुओं के लिए शारीरिक गतिविधियों का कोई न्यूनतम समय नहीं रखा गया है। लेकिन इस समय शारीरिक गतिविधियों से शिशु की मोटर डेवलप्मेंट (मांसपेशियों और अंगों के बीच तालमेल) को बढ़ावा मिलता है। (और पढ़ें - कीगल एक्सरसाइज कैसे करें)
     
  • 1 से 2 साल के शिशुओं के लिए एक्सरसाइज का समय: 
    इस समय शिशु को न्यूनतम करीब 1.30 घंटे की शारीरिक गतिविधियों की आवश्यकता होती है। इस दौरान माता पिता को अपने बच्चे को 30 मिनट तक विशेष तरह की शारीरिक गतिविधि और 60 मिनट की सामान्य गतिविधि करवानी चाहिए।
     
  • 3 से 5 पांच साल के बच्चों के लिए एक्सरसाइज का समय:
    इस समय बच्चे को कम से कम दो घंटे की विभिन्न शारीरिक गतिविधियां करनी चाहिए। जिसमें एक घंटे का समय विशेष तरह की गतिविधियों में और दूसरे घंटे का समय अन्य प्रकार की सामान्य शारीरिक गतिविधियों में बिताने की आवश्यकता होती है। (और पढ़ें - स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के तरीके)
     
  • 5 साल और उससे अधिक आयु के बच्चों के लिए एक्सरसाइज का समय: 
    इस समय बच्चों को न्यूनतम करीब एक घंटे की शारीरिक गतिविधियों में शामिल किया जाना चाहिए। एक्सरसाइज के इस समय को आप बच्चे की रुचि के अनुसार 15-15 मिनट या इससे अधिक समय के अंतराल में बांट सकते हैं।  

(और पढ़ें - पेट कम करने के लिए एक्सरसाइज)

बच्चों के लिए स्विमिंग एक्सरसाइज - Baccho ke liye swimming excercise

अधिकतर बच्चों को पानी में खेलना पसंद होता है, ऐसे में आप अपने बच्चे को स्विमिंग सिखा सकते हैं। खाना खाने के बाद करीब तीन से चार घंटों तक बच्चों को स्विमिंग करनी चाहिए। स्विमिंग करने के कई फायदे होते हैं।

स्विमिंग के फायदे

  • स्विमिंग सांसों के लिए एक बेहतर एक्सरसाइज मानी जाती है, साथ ही यह बच्चों के मोटापे को कम करने में भी मददगार होती है। (और पढ़ें - स्विमिंग के दौरान बरतें जानें वाली सावधानियां)
  • स्विमिंग से बच्चों की सहनशक्ति और मांसपेशियों की क्षमता बढ़ती है।
  • इससे पाचन क्रिया बेहतर होती है। 

(और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

बच्चों के लिए साइकिलिंग - Baccho ke liye cycling

साइकिल एक जगह से दूसरी जगह जाने का साधन मात्र ही नहीं, यह एक्सरसाइज का भी एक विशेष जरिया माना जाता है। बच्चों को दोस्तों के साथ साइकिल चलाना पसंद भी होता है और इससे उनके पूरे शरीर का आसानी से वर्कआउट भी हो जाता है। लेकिन बच्चों को साइकिल देने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान देना चाहिए, जैसे – बच्चा जहां पर साइकिल चलाएं वहां घास होनी चाहिए, ताकि बच्चा गिरे तो उसको कम चोट लगें और साइकिल चलाने से पहले बच्चे ने सुरक्षा के लिए हेलमेंट, जूते, कोहनी व घुटनों में पैड आदि पहनें हो।

(और पढ़ें - साइकिल चलाने के फायदे)

साइकिल चलाने के फायदे

  • साइकिल चलाने से बच्चों के शरीर में अच्छा महसूस कराने वाले हार्मोन स्त्रावित होने लगते हैं। (और पढ़ें - हार्मोन असंतुलन का उपचार)
  • यह बच्चों के अधिक वजन को कम करने और फिट रखने का बेहतर तरीका मानी जाता है।
  • इससे बच्चे के कमर का निचला हिस्सा मजबूत बनता है। (और पढ़ें - मांसपेशियों की कमजोरी दूर करने के उपाय)
  • तेज साइकिल चलाने से बच्चों का कोलेस्ट्रोल और बीपी कम होने में मदद मिलती है।
  • साइकिल चलाने रक्त का संचार सही बना रहता है, जिससे मस्तिष्क और हृदय स्वस्थ बनता है।

 (और पढ़ें - दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय)

बच्चों की एक्सरसाइज में उनको रस्सा कूद कराएं - Baccho ki excercise me unko rassa kood karaye

रस्सी कूद कई वर्षों पहले से बच्चों का पसंदीदा खेल रहा है। दरअसल इस एक्सरसाइज को बच्चे खेल की तरह ही लेते हैं। इसमें आपको बच्चे के लिए एक सही साइज की रस्सी को चुनना चाहिए, ज्यादा बड़ी रस्सी से बच्चे को परेशानी हो सकती है। साथ ही रस्सी कूदते समय बच्चे को रस्सी पकड़ने में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं होनी चाहिए। बच्चे को इस एक्सरसाइज के सही तरीक को समझाएं कि रस्सी कूदते समय वह घुटनों को ना झुकाए और कूदते समय अपने पंजों का सहारा लें।

रस्सा कूद के फायदे

  • इसमें लगातार कूदने से बच्चे के पैरों की मांसपेशियां, जांघ और पिड़लियां मजबूत बनती हैं।  (और पढ़ें - रस्सी कूदने के फायदे)
  • एडीएचडी रोग से ग्रसित बच्चों को रस्सी कूदने से फायदा मिलता है। (और पढ़ें - एडीएचडी के लिए व्यवहार थेरेपी)
  • इससे बच्चे की एनर्जी संतुलित होती है।   

 (और पढ़ें - एनर्जी बढ़ाने का उपाय)

बच्चों के लिए बेहतर एक्सरसाइज है जॉगिंग - Baccho ke liye jogging

बच्चों को रोजाना जॉगिंग करानी चाहिए। यह सबसे आसान और बेहतर एक्सरसाइज होती है। जॉगिंग करते हुए ऐसे रास्ते को चुने जो सुरक्षित हो और वहां पर ज्यादा ट्रैफिक ना रहता हो। इसे करते समय धीरे-धीरे शुरुआत करें और बाद में तेजी लाएं। बच्चा जब जॉगिंग करें तो इस बात का ध्यान दें कि उसका सिर सीधा हो और कंधे ना झुकें।

जॉगिंग के फायदे

(और पढ़ें - थकान दूर करने के लिए क्या खाएं)

बच्चों को प्लांक (Planks) एक्सरसाइज कराएं - Baccho ko planks karaye

प्लैंक एक विशेष तरह की एक्सरसाइज है, जो सामान्यत पांच साल से बड़े बच्चों द्वारा की जाती है। इसमें पेट और पीठ दोनों ही मजबूत होते हैं। इस एक्सरसाइज को करने के लिए बच्चे को अपनी कोहनी से नीचे के भाग को जमीन पर रखना होता है और पंजों के सहारे शरीर का वजन संभालना पड़ता है। हाथों और कंधों के बीच की दूरी समान होनी चाहिए। इसके साथ ही इस एक्सरसाइज में गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधी रखने के लिए जमीन पर किसी एक बिंदु को देखना होता है।

(और पढ़ें - फिट रहने के लिए एक्सरसाइज)

प्लैंक के फायदे

(और पढ़ें - मांसपेशियों में ऐंठन के लिए घरेलू उपचार)

बच्चों को कराएं बैकस्ट्रेच (Backstretch) - Baccho ko karaye backstretch

यह जमीन पर की जाने वाली एक्सरसाइज है। इसको करने से पहले आप अपने बच्चे को चटाई पर बैठाएं। इस एक्सरसाइज में बच्चे को पैरों के निचले हिस्से पर बैठाना होता है। इसके बाद हाथों को ऊपर करते हुए उनको धीरे धीरे जमीन पर लगाना होता है।

बैक स्ट्रेच के फायदे

  • बैक स्ट्रेच से बच्चों की जांघ, कूल्हे और टखने पर खिंचाव पड़ता है। (और पढ़ें - मिट्टी खाने का इलाज)
  • थकान और चिंता को कम करने में सहायक होती है।
  • शरीर के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को आराम मिलता है। (और पढ़ें - बच्चों के दांत निकलने की उम्र)
  • बच्चों की पाचन क्रिया स्वस्थ बनती है। 

(और पढ़ें - दो साल के बच्चे को क्या खिलाना चाहिए)

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