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दो साल का बच्चा भोजन में कई तरह के स्वाद को पहचानने और पसंद करने लगता है। इस समय तक बच्चे के खाने की आदतों में भी काफी बदलाव आ जाता है। पहले की अपेक्षा बच्चा मैश्ड केले और प्यूरी से ज्यादा अन्य खाद्य पदार्थों को खाना पसंद करता है। दो साल का बच्चा शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव होता है, ऐसे में उसको पर्याप्त मात्रा में सभी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और आहार ही उसकी इस जरूरत को पूरा करते हैं।

(और पढ़ें - 6 महीने के बाद बच्चे का आहार चार्ट)

इस लेख में आपको दो साल के बच्चे को क्या खिलाना चाहिए व किन खाद्य पदार्थों से उनको सभी पोषक तत्व मिलते हैं, आदि बातों को विस्तार से बताया गया है। साथ ही आपको दो साल के बच्चों के आहार और उनकी रेसिपी को भी विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है। 

(और पढ़ें - शिशु का टीकाकरण चार्ट)

  1. दो साल के बच्चे को क्या-क्या खिलाना चाहिए - Do saal ke bache ko kya kya khilana chahiye
  2. दो साल के बच्चे के खाने से संबंधित अन्य टिप्स - Do saal ke bache ke khane se jude anya tips

दो साल का होने तक अधिकतर बच्चे स्तनपान करना छोड़ देते हैं। ऐसे में उनके लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति का कार्य भोजन द्वारा किया जाता है। इस समय माता-पिता को मालूम होना चाहिए कि वह अपने बच्चों को क्या खिलाएं, जिससे उनको पर्याप्त पोषण मिल सकें। दो साल का होने पर बच्चा चलना और दौड़ना सीख जाता है, इससे बच्चे की शारीरिक गतिविधियां बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चे का शारीरिक विकास सही रूप से हो इसलिए आपको उसकी डाइट की विशेष योजना तैयार करनी होती है। आगे आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ बताए जा रहें हैं, जिनको दो साल के बच्चे की डाइट में शामिल किया जा सकता है।  

(और पढ़ें - बच्चे की उम्र के अनुसार वजन का चार्ट

  1. 2 साल के बच्चे को खाने में दें अंडा करी - 2 saal ke bache ko khane me de egg curry
  2. दो साल के बेबी को खिलाएं पनीर कटलेट - Do saal ke baby ko khilaye paneer cutlet
  3. 2 साल के शिशु को दें आलू और मटर का परांठा - 2 saal ke shishu ko de aloo aur matar ka paratha
  4. दो साल के बच्चे को खाने में दें मूंग दाल का चीला - Do saal ke bache me de moong daal ka chilla
  5. 2 साल के बच्चे को खिलाएं हरी बीन्स - 2 saal ke bache ko khilaye hari beans

2 साल के बच्चे को खाने में दें अंडा करी - 2 saal ke bache ko khane me de egg curry

अधिकतर नॉनवेज खाने वाले लोगों को अंडा करी पसंद होती है। अंडे मे एंटीऑक्सीडेंट और कई तरह के अन्य विटामिन्स मौजूद होते हैं। अंडे में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो कोशिकाओं के कार्यों के लिए आवश्यक माने जाते हैं। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि अंडा खाना मस्तिष्क के विकास और कार्यों के लिए बेहतर होता है।

तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री

(और पढ़ें - नमक के फायदे)

तैयार करने की विधि

  • इसे बनाने के लिए आपको सबसे पहले अंडों को पानी में डालकर उबालना होगा।
  • इसके बाद अंडों के छिलके को उतार लें। (और पढ़ें - शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं)
  • इसके बाद गैस पर एक बर्तन रखें और उसमें करीब दो चम्मच तेल डालें।
  • जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें कटे हुए प्याज का आधा हिस्सा, धनिया और लाल मिर्च को डालकर थोड़ा पका लें। (और पढ़ें - बच्चों में भूख ना लगने के कारण और उनका आयुर्वेदिक समाधान)
  • इसके बाद आप इन मसालों को निकालकर मिक्सी में नारियल और इमली के साथ पीस लें।
  • मसालों का पेस्ट तैयार होने के बाद आपको गैस पर एक बर्तन में तेल गर्म करना है। (और पढ़ें - नारियल पानी के फायदे)
  • इसके बाद आप गर्म तेल में बाकी बचे हुए प्याज को डालकर थोड़ा भूनें और इसके बाद इसमें तैयार मसालों का पेस्ट डाल दें। (और पढ़ें - बच्चे की मालिश कैसे करें)
  • दो से तीन मिनट तक मसालों को पकाने के बाद आपको इसमें थोड़ा पानी डालना हैं और अन्त में इसके अंदर उबले हुए अंडे डाल दें।
  • अंडे डालने के बाद करी को दो से तीन मिनट तक पकने दें। आपकी अंडा करी बच्चों को देने के लिए तैयार है। 

(और पढ़ें - नवजात शिशु की खांसी का इलाज)

दो साल के बेबी को खिलाएं पनीर कटलेट - Do saal ke baby ko khilaye paneer cutlet

पनीर कटलेट अन्य सब्जियों से बनने वाले कटलेट के मुकाबले अधिक प्रोटीन और कैल्शियम प्रदान करती है। इसके साथ ही पनीर कटलेट का स्वाद दो साल के अधिकतर बच्चों को अच्छा लगता है। आप भी इसे अपने बच्चे के लिए घर में ही बना सकती हैं।

तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री

तैयार करने की विधि

  • सबसे पहले आप आलू, गाजर और मटर को छीलकर साफ करें और इसे प्रेशर कुकर में दो से तीन सिटी लगाकर पका लें।
  • इसके बचे हुए पानी को फेंक दें और सभी सब्जियों को एक बर्तन में रख लें।
  • इसके बाद आपको सभी सब्जियों को मैश करना है और उसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, धनिया पाउडर और जीरा पाउडर मिलाकर मिक्स करना है। (और पढ़ें - शिशु की उल्टी को रोकने के उपाय)
  • अब इसमें आप पनीर डालकर मैश करें या पनीर को कद्दूकस करके सभी सब्जियों में मिलाएं।
  • इसके बाद आपको इस मिश्रण में चावलों का आटा और नमक मिलाकर चलाना है। (और पढ़ें - सेंधा नमक के फायदे)
  • जब सभी सामग्री अच्छी तरह से मिल जाए तो आप इस मिश्रण को टिक्की के आकार में बना लें। 
  • इसके बाद आप गैस पर पैन को गर्म करें और उसमें तेल डालें, जब तेल गर्म हो जाए तो आप टिक्की के चारों ओर रवा की एक परत बनाते हुए दोनों तरफ से सेंक लें।

 (और पढ़ें - बच्चों की खांसी का इलाज)

2 साल के शिशु को दें आलू और मटर का परांठा - 2 saal ke shishu ko de aloo aur matar ka paratha

2 साल के अधिकतर बच्चों को आलू और मटर का परांठा पसंद आता है। अच्छा स्वाद होने के चलते बच्चा इसे बार बार खाना चाहता है। धीरे-धीरे आप इसके अंदर भरने वाली सब्जियों में बदलाव कर सकती हैं।

तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री

तैयार करने की विधि

  • सबसे पहले आप आटे को गूंथ लें।
  • इसके बाद आप एक बर्तन में हरा धनिया, अनार पाउडर, अमचूर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, नमक और उबले हुए आलू डालकर मैश करक लें। (और पढ़ें - बेबी को सुलाने के तरीके
  • इस तैयार मिश्रण में उबले हुए मटर डालें और फिर सभी को एक साथ अच्छी तरह मिला लें।
  • अब एक छोटी रोटी बेले और उसके अंदर आलू व मटर के तैयार मिश्रण को भर दें।
  • इसके बाद रोटी को अच्छी तरह से बंद करके इसे दोबारा परांठे के आकार में बेल लें।
  • गैस पर तवा रखें और परांठे पर घी लगाते हुए, दोनों तरफ से सेंक लें। आलू और मटर का परांठा बनकर तैयार है।
  • आप अपने बच्चे को इसे सब्जी, दाल, सॉस, चटनी या दही के साथ दे सकती हैं।  

(और पढ़ें - शिशु के निमोनिया का उपचार)     

दो साल के बच्चे को खाने में दें मूंग दाल का चीला - Do saal ke bache me de moong daal ka chilla

मूंग दाल से बना चीला आपके बच्चे के दिन की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है। साथ ही इससे बच्चे को कई पोषक तत्व मिलते हैं।

तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री:

(और पढ़ेें - दाल खाने के फायदे)

तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री:

  • सबसे पहले मूंग की दाल को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रखें।
  • इसके बाद आप अगली सुबह दाल के बचे पानी को फेंक दें और दाल को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। (और पढ़ें - बच्चों की सेहत के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज)
  • तैयार पेस्ट में सभी मसालों को डालकर अच्छी तरह से चला लें।
  • बाद में बची हुई सभी सामग्रियों को इस पेस्ट में मिला लें।
  • सभी सामग्री इस पेस्ट में मिक्स हो जाने के बाद करीब 15 से 20 मिनट तक पेस्ट को अलग रख दें। (और पढ़ेें - मूंग दाल और गाजर सूप रेसिपी)
  • इसके बाद गैस पर तवा या पैन रखें और उसमें करीब आधा चम्मच मक्खन चारों ओर फैला लें।
  • तवा गर्म होने के बाद इसमें तैयार पेस्ट को फैला लें। ध्यान दें कि चीला ज्यादा मोटा न हो, क्योंकि मोटे चीला को पकने में ज्यादा समय लगेगा और वह कच्चा भी रह सकता है।
  • इसके बाद जब चीला को दोनों तरफ मक्खन से सेंक लें। आपका मूंग दाल का चीला बच्चे को देने के लिए तैयार है। 
  • किसी सॉस या चटनी के साथ आप बच्चे को चीला खिला सकती हैं। 

(और पढ़ें - डायपर रैश का उपचार)

2 साल के बच्चे को खिलाएं हरी बीन्स - 2 saal ke bache ko khilaye hari beans

हरी बीन्स (Beans: फली) में विटामिन बी1, कॉपर, क्रोमियम, मैग्निशियम, कैल्शियम आदि कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। बढ़ते बच्चों के लिए ये सभी पोषक तत्व जरूरी होते है।

तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री

  • करीब 200 ग्राम बीन्स
  • नमक स्वादानुसार
  • दो बड़े चम्मच जैतून का तेल

तैयार करने की विधि

  • सबसे पहले आप बीन्स को पानी से साफ करते हुए, काट लें।
  • इसके बाद गैस पर बर्तन रखें और जैतून का तेल डाल लें। (और पढ़ें - बच्चे को बोतल से दूध पिलाने के फायदे)
  • तेल गर्म होने पर आप इसमें बीन्स डाले दें और इसके ऊपर से थोड़ा सा नमक मिलाएं।
  • इसके बाद बर्तन को ढंककर हल्की आंच में बीन्स को करीब 20 मिनट तक पकने दें।

(और पढ़ें - बच्चों को सिखाएं अच्छी सेहत के लिए अच्छी आदतें)

  • बच्चे के आहार में दूध, हरी सब्जियों, गाजर, आम और पपीते को शामिल करें।
  • बच्चे को छोटे-छोटे निवालों में ही भोजन खिलाएं।
  • दिनभर में तीन बार (सुबह, दोपहर और शाम) मुख्य भोजन के अलावा भी बच्चे को पौष्टिक आहार देने की कोशिश करें। (और पढ़ें - पौष्टिक आहार के लाभ
  • बच्चे को खाना खिलाते समय एक जगह बैठने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • ध्यान दें कि बच्चे को ज्यादा गर्म और ज्यादा ठंडा आहार न दें।
  • बच्चे को ज्यादा मसालेदार खाना देने से बचें। (और पढ़ें - मसालेदार खाना खाने से होने वाले दर्द का उपचार)
  • बच्चे को डराकर या किसी चीज का लालच देकर खाना खिलाने की कोशिश न करें।
  • जब बच्चा आराम से बैठा हो, तब ही उसको खाना खाने के लिए दें।

(और पढ़ें - शिशु की कब्ज का इलाज)

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