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गर्भावस्था के दौरान आपके बाल अपने आप ही मोटे और चमकदार हो जाते हैं, लेकिन एक बार बच्चा पैदा होने के बाद आपके बाल अचानक तेज़ी से गिरने लगते हैं। बच्चे को दूध पिलाने और उसकी अन्य देखभाल के अलावा लगातार बाल गिरने से आपको चिंता हो सकती है। चूंकि बच्चा पैदा होने के बाद, कई महिलाओं को उनके रूप की चिंता होने लगती है। उसपर बालों का अत्यधिक झड़ना लगभग हर नई माँ के लिए परेशान कर देता है।

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लेकिन इसमें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और आप गंजी भी नहीं हो रही हैं। यह सिर्फ एक अस्थायी चरण है जो थोड़े समय बाद चला जायेगा और इसका कारण भी शरीर के अंदर उपस्थित हार्मोन ही होते हैं। इस लेख में हम आपको इस समस्या के कारण और अपनाने योग्य घरेलू उपाय बता रहे हैं।

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  1. क्या डिलीवरी के बाद बालों का झड़ना सामान्य है - Is hair fall after delivery normal in Hindi
  2. डिलीवरी के बाद बाल झड़ने के कारण - Causes of hair loss after delivery in Hindi
  3. बच्चे के जन्म के बाद बाल झड़ने के बचाव और उपचार - Hair loss after childbirth treatment and prevention in Hindi
  4. डिलीवरी के बाद बालों का झड़ना रोकने के लिए घरेलू उपाय - Home remedies for hair fall after delivery in Hindi
  5. डिलीवरी के बाद बाल झड़ना के डॉक्टर

डिलीवरी के बाद कुछ महीनों तक सामान्य से अधिक बाल झड़ने की समस्या महिलाओं को आश्चर्यचकित करने वाली तो है, लेकिन यह बिलकुल सामान्य स्थिति है। आपके बच्चे के पहले जन्मदिन तक आपके बाल वापस सामान्य हो जायेंगे।

आम तौर पर आपके सिर पर 85 से 95 प्रतिशत बाल तो सक्रिय रूप से बढ़ते रहते हैं, लेकिन जो अन्य 5 से 15 प्रतिशत आराम की अवस्था (Resting stage) में चले जाते हैं असल में बाल झड़ने का कारण वो होते हैं।

आमतौर पर एक दिन में लगभग 100 बाल झड़ते हैं। गर्भावस्था के दौरान, एस्ट्रोजन के बढ़े हुए स्तर के कारण बाल तेज़ी से बढ़ते हैं। लेकिन जब डिलीवरी के बाद बाल आराम करने वाले चरण में आते हैं तो तेज़ी से झड़ते भी हैं और प्रत्येक दिन गिरने में कम होता है।

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आपकी डिलीवरी के बाद, आपके शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर घट जाता है, और बहुत अधिक बाल आराम वाले चरण में चले जाते हैं और पांच महीनों के अंदर आपके बाल धोते और कंघी करते समय अत्यधिक मात्रा में निकल आते हैं।

हालाँकि गर्भावस्था या डिलीवरी के बाद सभी महिलाओं को ये समस्या होना ज़रूरी नहीं है, लेकिन यह समस्या अधिकतर लंबे बाल वाली महिलाओं में अधिक पायी जाती है।

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बालों के झड़ने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। कभी कभी बालों के झड़ने का कारण, एनीमिया या पोस्टपार्टम थायराइडिटिस (Postpartum thyroiditis- डिलीवरी के बाद एक साल के अंदर थाइरोइड ग्रंथियों में सूजन आना) हो सकता है, जो इलाज कराने योग्य स्थितियां हैं।

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आम तौर पर लोगों के प्रति दिन कम से कम 70-100 बाल गिरते या झड़ते हैं। लेकिन गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन के बढ़े स्तर की वजह से, यह प्रक्रिया रुक जाती है और हमारे बाल आराम की अवस्था में चले जाते हैं जिसके कारण गिरने के बजाय हमारे बाल हमारे सिर पर ही रहते हैं और उस समय महिला के बाल घने हो जाते हैं।

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गर्भावस्था के दौरान हार्मोनों के बढ़े हुए स्तर के कारण आपके बाल लंबे समाय के लिए टेलोजेन (Telogen) नामक विश्राम चरण में चले जाते हैं। इसी वजह से गर्भावस्था के दौरान बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल घने और मोटे लगते हैं। यह आम तौर पर पांच से छह सप्ताह के बाद शुरु हो जाता है और लगभग छः से आठ महीनों में समाप्त होता है। कई महिलाओं के डिलीवरी के बाद, पहले महीने में ही बाल झड़ना शुरु हो जाते हैं, जबकि अन्य महिलाओं के का कहना है कि यह प्रक्रिया लगभग 3 महीने बाद शुरू होती है।

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डिलीवरी के साथ, आपके शरीर में हार्मोनों के कारण कई सारे शारीरिक बदलाव आते हैं लेकिन जैसे जैसे समय बीतता जाता है, ये बदलाव भी धीरे धीरे दूर हो जाते हैं। प्रसव के बाद बालों के झड़ने को कम करने और इस समस्या से निपटने के सरल तरीके निम्नलिखित हैं: -

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  • तनाव से दूर रहें -
    प्रसव के बाद बालों के झड़ने को चिकित्सकीय भाषा में पोस्टपार्टम टेलोजेन एफ्लुवियम (Postpartum Telogen Effluvium) कहते हैं। यह एक सामान्य घटना है इनमें गंजे नहीं होते हैं। यहां तक ​​कि सामान्य लोगों के बाल तनाव के कारण झड़ते हैं। इसलिए अगर आप बाल गिरने के बारे में चिंता करेंगी, तो और ज्यादा बाल झड़ेंगे।
     
  • बालों में टाइट हेयर स्टाइल बनाएं -
    टाइट रबड़ बैंड, क्लिप और रोलर्स का उपयोग करने या अपने बालों में कसकर चोटी बांधने से आपके बालों में तनाव और खोपड़ी पर दबाव बढ़ता है। जिससे बाल खिंचकर टूट जाते हैं।
     
  • पौष्टिक आहार खाएं -
    आप ने ये महसूस किया होगा कि गर्भावस्था के समय जब आप स्वस्थ आहार खाती थीं तो आपके बाल और त्वचा काफी खूबसूरत हो गए थे। सब्जियां और नट्स न केवल स्वस्थ आहार होते हैं बल्कि इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स और फ्लेवोनोइड्स भी होते हैं जो बालों के रोमों की सुरक्षा करते हैं। (और पढ़ें - पुत्र प्राप्ति के उपाय से जुड़े मिथक))
  • सप्प्लिमेंट्स लें -
    कभी कभी जो भी आप खाती हैं उससे शरीर को सभी खनिज और आवश्यक विटामिन नहीं मिल पाते हैं। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, जिंक, विटामिन ई, विटामिन सी और बायोटिन (Biotin) सप्प्लिमेंट्स के लिए अपने डॉक्टर से बात करें। ये बालों की वृद्धि और बालों के झड़ने को काफी हद तक रोकने में मदद करते हैं।
     
  • बालों में केमिकल्स का उपयोग करें -
    अगर आप रोज़ या हर दिन छोड़कर बाल धोती हैं, तो प्राकृतिक या हर्बल हेयर क्लीन्ज़र का चयन करें जिसमें हानिकारक रसायन न हों। स्ट्रांग शैंपू से बाल धोने से उन्हें क्षति पहुंचती है और वे कमजोर भी होते हैं। अपने बालों को बहुत अधिक स्टाइल और उन पर हीटिंग उपकरणों का उपयोग न करें।
     
  • अत्यधिक कंघी करें -
    बार-बार बालों को कंघी करने से बालों का झड़ना बढ़ जाता है। इसके अलावा, गीले बालों को ब्रश करने के लिए बड़े दांतों वाले कंघे का प्रयोग करें क्योंकि ऐसा करने से आपके कमज़ोर बालों पर तनाव कम पड़ेगा।
     
  • बालों को छोटा कर लें -
    घर में नवजात शिशु के आने के बाद लंबे बालों की देखभाल करने की संभावना कम हो जाती है क्योंकि आप शिशु की देखभाल में व्यस्त हो जाती हैं। इसलिए बाल कटवाना सबसे अच्छा उपाय है। छोटे बाल वैसे भी लंबे बालों की तुलना में कम झड़ते हैं।

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जब बच्चा पैदा होता है, एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर भी कम हो जाता है और सभी बाल जो आराम की अवस्था में थे, वे गिरने शुरू हो जाते हैं। हालांकि प्रसव के बाद बालों के झड़ने को रोकने के लिए बहुत कुछ नहीं किया जा सकता है। सामान्यतः बच्चे के जन्म के 6-8 महीनों के बाद आम तौर पर बाल अपने आप वापस आ जाते हैं। लेकिन आपके बालों की रचना या बनावट गर्भावस्था के बाद अस्थायी या स्थायी रूप से बदल सकती है। यह अधिक ऑयली या बहुत रूखी, कोमल या टूटने वाली हो सकती है।

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आइये जानते हैं ऐसे कुछ प्रभावी घरेलू उपचार जो आपके बालों को स्वस्थ बनाए रखने और उनकी वृद्धि करने में मदद करेंगे। ये निम्न चीज़ें गर्भावस्था के कारण बालों के गिरने और डैमेज को भी कम करने का उपचार करती हैं:

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  1. अंडे की सफेदी: एक अंडे की सफेदी और दो चम्मच जैतून के तेल को अच्छी तरह से मिलाकर एक पैक बना लें। इसे लगभग 30 मिनट के लिए अपने बालों पर लगाएं और फिर इसे गुनगुने या ठंडे पानी से धो लें। (और पढ़ें - डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए)
  2. मेथी के बीज: मेथी के बीजों को पानी में रात भर के लिए भिगोएँ। इस पानी को छानकर अगले दिन सिर पर 1-2 घंटे के लिए लगाएं। मेथी के बीज का अर्क (Extract) आपके बालों को स्वस्थ बना देता है और अगर डैंड्रफ आदि हो तो उसका भी इलाज करता है। जल्दी अच्छे परिणाम के लिए इस प्रक्रिया को सप्ताह में एक या दो बार दोहराएं। आप भुनी हुयी मेथी का पेस्ट भी बना सकती हैं और फिर उसे अपने सिर पर लगाएं। या आप इसे सिर में लगाने वाले तेल को गुनगुना कर के उसमें मिलाकर भी लगा सकती हैं।
  3. दही: दही बालों के गिरने को रोकने के लिए एक बहुत अच्छा टॉनिक है जो बालों की गुणवत्ता में भी सुधार करता है। दही बाल के लिए सर्वश्रेष्ठ कंडीशनर के रूप में भी जाना जाता है। खोपड़ी पर दही के पेस्ट को 10 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें। आप अपने आहार की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए अपने आहार में दही शामिल भी कर सकती हैं। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी के बाद पेट कम करने के उपाय)
  4. हेयर मसाज: सिर की नियमित रूप से मालिश करने से रक्त परिसंचरण तेज़ी से होता है और बाल भी बढ़ते हैं। आप कम से कम 5-10 मिनट के लिए दिन में एक बार गुनगुने तेल से अपने सिर की मालिश करें और यदि आप तेल नहीं लगाना चाह रही हैं तो केवल अपनी उंगलियों के पोरों से बालों की मसाज करें। मालिश करने से आपको आराम और शांत भी मिलेगी।
  5. आंवला: बालों को पोषण करने के लिए कई शताब्दियों से आंवले का उपयोग किया जा रहा है। यह एक शक्तिशाली टॉनिक है जिसे आप आहार या जूस या फिर बालों में लगाने वाले तेल में डालकर गर्म करके इस आंवले के तेल से मालिश की जा सकती है। (और पढ़ें - डिलीवरी के बाद वजन कैसे कम करें)
  6. औषधीय तेल: रात में महाभ्रंगराज तेल, आर्निका तेल (Arnica oil) या आमला तेल (Amla oil) जैसे औषधीय तेलों से नियमित रूप से मालिश करना बालों का विकास के लिए बेहद फायदेमंद होता है। रोजमेरी तेल बालों के लिए डॉक्टर द्वारा सुझाया जाता है क्योंकि यह बालों की जड़ों में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है जिससे बाल बढ़ते हैं। (और पढ़ें - गर्भावस्था के बाद खिंचाव के निशान को दूर करने का आयुर्वेदिक समाधान)
  7. नारियल: बालों के झड़ने को रोकने के लिए आप कई रूपों में नारियल का उपयोग कर सकती हैं। खोपड़ी पर नारियल के दूध के उपयोग द्वारा बालों के गिरने को कम किया जा सकता है। इसके साथ ही आप नारियल के कठोर हिस्से को जलाकर राख बना सकती हैं। इस राख को एक जार में रख लें और फिर हर बार जब भी आप सिर में मालिश करने जाएं तो इस राख को उस तेल में मिलकर मालिश करें। नियमित उपयोग करने से बाल चमकदार और घने होंगे। (और पढ़ें - डिलीवरी के बाद के लिए योग)
  8. सूखे मेवे और अलसी के बीज: अपने नियमित आहार में अलसी के बीजों को भी शामिल करें। ये ओमेगा-3 और वसा से समृद्ध होते हैं। सूखे मेवों का अधिक से अधिक सेवन और अधिक पानी पीने से भी बाल अच्छे होते हैं। (और पढ़ें - डिलीवरी के बाद की समस्याएं और उनके उपाय)
  9. भृंगराज: यदि संभव हो तो भृंगराज के पौधे के कुछ ताज़ी पत्तियां लें और उन्हें छाया में सुखा दें। सूखने के बाद इसे पीसकर रख लें और शहद या दूध के साथ 2-3 ग्राम पाउडर दिन में दो बार लें। आप ताज़े पेस्ट को सीधे सिर पर भी लगा सकती हैं और खोपड़ी पर सीधे आवेदन कर सकते हैं। यदि आपको इसका पौधा नहीं मिल रहा हो तो बाजार में इसकी गोलियां और पाउडर भी उपलब्ध  हैं। भृंगराज को बालों पर इसके आश्चर्यजनक लाभ के कारण "केशराज" भी कहा जाता है। 

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प्रसव के बाद सामान्य जीवन में वापस आने में थोड़ा समय तो लगता ही है जिसके कारण अक्सर आप बालों पर कम ध्यान दे पाती हैं और बालों की स्थिति इतनी बुरी हो जाती है। लेकिन इसके लिए उपर्युक्त कुछ उपाय अपना कर आप इस समस्या से कुछ हद तक निजात पा सकती हैं।

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