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कोकीन एक बहुत शक्तिशाली नशीला उत्तेजक है जो सीधे मस्तिष्क को प्रभावित करता है। कोकीन मस्तिष्क को अधिक सक्रिय कर देती है। इससे कुछ समय के लिए व्यक्ति की सतर्कता और जागने की क्षमता बढ़ जाती है। यह कभी-कभी 'ऊर्जा के विस्फोट' जैसा अहसास प्रदान करती है। यह दर्द से भी राहत प्रदान कर सकती है।

ये प्रभाव थोड़ी देर के लिए ही रहते हैं। आपका दिमाग उन्हीं प्रभावों को फिर से हासिल करने के लिए आपको अधिक मात्रा लेने के लिए प्रेरित करता है और इस तरह आप लगातार एक चक्र में फंसते चले जाते हैं।

भारत में कोकीन उपयोग करना या रखना अवैध और एनडीपीएस एक्ट के तहत एक दंडनीय अपराध है। यदि आप एक छोटी सी मात्रा में कोकीन के साथ पकड़े जाते हैं तो भी आपको गिरफ्तार किया जा सकता है और इससे आपका आपराधिक रिकॉर्ड बन सकता है।

भारत में कोकीन के नशे की लत आमतौर पर उच्च आर्थिक वर्ग के लोगों में अधिक है। कोकीन का नशा इस वर्ग के लोगों में एक स्टेटस का प्रतिक बन गया है, जिससे इसकी गैरकानूनी रूप से उपलब्धता में वृद्धि हो रही है।

कोकीन व्यक्ति के शरीर को शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से खतरा पहुंचाती है। कोकीन अधिक मात्रा में लेने पर अचानक मौत की अधिक संभावना है लेकिन कम खुराक भी मौत का कारण बन सकती है, खासकर अगर किसी को इसके प्रति संवेदनशीलता है।

यह लेख इस उद्देश्य के साथ लिखा गया है कि आप इस खतरनाक जहर के बारे में जागरूक बने और अपने आस-पास परिवार, दोस्तों या पड़ोसियों को भी इसके बारे में जागरूक करें ताकि कोई व्यक्ति इसके जाल में न फंसे। क्योंकि ये एक ऐसा मौत का फरिश्ता है जो एक बार किसी को जकड़ लेता है तो फिर उसका छूटना आसान नहीं है।

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इस लेख में कोकीन क्या है, कैसे बनती है और कोकीन का नशा करने से होने वाले प्रभाव और नुकसान तथा कोकीन की लत का इलाज विस्तार से बताया गया है।

  1. कोकीन क्या है - Cocaine kya hai in hindi
  2. कोकीन कैसे बनती है - Cocaine kaise banti hai in hindi
  3. कोकीन का प्रभाव - Cocaine effects on body and brain in hindi
  4. कोकीन के नुकसान - Cocaine side effects in hindi
  5. कोकीन की लत का इलाज - Cocaine addiction treatment in hindi
  6. क्या एक्सरसाइज से छूट सकती है कोकीन की लत: स्टडी

कोकीन एक ऐसी ड्रग है, जिसके नशे की लत बहुत जल्दी लग जाती है। जो शुरू-शुरू में आपकी सतर्कता, ध्यान और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाती है। यह कोका प्लांट से बनती है, जो दक्षिण अमेरिकी मूल का पौधा है।

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कोकीन शब्द का तात्पर्य सफेद रंग के पाउडर या क्रिस्टल रूप से है। इस पाउडर में आम तौर पर अधिक पैसे कमाने के लिए कोकीन तस्कर कॉर्न स्टार्च, टैल्कम पाउडर और चीनी या अन्य ड्रग्स जैसे प्रोकेन (एक लोकल एनेस्थेटिक) या एम्फेटामाइन जैसे पदार्थ मिलाते हैं।

कोकीन के दो मूल रूप हैं:

  • पाउडर
    कोकीन का पाउडर रूप हाइड्रोक्लोराइड सॉल्ट है, जो पानी में घुल जाता है।
     
  • फ्रीबेस
    फ्रीबेस एक यौगिक है जिसे हाइड्रोक्लोराइड सॉल्ट बनाने के लिए एसिड द्वारा नूट्रलाइज नहीं किया जाता है। कोकीन के फ्रीबेस फॉर्म से धूम्रपान किया जा सकता है। "क्रैक" नामक कोकीन को कोकीन हाइड्रोक्लोराइड से धूम्रपान के लिए फ्रीबेस के रूप में संसाधित किया जाता है। (और पढ़ें - धूम्रपान करने के नुकसान)

लोग नाक से कोकीन पाउडर खींचते हैं या वे इसे अपने मसूड़ों पर रगड़ते हैं। कुछ लोग पाउडर को घोल कर अपने शरीर में इंजेक्शन लगाते हैं। कुछ लोग कोकीन और हेरोइन के मिश्रण को इंजेक्ट करते हैं, जिसे स्पीडबॉल कहा जाता है।

चाहे इस ड्रग का कोई भी रूप है, यह एक मजबूत उत्तेजक पदार्थ के रूप में कार्य करती है। यह व्यक्ति के शरीर पर निम्नलिखित प्रभाव डाल सकती है:

  • यह तुरंत असर करती है और अत्यधिक सक्रिय असर कर सकती है।
  • केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर इसके प्रभावों से यह विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं को गति देती है। (और पढ़ें - केंद्रिय तंत्रिका तंत्र अवसाद का इलाज)
  • यह कम समय और लंबे समय दोनों तरह से उपयोग करने वाले के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

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कोकीन कोका नामक पौधे की पत्तियों से बनाई जाती है और लोगों द्वारा सदियों से इसका उपयोग किया जाता रहा है। शुद्ध ड्रग को एरिथ्रोक्साइलोन कोका नामक झाड़ से निकाला जाता है। यह पौधा मुख्य रूप से पेरू, बोलीविया और कोलंबिया जैसे दक्षिण अमेरिकी देशों में पाया जाता है। दक्षिण अमेरिका की कई मूल जनजातियों में ऊंचे स्थानों पर होने वाली बीमारी का मुकाबला करने और ऊर्जा को बढ़ाने के लिए कोका पत्ती के इंजेक्शन या चाय का उपयोग किया जाता रहा है। (और पढ़ें - ऊर्जा बढ़ाने के तरीके)

एरिथ्रोक्साइलोन कोका झाड़ी के पत्ते से शुद्ध कोकीन को पहली बार 19 वीं शताब्दी के मध्य में निकाला गया था। 1900 के दशक की शुरुआत में यह मुख्य उत्तेजक ड्रग बन गई थी। यह अधिकांश टॉनिक्स और एलिक्सिर में उपयोग की जाती थी जिन्हें विभिन्न प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए विकसित किया गया था। यह पेटेंट दवाओं (गले के लिए मीठी गोलियों और टॉनिक्स) और अन्य उत्पादों (जैसे कोका कोला, हालांकि बाद में इसे हटा दिया गया) में एक घटक के रूप में लोकप्रिय हो गई थी।

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कोकीन को चाहे नाक से, धूम्रपान या इंजेक्शन द्वारा लिया गया हो, यह कुछ ही सेकंड में व्यक्ति के रक्त प्रवाह में पहुंच कर मस्तिष्क को प्रभावित करना शुरू कर देती है। कोकीन हमारे मस्तिष्क के आनंद को नियंत्रित करने वाले कुछ हिस्सों में एक प्राकृतिक रासायनिक संदेशवाहक डोपामाइन को बहुत अधिक मात्रा में भेजती है।

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इस कारण अधिक ऊर्जा और सतर्कता की भावना महसूस होती है जिसे “हाई” होना कहा जाता है। कोकीन का प्रभाव लेने के तुरंत बाद दिखाई देता है और कुछ मिनटों से लेकर एक घंटे तक असर रह सकता है। नियमित तौर पर, अधिक उपयोग करने से नाक में खून आना, फेफड़ों का हमेशा के लिए खराब हो जाना और यहां तक ​​कि मौत भी हो सकती है।

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"डोप फिएंड" नामक शब्द को मूल रूप से कई साल पहले निरंतर कोकीन उपयोग से होने वाले नकारात्मक प्रभाव का वर्णन करने के लिए बनाया गया था। दवा के प्रति सहनशीलता बढ़ने से, वही “हाई” स्तर प्राप्त करने के लिए पहले से अधिक मात्रा लेना आवश्यक हो जाता है।

लंबे समय तक रोज कोकीन लेने से नींद न आना और भूख न लगने की समस्या हो सकती है। एक व्यक्ति मानसिक रोगी बन सकता है और भ्रम का अनुभव करने लगता है।

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जैसे ही कोकीन मस्तिष्क के रसायनों की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करती है, इसे लेने वाले को फिर से "सामान्य" महसूस करने के लिए ड्रग की अधिक से अधिक आवश्यकता होती है। जो लोग कोकीन (अन्य ड्रग्स के साथ) के आदी हो जाते हैं, वे जीवन के अन्य क्षेत्रों में रुचि खो देते हैं।

कोकीन न मिलने से अवसाद इतनी गंभीर हो जाता है कि एक व्यक्ति इसे लेने के लिए कुछ भी कर सकता है। यहां तक ​​कि वह व्यक्ति किसी की हत्या या आत्महत्या तक कर सकता है।

अधिक खुराक आपके दिमाग के रसायन शास्त्र में दीर्घकालिक परिवर्तन भी कर सकती है। आपका शरीर और दिमाग दवा पर निर्भर होना शुरू कर देता है। यह आपके लिए सोचना, सोना और याद रखना कठिन बना सकता है। आपका प्रतिक्रिया करने का समय धीमा हो सकता है। आपको हार्ट, पेट और फेफड़ों की समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

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कोकीन का उपयोग चाहे कम समय के लिए किया जाए या लंबे समय के लिए, दुष्प्रभाव तो होते हैं। इसका उपयोग युवाओं और आमतौर पर स्वस्थ लोगों में भी गंभीर दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकता है। अधिक मात्रा में कोकीन लेने से व्यक्ति अस्थिर और हिंसक व्यवहार कर सकता है।

जितना जल्दी हो सके कोकीन या क्रैक कोकीन की लत पर काबू पाने में ऐसे व्यक्ति की मदद करना आवश्यक है। क्योंकि इससे न केवल मनोवैज्ञानिक, वित्तीय और सामाजिक नुकसान होते हैं, बल्कि दीर्घकालिक शारीरिक नुकसान भी होते हैं।

व्यक्ति जितने लंबे समय तक कोकीन के संपर्क में रहता है, उसके मस्तिष्क के कार्य और शारीरिक स्वास्थ्य उतना ही अधिक गंभीर रूप से प्रभावित होता है। (और पढ़ें - अल्जाइमर रोग का इलाज)

कोकीन का दुरुपयोग करने वाले कुछ लोगों में, दवा के कारण होने वाले कुछ स्वास्थ्य प्रभाव को कभी ठीक नहीं किया सकता हैं। कोकीन की लत से जुड़े दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभाव निम्नलिखित हो सकते हैं:

पागलों जैसी जीवन शैली और निर्णय ले पाने में कमी के कारण कई अतिरिक्त स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं। जैसे कि:

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कोकीन एक शक्तिशाली और खतरनाक उत्तेजक है। यह लत के विकास सहित महत्वपूर्ण शारीरिक और मनोवैज्ञानिक नुकसान का कारण बन सकती है। कोकीन की लत के लिए परामर्श और अन्य प्रकार की थेरेपी सबसे आम उपचार हैं।

कोकीन की लत के लिए कुछ प्रभावी उपचार निम्नलिखित हैं:

  • टॉकिंग थेरेपी
    संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (सीबीटी) जैसे उपचार आपको अपनी लत को समझने और विचारों तथा व्यवहार को बदलने में मदद करते हैं। यह थेरेपी किसी विशेषज्ञ ड्रग सलाहकार या थेरेपिस्ट के द्वारा व्यक्तिगत रूप से या समूह में की जाती है। (और पढ़ें - स्पीच थेरेपी के फायदे)
     
  • कपल थेरेपी
    यदि कोकीन की लत वाले व्यक्ति का जीवन साथी इसका उपयोग नहीं करता है तो ऐसे जोड़ों को कपल थेरेपी दी जा सकती है। (और पढ़ें - सेक्स थेरेपी के फायदे)
     
  • प्रोत्साहन
    आपके इलाज को पूरा करने और इसके समाप्त होने पर कोकीन से दूर रहने के लिए आपको वाउचर जैसे पुरस्कारों की पेशकश की जा सकती है। (और पढ़ें - आत्मविश्वास बढ़ाने के उपाय)

आपको पुनर्वास केंद्र (रिहैबिलिटेशन सेंटर) में रहने की आवश्यकता हो सकती है। यहां पर प्रशिक्षित थेरेपिस्ट आपके व्यवहार और विचार प्रक्रियाओं में बदलाव करने में मदद कर सकते हैं।

किसी भी उपचार योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, तुरंत ड्रग छोड़ देना। कोकीन के आदी बहुत से लोग जब इसे छोड़ते हैं तो कुछ लक्षणों का सामना करते हैं, जिन्हें विथड्रावल सिमटम कहते हैं। उदाहरण के लिए, अवसाद, चिंता, थकान, काम में ध्यान लगाने में परेशानी, भूख बढ़ना, ड्रग की तलब, बुरे सपने आना, ठंड लगना, तंत्रिका में दर्द, मांसपेशियों में दर्द आदि।

हेरोइन के इलाज के विपरीत, पाउडर कोकीन या क्रेक कोकीन का इलाज करने के लिए कोई वैकल्पिक दवा नहीं है। हालांकि, आपको नींद की समस्या जैसे लक्षणों में मदद के लिए दवा दी जा सकती है। यदि आप शराब के साथ-साथ कोकीन के आदी हैं, तो आपको एंटाब्यूज (डिसुलफिरम) दिए जा सकते हैं।

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