दुनिया में गुलाब को सबसे सुंदर फूल माना जाता है। गुलाब के तेल में डिप्रेशन को कम करने वाले, एंटीसेप्टिक, एंटीस्पास्मोडिक, एंटीवायरल, सिट्रेटेजिंट और एंटीबायोटिक जैसे गुण पाए जाते हैं। जिन लोगों को इसके औषधीय गुणों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, वे अभी भी इसके बारे में जान सकते हैं। तो आइये जानते हैं इससे होने वाले लाभों के बारे में -

(और पढ़ें - गुलाब जल के फायदे)

  1. गुलाब के तेल के फायदे अवसाद दूर करने के लिए - Rose oil for depression in Hindi
  2. गुलाब के तेल के लाभ हैं सूजन में उपयोगी - Rose oil for inflammation in Hindi
  3. गुलाब के तेल का गुण करे घाव का इलाज - Rose oil for wounds in Hindi
  4. गुलाब के तेल का उपयोग है कामेच्छा बढ़ाने में सहायक - Rose oil for libido in Hindi
  5. गुलाब के तेल का प्रयोग बचाएं संक्रमण से - Rose oil ke fayde for infection in Hindi
  6. रोज आयल बेनिफिट्स फॉर स्किन - Rose oil benefits for skin in Hindi
  7. गुलाब के तेल के औषधीय गुण करें ब्लड प्यूरीफिकेशन में मदद - Rose oil for blood purification in Hindi
  8. गुलाब के तेल के फायदे हैं पीरियड्स में सहायक - Rose oil for periods in Hindi
  9. रोज एसेंशियल आयल से करें चिंता को दूर - Rose essential oil for anxiety in Hindi
  10. पेट के लिए लाभकारी है रोज आयल - Rose oil good for stomach in Hindi
  11. गुलाब का तेल बनाने की विधि - How to make rose oil in Hindi

गुलाब का तेल आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और मानसिक ताकत को बढ़ाने में मदद करता है। यह अवसाद और चिंता को दूर करने में बहुत मददगार होता है। एक एंटी-डिप्रेस्सेंट के रूप में, गुलाब के तेल को जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए अवसाद वाले रोगियों को उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

(और पढ़ें - डिप्रेशन के लिए योग)

गुलाब का तेल सूजन को कम करता है एवं बुखार से पीड़ित रोगी को ठीक करने में मदद करता है। यह सूजन से जुडी अन्य समस्याएं जैसे माइक्रोबियल संक्रमण, जहरीले पदार्थों के कारण अपच और निर्जलीकरण की वजह से सूजन में भी फायदेमंद हो सकता है। इससे गठिया और उससे जुड़ी परेशानियों को भी कम करने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - बुखार के घरेलू उपाय)

 

यह घावों का इलाज करने के लिए सबसे सुगंधित और शानदार तरीका है। आप साधारण एंटीसेप्टिक लोशन के बजाय गुलाब के तेल से भी घावों का इलाज कर सकते हैं। बाहरी रूप से गुलाब के तेल को घाव पर लगाने से, उनमें सेप्टिक बनने और संक्रमण से बचाने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - घाव ठीक करने के उपाय)

गुलाब के तेल की सुगंध आपको उत्तेजित कर सकती है और साथ ही यह कामेच्छा को बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह रोमांटिक भावनाओं को जगाने में भी मददगार होता है, जो एक सफल सेक्स जीवन के लिए जरूरी है। यह यौन रोग, स्तंभन दोष आदि के लक्षणों को कम करता है।

(और पढ़ें - मर्दाना ताकत बढ़ाने के तरीके और sex kaise kare)

यह एक अच्छा जीवाणुनाशक (Bactericide) है। इसका उपयोग टाइफाइड, दस्त, हैजा, फ़ूड पोइज़निंग और अन्य रोगों के उपचार में किया जा सकता है, जो बैक्टीरिया के कारण होते हैं। इसके अलावा, यह कोलन, पेट, आंतों और मूत्र पथ के इलाज के साथ-साथ त्वचा, कान, आंखों और घावों पर बाहरी संक्रमणों का इलाज कर सकता है।

(और पढ़ें - यूरिन इन्फेक्शन का इलाज)

जो लोग अपने लुक की परवाह करते हैं, उनके लिए गुलाब का तेल लाभकारी हो सकता है। यह फोड़े, मुँहासे और त्वचा पर पॉक्स के निशान को कम करता है। इसके अलावा यह स्ट्रेच मार्क्स, सर्जरी के निशान और गर्भावस्था के निशान आदि ठीक करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - कैसे करें गर्भधारण)

गुलाब का तेल शरीर से जहरीले पदार्थों को निकालकर रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। एक बार जब आपका खून शुद्ध और विषाक्त पदार्थों से मुक्त हो जाता है, तब आप फोड़े, चकत्ते, अल्सर और त्वचा के रोगों से सुरक्षित हो जाते हैं।

(और पढ़ें - खून साफ करने के घरेलू उपाय)

यह हार्मोन स्राव को (Hormone secretions) उत्तेजित करता है, जो मासिक धर्म को ट्रिगर करता है। यह बाधित और अनियमित मासिक धर्म से पीड़ित महिलाओं के लिए विशेष रूप से प्रभावी है। यह मासिक धर्म और पोस्ट-मेनोपॉज़ल सिंड्रोम के साथ जुड़े दर्द को कम करते हुए ऐंठन, मतली और थकान को दूर करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - मासिक धर्म रोकने के उपाय)

गुलाब का तेल तंत्रिकाओं के लिए एक टॉनिक के रूप में कार्य करता है। यह उन्हें सदमे सहन करने की ताकत देता है और उन्हें उम्र एवं चोट से उत्पन्न विकारों से बचाता है। यह आपकी चिंता को दूर करने में मददगार होता है।

(और पढ़ें - चिंता दूर करने के उपाय)

गुलाब का तेल आपके पेट के लिए भी लाभकारी होता है। यह पेट की समस्याओं, जैसे पेट के सूजन और पेट के संक्रमण से बचाता है। यह आपको पेट के अल्सर से भी बचाता है, जो अक्सर पेट में अधिक एसिड की वजह से विकसित होता है। अत्यधिक एसिड से पेट में जलन, अपच, इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम और सूजन हो सकती है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने का तरीका)

आवश्यक सामग्री -

  1. 8 कप गुलाब की पंखुड़ियां
  2. 1 कप जोजोबा या जैतून का तेल (और पढ़ें - जोजोबा के तेल लाभ)
  3. एक मटका
  4. पानी
  5. काँच की सुराही
  6. मूसल
  7. छलनी

बनाने की विधि -

  1. 4 कप पानी उबाल लें, फिर इसे आंच से हटा दें।
  2. अब एक कांच के जार में 1 कप जोजाबा या जैतून का तेल डालें।
  3. गर्म पानी के पैन में तेल के साथ कांच के जार को सेट करें। यह तेल को गर्म रखेगा, जो पंखुड़ियों से गंध को खींचने में मदद करता है।
  4. अब 1 कप गुलाब की पंखुड़ियों को क्रश करें।
  5. तेल के जार में पंखुड़ियों को रखें और ढ़क दें। अब आप जार को धूप में रख दें। 
  6. कम से कम 24 घंटे के लिए तेल और पंखुड़ियों को ऐसे ही छोड़ दें।
  7. तेल से गुलाब की पंखुड़ियों को निकालें और इसका सारा तेल पाने के लिए इसे जार में अच्छे से निचोड़ लें।
  8. अब छलनी की मदद से एक कटोरे में तेल को निकाल लें।
  9. एक कांच के जार में तैयार गुलाब के तेल को स्टोर करें एवं इसका प्रयोग करें।

(और पढ़ें - गुलकंद के फायदे)


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें गुलाब का तेल है

cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ