केल एक गहरे रंग की पत्तियों वाली सब्जी है, जिसे आप कच्ची या पकाकर खा सकते हैं. केल पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के साथ ही वजन कम करने में भी मददगार है. इसका उपयोग आप सलाद, ग्रीन स्मूदी और जूस में कर सकते हैं. वहीं, केल का सेवन ब्लॉटिंग की समस्या भी पैदा कर सकता है.
आज इस लेख में हम केल के फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में जानेंगे -
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केल का ऐसे करें उपयोग
आप केल का सेवन पास्ता सॉस, सूप, सब्जी या सलाद के तौर पर कर सकते हैं. केल को उपयोग करने के तरीके नीचे विस्तार से बताए गए हैं -
- केल की सब्जी : एक पैन में ऑलिव ऑयल डालने के बाद थोड़ा-सा प्याज और अदरक डाल लें. इसके बाद आप इसमें केल की पत्तियों को मिला लें. ऊपर से नमक और ऑरेगैनो डालकर आप इसे स्वादिष्ट बना सकते हैं.
- केल की सलाद : आप सलाद में केल की कच्ची पत्तियों का सेवन कर सकते हैं. केल में बहुत कम कैलोरी होती है, इसलिए यह बढ़िया सलाद के तौर पर जाना जाता है.
- केल के चिप्स : केल की पत्तियों पर हल्का-सा ऑलिव ऑयल छिड़ककर आप इसे अवन में बेक कर सकते हैं.
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केल के फायदे
केल के कई फायदे हैं, जैसे कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है, वजन कम करने में मददगार है आदि. आइए, हम विस्तार से केल के फायदों के बारे में जानते हैं -
न्यूट्रिशन से युक्त
67 ग्राम कच्ची केल में विटामिन-ए, विटामिन-के, विटामिन-सी, विटामिन-बी6, मैंगनीज, कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है. इसमें थियामिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन, आयरन और फास्फोरस भी होता है. इसमें फैट बहुत कम पाया जाता है और जो फैट पाया जाता है, वह ओमेगा 3 फैटी एसिड है. इसे अल्फा लिनोलेनिक एसिड कहा जाता है.
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पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
केल में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है. इसमें बीटा कैरोटीन और विटामिन-सी के साथ ही फ्लेवोनॉयड और पॉलिफिनॉल्स भी शामिल है. इसमें केरसेटिन और कैंपफेरोल फ्लेवोनॉयड भी पाए जाते हैं. ये कैंसर से लड़ने में अपनी भूमिका निभाता है और दिल को भी सुरक्षित रखता है. ब्लड प्रेशर को कम करने के साथ एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी वायरल, एंटी डिप्रेसेंट और एंटी कैंसर गुण वाला भी है.
विटामिन-सी का बढ़िया स्रोत
कोलेजन के सिंथेसिस के लिए विटामिन-सी जरूरी है, जो शरीर में सबसे ज्यादा मात्रा वाला स्ट्रक्चरल प्रोटीन है. अन्य सब्जियों की तुलना में केल में विटामिन-सी ज्यादा मात्रा में होता है. इसमें पालक से साढ़े चार गुना अधिक विटामिन-सी पाया जाता है. एक कप कच्चे केल में एक पूरे संतरे से ज्यादा विटामिन-सी पाया जाता है.
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कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार
हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल, बाइल एसिड बनाने के काम आता है. यह शरीर में फैट पचाने में मददगार है. लिवर कोलेस्ट्रॉल को बाइल एसिड में बदल देता है. केल में बाइल एसिड सिक्वेसट्रैन्ट होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं.
विटामिन-के का बढ़िया स्रोत
विटामिन-के हमारे शरीर के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट है. एक कप कच्चे केल में उतना विटामिन-के होता है, जो रोजाना की बताई गई मात्रा से 7 गुणा अधिक है. यह कुछ प्रोटीन को एक्टिवेट करके उन्हें कैल्शियम को बाइंड करने की क्षमता प्रदान करता है.
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कैंसर से लड़ने के गुण
इसमें ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं, जो कैंसर से हमारी सुरक्षा करते हैं. इनमें से एक सलफोराफेन है, जो मॉलिक्यूलर लेवल पर कैंसर के बनने से लड़ने में मदद करता है. इसमें इंडोल-3-कार्बिनॉल भी है, जो कैंसर को रोकने में मददगार है.
मिनरल का बढ़िया स्रोत
केल में कैल्शियम पाया जाता है, जो हमारी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. इसमें मैग्नीशियम भी है, जिसके सेवन से टाइप टू डायबिटीज और दिल की बीमारी से बचाव होता है. केल में पोटेशियम भी है, जो शरीर के सेल्स में इलेक्ट्रिकल ग्रेडियंट को मेंटेन करने में सहायक है. इससे ब्लड प्रेशर कम और दिल की बीमारी होने का खतरा भी कम हो जाता है.
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बढ़ाता है आंखों की रोशनी
उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी भी खराब होती जाती है. कुछ न्यूट्रिएंट्स इसे रोक सकते हैं. इनमें से दो मुख्य ल्यूटेन और जीएक्सेनथिन, करटेनॉइड एंटीऑक्सीडेंट केल में पाए जाते हैं.
वजन कम करने में मददगार
केल के गुण इसे वेट लॉस फ्रेंडली फूड की केटेगरी में शामिल करते हैं. इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और यह आपके पेट को भरा महसूस कराता है. इसमें प्रोटीन और फाइबर भी है, जो वजन कम करने में मदद करते हैं.
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केल के नुकसान
केल थायराइड ग्रंथि के साथ इंटरैक्ट कर पेट को खराब कर सकता है. यहां जानें कि केल किस तरह से हमारे लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है-
- यदि किसी को हाइपोथायरायडिज्म है, जिसे अन्डरएक्टिव थायराइड भी कहा जाता है, तो इसके बारे में डॉक्टर से बात करने के बाद ही केल की पत्तियों का सेवन करना सही रहता है.
- केल में विटामिन-के है, अगर आप विटामिन-के का एक बार में ज्यादा सेवन करते हैं, तो यह वार्फरिन जैसे खून को पतला करने वाली दवाइयों को काउन्टर कर सकता है.
- आपकी किडनी एक्स्ट्रा पोटैशियम को बाहर निकालने का काम करती है. अगर कोई व्यक्ति क्रॉनिक किडनी रोग से ग्रस्त है, तो आपकी किडनी सही तरीके से काम नहीं करती है. ऐसे में केल का सेवन उस व्यक्ति के खून में पोटैशियम को बढ़ा सकता है.
- कच्चे केल के सेवन से ब्लॉटिंग हो सकती है और पेट गड़बड़ होने का डर रहता है.
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सारांश
केल को आप आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. यह वजन कम करने के साथ ही दिल की बीमारी और कैंसर से भी आपकी रक्षा करता है. आप सब्जी व चिप्स आदि के तौर पर केल का उपयोग अपने फूड में कर सकते हैं. बस ध्यान रहे कि इसका अधिक सेवन पेट को खराब भी कर सकता है.
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